Tuesday, 22 March 2022

Story of Life : गलती किसकी (भाग-2)??

 गलती किसकी (भाग-1) के आगे...

गलती किसकी (भाग-2)??


इस घटना को बीते हुए एक महीना हो चुका था। शिवांगी ने तेज़ कदमों से बढ़ते हुए एक auto rickshaw को रोका और अपने office की तरफ चलने को कहा।

 Auto कुछ देर तक तो सही direction में चलता रहा फिर, उसने अपने direction को change किया और शहर से सुनसान रास्ते की ओर जाने लगा। 

शिवांगी अपने mobile और net की दुनिया में खोई हुई थी और उसने उस ओर ध्यान नहीं दिया। जब auto रुका तो वह एक खंडहर हवेली के आगे रुका हुआ था।

 शिवांगी बोली, “भैया, ये आप मुझे कहाँ ले आए? मैंने तुम से office चलने को कहा था।” 

तभी एक करकशी आवाज़ के साथ auto driver ने शिवांगी से कहा, “चलो उतरो।” और शिवांगी का हाथ पकड़ कर उसे auto से नीचे उतार दिया। 

शिवांगी बोली, “ये क्या बदतमीज़ी है?” तभी शिवांगी ने auto driver को ध्यान से देखा,  बिखरे बाल, बढ़ी हुई दाढ़ी व फटी पुरानी सी shirt देखकर, वो कुछ देर तक उसे देखने बाद बोली, “तुम!”

Auto driver ने कहा, “हाँ, मैं।” और शिवांगी को हवेली के अंदर ले गया। शिवांगी को ले जाकर, उसने कुर्सी पर बैठा कर बांध दिया। सामने table पर एक laptop रखा था।

शिवांगी गिड़-गिड़ा रही थी और बोल रही थी “मुझे छोड़ दो, मुझे जाने दो, मेरे साथ कुछ गलत मत करो।” 

“क्यों? तुम तो आज की नारी हो न। तुम्हें किसका डर?” 

“नहीं रोहित, मुझे छोड़ दो। Sorry, मुझे जाने दो।”

“रोहित? तुम्हें मैं याद हूँ आज तक? 

 तुमने मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी। मैं बचपन से ही बहुत सीधा-साधा, होनहार लड़का था। मेरी बहुत अच्छी नौकरी थी। मेरे सारे परिवार वाले मुझ से बहुत खुश थे। चंद दिनों में मेरी शादी होने वाली थी। 

पर तुम्हारे उस interview ने मुझे आवारा सिद्ध कर के मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी। 

आज ना मेरे पास नौकरी है, ना प्यार, ना दोस्त, ना परिवार। मेरा सब कुछ मुझ से छिन गया है। आज मैं बेहद तन्हा और अकेला हूँ। यहाँ तक कि क्यों जी रहा हूँ, वो भी मुझे नहीं पता? और ये सब तुम्हारे कारण हुआ है।

तुम अच्छे से जानती हो की उस दिन गलती किसकी थी?

रोहित ने अपनी जिंदगी बर्बाद करने के लिए, शिवांगी को क्या सज़ा दी या उसे छोड़ दिया? जानने के लिए पढ़ें, अंतिम भाग,

 गलती किसकी (भाग-3) में...

Monday, 21 March 2022

Story of Life : गलती किसकी?

गलती किसकी?



आज bus खचा-खच भरी हुई थी। तिल रखने तक की जगह नहीं बची थी। 

रोहित अपनी seat पर बैठा हुआ था और उसके बगल में एक वृद्ध महिला बैठी थी।

तभी झटके से bus एक bus stop पर रुकी और कुछ लोग और bus में चढ़ गए, उनमें तेज़-तर्रार शिवांगी भी थी।

 वह रोहित के बगल में ही आकर खड़ी हो ई। उसको रोहित का seat पर बैठे रहना बिल्कुल नहीं सुहा रहा था। वह सोच रही थी की ऐसा क्या किया जाए की रोहित की seat उसको मिल जाये।

तभी bus आगे जा रहे scooter को बचाने के कारण कसकर डगमगा गईBus के डगमगाने से रोहित का हाथ शिवांगी के कमर से टकरा गया। 

शिवांगी बहुत खुश हो गई क्योंकि वह जिस मौके के तलाश में थी वह उसे मिल गया।

शिवांगी रोहित पर ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी और कहने लगी “तुम जैसे आवारा लड़के तो बस लड़कियों को छेड़ने को आतुर रहते हैं।

तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी कमर को छूने की!”?

रोहित सकपका गया और बोला “मैंने तुम्हारी कमर को जानबूझ कर नहीं छुआ है। बस के डगमगाने के कारण मेरा हाथ, तुम्हारी कमर से लग गया था। 

I am sorry, मेरी ऐसी कोई intention नहीं थी। 

पर शिवांगी के ऊपर sorry का कोई प्रभाव नहीं पड़ा बल्कि वह और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी, “तुम मुझे बेवकूफ समझते हो? मैं बहुत अच्छे से जानती हूँ तुम जैसे लड़कों की फ़ितरत को।

तुम ने ऐसा क्या सोचकर किया था? लड़की हूँ, डर जाऊँगी? मैं आज की लड़की हूँ जो डरती नहीं है, लड़ती है। 

और यह कह कर उसने रोहित को shirt के collar से पकड़ लिया और कहा, “उठ जाओ यहाँ से, तुम्हें यहाँ बैठने का कोई अधिकार नहीं है।

रोहित ने अपने collar को छुड़ाते हुए शिवांगी को धक्का दिया और कहा, “जब मैं गलत नहीं हूँ तो मैं क्यों उठूँ?” 

पर तब तक बस मे मौजूद सभी ने शिवांगी का साथ देना शुरू कर दिया था और रोहित के bus stop आने से पहले ही उसे जबरन bus से उतार दिया गया और शिवांगी, रोहित की seat पर बैठ गयी। 

वह मन ही मन अपनी कुटिलता पर मुस्कुरा रही थी और bus में मौजूद सभी लोग उसके साहस की तारीफ़ कर रहे थे। 

वहीं रोहित अपमान का घूंट पी कर अपने apartment की तरफ पैदल ही चला पड़ा।

घर पहुँचते-पहुँचते, वह अपमान, झगड़े और थकान से बहुत दुखी हो चुका था, अपने कमरे में पहुँचते ही बिस्तर पर लेटते ही तुरंत सो गया।

रात के करीब 8-9 बजे उसके दोस्त रितेश का phone आया। रोहित के phone उठाते ही वह बोला, “अरे बेवकूफ! तूने यह कौन सा बड़ा कांड कर डाला?” 

रोहित ने आश्चर्य से भरकर कहा “कांड?”  

रितेश बोला, “हाँ कांड! 

TV on कर के देख की क्या news आ रही है। हर जगह पर तू ही तू छाया हुआ है। 

रोहित ने आनन-फानन में TV खोला, उसने news में देखा की शिवांगी का interview चल रहा था जिसमें शिवांगी से पूछा जा रहा था, “आज जो bus में घटना हुई उसके बारे में आपके क्या विचार हैं?”  

शिवांगी ने कहा, “मैं आज की लड़की हूँ, मैं न ही डरती हूँ और न ही झुकती हूँ, मुझे किसी के सहारे की कोई ज़रूरत नहीं है, साथ ही मैं अपनी लड़ाई खुद लड़ सकती हूँ और bus में आज मैंने वही किया। 

News anchor ने शिवांगी की बहुत सराहना की और कहा, “आज की नारी को आपके जैसे ही सशक्त होना चाहिए तभी वह अपना अस्तित्व बना पाएगी और सफलताओं को प्राप्त करेगी। 

रोहित, शिवांगी का interview देखकर बौखला गया। उसे समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे। तभी उसे एक के बाद एक phone आने लगे।

शिवांगी के interview का रोहित पर क्या असर पड़ेगा, जानने के लिए पढ़ें...

गलती किसकी (भाग- 2) में...

Friday, 18 March 2022

Poem: वो बचपन वाली होली

आज बच्चों को रंग खेलते हुए देख, मन में बरबस ही अपने बचपन की याद आ गयी। तो सोचा आज उसी पर कलम चलाई जाए। शायद हमारे साथ आप भी बचपन के रंग में रंग जाएं और मीठी-मीठी सी यादों में खो जाएं।

तो आइए चलें, उस सुनहरी, दुपहरी सी होली में...


वो बचपन वाली होली


देख बच्चों में होली का उमंग,
याद आ गये अपने बचपन के रंग।
जब हम भी पिचकारी ले घूमते थे,
सारा दिन मस्ती में झूमते थे।।

हफ्तों पहले से माँ के संग,
चिप्स और पापड़ बनवाते।
मजाल है कि एक भी,
कौआ, गिलहरी वहाँ फटक पाते।।

फिर दौर चलता,
गुझिया और मठरी बनने का।
माँ और चाची के हाथों के,
स्वाद के घुलने का।।

दही बड़े और मालपुआ की,
बारी जो आती।
प्लेट की प्लेट,
साफ हो जातीं।।

होली के दिन हम,
ना होते अकेले।
चंद कदमों में बन जाते,
दोस्तों के मेले।।

जब रंगों से सराबोर होते थे हम,
तो केवल नहीं तन,
बल्कि स्नेह और सौहार्द्र से,
रंग जाते थे मन।।
 
होली मिलन में घर-घर जाना,
प्रेम के रंग में रंग जाना।
याद है वो बचपन की होली,
भुलाए नहीं भूलता वो जमाना।। 

आप सभी को रंगोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ 💐

हम सभी की जिंदगी, सफलता के रंग में रंगी रहे, प्रेम के संग में बनी रहे, सुख, समृद्धि और प्रसन्नता की जीवन में बौछार होती रहे, स्वस्थ व चिरायु का रहे मेल, जिंदगी में अपनों के साथ की मिठास बनी रहे।।

ईश्वरीय कृपा सब पर बनी रहे 🙏🏻💐