Monday, 15 November 2021

Superstition : क्यों रोते हैं कुत्ते रात में

आज से एक और segment start कर रहे हैं। क्या जो मान्यता बहुत दिनों से चलती आ रही हैैं, उसके पीछे कोई तथ्य है या वो महज अंधविश्वास (superstition) हैं।

एक नया नज़रिया, हर बात को देखने का, उसके पीछे के सत्य को जानने का, यह जानने की वो कहीं myth तो नहीं है। 

तो चलिए आज एक बहुत common topic को देखने और समझने की कोशिश करते हैं....

क्यों रोते हैं कुत्ते रात में 


रात में कुत्ते के रोने के पीछे के बहुत सारे कारण माने जाते हैं, जिसके कारण कुत्ते के रोने से बहुत से लोग डर जाते हैं, वहीं बहुत लोग परेशान हो जाते हैं। जिससे कुत्ते को मारपीट कर भगा दिया जाता है। 

आज आपके इसी भ्रम को दूर करने के लिए इस topic लिख रहे हैं, इससे शायद आप का भ्रम दूर हो जाए और आज के बाद आप कुत्ते के रोने से आतंकित ना हो।

    

किसी के मौत की पूर्व सूचना :

हमारे समाज में प्रचीन काल से ही कई मान्‍यताएं चली आ रही हैं। ये मान्‍यताएं ऐसी हैं, जो सिर्फ मानी जाती हैं। जबकि इनके पीछे की कहानी या तर्क की खोज भी की जाए तो शायद कुछ ना मिले। एक ऐसी ही मान्‍यता है कि कुत्ते का रोना बुरा होता है। यानी कि अपशकुन। कहा जाता है कि कुत्ते का रोना मतलब आने वाले समय में किसी की मौत की पूर्व सूचना। जाहिर है ऐसी बात सुनकर तो कोई भी डर जाए।


ज्‍योतिष कहते हैं ‘आत्‍मा’ का है मामला :

वैसे, ज्योतिषों का यह मानना है कि कुत्ते सबसे ज्यादा तब रोते हैं, जब उनके आसपास कोई आत्मा होती है। यानी कि आत्‍मा जिसे कि normally लोग नहीं देख सकते, उसे देखकर कुत्ते रोने लगते हैं। इस कारण भी लोग अपने आसपास कुत्ते को रोता हुआ देख उसे भगाने लगते हैं।


विज्ञान और विशेषज्ञ मानते हैं यह बात :

मान्‍यताओं और ज्‍यो‍तष‍ियों से आगे अब आते हैं विज्ञान पर। पहली बात तो यह है कि कुत्ते रोते नहीं हैं। वो Howl करते हैं। HOWL एक तरह की प्रक्रिया होती है। जब कुत्ते अपने झुण्ड से अलग हो जाते है तो वो एक-दूसरे से COMMUNICATE करने के लिए HOWL करना शुरू कर देते है। जिससे एक कुत्ते का location दूसरे कुत्ते को पता चल पाए। और उनके HOWL करने के sounds अलग-अलग होते हैैं। जो सिर्फ कुत्ते ही समझ पाते है। असल में रात में ऐसी आवाज निकालकर वह सड़क या इलाके में दूर अपने दूसरे साथियों तक message पहुंचाते हैं। यह साथ‍ियों के लिए यह संदेश भी है कि वो कहां पर हैं। 


दर्द में साथ‍ियों को बुलाने का तरीका :

जाहिर है कुत्ते भी जीव हैं। लिहाजा, उन्‍हें भी चोट लगती है। दर्द होता है। शारीरिक परेशानी होती है। ऐसी स्‍थ‍िति में भी कुत्ते Howl करते हैं। इस तरह वह दूर कहीं अपने साथियों को अपने पास बुलाता है।


अकेलापन महसूस करने पर भी करते हैं Howl :

इंसान की तरह कुत्तों को भी अकेला रहना पसंद नहीं होता है। इसलिए जब कभी वह अकेला महसूस करते हैं तो अपने साथियों को बुलाने के लिए howl करते हैं।


आप को पूरा कारण बता दिया है। अब तक आप को भी समझ आ गया होगा कि जो डरता है, हर कोई उसे ही डरता है। 

तो अब से बेकार की मान्यताओं और ज्योतिषियों के झूठ में फंसे नहीं। 

अब से कुत्ते के Howl से डरें नहीं। हाँ उसके Howl से आप की नींद disturb हो रही है, तो बेशक आप उसे भगा दीजिए पर मारपीट कर नहीं, क्योंकि वो भी एक जीव है।

Sunday, 14 November 2021

Poem : जब हम बच्चे थे

आज बाल दिवस में अपना बचपन याद आ गया, सोचा उसी पर लेखनी चलाई जाए....

जब इसे पढ़िएगा या सुनिएगा तो हर शब्द में डूब जाइएगा, हमें पूरा विश्वास है आप भी अपना बचपन इन चंद लम्हों में पुनः जी लेंगे...

तो चलिए बचपन की गलियों में, उन यादों में जो बहुत मीठी थी... उन दिनों से बढ़कर कोई दौलत नहीं है...


जब हम बच्चे थे



जब हम बच्चे थे,
बड़े अमीर हुआ करते थे।।

पानी में जहाज चलते थे हमारे,
आसमां में भी उड़ा करते थे।
ज़मीं से आसमां तक,
 राज्य किया करते थे।।

जब हम बच्चे थे
बड़े अमीर हुआ करते थे

गुल्लक ही हमारे बैंक होते थे,
100, 200 इकट्ठे हो जाए तो।
हम राजा हो जाया करते थे।।

जब हम बच्चे थे,
बड़े अमीर हुआ करते थे।।

दादी-नानी, बुआ चाची, मौसी मामी,
सारे ही तो हमारे घर हुआ करते थे।
पड़ोसी भी ग़ैर नहीं होते थे।।


जब हम बच्चे थे,
बड़े अमीर हुआ करते थे।।

भूखे होने भर से,
सबके, बस एक एक हिस्से से।
प्लेट भर लिया करते थे।।


जब हम बच्चे थे,
बड़े अमीर हुआ करते थे।।

एक दो के लिए नहीं तरसते थे, 
दोस्तों की पूरी फौज रखते थे।
खेल कूद, मस्ती दिन भर करते थे।।

जब हम बच्चे थे,
बड़े अमीर हुआ करते थे।।

तन्हाई, उदासी तो जानते ही नहीं थे,
दिन भर तितली सा उड़ा करते थे‌।
घर में कैद नहीं रहा करते थे।।

जब हम बच्चे थे,
बड़े अमीर हुआ करते थे।।

जब देखते थे टीवी,
बड़े भी साथ हुआ करते थे।
अकेले बैठ चैनल नहीं बदला करते थे।।

जब हम बच्चे थे,
बड़े अमीर हुआ करते थे।।


जब हम बच्चे थे,
बड़े अमीर हुआ करते थे।।





आप सभी को बालदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 💐 
Happy children's day 🥳🎂🎁🎉🍕🍟🍫🍭🍿🍧🧁

Thursday, 11 November 2021

Article : Bio secure bubble

Bio secure bubble 




आप सभी को पता है कि India T20 World Cup में semi final तक नहीं पहुंच पाई। साथ ही अपने सबसे बड़ी rivalry team Pakistan से भी हार गई। 

यह पहली बार हुआ है जब Pakistan से India इतनी बुरी तरह हारी हो। 

और इस हार का बहुत बड़ा कारण Bio secure bubble को बताया जा रहा है। 

COVID के चलते cricket players की safety के लिए उन्हें Bio secure bubble में रहना पड़ता है। 

पर यह आखिर Bio secure bubble क्या बला है? बहुत दिनों से यही सुन रहे हैं कि players, Bio secure bubble में रह रहे हैं।

तो चलिए आज आपको बता दें कि Bio secure bubble क्या होता है?

Bio secure bubble एक काल्पनिक क्षेत्र है जिसके अंदर रहने वाले लोगों का बाहरी दुनिया के लोगों से किसी भी तरह का संपर्क नहीं होता है। IPL और अन्य cricket match के लिए बनाए गए Bio secure bubble में cricketers के अलावा tournament से जुड़े सभी लोग शामिल थे उन्हें इससे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। 


इस तरह बनाया जाता है Bio secure bubble :

यह खिलाड़ी जिस भी जगह जाते हैं जैसे stadium या hotel, वहां ऐसी जगह चुनी जाती है जहां bubble के बाहर किसी से आसानी से संपर्क न हो सके। 

खिलाड़ी इन चुनी हुई जगह के अलावा कहीं और नहीं जा सकते हैं। किसी भी series के शुरू होने से ख़त्म होने तक कोई भी खिलाड़ी इस bubble से बाहर नहीं जा सकता है। ऐसे में अगर किसी विशेष परिस्थिति में उन्हें बाहर जाने की अनुमति दी जाती है, तो bubble में लौटने से पहले उन्हें 7 दिन quarantine में रहना पड़ता है। उसके बाद corona test होता है और negative होने के बाद ही वह दोबारा से Bio secure bubble में रह सकते है।


BCCI ने Bio secure bubble में बनाए थे सख्त नियम :

बीसीसीआई ने Bio secure bubble को लेकर सख्त नियम भी बनाए थे। किसी भी वजह से अगर कोई भी खिलाड़ी या अन्य सदस्य Bio secure bubble तोड़ता है तो वो code of conduct का दोषी माना जाता है और उस पर कुछ मैचों का प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके साथ ही players की हर एक movement पर नजर रखने के लिए एक GPS tracking device लगाया जाता है। यह device हर एक player को अपनी कलाई पर पहननी होती है।

इससे पता चलता है कि कौन bio secure bubble के अंदर है और कौन बाहर जा रहा है। आपको बता दें कि 2020 के लिए UAE में tracking device और bio secure bubble की निगरानी Restrata नाम की professional company ने की थी।

इतने restrictions में रहने के कारण players, physically and mentally stressed थे, यही हार का कारण रहा।

पर इन players को जल्द ही इस तरह की situation में रहना सीखना होगा, नहीं तो इसी तरह से सारे cups, India की पहुंच से बाहर हो जाएंगे।