Thursday, 15 April 2021

Article : कोरोना का वार, बच्चे हो रहे शिकार

कोरोना का वार, बच्चे हो रहे शिकार



Corona virus, हमारे जीवन में इस कदर हावी हो गया कि जीवन का स्वरूप ही बदल गया।

ना कहीं जा पा रहे हैं, ना ही किसी अपने से मिल पा रहे हैं।

दूर तक सिर्फ अवसाद ही अवसाद है।

पिछले साल, लोगों ने सभी तरह के protocol follow किए थे लेकिन इस साल, सभी त्रस्त हो चुके हैं। 

अतः यह जानते हुए भी कि corona virus बहुत dangerous है, बहुत कम लोग ही protocol follow कर रहे हैं।

जिसका ही यह नतीजा है कि कोरोनावायरस के बहुत तेजी से और बहुत ज्यादा cases बढ़ रहें हैं।

पर आप की जानकारी के लिए बता दें कि corona पिछली बार से ज्यादा खतरनाक आया है।

यह ख़तरनाक इसलिए और भी ज्यादा है, क्योंकि इस बार इससे बच्चे अधिक बीमार हो रहे हैं। साथ ही यह जानलेवा भी साबित हो रहा है।

बच्चों के लिए अभी तक vaccination भी नहीं आया है।

लेकिन एक बात अच्छी है कि हम बच्चों को ज्यादा आसानी से घर तक सीमित रख सकते हैं। सभी जगह online classes चल रही है तो उनका भविष्य भी बर्बाद नहीं हो रहा है।

उन्हें घर में रहने से अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव नहीं पड़ता है।

अतः आप सबसे निवेदन है कि कृपया बच्चों को घर में रखें, वो व्यर्थ में बाहर ना निकलें।

उनके लिए, अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय निकालें, उनके साथ समय व्यतीत करें। जिससे उन्हें घर में रहना पसंद आए।

आप को डराने या भ्रम फैलाने के लिए यह article नहीं है। बल्कि आप सुरक्षित रहें, सचेत रहें और स्वस्थ रहें, बस यही उद्देश्य है।

हे ईश्वर आप हम सभी की रक्षा करें, हम सभी सुरक्षित रहें, स्वस्थ व चिरायु रहें व प्रसन्न रहें।

आप अपनी विशेष कृपा बनाए रखें 🙏🏻

आप सबसे अनुरोध है, कृपया सभी कोरोनावायरस के सभी protocol follow करें, जिससे यह कठिन समय भी सरलता से निकल जाए ....

वक्त कब रुका है, 

जो यह रुक पायेगा।

थोड़ा सब्र कर लें

यह भी गुजर जाएगा।।


घर में रहें, स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें


Wednesday, 14 April 2021

Article: अंबेडकर जी को श्रद्धांजलि

अंबेडकर जी को श्रद्धांजलि




आज बाबा साहेब अंबेडकर जी का जन्मदिवस है, उनको कोटि कोटि नमन!

भारत की आज़ादी के बाद नवभारत का निर्माण किया जा रहा था।

उस समय भीमराव अम्बेडकर जी ने भारत का constitution बनाने में बहुत बड़ा सहयोग दिया था।

समाज के विकास के लिए छुआछूत व भेदभाव को खत्म करने के लिए, कुछ पिछड़ी व मजबूर जातियों के लिए संविधान में दस साल के लिए आरक्षण का प्रावधान भी रखा गया था। । जिससे उन्हे भी समाज में समान स्थान प्राप्त हो सकें।

उनका यह प्रावधान सही सिद्ध हुआ, देश में पिछड़ी जातियों का पूर्णतया विकास हो गया।

अब आरक्षण केवल राजनैतिक मुद्दा बन कर रह गया है; क्योंकि जिस उद्देश्य के लिए यह प्रावधान बनाया गया था, वह तो कब का पूर्ण हो चुका है।

इस प्रावधान को लगभग 70 साल व्यतीत हो गये हैं। तब से कितना कुछ बदल गया है।

ना वैसी बोली रह गई है ना पहनावा, ना आचार वैसे हैं ना विचार, ना वैसी आवश्यकता रह गई है।

जब सब बदल गया है, तो आरक्षण क्यों नहीं?

दशकों से कुछ जाति विशेष को सतत् आरक्षण मिलता आ रहा है, जिससे अब वे जातियाँ ना पिछड़ी हुई रह गईं हैं ना ही मजबूर।

वहीं आरक्षण के कारण अन्य जातियाँ, योग्य होने के बावजूद धीरे धीरे पिछड़ती जा रही हैं, मजबूर होती जा रही हैं।

आज अगर बाबा अंबेडकर जी जीवित होते तो, वह अपनी दूरदर्शिता का परिचय देते हुए आरक्षण का स्वरूप बदल देते।

वो अब आरक्षण को जाति विशेष के लिए नहीं रखते, अपितु जिन्हें आवश्यकता होती, वो उन्हें संसाधन मुहैय्या कराते।

जिससे जो योग्य हैं, वे संसाधनों के अभाव में न पिछड़े और न ही मजबूर हों।

क्योंकि योग्यता पर घात, देश पर प्रतिघात है।
 
अम्बेडकर जी, सदैव भारत के विकास के लिए, अग्रसित रहते थे, वो अच्छे से जानते थे कि योग्यता ही किसी देश के विकास का द्योतक है।

क्या आज कोई भी बाबा साहेब अंबेडकर जी के देश के विकास के सपने को आगे नहीं बढ़ाएगा?

क्या आज कोई उनकी तरह दूरदर्शी नहीं है, जो आरक्षण को समाप्त कर के योग्यता पर घात करना समाप्त करा सके?

योग्यता, देश के विकास के लिए अति आवश्यक है। योग्य व्यक्ति को यदि भारत में उचित स्थान नहीं मिलता है, तो वह पलायन को मजबूर हो जाता है; जो कि किसी भी तरह से देश के लिए हितकर नहीं है।

आज उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि देश से आरक्षण सदा सदा के लिए समाप्त कर दिया जाए। 

सभी को कार्य योग्यता के आधार पर मिले; जिससे देश का सम्पूर्ण विकास हो सके व भारत सर्वश्रेष्ठ देश कहलाए।

Tuesday, 13 April 2021

Poem : हिन्दू नववर्ष

🕉️🙏🏻माता रानी हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें 🙏🏻🕉️

🕉️🙏🏻💐आप सभी को हिन्दू नववर्ष व चैत्र नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएँ 💐🙏🏻🕉️


हिन्दू नववर्ष



हिन्दू नववर्ष,

भारत का हर्ष।

इसके अस्तित्व,

के लिए करो संघर्ष।।


रंगोली से,

घर हो सज्जित।

घी के दीप,

हो प्रज्वलित।।


गृह हो पुष्पों से,

आच्छादित।

मन हो सबका,

प्रसन्नचित।।


देवताओं का,

हो आगमन।

घर घर में हो,

पूजा हवन।।


प्रसाद में, 

मिष्ठान चढ़ाओ।

ईश्वर कृपा,

सब ही पाओ।।


भारतीय हो तो,

भारत का मान बढ़ाओ।

हर वर्ष अब से, 

हिन्दू नववर्ष मनाओ।।


सदियों से अंग्रेजी नववर्ष  मनाते आए हैं, चलिए अब से हिन्दू नववर्ष हर्षोल्लास से मनाएं, भारत के सम्मान को बढ़ाएं।