Thursday, 2 December 2021

किस्से अनोखी के : अनोखी और बकरी का बच्चा

आज से आप को एक लड़की के किस्से सुनाते हैं, कुछ अलग ही है वो सबसे, नाम भी सबसे अलग "अनोखी"

 किस्से अनोखी के


अनोखी और बकरी का बच्चा




अनोखी बचपन से ही अनोखी थी।

जब सारे बच्चे खेल रहे होते, वो अपनी मां के ईर्द-गिर्द घूमती रहती कि माँ को किसी भी काम को पूरा करने के लिए उसे बुलाना ना पड़े। 

डरती तो वो किसी से नहीं थी, किसी को भी परेशानी में नहीं देख सकती थी ।

उसे अपनी छोड़ पूरी दुनिया की परवाह थी। और जो उसने मन में ठान लिया, उसे करने से उसे स्वयं जगन्नाथ जी भी नहीं रोक सकते थे।

तभी तो उसकी माँ उसे अनोखी बुलाती थी। 

एक दिन की बात थी, अनोखी का जन्म दिन था, उसकी माँ, उसके लिए नयी फ्रॉक लायीं थी। उसे पहन वो अपनी दोस्तों को अपनी birthday के लिए बुलाने के लिए जा रही थी।

थोड़ी देर बाद वो जब वो लौटी, उसकी सारी फ्रॉक पानी और मिट्टी से गंदी थी। माँ ने कहा कि जाकर कपड़े बदल कर आ। पता नहीं क्या कर के आ रही है, अभी तेरी सारी सहेलियां आती होगी।

पर सुबह से शाम हो गई, कोई नहीं आया।

अब माँ परेशान हो गयी कि आखिर कोई आया क्यों नहीं?

उन्होंने अनोखी से पूछा, एक बात बताओ कि ऐसा भी क्या हुआ जो तुम्हारी एक भी सहेली नहीं आयी?

तुमने कितने बजे आने को बोला था?

मैंने कब बोला?

क्या! नहीं बोला? नये कपड़े पहन कर सबको बोलने ही तो गई थी। अरे हाँ, लौटते समय तेरे कपड़े भी गीले और गन्दे थे। क्या कर के आई थी।

अरे माँ, गयी तो बुलाने ही थी। तभी देखा, कुछ लड़के एक बकरी के बच्चे को परेशान कर रहे थे तो वो गड्ढे में गिर गया था। 

तो उसी को निकालने में लगी थी तो सारे कपड़े गीले और गन्दे हो गये थे।

फिर मैं गई थी, रेखा के घर। पर वो मेरे गीले और गन्दे कपड़े देखकर पास ही नहीं आ रही थी। इसलिए मैंने उसे कुछ नहीं बोला।

और बाकी का क्या हुआ?

बाकी के घर तो गई ही नहीं, किसी को भी आने को बोलती, तो सबको लगता गन्दे कपड़े के साथ में आयी हूँ।

तो सिर्फ़ सबको बेवकूफ बना रही हूँ, birthday नहीं है।

तो मुझसे इतना खाना क्यों बनवाया?

वो बकरी और उसके चारों बच्चों को खाना दे सकूं, इसलिए। मेरी अच्छी माँ दे दोगी ना, उनके लिए?

ले जा, तुझे जिसके संग अपनी birthday मनानी है मना। मुझे क्या।

अनोखी ने प्यार से माँ को गले लगाया और खुशी-खुशी बकरी की ओर चल दी।

हे भगवान, क्या अनोखी लड़की है, अपने सबसे बड़े दिन का सत्यानाश कर दिया। फिर भी खुश है। पर मन ही मन माँ अपनी अनोखी के कोमल ह्रदय से खुश भी थी।

चलिए अगला किस्सा, अगली बार...

Wednesday, 1 December 2021

Short Story : दोष

दोष 




शीतल बहुत सुन्दर और चंचल थी। हर कोई उसे ही निहारा करता था।

इस बात से शीतल भी इतराती फिरती। एक दिन शीतल की माँ उसे कपड़े बदला रही थी कि उनका ध्यान गया कि शीतल की पीठ में सफ़ेद दाग था।

उसको देखकर माँ बहुत घबरा गईं, उन्होंने शीतल के पिता को बताया कि शीतल में ना जाने क्या दोष है कि उसके पीठ पर सफ़ेद धब्बा है, तो वह भी घबरा गये।

वो लोग उसे लेकर वैध के पास गये। वैध बोले चिंता ना करो, यह कोई दोष नहीं है, मैं इसे ठीक कर दूंगा। 

शीतल के पिता ने जाते समय वैध जी से कहा कि, आप ही हैं जो समझते हैं कि यह एक विकार है, कोई दोष नहीं।

पर इस बारे में अन्य यही जानते हैं कि यह दोष है, अतः इस बारे में किसी को नहीं बताएं, अन्यथा गांव में बेटी का तमाशा बन जाएगा।

वैध ने स्वीकृति दे दी।

वैध की लड़की त्रिशाला, शीतल के बराबर की थी, वो शीतल के इतराने से बहुत चिढ़ती थी।

जब उसने देखा कि शीतल के माता-पिता दवाई बनवाने के लिए आए हैं तो, उनके जाने के बाद त्रिशाला ने पिता जी से पूछा, पिता जी यह लोग क्यों आए थे?

वैध जी बोले कि यह लोग शीतल को और सुन्दर बनवाने की दवा बनवाने आए थे।

त्रिशाला यह सुनकर अंदर ही अंदर जल-भुन गई, वह मन में चाल बनाने लगी कि कैसे शीतल को सबक सिखाया जाए।

वैध जी की जब पूरी दवा तैयार हो गई तो त्रिशाला ने पिता को भोजन करने के लिए बुला लिया।

जब वह भोजन कर रहे थे तो उसने शीतल की दवा में चंद जड़ी-बूटी और मिला दी।

वैध जी ने वही दवा शीतल के पिता को दे दी।

फिर वही हुआ, जैसा त्रिशाला ने सोचा था, दवा ने अपना‌ असर दिखाना शुरू कर दिया। शीतल के शरीर में सफ़ेद धब्बे और बढ़ने लगे। अब धब्बे हाथ और पैरों में भी हो गये थे।

शीतल ने पूरे वस्त्र पहनने आरंभ कर दिया, जिससे किसी को उसके हाथ-पैर ना दिखे और किसी को उसके दोष का पता नहीं चल सके...

दवाई तुरंत रोक दी। वैध जी से इसका कारण पूछा गया, पर वो कुछ पुख्ता कारण नहीं बता पाए। 

वो खुद हैरान थे कि आखिर दोष कहाँ हो गया? जो उनकी दवा ग़लत असर दिखा रही है, आखिर माजरा क्या है? 

और उन्होंने इसी सदमे में पहले वैध का कार्य छोड़ दिया, फिर दुनिया भी। 

त्रिशाला को अपने दोष पर बहुत ग्लानि हुई, पर उसने कभी किसी को सत्य नहीं बताया।

त्रिशाला दुनिया में अकेली रह गई, माँ तो पहले ही नहीं थीं, पिता भी उसका विवाह किए बिना ही इस दुनिया से चले गए। 

उधर शीतल का विवाह बहुत धनाढ्य परिवार के एकलौते पुत्र वरुण से हुआ। ससुराल में किसी को भी नहीं पता था कि शीतल के सफ़ेद धब्बे हैं।

वरुण को एक दिन में ही शीतल की हकीकत पता चल गई, पर उसने घर में किसी को नहीं बताया, पर शीतल से दूरी बना ली।

किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर चांद सी शीतल में दोष क्या है? जो पहली रात से ही वरुण उससे दूर हो गया। 

शीतल दुःखी थी, जिस रूप पर वो इतराती फिरती थी, आज वो रुप भी उसका दोष ना छिपा पाया! या शायद इतराना ही उसका...

Tuesday, 30 November 2021

Article : Corona Omicron

Corona Omicron




जब से corona virus आया है, 20 March से जिंदगी रुकी-रुकी सी चल रही है। एक variant ख़त्म होता है, जिंदगी समान्य भी नहीं हो पाती है कि दूसरा नया variant आ जाता है।

बार-बार lockdown।

इसने ना जाने कितने लोगों से उनके अपने को छीन लिया, कितनों की जिंदगी तबाह हो गई।

जब vaccination आई तो लोगों ने चैन की सांस ली कि चलो अब तो जिंदगी फिर से जी उठेगी।

पर अभी कुछ दिन ही चैन से व्यतीत हुए थे, ज़िन्दगी फिर से पटरी पर आ रही थी कि corona का new variant, omicron आ गया है।

कोरोना वायरस के इस नए variant Omicron ने पूरी दुनिया में एक बार फिर भूचाल ला दिया है। 

South Africa के doctors ने इलाज के दौरान जो कुछ समझा वो काफी डराने वाला है। Doctors का कहना है कि इस New variant को हल्के में बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। ये delta variant से बिल्कुल अलग है और उससे ज्यादा खतरनाक भी है। विश्व के तमाम देशों ने new variant के कारण travel ban कर दिए हैं और भारत ने भी new guidelines जारी कर दी हैं। 

चलिए जान लेते हैं कि अब तक doctors  ने omicron के क्या symptoms बताए हैं- 

Omicron से पीड़ित patients को बहुत अधिक थकान, सिर और शरीर में दर्द और कभी-कभी गले में खराश और खांसी की problem हो रही है। 

जबकि delta संक्रमण में down pulse rate कारण बना था जिसके परिणामस्वरूप low oxygen levels, सांस फूलना, smell और taste का नहीं आना शामिल था।

Omicron से बचने के लिए...

Government ने जो guidelines जारी की है, उसे ठीक से follow किया जाए।

Travel ban को strictly follow किया जाए।

साथ ही हमें भी जो corona related guidelines दी गई हैं,  जैसे social distancing, hand sanitization and wearing Mask, etc. हम उनको strictly follow करें, जिससे हमारा कोई भी हम से दूर ना हो।

सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें...