Friday, 14 April 2023

Article : Dr. Bhimrao Ambedkar ( एक गहरी सोच)

 Dr. Bhimrao Ambedkar (एक गहरी सोच)


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डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर, एक ऐसा सशक्त नाम जो भारत के संविधान का निर्माता है, जबकि वो निम्न जाति के थे।

तो फिर यह कैसे संभव हो सका? 

उनकी कुशाग्रबुद्धि, धैर्य और गहरी सोच से...

बात उस दौर की है, जब भारत, जात-पात के भंवर में फंसा हुआ था। जब ऊंच-नीच, छूत-अछूत का बोलाबाला था। 

उसी समय भीमराव अम्बेडकर भी अपना कठिनाईयों भरा जीवन व्यतीत कर रहे थे। क्योंकि उनका जन्म महार जाति में हुआ था, जो कि एक नीच जाति के अंतर्गत आती थी।

भीमराव को भी उन वेदनाओं को झेलना पड़ रहा था, जो उस समय निम्न जाति के लोगों को झेलनी पड़ती थी। पर भीमराव, भीड़ से अलग थे।

वो बहुत ही कुशाग्र बुद्धि के धैर्यवान व्यक्ति थे। उन्होंने देखा कि जो गरीब है, अनपढ़ है, नीच जाति का है, वो कमजोर है, उसकी कोई नहीं सुनता है।

उनका परिवार भी ऐसा ही था। भीमराव ने सोचा, ऐसा क्या किया जाए कि उनकी आवाज़ सशक्त हो जाए, उसे लोग सुनें। उस समय उन्हें ज्ञान से सशक्त कोई और हथियार नहीं दिखा।

बस फिर क्या था, उन्होंने अपना तन, मन और धन, सब विद्यार्जन में लगाना प्रारंभ कर दिया, जिसमें उन्हें बहुत सी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा, पर वो जुटे रहे।

पढ़ाई-लिखाई के साथ धनोपार्जन करते और उसे अपनी पढ़ाई में लगा देते।

उनका ध्येय, सिर्फ अपना विकास नहीं था, वो समस्त निम्न जाति का उद्धार करने के इच्छुक थे। वो जानते थे कि हर निम्न जाति का व्यक्ति, अपनी लड़ाई स्वयं नहीं लड़ पाएगा।

उन दिनों विदेश में जाकर वकालत पढ़कर आना, और भारत में आकर मजबूत पकड़ बनाने का दौर था, अतः भीमराव ने भी विदेश जाकर वकालत की पढ़ाई की।

जब वह लौटे तो उन्होंने देखा, गांधी जी ने अछूतों का नया नाम हरिजन कर दिया है और उनके सहयोग से भारत में अच्छी खासी पैठ बना ली है।

भीमराव ने तो वकालत पढ़ी ही इसलिए थी, कि हर निम्न जाति के व्यक्ति को इस तरह से ऊपर उठाएं कि सदियां बीत जाए, पर उन्हें अपनी जगह से कोई हिला ना पाए। इस के लिए उन्हें गांधी जी जुड़ना हितकर लगा।

उनकी लड़ाई, देश को आजाद कराने की नहीं थी, इसलिए वो स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लेते थे, क्योंकि उनका लक्ष्य तो अलग ही था।

साथ ही स्वतंत्रता सेनानी ना होने के कारण वो अंग्रेजों के विरोधी नहीं थे। अतः भारत के स्वतंत्र होने पर जब संविधान निमार्ण कार्य की शुरुआत हुई, तो अन्य वकील नेताओं के साथ उनका नाम भी शामिल हो गया।

बस भीम राव इसी अवसर की तलाश में थे। उनके वकालत के अच्छे ज्ञान, कुशाग्र बुद्धि और समय अनुकुलता ने उन्हें, अपने सपने साकार करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया था।

उन्होंने संविधान निमार्ण में, ऐसे ऐसे एक्ट और धाराओं का निर्माण किया कि निम्न जाति को समाज में उच्च अधिकार प्राप्त होने लगे।

पर बात को सिर्फ एक्ट और धाराओं तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि reservation का प्रावधान भी बना दिया, जिससे कम क्षमताओं वालों को भी उच्च स्थान प्राप्त हो सके।

उनकी जो सोच थी कि केवल अपने उद्धार से केवल एक निम्न जाति के व्यक्ति का विकास होगा, पर विकास ऐसा होना चाहिए कि सदियां गुजर जाए, पर निम्न को कोई अपनी जगह से हिला ना सके। उसमें वो पूर्णतः सफल सिद्ध हुए। 

सदियां गुजर गई पर आज भी reservation यथावत जारी है, दूर दूर तक कहीं कोई नहीं है, जो इसे चुनौती दे सके। 

जबकि आज reservation की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अब छूआछूत का बोलबाला पूर्णतः समाप्त हो चुका है, बल्कि देखा जाए तो, यह कहीं ना कहीं देश को खोखला कर के विनाश की ओर ले जा रहा है।

आज बाबा भीमराव अम्बेडकर जीवित होते तो वह अवश्य देश के विकास के लिए, reservation को खत्म कर देते। क्योंकि जहां उनका यह अछूतोद्धार का कार्य पूर्ण हो चुका है वहीं दूसरी ओर उससे भी बड़ा सपना देश विकास का था। भारत के सशक्तिकरण का था, उसे पूर्ण करना अभी बाकी है

क्या, कहीं है कोई, उनके सबसे बड़े सपने को साकार करने वाला?...

देश से reservation को ख़त्म कर, देश को खोखला होने से बचाने वाला या बाबा साहेब को एक और जन्म लेना होगा, देश को सशक्त करने के लिए...

क्योंकि देश को सशक्त वही कर सकते हैं, जिनका सपना, सिर्फ अपने विकास तक सीमित ना हो, जिनकी सोच गहरी हो, जिन्हें सम्पूर्ण जाति, सम्पूर्ण देश को सशक्त करना हो 

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Thursday, 13 April 2023

Article: बजते 36 alarm

बजते 36 alarm 



हम पापा-मम्मी के सुबह उठने के पहले से alarm बजना शुरू हो जाता है‌ और उसके बाद बस बजता ही जाता है। एक, एक के बाद दूसरा, फिर तीसरा, चौथा... ना जाने कितने...

पूरा घर उठ जाता है, नहीं उठता है तो बस वो, जिसने alarm लगाया है... माने हमारे लाडले... 

यही है ना, आज कल के youngsters का morning schedule... 

पर क्यों? यह नहीं समझ आता है.. 

वो बोलेंगे, हम देर रात तक पढ़ते हैं।

हम भी देर रात तक ही पढ़ते थे। पर सुबह उठने के लिए एक भी alarm नहीं लगाते थे।

हम क्या, हमारे घर में ना पापा जी, ना मम्मी, ना हम चारों भाई-बहनों में से कोई भी alarm लगाता था पर सब समय से ही उठ जाते थे।

शादी करके आए तो, पतिदेव alarm लगाते थे, तो हम ने उनसे पूछा, alarm क्यों!

तो उन्होंने जवाब दिया कि एक बार alarm लगा दो, फिर चैन से सो.. बार-बार यह नहीं देखना होता है कि उठने का समय हुआ या नहीं और ना ही यह डर रहता है कि यदि नींद सही समय से नहीं खुली, तो क्या होगा... 

उनकी बातें कुछ हद तक समझ आ गई कि चलो निश्चिंत होने के लिए और भरपूर नींद लेने के लिए एक बार alarm लगाया जा सकता है..

पर आज कल के यह 36 alarm क्यों?

जब पहली बार alarm बजेगा, तो वो आप की नींद को disturb कर देगा, और फिर वो हर थोड़ी देर में बजकर आप को सोने भी नहीं देगा। 

और अगर आप को सोने नहीं देगा तो आप सोने की असफल कोशिश क्यों कर रहे हैं? उठ जाइए...

आप बोलेंगे कि नहीं पहला alarm जब बजा था, तब नहीं उठना था, बल्कि तब उठना था, जब last alarm बजा था...

अरे भाई तो ठीक से सो ही लेते, और जिस समय का आखिरी alarm लगाया था, उसी समय पर पहला alarm लगाया होता, कम से कम चैन से नींद तो आती..

अगर हमें उठने के लिए ही छत्तीसों alarm चाहिए तो, दिन भर की दिनचर्या के लिए, कितने चाहिए होंगे? 

इतने alarm लगा कर आप अपनी और अपने परिवार के सभी लोगों की नींद ही disturb कर रहे हैं बस...

चलिए सोचते हैं कि एक alarm और वो भी सही समय पर लगाएंगे तो क्या होगा...

अगर आप सही समय पर और सिर्फ एक ही alarm लगाएंगे तो आप की नींद पूरी होगी।

नींद पूरी होगी तो आप और आपका mind दोनों ही ज्यादा active रहेंगे।

जितने ज्यादा आप active रहेंगे, आप अपने काम उतने ही अच्छे से कर पाएंगे।

जितने अच्छे से आप काम करेंगे, उतना ही ज्यादा आप सफल होंगे। 

साथ ही नींद पूरी होने से आप fresh उठेंगे, तो आप के अंदर सुकून होगा, चिड़चिड़ापन नहीं..

और अगर आपके अंदर सुकून होगा तो आप कम समय में ही अधिक और सटीक काम कर सकेंगे.. 

अधिक काम कम समय में वो भी सटीक.. यही तो है सफलता की key..

तो आपको समझ आया कि अगर आप एक alarm और वो भी सही समय पर लगाएंगे तो क्या होगा?..

36 alarm, एक बात और दर्शाता है कि आप की अपनी life, अपने future को लेकर जो भी planning है, वो भी सशक्त नहींं है। 

एक बार सोचिएगा जरुर, और कर के भी देखिएगा, आप को खुद महसूस होगा कि एक अलार्म और वो भी सही समय पर लगाने से जिंदगी ज्यादा सफल और सुकून से भरी हुई होती है, ना कि 36 alarm बजाने से...

Be Active,  Be Happy...

Tuesday, 11 April 2023

Recipe : Tacos Indiana

HOSTEL, PG Special

 इस segment की Mug cake, recipe को बहुत पसंद करने के बाद, आज आप के लिए इस segment की एक और dish, share कर रहे हैं।

जो आप सभी के लिए बहुत useful है। इस dish की एक खासियत और है कि इसका flavour filling के according change हो जाएगा। 

इसमें एक twist भी है, इसकी filling क्या होगी, यह आप नहीं बल्कि आपका hostel या PG decide करेगा...

चलिए और पहेली नहीं बुझाते हैं, इस dish का नाम है Tacos Indiana.

यह बहुत आसानी से आपके hostel or pg में बन जाएगी...

Tacos Indiana 




Ingredients :

  • Roti or Paratha - 1
  • Sauce - 2 teaspoon 
  • Butter - 2 teaspoon
  • Onion capcicum - 1 teaspoon (Finely chopped)
  • Cheese - 1 tablespoon
  • Veggies - 2 teaspoon


Method :

आप के पास, रोटी या पराठा जो कुछ भी है, उसे चौतरफा ऐसे fold कर लीजिए कि triangular shape बन जाए। 


इस तरह से आप को रोटी की four layer मिल जाएगी। 



एक layer में cut लगा लेंगे, जिससे जब हम filling लगाएं तो easily fold कर सकें।



अब हम हर ¼ layer पर कुछ ना कुछ ingredients रखते जाएंगे और fold करते जाएंगे। 


सबसे पहले ¼ पर sauce spread करें, उस पर आप के hostel or pg में जो भी सब्जी बनी हो, उसे spread करके layer को fold कर दीजिए।‌

Next layer पर butter spread कर दीजिए फिर उस पर onion, capsicum mix spread करके layer को fold कर दीजिए।

Last layer पर cheese लगा कर fold कर दीजिए।

यह तो रही Tacos Indiana की preparation..

अब अगर आप के पास microwave है तो इसे कांच की plate पर रखकर 2 minutes के लिए grill कर लीजिए।

अगर, आप के पास induction plate है तो taccos Indiana की बाहर की दोनों layers पर butter लगा कर तवे पर दोनों तरफ से कुरकुरा होने तक सेक लें।

पर अगर आप के पास, कोई भी cooking equipment नहीं है तो आप के पास iron तो होगी ही? तो बस हम इसी press से tacos Indiana बनाएंगे।

उसके लिए हमें एक aluminium foil भी चाहिए। 

Tacos Indiana के बाहर की तरफ की दोनों layer पर butter लगाकर उसे aluminium foil में लपेट दीजिए।

अब इस tacos Indiana को दोनो तरफ से iron कर लीजिए। 

Now crispy, juicy, crunchy tacos Indiana is ready to have...

चलिए कुछ tips and tricks भी साझा कर देते हैं for perfect tacos Indiana...


Tips and Tricks :

आप hostel or pg में जो सब्जी बनी हो, उसी की filling बनानी है, तो अगर सब्जी gravy है तो उसमें से gravy हटा कर सब्जी लेनी है। सूखी सब्जी आप ऐसे ही use कर सकते हैं। 

अगर आप चाहें तो सब्जी को हल्के हाथों से पानी डालकर wash भी कर सकते हैं। इससे सब्जी के मसाले थोड़े हट जाएंगे और tacos का more snacky taste होगा।

आप इसकी filling के लिए Veg, nonveg कोई भी सब्जी use कर सकते हैं जो भी hostel or pg में बनी हो।

अगर आप के पास onion capsicum mix नहीं है तो आप जो भी salad, आप के पास available हो, आप उसे use कर सकते हैं। 

अगर आप के पास mayonnaise है तो आप, butter or cheese को इससे replace भी कर सकते हैं। 

आप tacos Indiana बन जाने के बाद उसके ऊपरी तरफ, chips, mixture आदि को fill कर सकते हैं, इससे यह और ज्यादा crunchy हो जाएगा। 

आप sauce का flavour, अपने taste के according रख सकते हैं, जैसे tomato, hot and sweet tomato chilli, Schezwan etc.

आप चाहें तो, दो अलग-अलग तरह की sauce भी use कर सकते हैं। 

आप चाहें तो sauces की जगह, अचार भी लगा सकते हैं, उससे भी बहुत बढ़िया flavour आता है।

Basically आप के hostel or pg की बनी सब्जी रोटी ही है, बस combination and process से taste में चार चांद लग जाते हैं और बहुत yummy tasty tacos Indiana बन जाता है।

तो बस, जब bore हो जाएं, hostel or pg का खाना खाकर, तो tacos Indiana बना लीजिए...

अगर आप को ऐसी ही और recipes चाहिए तो जुड़े रहें, Shades of Life से 

और हाँ comments जरुर से कीजिए, जिससे हम ऐसे ही और tasty recipes share करें, साथ ही अगर आप को कोई specific recipe चाहिए तो वो भी comment box में डाल दीजिए, जिससे हम उसे भी डाल दें...