Friday, 25 March 2022

Kids story : New School Bag

आज की कहानी, छोटे से समझदार बच्चे अद्वय सहाय द्वारा लिखी हुई है। 

वो अपनी कहानी के जरिए अपने दोस्तों को समझना चाहता है कि हमेशा उन्हीं सामानों की demand करनी चाहिए, जिनकी हमें requirement हो।

इस कहानी को अपने बच्चों को अवश्य सुनाएं, जिससे उन्हें भी पैसे और समय की कद्र रहे।

New School Bag

Results आ चुके थे, बच्चे pass हो चुके थे। New class, new books सब कुछ नया, बच्चों में इसका अलग ही craze रहता है।

सोनू भी उन्हीं बच्चों में से था, जिन्हें हर साल school के लिए नयी-नयी चीजें चाहिए होती हैं।

कोरोना के कारण पिछले दो साल से school ठीक से नहीं खुल रहे थे तो सोनू के सभी सामान काफ़ी अच्छी condition में थे।

इसके बावजूद सोनू जिद्द कर रहा था कि उसे सब कुछ नया चाहिए। 

Specially New School Bag, वो भी doraemon वाला।

माँ ने समझाया भी कि क्या जरूरत है, नये bag की। अभी पिछले साल ही तो छोटा भीम वाला bag लिया था, और तुम school, मुश्किल से महीने भर भी नहीं गये हो। वो bag बिल्कुल नया जैसा ही है।

माँ, आप समझती नहीं हैं, अब मैं बड़ा हो गया हूँ, छोटा भीम वाला bag नहीं ले जा सकता हूँ, मुझे doraemon वाला new bag ही चाहिए। फिर सारे friends भी हर बार new bag लाते हैं तो मैं क्यों नहीं। 

पापा बोले, छोड़ो, मैं देखता हूँ। अगर वो bag मिलता है तो।

पापा की बात सुनकर सोनू खुश हो गया और doraemon, doraemon... का गाना गाते हुए खेलने चला गया।

लौटने पर उसने देखा कि doraemon उसके कमरे में उसका इंतजार कर रहा था।

सोनू, खुशी से उछल पड़ा, doraemon तुम?

हाँ मैं, doraemon ने जवाब दिया।

तुम यहाँ कैसे आ गये?

तुम से यह पूछने कि तुम्हारा bag कहाँ-कहाँ से फटा है? 

कहीं से नहीं! 

अभी पापा ने पिछले साल ही तो लिया था और मैं एक महीने भी school नहीं गया था तो वो बिल्कुल नया जैसा ही है।

क्या उसमें तुम्हारी new books, pencil box, tiffin box नहीं आएंगे?

बिल्कुल आएंगे, बहुत बड़ा bag है, वो मेरा।

अच्छा देखने में बहुत गन्दा और पुराना लगने लगा है?

नहीं... कहा तो बिल्कुल नये जैसा है।

तो क्या कारण है कि तुम्हें new bag चाहिए, सिर्फ इसलिए कि उसके cartoon में छोटा भीम बना है। या सिर्फ इसलिए कि और बच्चे new bag लाएंगे।

हाँ यही कारण है। 

तो तुम बिल्कुल ग़लत हो, हमें कोई सामान तभी लेना चाहिए, जब उसकी requirement हो, ना कि दूसरों की देखा-देखी या show-off करने के लिए।

अगर हम बिना requirement के एक ही सामान को बार-बार लेते रहेंगे तो वो पैसे की और समय की बर्बादी है। 

अगर हम इसका ध्यान रखें तो हमारे पास बहुत variety की चीजें होंगी, साथ ही हमारे पैसे और समय की बचत होगी।

अच्छा ठीक है, मैं समझ गया doraemon, कि तुम क्या कहना चाहते हो। अब से मैं केवल उन्हीं सामानों को लूंगा, जिसकी मुझे requirement हैं। व्यर्थ में पापा के पैसे और समय बर्बाद नहीं करूंगा।

यह कहकर वो पापा, पापा चिल्लाने लगा।

पापा और मम्मी सोनू के कमरे में आते हैं, वो देखते हैं कि सोनू सोते-सोते, पापा पापा चिल्ला रहा है।

उन्होंने सोनू को जगाकर पूछा कि क्या हुआ?

तब सोनू को समझ आया कि doraemon उसके सपने में आकर समझा रहा था। पर उसे doraemon की कही हुई बात अभी भी याद थी।

उसने अपने पापा से कहा, पापा अब मुझे new bag नहीं चाहिए।

क्यों, क्या हुआ बेटा?

पापा अब मुझे अच्छे से समझ आ गया है कि उन्हीं सामानों की demand करनी चाहिए, जिसकी मुझे requirement हो। 

मम्मी और पापा ने सोनू को बहुत सारा प्यार किया।

Wednesday, 23 March 2022

Story of Life: गलती किसकी (भाग-3)

 गलती किसकी (भाग-1)...व‌ 

गलती किसकी (भाग-2) के आगे....


गलती किसकी (भाग-3)




“मुझे माफ कर दो रोहित। मुझे नहीं पता था की तुम्हारे साथ इतना बुरा हो जाएगा। उस दिन की bus की घटना का किसी ने video बना दिया था जो viral हो गया था। मुझे news channel से phone आया तो free की publicity और famous होने के लालच में मैंने वो interview दे दिया था।”

“तुम लड़की होने का बहुत फ़ायदा उठा चुकी, उस दिन bus मे भी सब मुझे गलत समझ रहे थे और आज पूरी दुनिया मुझे गलत समझ रही है।

अगर तुम नहीं चाहती हो कि, तुम्हारी ज़िन्दगी बर्बाद हो तो, आज तुम एक और interview दोगी और बताओगी की उस दिन bus में गलती किसकी थी।

रोहित ने शिवांगी को खोल दिया, उसे चाय और नाश्ता दिया, जिससे वो comfortable हो जाए।

रोहित के पापा ने उसी news anchor से interview set किया था।

News channel को देखकर, पहले तो शिवांगी आनाकानी करने लगी, पर फिर कोई और विकल्प ना देखकर उसने news channel पर सब सच सच बता दिया, कि उस दिन बस के डगमगाने से रोहित का हाथ उसकी कमर पर लग गया था। रोहित ने ऐसा किसी खराब intention से नहीं किया था।

News anchor ने पूछा, जब आपको पता था, तो आपने व्यर्थ में हँगामा क्यों मचाया?

जी बस पूरी तरह से भरी हुई थी और मैं खड़े होकर सफ़र नहीं करना चाहती थी, अतः मुझे seat पाने का अच्छा मौका लगा। मुझे नहीं पता था कि कोई हमारी घटना का video बना रहा है।

पर जब video, viral हो गया तो, फिर news channel वालों के call ने, बिना किसी बात के मुझे famous होने का मौका दे दिया, जिसको मैंने बिल्कुल नहीं गंवाया।

रोहित पूरी तरह से निर्दोष है, उसने कुछ भी गलत नहीं किया है।

News anchor को समझ नहीं आ रहा था कि, वो क्या करे? इस interview को telecast करे कि नहीं।

रोहित ने कहा, क्या हुआ? आज इतना सोच क्यों रहे हो? उस दिन तो आप ने बिल्कुल नहीं सोचा था। एक बार भी नही सोचा था कि किसी की ज़िन्दगी बर्बाद हो जाएगी, पहले पता कर लिया जाए कि सही क्या है? गलती किसकी है? हमेशा हम लड़के ही गलत नहीं होते हैं, कभी कभी लड़कियाँ भी गलत हो सकती है।

किसी के भी भविष्य को दाँव पर लगाने से पहले सोच लेना चाहिए।

Tuesday, 22 March 2022

Story of Life : गलती किसकी (भाग-2)??

 गलती किसकी (भाग-1) के आगे...

गलती किसकी (भाग-2)??


इस घटना को बीते हुए एक महीना हो चुका था। शिवांगी ने तेज़ कदमों से बढ़ते हुए एक auto rickshaw को रोका और अपने office की तरफ चलने को कहा।

 Auto कुछ देर तक तो सही direction में चलता रहा फिर, उसने अपने direction को change किया और शहर से सुनसान रास्ते की ओर जाने लगा। 

शिवांगी अपने mobile और net की दुनिया में खोई हुई थी और उसने उस ओर ध्यान नहीं दिया। जब auto रुका तो वह एक खंडहर हवेली के आगे रुका हुआ था।

 शिवांगी बोली, “भैया, ये आप मुझे कहाँ ले आए? मैंने तुम से office चलने को कहा था।” 

तभी एक करकशी आवाज़ के साथ auto driver ने शिवांगी से कहा, “चलो उतरो।” और शिवांगी का हाथ पकड़ कर उसे auto से नीचे उतार दिया। 

शिवांगी बोली, “ये क्या बदतमीज़ी है?” तभी शिवांगी ने auto driver को ध्यान से देखा,  बिखरे बाल, बढ़ी हुई दाढ़ी व फटी पुरानी सी shirt देखकर, वो कुछ देर तक उसे देखने बाद बोली, “तुम!”

Auto driver ने कहा, “हाँ, मैं।” और शिवांगी को हवेली के अंदर ले गया। शिवांगी को ले जाकर, उसने कुर्सी पर बैठा कर बांध दिया। सामने table पर एक laptop रखा था।

शिवांगी गिड़-गिड़ा रही थी और बोल रही थी “मुझे छोड़ दो, मुझे जाने दो, मेरे साथ कुछ गलत मत करो।” 

“क्यों? तुम तो आज की नारी हो न। तुम्हें किसका डर?” 

“नहीं रोहित, मुझे छोड़ दो। Sorry, मुझे जाने दो।”

“रोहित? तुम्हें मैं याद हूँ आज तक? 

 तुमने मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी। मैं बचपन से ही बहुत सीधा-साधा, होनहार लड़का था। मेरी बहुत अच्छी नौकरी थी। मेरे सारे परिवार वाले मुझ से बहुत खुश थे। चंद दिनों में मेरी शादी होने वाली थी। 

पर तुम्हारे उस interview ने मुझे आवारा सिद्ध कर के मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी। 

आज ना मेरे पास नौकरी है, ना प्यार, ना दोस्त, ना परिवार। मेरा सब कुछ मुझ से छिन गया है। आज मैं बेहद तन्हा और अकेला हूँ। यहाँ तक कि क्यों जी रहा हूँ, वो भी मुझे नहीं पता? और ये सब तुम्हारे कारण हुआ है।

तुम अच्छे से जानती हो की उस दिन गलती किसकी थी?

रोहित ने अपनी जिंदगी बर्बाद करने के लिए, शिवांगी को क्या सज़ा दी या उसे छोड़ दिया? जानने के लिए पढ़ें, अंतिम भाग,

 गलती किसकी (भाग-3) में...