Friday, 1 December 2023

Article : Good news : vision re-generated

Hello friends...

एक good news है जो आप सबके साथ share करनी है... 

ईश्वर की कृपा से हमारी left eye का vision पूरी तरह से ठीक हो गया है।

आप में से बहुत लोग कहेंगे कि lucky you...

Definitely I am the luckiest person in the world. क्योंकि मेरी family, relatives, friends, near and dear ones and of course my blog family, आप सभी से इतना प्यार, आशीर्वाद और best wishes मिली, जिससे हमारी problem इतनी जल्दी solve हो गई। 

मात्र दो injection में ही हमें पूरी तरह से आराम मिल गया...

जबकि कुछ लोगों को बहुत अधिक injection लगते हैं, वहीं कुछ लोगों का vision, फिर लौटता ही नहीं है...

जब मेरी left eye का vision चला गया था, तो उसके लिए मैंने एक article डाला था, जिसमें कारण लिखा था की ऐसा कैसे हो गया, इससे कैसे बचा जा सकता है, आदि... जिसे आप में से बहुत लोगों ने पढ़ा और appreciate भी किया। अगर आपने नहीं पढ़ा है, तो इस link पर click कर लीजिए 

Loss of Vision

बहुत लोगों के मेरे पास replies आए, कुछ के blog में, कुछ के whatsapp में, कुछ के facebook में, कुछ के emails में और कुछ के phone भी आए थे। 

इसमें से कुछ लोगों की कुछ queries भी थीं। कुछ लोगों के मन में डर था और कुछ लोगों के इस तरह के comments भी थे जिसमें लिखा था की जिसको यह problem हो जाती है, वह दोबारा ठीक नहीं हो पाता है। 

इसलिए आज यह article डाल रहे हैं क्योंकि जो मेरा अनुभव है वो इस problem के solution की तरफ बहुत positive रहा है। 

अव्वल तो हम चाहते ही नहीं हैं, कि किसी को यह problem हो और अगर हो तो वह भी पूरे तरीके से ठीक हो जाए। तो चलिए जानते हैं की अगर किसी को यह problem हो जाए, तो क्या करना चाहिए।

Good news : vision re-generated

हम अपनी बात शुरू करने से पहले एक बार फिर से कहना चाहेंगे कि हमारा यह article 

Loss of Vision जरुर से पढ़ लीजिए और उसमें जो बताया है, वो करते भी रहिएगा। बहुत कम लोग या कहें केवल 1% लोग ही अपनी इस problem को जल्दी पकड़ पाते हैं। 

और इस बात को तो आप सब मानते होंगे कि problem जल्दी detect हो जाती है, उसका treatment उतनी ही जल्दी problem को ठीक कर पाता है। 

जो हमारे case में हुआ, इसलिए ही मात्र दो ही injection में हम ठीक हो गये...



चलिए अब बात कर लेते हैं कि, अगर किसी को यह problem हो गई है और वो किसी hospital में जाते हैं, तो सब जगह, इस problem के लिए doctors injection ही prescribe करेंगे। 

लेकिन कुछ hospitals में steriods लगाए जाते हैं और कुछ में दवाई का injection लगाते हैं। 

ध्यान रखिएगा की गलती से भी आँखों में steroid के injection नहीं लगवाने हैं। Steroid से आँखें सिर्फ कुछ समय के लिए अच्छी होती हैं पर finally वो पूरी तरह से बर्बाद हो जाती हैं। 

आँखें पूरी तरह से ठीक हो जाएँ, इसलिए उनमें दवाई पड़नी चाहिए और कुछ अच्छे hospitals, जिनका इस क्षेत्र में बहुत नाम है, वो injection से दवाई ही डालते हैं। 

Famous hospitals में चेन्नई का शंकर नेत्रालय, हैदराबाद का प्रसाद hospital शामिल है। 

लेकिन हर एक वहाँ तक नहीं पहुँच पाता है। तो अगर आप वहाँ तक नहीं पहुंचेंगे तो क्या आप की आँख ठीक नहीं हो पाएगी? 

नहीं, ऐसा नहीं है...

अब बहुत से बड़े शहरों में बहुत से ऐसे eyes के hospitals खुल गए हैं जहां injection से steroid नहीं बल्कि दवाई ही दी जा रही है। 

आपको बस इतना पता करना है कि आपके शहर में ऐसा कौन सा hospital है जहां eyes के injection में steroid नहीं बल्कि दवाई ही दी जाती है।

अगर आपके शहर में ऐसा कोई hospital नहीं है, तो अपने शहर के आसपास के बड़े शहरों में पता कर लीजिए, वैसे आपकी जानकारी के लिए बता रहे हैं कि दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में इस तरह के बड़े hospital आपको ज़रूर से मिल जाएँगे।

आपके शहर से जो भी बड़ा शहर, नजदीक हो उसमें आप अपना treatment करा सकते हैं।

अगर आपको दवाइयों के नाम पता करने हैं तो हमें comment box में लिख कर बता दीजिएगा...

हमारे doctor ने इस problem के regarding जो तीन तरह की दवाइयाँ बताईं थीं, जिनके अलग-अलग दाम हैं, वो हम आपको बता सकते हैं, उसे फिर आप अपने doctor से discuss कर लीजिएगा और अपनी pocket के हिसाब से उस injection को लगवा लीजिएगा। More or less, सभी effective हैं...

ऐसा नहीं है कि सिर्फ वही तीन दवाएं हैं और भी बहुत सी दवाएं doctors को पता होगी, जो कि effective होंगी। 

पर हां, हमें जिन तीन दवाओं के नाम पता है, उसमें वो तो सबसे ज्यादा effective है, जिसके injection हमें लगे थे पर वो थोड़ा ज़्यादा costly है। पर बाकी जो दो हैं, उनके effects भी अच्छे रहते हैं, ऐसा उन लोगों ने कहा था, जिन लोगों के बाकी दोनों में से कोई भी injection लगे थे...

हमने जहां से treatment करवाया है, वहाँ पर हमें जितने भी patient मिले थे, सभी के इस problem के solution के regarding positive feedback था। 

अगर आप उसी hospital और उसी doctor से treatment कराना चाहते हैं, जिनसे हमने अपना treatment करवाया था तो आपको बता दें हमने Centre for Sight, Preet Vihar में Dr. Tushar Agarwal से अपना treatment कराया था। 

वैसे अगर आप हम से पूछेंगे तो हम यही कहेंगे कि हमारा treatment करने वाले doctor and centre दोनों ही बहुत अच्छे थे।

Dr. Tushar Agarwal, बहुत ही efficient and genuine doctor हैं।

वो treatment में जितने efficient हैं उतने ही patiently आपकी सारी query भी solve करते हैं।

मेरे इस article को पढ़कर अगर किसी को भी अपनी इस problem का solution मिल जाएगा और उसका vision वापस आ जाएगा, तो मेरा लिखना सार्थक हो जाएगा। 

अगर आपको यह problem है तो आप इस treatment को follow कर सकते हैं, अगर आपके किसी परिचित को है तो उसे बता सकते हैं और इसका link अपने group में साझा भी कर सकते हैं। 

जिस किसी को भी यह problem diagnose हुई है, वो जितना जल्दी हो सके, अपना treatment शुरू करा लें, क्योंकि जितना ज्यादा देर लगेगी, recovery की chances उतनी ही कम होती जाती है।

Let's hope for the best!

हमारी ईश्वर से सदैव यही प्रार्थना है:

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः


DISCLAIMER : यह article मेरे निजी अनुभव व कुछ और लोगों  के अनुभव पर आधारित है।

Wednesday, 29 November 2023

Article: हौसले हों साथ, तो सब है हाथ..

 हौसले हों साथ, तो सब है हाथ.. 


"मौत भी जाती है हार, हौसले हो जिनके पास", "हौसले हो साथ, तो सब है हाथ", ऐसे बहुत से बड़े बड़े विचार सुनने को मिलते हैं।

पर उत्तरकाशी में फंसे हुए वो 41 मज़दूर, भारत की सशक्त और सक्षम rescue team, उत्तराखंड सरकार और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, ऐसे हौसले और जज्बे का परिचय दिया कि स्वयं ईश्वर ने साथ देकर 17 दिन से चल रहे, इस rescue mission को सफल बनाया और पूरे 41 मजदूर पूर्णतः सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। 

पर यह ऐसी कौन सी बात है जो इस बात को सिद्ध करती है कि "हौसले हो साथ, तो सब है हाथ" 

चलिए आपको सिलसिलेवार बताते हैं, साथ ही यह भी, कि यह पूरा rescue किस तरह से अपने अंजाम पर पहुंचा।

आप जब, यह सब जानेंगे तो आप को नाज़ होगा, उन सब योद्धाओं पर, साथ ही अपने भारत देश पर, कि अब हम कितने सशक्त हो गये हैं।


सिलक्यारा की सुरंग घटना :

सिलक्यारा से बड़कोट के बीच एक tunnel  बनाई जा रही थी। जो कि 4 किलोमीटर से अधिक लंबी सुरंग बन रही थी। 12 November को दिवाली के दिन जब यह tunnel धंसी तो उस वक्त 41 श्रमिक सिलक्यारा गेट से करीब 250 मीटर अंदर थे। अचानक उनके सामने करीब 60 मीटर का मलबा आ गिरा और वे उसी में फंस कर रह गए।

उत्तरकाशी की सुरंग धसने से फंसे 41 मजदूरों के लिए सुरंग के भीतर हफ्तों गुजार देना बेहद चुनौतीपूर्ण था। वह पूरे 17 दिन के लिए इसमें फंस गए। 

जब 41 मजदूर उस सुरंग में फंस गए थे तो उनकी प्राणों की रक्षा किस प्रकार हुई? सरकार द्वारा क्या कुछ प्रयास किए गए? 

चलिए जान लेते हैं सब...


उत्तराखंड सरकार का कार्य :

ऐसा नहीं है कि, कोई सुरंग पहली बार ऐसे धंसी है। ऐसी दुर्घटना पहले भी होती रही हैं और कई बार लोगों की सुरंग धंसने के कारण मृत्यु भी हुई है।

पर इस बार ऐसा नहीं हुआ, इतना बड़ा और कठिन काम हौसलों के कारण सफल रहा। एक भी जान का नुक़सान नहीं हुआ, ना कोई बहुत गंभीर रूप से बीमार हुआ।

और ऐसा, सिर्फ उन जीवट श्रमिकों के हौसले, rescue team के योद्धाओं के अनवरत प्रयास व सफलता को प्राप्त करने की जिद्द और उत्तराखंड की सरकार और उसके मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के पूर्ण सहयोग से संभव हो सका।

मजदूरों के फंसने के साथ ही सरकार तुरंत action में आ गई।

मलबा 60 मीटर तक था, साथ ही वो ऐसा मलबा था, कि जरा उस पर हाथ लगा नहीं, कि वो और तेजी से धंसने लगता था। 

पर उधर वो 41 मजदूर हिम्मत नहीं हार रहे थे और यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी rescue team।

मजदूरों के पास पाइप के जरिए एक माइक भेजी गई, जिसके जरिए वो अपने परिवारवालों और डॉक्टरों से बात कर रहे थे।

Rescue operation site पर पांच doctors की team फंसे हुए मजदूरों से दिन में दो बार बात कर रही थी। और उनके हौसलों को बनाए रखने के लिए, positive attitude बनाएं रखने के लिए, उन्हें यह आश्वासन दिलाया जाता था कि एक दिन वो जरुर से अपने परिवार से मिलेंगे, और वो दिन बहुत जल्द आएगा। बस हिम्मत और ईश्वर पर विश्वास बनाए रखना है... 

जहां मजदूर फंसे थे, सौभाग्य से वहां Jio textile sheet के bundle पड़े हुए हैं। मजदूर उन्हें ही बिछाकर सो रहे थे। 

साथ ही एक बहुत अच्छी राहत यह भी थी, कि इस दुर्घटना में सुरंग की बिजली व्यवस्था पूर्णतः सुरक्षित रही और सरकार ने यह ध्यान रखा कि 24 घंटे बिजली की व्यवस्था बनी रहे...


मजदूरों के खाने-पीने और ज़रूरत के सामान की व्यवस्था :

मजदूरों को पहले liquid diet दी जाती थी। फिर कुछ दिन बाद जब लगा कि उन्हें solids भी दिया जा सकता है तो उन्हें नाश्ते में चाय, अंडा और दलिया दिया जाता था, खाने में दाल चावल रोटी सब्जी दिया जाता था।

उन्हें biscuit, energy drink and dry fruits भी दिये गये। सब तरह की दवाएं‌ और vitamins दिए गए। Oxygen की व्यवस्था सुचारू रूप से रही, इसकी व्यवस्था की गई। साथ ही उनको अन्य आवश्यक सामग्री जैसे toothpaste, toothbrush, towel, undergarments, और कपड़े आदि दिए गए थे। उन्हें मोबाइल फोन भी दिए गए जिसमें video games and movies download थी, जिससे वो उस condition में फंस कर depression में ना जाए। 

इन मजदूरों के साथ ही, पूरी team, उनके परिवार वालों से भी बराबर touch में रही, उन्हें हर क्षण, हर पल की खबर देती रही, साथ ही उन्हें आश्वस्त करती रही कि वो सभी मजदूर जल्दी ही अपने परिवार वालों से मिलेंगे।

इस rescue operation में जो जो rescue team सहायक थी, उनका नाम इस chart में है। 


17 दिन तक अनवरत यह सभी अपने कार्य को इस तरह से अंजाम दे रहे थे कि शीघ्र अति शीघ्र एक-एक मज़दूर, पूर्णतः सुरक्षित बाहर निकले। 

क्योंकि सुरंग बन्द थी अतः वहां temperature 20-22°C था, पर सुरंग के बाहर पूर्ण व्यवस्था करने वाले योद्धा और मजदूरों का बाहर इंतजार करने वाले उनके परिवार के सदस्यों के लिए ठंडक बढ़ती जा रही थी... फिर भी सब डटे रहे ठंड, भूख-प्यास और थकान की परवाह किए बिना... 


Rescue team का कठिन कार्य :

जिस सुरंग से मजदूरों को बाहर आना था, उससे बाहर निकालने के लिए rescue team को संकरे पाइप से घुस कर पहले उस मलबे को बाहर निकालना था जो कि 60 मीटर लंबा था और बहुत ही जर्जर अवस्था में था।  

उसके बाद tunnel के बाहर और अंदर एक ऐसा system बनाना था, जिससे tunnel में एक stretcher भेजा जा सके और फिर उसमें एक-एक श्रमिक को लिटाकर खींचा जाए और उन्हें बाहर निकाला जाए...

इस कार्य को करने जाना, अर्थात मौत से दो-चार हाथ करना था। मतलब situation ऐसी थी कि मौत की सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए खुद भी मौत का सामना करना था। 

पर अब भारत में इतने सशक्त और सक्षम equipment हैं और उतने ही वीर योद्धा, जो इस कठिन काम को अंजाम देने में जुट गए।

पहले बड़ी-बड़ी मशीनों द्वारा यह कार्य सम्पन्न किया जा रहा था, पर उसमें बहुत वक्त लग रहा था। अंत में rat miners आए और उन्होंने अपने तेज़ हाथों से घंटों का काम मिनटों में कर दिखाया... 

सलाम है इन सभी योद्धाओं को, जिन्होंने 41 श्रमिकों की जान बचाने के लिए, अपनी जान की बाजी लगा दी, और इस rescue mission को सफल कर दिया... ईश्वर से प्रार्थना है कि वह, अपना आशीर्वाद सदैव हमारे देश के योद्धाओं पर बनाएं रखें 🙏🏻

Rescue team तो प्रयासरत रहती है, पर अगर बड़े-बड़े नेता और अधिकारी भी शामिल हों तो कार्य के संभव होने की प्रक्रिया और तेज़ हो जाती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, ना केवल हर तरह से सहयोग प्रदान कर रहे थे, बल्कि वो समय-समय पर घटना स्थल पर आकर situation को समझते थे और साथ ही उन श्रमिकों से बात भी करते थे, जो tunnel में फंसे हुए थे।

इन सब ने हमें सिखा दिया कि बड़ी से बड़ी समस्या का निदान किया जा सकता है। अगर हौसला, हिम्मत, अनवरत लगन, निष्ठा और पूर्ण सहयोग हो, तो मौत भी हार सकती है और जिसने मौत को हरा दिया, उससे सशक्त और सक्षम कोई नहीं...

और अब यह हमारे भारत में सफलतापूर्वक संभव है...

जय हिन्द, जय भारत 🇮🇳 

Thursday, 23 November 2023

Article : देव उठनी एकादशी व एकादशी उद्यापन

देव उठनी एकादशी व एकादशी का उद्यापन



हम हिन्दुओं में बहुत से व्रत-त्यौहार होते हैं, जिनमें कुछ साल में एक बार या दो बार होते हैं तो कुछ मासिक और कुछ साप्ताहिक...

हर महीने होने वाले व्रतों में एकादशी व्रत को सर्वश्रेष्ठ कहा गया है। बारह मासी होने वाली एकादशी में देव उठनी एकादशी व देवशयनी एकादशी का बहुत महत्व है। 

देवोत्थान एकादशी और तुलसी विवाह का हिन्‍दू धर्म में विशेष महत्‍व है। ऐसी मान्‍यता है कि सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्‍णु चार महीने तक सोने के बाद दवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। इसी दिन भगवान विष्‍णु शालीग्राम रूप में तुलसी से विवाह करते हैं। देवउठनी एकादशी से ही सारे मांगलिक कार्य जैसे कि विवाह, नामकरण, मुंडन, जनेऊ और गृह प्रवेश की शुरुआत हो जाती है।

हम आपको पहले ही देव उठनी व देवशयनी एकादशी के विषय में बता चुके हैं। आप इनकी सम्पूर्ण जानकारी के लिए, देव उठनी एकादशीदेवशयनी एकादशी पर click कर सकते हैं।

आज देव उठनी एकादशी है, अतः आज से ही मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। हे जगदीश्वर, हे परमपिता परमेश्वर आप से कर जोड़ कर प्रार्थना है कि सर्वत्र मंगल कार्य सम्पन्न करें। 

आज के दिन हम आपके साथ एकादशी व्रत से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण विधि विधान के विषय में चर्चा करेंगे।

एकादशी उद्यापन :

एकादशी व्रत एक तप है तो उद्यापन उसकी पूर्णता। भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि हे पार्थ, कष्ट से रखा गया एकादशी व्रत निष्फल है, यदि उसका उद्यापन ना किया जाए। अर्थात व्रत की पूर्णतः उद्यापन के साथ ही होती है।

दोनों पक्ष के 24 एकादशी व्रतों का उद्यापन किसी भी पक्ष की एकादशी को कर सकते हैं (लेकिन चौमासे में एकादशी उद्यापन नहीं करना है)। शास्त्रों के अनुसार एकादशी उद्यापन दो दिन का कार्यक्रम होता है पहले दिन एकादशी को व्रत के साथ पूजा होती है तथा द्वादशी को हवन करके 24 या 12 ब्राह्मणों को दान देकर भोजन करवाया जाता है।

जो लोग एकादशी व्रत रखते हैं वो अच्छी तरह जानते हैं कि इस व्रत को रखने का कार्य यूं ही बंद नहीं कर दिया जाता है। इसका पहले उद्यापन किया जाता है, उसके बाद ही व्रत का पारण होता है। 

इस व्रत को रखना जितना श्रेष्ठकर है, इसके उद्यापन का भी उतना ही महत्व है। और इसके उद्यापन के बहुत-से नियम कानून भी हैं, साथ ही बस यही एक ऐसा व्रत है, जिसका उद्यापन करने के पश्चात् भी आप व्रत रख सकते हैं। और इस व्रत का उद्यापन अपने जीते-जी करना बहुत शुभ भी मानते हैं।

आप कहेंगे कि आज देव उठनी एकादशी व्रत है और हम इस समय में उद्यापन की बात कर रहे हैं।

तो आप को बता दें कि एकादशी व्रत का उद्यापन किसी भी एकादशी में नहीं कर दिया जाता है, बल्कि देव उठनी एकादशी ही इस व्रत के उद्यापन के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। 

देव उठनी एकादशी से देवशयनी एकादशी तक के बीच की कोई भी एकादशी में आप एकादशी व्रत का उद्यापन कर सकते हैं। लेकिन देवशयनी एकादशी के दिन व उससे देव उठनी एकादशी के आने तक की एकादशी में कभी भी एकादशी व्रत का उद्यापन नहीं किया जाता है। यह दिन ही चौमासे कहलाते हैं।

माना जाता है कि जब आप देवताओं के लिए रखे जाने वाले सर्वश्रेष्ठ व्रत का पालन कर रहे हैं तो उसे सम्पूर्ण करने का उद्यापन भी उनके जाग्रत अवस्था में ही करें, जिससे ईश्वर आपको सर्वश्रेष्ठ फल प्रदान कर के मुक्ति प्रदान करें और मुक्ति मिलने तक का आपका शेष जीवन  सुख-समृद्धि से परिपूर्ण रहे। 

एकादशी उद्यापन के नियम के विषय में विस्तार से आपको फिर कभी जानकारी देंगे।

तब तक के लिए आप सभी अपने घरों में मंगल कार्यों को सम्पन्न करें, श्रीहरि विष्णु जी की कृपा हम सब पर सदैव बनी रहे 🙏🏻🙏🏻