Saturday, 21 May 2022

Recipe : Rice Papdi Chaat

बच्चों की छुट्टियांँ शुरू हो गई हैं तो अब वो आप से tasty and special dishes बनाने की demand करेंगें। 

पर गर्मी इतनी ज़्यादा पड़ रही है, कि कुछ भी बनाने से पहले कई बार यह सोचना पड़ेगा कि dish tasty होने के साथ healthy भी हो। जिससे इतनी गर्मी में उसे खाकर कोई बीमार नहीं पड़े। 

अरे! पर आप को क्या चिन्ता, जब आप Shades of Life के साथ हैं।

तो चलिए आप के इन सारी problem को एक-एक करके solve करते हैं।

गर्मी है तो, ठंडे-ठंडे दही की dish हो तो क्या बात है!

दही के साथ खट्टी-मीठी चटनी भी हो, तो चार चांद लग जाते..

नहीं, नहीं...हम खस्ता कचौड़ी, दही भल्ले की बात नहीं कर रहे हैं।

बात कर रहे हैं पापड़ी चाट की...

ओह! उस पापड़ी चाट की बात नहीं कर रहे हैं, जो आप अब तक खाते थे। मैदे की बनी हुई... हम भी जानते हैं, ज़्यादा मैदा खाना healthy नहीं होता।

नहीं बाबा, आटे की भी नहीं...

जानते हैं भाई, बच्चे उसे खाना तो दूर, छूने तक के लिए ready नहीं होते हैं।

तो हम किसकी बना रहे हैं?

चावल के आटे की...

यह tasty, crispy and healthy होती हैं। साथ ही बच्चे इसे बहुत शौक से खाते हैं और आप को भी उन्हें इसे खिलाने में कोई problem नहीं होगी क्योंकि यह healthy and light recipe है।

चावल की पापड़ी चाट



Ingredients :

Rice flour - 1 Cup

Boiled potato - 1 Big in size

Cornflour - ¼ Cup 

Salt - as per taste

Chilli flakes - as per taste 

Clarified butter (ghee) - for frying


Method :

  1. उबले आलू को कद्दूकस कर लीजिए।
  2. फिर कद्दूकस किए हुए आलू को mixer grinder के jar में डाल दें, ¼ cup पानी डालकर महीन पीस लें।
  3. इस पिसे हुए आलू में 1½ tbsp. घी, चावल का आटा, corn flour, salt & chilli flakes डालकर smooth dough prepare कर लीजिए। 
  4. 10 min. के लिए, rest करने के लिए रख दीजिए। 
  5. अब इस dough से बड़ी-बड़ी लोई तोड़ लीजिए।
  6. लोई की बड़ी सी रोटी बेल लें।
  7. अपनी पसंद के आकार के अनुसार, इसे काट लीजिए।
  8. अब इन पापड़ी पर fork या चाकू से गोद लें, जिससे तलने पर पापड़ी, पूड़ी के जैसे नहीं फूले।
  9. कड़ाही में घी गर्म कर लीजिए।
  10. इसमें चावल की पापड़ी को डालकर, golden brown होने तक सेक लीजिए।

अब इन पापड़ी पर दही, खट्टी और मीठी चटनी, काला नमक, भुना जीरा और chilli flakes डालकर serve करें। Crispy, tasty Rice Papdi Chaat is ready for serve.

Creamy Curd (Yogurt) and Mithi ChutneyRaw mango and mint ki chutney के लिए, click करें। 

यह पापड़ी बहुत crispy and tasty होती है। आप चाहें तो इसकी चाट ना बनाकर, ऐसे ही tea time में भी खा सकते हैं।

आइए कुछ tips and tricks भी हो जाएं।


Tips and Tricks :

  • Dough prepare करने के लिए चावल का आटा ही लीजिए। चावल पीस कर बनाने में dough गीला हो जाएगा।
  • Dough prepare करने में, पानी डालने की ज़रूरत नहीं है। अगर आप को लगे कि dough ज्यादा tight हो रहा है, तो थोड़ा- थोड़ा पानी डालकर ही smooth dough बनाएं।
  • पानी का अंदाज सही होना ज़रूरी है, क्योंकि चावल का आटा बहुत जल्दी गीला हो जाता है।
  • यह पापड़ी, चावल के आटे से बनती है, इसलिए healthy and light होती है।
  • चावल का आटा होने के कारण, पापड़ी बहुत crispy बनती है।
  • पर ध्यान रखिएगा कि आलू भी ज़रुर से mix करना है। इसके कारण ही पापड़ी, mouth melting बनती है।
  • केवल चावल का आटा लेने पर, पापड़ी hard बनेगी।
  • पापड़ी को fork से ज़रुर से गोद दीजिएगा। अगर वो पूड़ी जैसी फूल गई, तो crispy and tasty नहीं बनेगी।
  • आप चाहें तो घी की जगह olive oil or refined oil भी use कर सकते हैं।
  • यह बहुत crispy and tasty बनती है। ठंडी होने पर आप इसे airtight container में रखकर 1 week तक winter में और 4 days summer में use कर सकते हैं।

तो सोचना क्या है, जल्दी ही बनाएं और परिवार में सबको खुश कर दीजिए 😊

Thursday, 19 May 2022

India's Heritage : 12 बज गए?

12 बज गए?


सदियों से सरदारों पर, बहुत से jokes बनाएं जाते हैं, किसी सरदार पर jokes बनाने और सुनाने में लोग जरा सा भी नहीं सोचते! एक सरदार पर joke बनाना लोग बेहद आसान समझते हैं। 

कभी संता बंता के चुटकुले, कभी उन पर silly बातों को गढ़कर, या कभी यह कहकर,  12 बज गए क्या? उनका बहुत मजाक उड़ाया जाता है। 

लेकिन फिर भी सिर पर पगड़ी और हाथ में कृपाण लिए ये सरदार बेहद खुश रहते हैं। उन्होंने अपने इस अपमान के लिए, कभी किसी का सिर नहीं फोड़ा।

पर कभी आपने सोचा है कि क्यों आखिर सरदारों पर ही इतने चुटकुले बनाए जाते हैं?

क्या, सचमुच 12 बजे, सरदार लोग अपने आपे में नहीं रहते हैं?

जी हाँ, नहीं रहते हैं, अपने आपे में...

और आज हम आपको बताते हैं इस जुमले के पीछे की पूरी हकीकत! और दावा है कि इसे पढ़ने के बाद इन पर चुटकुले बनाने वालों को शर्मिंदगी महसूस जरूर होगी, साथ ही सरदारों के सम्मान में अपना सिर झुकायेंगे। 

बात सत्रहवीं शताब्दी की है जब भारत देश पर मुग़ल शासक नादिर शाह ने आक्रमण किया था। उसने दिल्ली को तबाह कर दिया था और लूट-मार का एक खौफनाक मंजर बन गया। उसकी सेना ने बड़े पैमाने पर नरसंहार किए। इस नरसंहार के बीच शाह की सेना ने कई सुंदर महिलाओं को बंदी भी बनाया। 

कहा जाता है उसकी सेना ने लगभग 2 हजार महिलाओं को बंदी बना रखा था। इन महिलाओं की रक्षा के लिए, कोई आगे नहीं बढ़ रहा था।

ऐेसे में सिखों ने ही इन बंदी महिलाओं को नादिर शाह की सेना के कब्जे से आजाद कराने का फैसला किया था। मगर नादिर शाह की सेना बहुत बड़ी और ताकतवर थी। सिर्फ हौंसले के दम पर संख्या को हरा पाना मुमकिन नहीं था।

उस समय सरदार जस्सा सिंह, सिख सेना की कमान संभाल रहे थे। उन्होंने ही इस हमले की रणनीति बनाई थी। 

गुरिल्ला युद्ध रणनीति अपनाते हुए सिखों ने देर रात 12 बजे शाह की सेना पर हमला कर उसे चौंका दिया।

हमला कर उन्होंने कई महिलाओं को आजाद तो करा लिया था लेकिन इस लड़ाई में कई सिख शहीद भी हो गए। सिखों को आधी रात 12 बजे महिलाओं को आजाद कराने में कामयाबी हासिल हुई थी। 

लेकिन इस बात को इतिहास के पन्नों में इतनी जगह नहीं दी, कि लोग इसके बारे में ज्यादा जान सकें। वे नहीं चाहते थे कि सरदारों के शौर्य, पराक्रम व बुद्धिमत्ता का परिचय सम्पूर्ण विश्व को हो।

क्या, अब आप को कारण समझ आया कि क्या है, 12 बज गए में?

12 बज गए में है, उन सरदारों की वीरता

12 बज गए में है, उन सरदारों की शौर्यता

12 बज गए में है, उन सरदारों का हौसला

12 बज गए में है, उन सरदारों की निस्वार्थ सेवा

12 बज गए में है, उन सरदारों की बुद्धिमत्ता

12 बज गए में है, उन सरदारों की युद्धनीति

12 बज गए में है, उन सरदारों की जीत 

12 बज गए में है, उन सरदारों की नारी सम्मान के लिए दी गई एक बड़ी कुर्बानी

12 बज गए में है, नादिरशाह की हार 

12 बज गए में है, नादिरशाह की सेना का भय 

जो जुनून सरदारों में तब था, वो आज भी है।

ऐसे वीरता और साहस के पर्याय सरदारों को '12 बज गए' कह कर उनका मजाक बनाना, उन्हें चिढाना, क्या बेहद शर्मनाक नहीं है? 

तो अब जब आप इस बात को जान चुके हैं तो, शायद आगे से आप इस तरह के चुटकुले ना तो सुनाएंगे और नहीं किसी और को इस तरह की शर्मनाक हरकत करने देंगे, बल्कि उन्हें भी इस गौरवशाली इतिहास से अवगत कराएंगे।

बोले सो निहाल सत् श्री अकाल 

Tuesday, 17 May 2022

Article : प्रत्यक्ष प्रमाण

प्रत्यक्ष प्रमाण


सदियों से हिन्दू संस्कृति में यही बताया जाता है कि भगवान के घर में देर है, अंधेर नहीं। 

शायद इसी बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है शिवलिंग का ज्ञानवापी मस्जिद में मिलना।

या ज्ञानवापी मस्जिद का अपना नाम ही सबसे बड़ा प्रमाण है कि वो मस्जिद इतिहास में एक मंदिर ही थी क्योंकि ज्ञानवापी का अर्थ है ज्ञान का कुँआ और किसी भी मस्जिद का नाम किसी संस्कृत शब्द पर कैसे हो सकता है?

तभी वहाँ मिलने वाले प्रत्यक्ष प्रमाण, समवेत स्वर में, औरंग़ज़ेब द्वारा किए गए अत्यंत घृणित कार्यो की कहानियां कह रहे हैं।

नंदी महाराज, जो सदियों से अपने भोलेबाबा के इंतजार में मस्जिद की ओर मुख किए बैठे थे, उनकी तपस्या पूर्ण हुई।

मस्जिद में मिलने वाले स्वास्तिक चिन्ह, घंटे का चित्रण और ऐसे ही बहुत से अन्य हिन्दू धर्म से जुड़े चिन्ह, सब उस घृणित कार्य को बता रहे हैं।

परन्तु जिस जगह, महादेव मिले हैं, वो स्थान है, वज़ू की जगह। वज़ू जहाँ नमाज अदा करने से पहले, हाथ-पैर धोये जाते हैं। 

हम हिन्दू, महादेव के दर्शन भी नहा-धोकर करने जाते हैं, उन्हें पूर्ण पवित्र हुए बिना छूते तक नहीं हैं। उस ईश्वर को यह स्थान दिया था।

इतना घोर अपमान किया था औरंगजे़ब ने... 

सोचकर ही मन क्रोध से भर जाता है...

क्या अब भी सोचा जाना चाहिए कि, ज्ञानवापी मस्जिद का क्या करना है?

मुगल आक्रांताओं ने, हमारे कितने ही मंदिरों को यूं ही खंडित करके, उसके ऊपर मस्जिद बनाकर उसे मुग़ल स्थापत्य कला का नाम दे दिया।

उसमें औरंगजेब ने अति ही कर दी थी। उसने कितने ही मस्जिदों की सीढ़ियों पर हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों को दबवाने की नीच हरकत की थी। जिससे जब मस्जिद की सीढ़ियां चढ़ीं जाएं तो उन मूर्तियों को पैरों तले रौंदा जाए।

क्या अब भी सोचा जाना चाहिए कि, ज्ञानवापी मस्जिद का क्या करना है?

हम हिन्दुओं में देवी देवताओं का सर्वोच्च स्थान है। और हमें यह बर्दाश्त नहीं कि उनका तनिक भी अपमान किया जाए।

जो अपराध, इतिहास में किए गए हैं, उनको सही करने का समय आ गया है। और इसके लिए ईश्वर भी हमारा साथ दे रहे हैं।

महादेव का मिलना इसी बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

तो अब हम सब को एक होकर, सही का साथ देना है और जहाँ-जहाँ भी ऐसे घृणित कार्य किए गए हैं, उन्हें सही किए जाए, इस ओर अग्रसित होना है।

हर  हर महादेव 🐚🚩🔱