Saturday, 8 December 2018

Tip : Special Remedial Tips



Special Remedial Tips 

Few days ago, I met a girl in the hospital, she was just 18. She underwent surgery only because nodule/lump(गाँठ ) got developed in her breast. When I told her the natural solution for it, her mother and herself, both said to me काश! आप पहले मिली होतीं, तो हम एक बार इसे try जरूर करते, शायद तब हमे operation की जरूरत नहीं पड़ती” (If we would have met you earlier, this surgery might not have been required)”.
Then I thought, I must share this tip with all of my readers, so that you do not face such type of problem, when I know the solution.

Now a days, many ladies suffer from a nodule in their breast, which gives them severe pain. When they visit a doctor, they prescribe surgery as the only solution.
Here is a tip to get rid of the lump. One might think that how this tip can bring relief. Here, I want to say that there is no possibility of getting harm by acting upon this tip. Only possibility is its benefit. I'm confident to this as this tip has been tried & tested by me.


Combing solution


The Tip: 
  • Under shower/tap-water/running-water, move a comb from top of the breast to bottom (covering the lump), as if you are combing. During this process, apply a bit of pressure that you can bear.
  • Repeat this for 3-4 times in every bath or at least in a day.
  • The nodule would get dissolved, within 2 to 3 days. 
  • If it doesn’t gets dissolved, then please consult a Doctor, as it is not a normal nodule.

डिस्क्लेमर: यह tip केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Thursday, 6 December 2018

Poem : हमेशा के लिए


हमेशा के लिए



इस दिन, मिल जाते हैैं
दो दिल हमेशा के लिए

ना जानते थे, जिन्हें कभी
खो जाते हैं, उन्हीं में 
हमेशा के लिए

एक दूजे के लिए दिल धड़कता
हमेशा के लिए

एक दूजे के वास्ते, प्यार छलकता
हमेशा के लिए

एक दूजे के लिए एतबार दिखता
हमेशा के लिए


थी दोनों की हस्ती अपनी अपनी
अब एक नज़र आते हैं, 
हमेशा के लिए


दिखते हों किसी को तो दिखते रहें
हमको तो  एक नज़र आते हैं 
आप हमेशा के लिए

इस विशेष दिन की विशेष बधाइयां
💓 Happy anniversary 💖

Marriage Anniversary, सभी जोड़ों के लिए विशेष दिन होता है
इस दिन से जीवन की फिर से  शुरुआत होती है,पर अब की बार होती है *हमेशा के लिए*
मेरी यह कविता सभी जोड़ों के इसी विशेष दिन को समर्पित है
 आप सभी अपने जीवन साथी के साथ युगों युगों तक प्रसन्न रहें

Wednesday, 5 December 2018

Story Of Life : वो नज़र (भाग-२ )


मुकुल साधारण सूरत वाला बैंक में क्लर्क है, वहीँ उसका सहकर्मी रोहित भी है, जो बहुत स्मार्ट है. और आये दिन मुकुल के साधारण रंग रूप का मज़ाक़ उड़ता है, पर एक दिन जब एक बहुत सुन्दर  लड़की आ कर मुकुल की ओर चली जाती है..... अब आगे   

वो नज़र (भाग-२ )

उसको ऐसा मुझे देखते हुए, जब रोहित ने देखा, तो वो solid  जल गया। तभी madam दीक्षित आ गईं। वो उस ओर चली गयी। उनसे 1 घंटा बात करके वो चली गयी। पर जाते जाते भी वो मुड़-मुड़कर मेरी तरफ देख रही थी।
उसके जाते ही lunch break  हो गया। हमारे bank में हम सब एक hall में जा कर lunch करते थे। आज तो hall का भी माहौल अलग ही था। सब मुझे छेड़ रहे थे, क्या बात है मुकुल, आज तो तुम छा गए। आखिरकार तुम्हारा जादू भी चल ही गया।
आज सब बहुत खुश थे, क्योंकि रोहित के घमंडी स्वभाव के कारण कोई भी रोहित को पसंद नहीं करता था। इन सब बातों से रोहित बेहद जल रहा था। वो जल्दी से lunch finish करके hall से निकल गया। सच,ऐसा एहसास कभी भी नहीं हुआ था। आज लग रहा था कि हम भी कोई कम नहीं हैं, हमारी तरफ भी लोग देख सकते हैं।
Lunch खत्म हुआ, सब अपनी-अपनी seat पर आ गए। Madam दीक्षित ने मुझे अपने पास बुलाया, और धीरे से पूछा, आपको पता है, वो आपको क्यों देख रही थी? मैंने शर्माते हुए कहा, जी नहीं। वो बोलीं मैं उसको बहुत दिनों से जानती हूँ, अभी 4 साल पहले ही उसका  भाई Australia चला गया था, और तब से भारत नहीं लौटा है। आपकी शक्ल हाव-भाव, यहाँ तक कि आपके बोलने का style भी बिलकुल उसके भाई के जैसा ही है। और यहाँ वो जब आपको देख रही थी, तब वो दरअसल आप में अपने भाई को ही तलाश कर रही थी।
ओह! मेरा भ्रम टूट गया, अपने को सयंत करते हुए मैंने पूछा। तो ये बात आपने lunch के वक़्त सब को क्यों नहीं बताई? वो बोलीं क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि रोहित को असलियत पता चले। और वो फिर अपनी smartness  का घमंड दिखा कर आपको परेशान करे; डींगे हाँके। मैं किसी को यह सच्चाई नहीं बताऊँगी। आप भी मत बताना। किसी की अगर साधारण सूरत है, तो वो इसके लिए हमेशा नीचा दिखाया जाए ये जरूरी तो नहीं। भगवान ने सबको सूरत दी है, और सब ही सुंदर हैं।
मैं उनके पास से आ गया। अब मुझे समझ आ रहा था, कि कोई अगर आपकी तरफ देख रहा है, तो कारण ये भी हो सकता है, कि वो आपमें किसी अपने को देख रहा हो सकता है। क्योंकि आप की शक्ल, हाव-भाव या आवाज़ उसके किसी अपने से मिल रही हो। किसी को आपको देखते रहना, हमेशा प्रेम का प्रतीक नहीं होता है।किसी के देखने में प्यार के भाव भी हो सकते हैं। पर वो भाव क्यों हैं? इसका कुछ भी कारण हो सकता है।   
साथ ही ये भी समझ आ गया था, कि उसकी आखों में इतना प्यार क्यों था, और वो क्यों मंत्र-मुग्ध हो गयी थी।
Madam दीक्षित ने किसी को उस दिन की सच्चाई नहीं बताई। पर वो नज़र मेरी ज़िंदगी बदल गयी। अब कभी भी रोहित मुझे साधारण कह कर नहीं चिढ़ाता था। चिढ़ाता भी कैसे, उस लड़की ने उसकी तरफ नहीं मेरी तरफ देखा था। और ये मैं और madam दीक्षित ही जानतीं थीं, कि वो नज़र मुझमे अपने भाई को तलाश रही थीं।