Wednesday, 12 February 2025

India's Heritage : रविदास जयंती

आज बच्चों के school में छुट्टी है, वजह - रविदास जयंती।

पर यह रविदास जी थे कौन? और ऐसा क्या विशेष था कि उनकी जयंती पर छुट्टी कर दी गई? 

रविदास जी संत शिरोमणि और भक्ति रस के कवि और समाज के पथ प्रदर्शक थे।

संत शिरोमणि तो कबीरदास, तुलसीदास, मीराबाई आदि बहुत लोग थे, फिर बाकी जयंती पर तो छुट्टी नहीं होती है।

आइए, आज India's Heritage segment में उनके विषय में जानते हैं।

रविदास जयंती


रविदास जी का जन्म वाराणसी में माघी पूर्णिमा के दिन हुआ था। कहा जाता है कि उस दिन रविवार था, तो बस रविवार के कारण ही उनका नाम रविदास रख दिया गया।

कई पुरानी पांडुलिपियों में उन्हें रायादास, रेदास, रेमदास और रौदास के नाम से भी जाना गया है।

उनका जन्म एक चर्मकार के घर पर हुआ था, अतः रविदास जी भी चमड़े से सामान, जूते आदि बनाने का ही कार्य करते थे। 

वह जात से चमार थे और उस समय जात-पात को लेकर विभिन्न कट्टर नियम थे। पर उन्होंने कभी उन पर ध्यान नहीं दिया और ईश्वर भक्ति और अपने कर्म को प्रधानता दी।

उन्होंने जात-पात से जुड़ी कुरीतियों का पुरजोर विरोध किया और समानता का समर्थन किया।

उनका मानना था, कोई भी व्यक्ति जन्म से नीच नहीं होता है, बल्कि अपने दुष्कर्मों से नीच होता है। और यह बात उन्होंने अपने जीवन में चरितार्थ भी किया, और संत शिरोमणि और समाज सुधारक कहलाए।

उनसे जुड़ी हुई कुछ घटनाएं साझा कर रहे हैं, जिनसे आप खुद कहेंगे कि कर्म ही सर्वोच्च है।


एक बार की बात है, एक राजा ने रविदास जी को अपने जूते बनाने का आदेश दिया। संत रविदास जी ने आदेश सहर्ष स्वीकार किया, क्योंकि वो तो उनका काम ही था।

रविदास जी जूता बनाने का कार्य भी ऐसे कर रहे थे, जैसे ईश्वरीय आराधना में लीन हों।

जूता लेकर वो राजदरबार में पहुंचे। जैसे ही राजा ने जूता पहनने के लिए पैर आगे बढ़ाया, एक चमत्कार हुआ और जूता सोने में बदल गया।

सब देखकर हैरान हो गए, राजा ने चमत्कार के पीछे का कारण पूछा, तो रविदास जी बोले, मैंने अपना काम पूर्ण निष्ठा और ईश्वरीय भक्ति में किया था। जो चमत्कार हुआ, वो तो ईश्वर की कृपा है।

ईश्वर की भक्ति काम करते हुए मतलब? लोगों के मन में शंका हुई, यह कैसी भक्ति?

तब रविदास जी बोले, ईश्वर की भक्ति केवल पूजा-पाठ द्वारा ही नहीं की जाती है, बल्कि निष्काम और निष्ठा से किया गया कार्य भी ईश्वर भक्ति है।

सब उनकी इस बात को सुनकर उनके भक्त हो गये।


एक और बार की बात है, संत रविदास जी अपनी झोपड़ी में जूते बनाने का काम कर रहे थे। एक दिन उनके यहां एक सिद्ध साधु पहुंचे। रविदास जी ने उस संत की बहुत सेवा की। सेवा से प्रसन्न होकर सिद्ध संत ने रविदास को एक पत्थर दिया और कहा कि ये पारस पत्थर है। लोहे की जो चीज इस पत्थर पर स्पर्श होती है, वह सोने की बन जाती है। इस पत्थर की मदद से तुम धनवान बन सकते हो।

रविदास जी ने पारस पत्थर लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे इसकी जरूरत नहीं है, मैं अपनी मेहनत से जो कमाता हूं, उससे मेरा काम हो जाता है।

रविदास जी के मना करने के बाद भी साधु ने उनकी बात नहीं मानी और उस पत्थर को झोपड़ी में ही एक जगह रख दिया और कहा कि तुम जब चाहो, इसका इस्तेमाल कर लेना। ऐसा कहकर वह संत वहां से चले गए।

काफी समय बाद वह संत फिर से रविदास जी के पास पहुंचे। उन्होंने देखा कि रविदास की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वे आज भी उसी झोपड़ी में रह रहे हैं।

रविदास जी की हालत देखकर साधु ने पूछा कि मैंने आपको पारस पत्थर दिया था, क्या आपने उसका इस्तेमाल नहीं किया?

रविदास जी ने कहा कि वह पत्थर तो वहीं रखा, जहां आप रख गए थे।

साधु ने देखा तो पारस पत्थर वहीं रखा था। साधु ने रविदास जी से पूछा कि आप इसके इस्तेमाल से धनवान बन सकते थे, लेकिन आपने ऐसा क्यों नहीं किया?

संत रविदास ने कहा कि अगर मैं धनवान हो जाता तो मुझे धन की रखवाली करने की चिंता होती। मैं दान करता तो मेरे यहां लोगों की भीड़ लगी रहती और मेरे पास भगवान का ध्यान करने का समय ही नहीं बचता। मैं जो कमाता हूं, मेरे लिए काफी है। मैं मेरे काम के साथ भगवान की भक्ति भी कर पाता हूं। मेरे लिए यही सबसे जरूरी है।

वह साधु रविदास जी की बात सुनकर प्रसन्न हो गए, उन्हें आशीर्वाद दिया और अपना पारस पत्थर लेकर लौट गए।


ऐसी और भी घटनाएं हैं, जो रविदास जी सबसे विशेष बनाते हैं, वह अगले वर्ष बताते हैं। 

अभी विराम देते हुए, संत शिरोमणि रविदास जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन...

Tuesday, 11 February 2025

Article : India - The Future AI Leader

आजकल पूरी दुनिया में जो technology सबसे आगे चल रही है, वो technology है AI... जिस तरह से, इससे हर field में advancements आ रहे हैं, उसको देखकर लगता है कि AI के बिना भविष्य की कल्पना करना नामुमकिन है।

आज france में दो दिवसीय AI action summit 2025 हो रहा है, जिसमें france host है और भारत सह-अध्यक्षता कर रहा है।

Technology की दुन‍िया में AI ने बड़ी क्रांति ला दी है और इसलिए दुनियाभर के देशों के बीच AI king बनने की होड़ लगी हुई।

चीन और अमेरिका तो इस होड़ में एक दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए, साम-दाम-दंड-भेद, सब करने को तैयार हैं।

ऐसे में भारत भी AI field में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। 

आपको जानकर खुशी होगी कि artificial intelligence में भारत चौथे नंबर पर है। जिसमें सबसे ऊपर अमेरिका है, फिर चीन, ब्रिटेन, और उसके बाद भारत।

India - The Future AI Leader


भारतीय companies में AI की पैठ इतनी बढ़ चुकी है कि 70% companies में hybrid IT वाले AI का वातावरण है।

AI पर भारत अगले दो सालों में यानी 2027 तक 5.1 billion dollars यानी 44 हजार करोड़ रुपये खर्च करने वाला है। 

भारत में technology sector में अगले दो साल में artificial intelligence, generative AI and analytics में नौकरियों के, लगभग 1.2 लाख मौके बनेंगे। 

OpenAI के CEO और ChatGPT creator, Sam Altman, अपने भारत के दौरे पर आए और उन्होंने बताया कि भारत AI and OpenAI के लिए महत्वपूर्ण बाजार है और भारत AI sector में एक leader के तौर पर सामने आ सकता है। 

यह सब देखकर, जानकर, यही समझ आता है कि भारत बहुत तेजी से विकासशील देश से विकसित देश में बदलता जा रहा है।

फिर field चाहे, space हो या AI, defence हो या finance, sports हो या अध्यात्म... हर ओर गूंजता, बस एक ही नाम, भारत, भारत, भारत...

बदलती दुनिया, बदलता विज्ञान और आगे ही आगे बढ़ता हिन्दुस्तान...

ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि, बहुत जल्द, India will become the AI leader. 

जय हिन्द, जय भारत 🇮🇳 

Monday, 10 February 2025

Recipe : Instant Rava Appe

आज एक ऐसी recipe share कर रहे हैं, जो बहुत लोगों को बनानी आती है, पर हमारी एक viewer को हमारे बनाए हुए अप्पे बहुत ही पसंद आते हैं और उनकी demand थी, कि हम इसकी recipe ज़रूर से share करें..

तो आप भी देख लीजिए और एक बार इस तरह से भी बना कर देखिएगा, हो सकता है आपकी भी सोच हमारे viewer से मिल जाए, means कि आप को भी लगे, इस तरह से बनाए तो सभी से बहुत वाहवाही मिली...

पर अगर आपको अप्पे बनाने नहीं आते हैं, तब तो जरूर से इसे try कीजिएगा, यह instantly prepare होने वाली बहुत ही healthy dish है। 

इसमें बहुत सारी veggies डाली जाती हैं, इसलिए इसको बनाकर आप बच्चों को बहुत-सी veggies, tasty form में खिला सकते हैं।

Instant Rava Appe


A) Ingredients :

  • Semolina - 250 gm.
  • Malai - 1 cup 
  • Curd - 1 tbsp. 
  • Milk - 1 cup 
  • Salt - as per taste 
  • Onion -  1 tbsp. (finely chopped)
  • Tomato - 1 tbsp. (finely chopped)
  • Capsicum - 1 tbsp. (finely chopped)
  • Carrot - 1 tbsp. (finely chopped)
  • French beans - 1 tbsp. (finely chopped)
  • Clarified butter (ghee) - as per taste
  • Baking powder - 1 tsp.


B) Method :

  1. सूजी में मलाई, दही, नमक डालकर अच्छे से mix कर लें और ½ hour के लिए रख दीजिए।
  2. सारी veggies सूजी में डालकर अच्छे से mix कर दें। 
  3. अब इसमें धीमे-धीमे दूध मिलाकर,  pouring consistency का घोल तैयार कर लीजिए।
  4. अब इसमें baking powder डालकर mix कर लीजिए।
  5. अप्पे बनाने वाले pan में घी लगाकर गर्म कर लीजिए।  
  6. गर्म pan में सूजी के mix को डालकर, lid को ढक दीजिए और flame slow कर दीजिए।
  7. 5 to 7 minutes बाद lid हटाकर, अप्पे पर घी लगा दीजिए।
  8. अब सारे अप्पे पलट दीजिए।
  9. दोनों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक उलट-पलट कर सेंक लीजिए।

Your Instant Rava Appe are ready to serve. You can serve it with sauces, chutney or dips etc.


C) Tips and Tricks :

  • हमने जो change किया है, वो है curd की जगह मलाई। मलाई होने के कारण ही अप्पे का taste next level पर पहुंच जाता है, उसके कारण taste में बहुत से enhancement होते हैं, जैसे; अप्पे खट्टे नहीं लगते हैं, अप्पे soft ज्यादा बनते हैं।मलाई डालने से घी भी कम लगाना पड़ता है, क्योंकि मलाई गर्म होने से itself घी छोड़ती है।
  • Curd का थोड़ा amount डालने से वो baking powder को अच्छा kick देता है। इसलिए थोड़ा सा दही डालना जरूरी है। 
  • दूध add करने से सूजी बहुत अच्छा flavour देती है और appe बहुत ही अच्छे बनते हैं।
  • आप baking powder की जगह eno भी use कर सकते हैं। 
  • ध्यान रखिएगा कि दूध धीमे-धीमे डालना है, means जितने दूध को डालने से pouring consistency आ जाए, बस उतना ही दूध डालना है। वो ½ cup से 1½ या 2 cup तक हो सकता है। 
तो बना रहे हैं ना, एक बार ऐसे भी?