Sunday, 21 June 2026

Poem : पिता और योग

आज जिंदगी को सम्पूर्णता प्रदान करने वाले दो दिवस एक साथ हैं, पिता दिवस (International Father's Day) और योग दिवस (International Yoga Day), और दोनों के बिना सुखद जीवन असंभव है।

आज दोनों को एक कविता में पिरोकर प्रस्तुत किया है, आशा है पसंद आएगी। तो चलिए, इसका आनन्द लेते हैं…

पिता और योग 


जब माँ से पिता का,

होता है योग।

सृष्टि में जीवन का,

तभी बनता संयोग।।


पिता की मेहनत के योग से, 

जीवन सुखद हो जाता है।

पिता का साया न हो,

वो घर कहां भाता है?


पिता के अनुभव के योग से,

सफलता कदम चूमती है।

उनके आने की आहट से,

परिवार में खुशियां झूमती है।। 


जैसे स्वस्थ शरीर के लिए,

योग होता है ज़रूरी।

वैसे ही पिता का साथ,

जिंदगी करता है पूरी।।


इसलिए प्रतिदिन जीवन में, 

तुम योग का धरो ध्यान। 

सुखद जिंदगी पाने के लिए, 

पिता को दो पूर्ण सम्मान।। 


आज बच्चों द्वारा बनाए गए card के साथ ही कविता को प्रस्तुत किया है।

Saturday, 20 June 2026

India's Heritage : जामुन की बहार, वर्षा कम इस बार

आज India's Heritage segment में एक ऐसी बात share कर रहे हैं, जिसे पढ़कर शायद आप को लगे कि यह India's Heritage कैसे है।

तो पहले उसे ही clear करते हैं, कि पहले जमाने में लोग पढ़े-लिखे उतने नहीं होते थे जैसे आज हैं।

पर उनके अनुभव का ज्ञान इतना अधिक था, जिससे वो बिना पढ़े-लिखे ही आज से अधिक सक्षम थे, अपने सभी कार्यों को सुचारू रूप से करने में।

वैसे यह ज्ञान आज भी बड़े-बूढ़े और ग्रामीण इलाकों में लोगों के पास मौजूद है।

तो उसी अनुभव का सार है, आज की यह India's Heritage segment की post…

जामुन की बहार, वर्षा कम इस बार


“जामुन ज़्यादा तो बारिश कम”, यह एक लोकप्रिय पारंपरिक कहावत है जो बताती है कि यदि जामुन का bumper उत्पादन हो, तो यह उस क्षेत्र में सूखे या कम बारिश का संकेत हो सकता है।

दरअसल प्रकृति में कुछ जीव ऐसे हैं, जिन्हें मौसम का पूर्वानुमान हो जाता है, जैसे चातक, पपीहा और मोर।

ऐसे ही वनस्पतियों में जामुन के वृक्ष को भी मौसम का पूर्वानुमान हो जाता है।

बारिश से पहले ही जामुन की भरमार, जानकार लोगों में इस बात से मौसम को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।

इस पारंपरिक मान्यता और इसके वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में आइए अधिक जानते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टि से इस मान्यता को निम्नलिखित रूप में समझा जा सकता है।

  • Stress Fruiting- Botany में इसे कभी-कभी “Masting” या तनाव फलना कहा जाता है। 
  • Survival Instinct- जब पेड़ों को जमीन के नीचे नमी या पानी की कमी महसूस होती है, तो वे खतरे को भांप लेते है। अपनी species को बचाए रखने के लिए पेड़ अपनी सारी energy अधिक से अधिक फल (जैसे जामुन) पैदा करने में लगा देते है।
  • Direct Connection- इसलिए, बहुत ज्यादा जामुन का आना वास्तव में आने वाले मौसम में पानी की कमी या सूखे की ओर इशारा कर सकता है।

जामुन के वृक्ष का ऐसा इशारा चिन्ता का विषय है…

Friday, 19 June 2026

Article : आगमन Monsoon का

हमारा भारत देश ऋतुओं के लिहाज से बहुत धनी देश है, जहां एक-दो नहीं, बल्कि भारतीय पंचांग के अनुसार छह ऋतुएँ होती हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर Indian Meteorological Department (IMD) द्वारा चार मुख्य मौसमों को मान्यता दी गई है।

भारतीय पंचांग और पारंपरिक वर्गीकरण के अनुसार छः ऋतुओं का विवरण इस प्रकार है-

  • Spring: Mid-February to Mid-April
  • Summer: Mid-April to Mid-June
  • Monsoon: Mid-June to Mid-August
  • Autumn: Mid-August to Mid-October
  • Pre-Winter: Mid-October to Mid-December
  • Winter: Mid-December to Mid-February

वहीं मौसम विभाग (IMD) के अनुसार चार प्रमुख मौसम ये हैं-

  • Winters: December to February
  • Summers: March to May
  • South-east Monsoons: June to September 
  • Monsoons' Return: October to November

तपती गर्मी में मनुष्य और जीवों के साथ-साथ सम्पूर्ण प्रकृति भी सूखकर झुलस जाती है। लेकिन अब राहत यह है, कि तपती गर्मी का मौसम अब जाने को है।

तो जान लेते हैं कि मौसम विभाग के अनुसार कहां-कहां monsoon आ चुका है और कहां और कब तक monsoon आने की संभावना है…

आगमन Monsoon का


IMD के अनुसार south-east monsoon; south, east और north-east भारत के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है।

Monsoon ने इन states में अपनी पहुंच बना ली है-

  • Odisha
  • Jharkhand
  • Bihar
  • West Bengal
  • Telangana

इन राज्यों के अधिकांश हिस्सों में monsoon सक्रिय हो चुका है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसकी रफ्तार धीमी हो गई है।

जब monsoon आ चुका है, तो उसकी गति किस-किस राज्यों में धीमी पड़ गई है या ठहराव आ गया है, आइए यह भी जान लेते हैं।

भारत के southern और western हिस्सों (जैसे Maharashtra, Madhya Pradesh, और Rajasthan) में monsoon फिलहाल ठहर गया है और इसकी प्रगति सामान्य से थोड़ी धीमी है।

चलिए अब Delhi और Uttar Pradesh में भी monsoon की स्थिति जान लेते हैं।

Uttar Pradesh और Delhi में monsoon ने अभी दस्तक नहीं दी है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार Eastern U.P. में इसके प्रवेश की संभावना बनी हुई है, और 22-23 June तक पूरे Uttar Pradesh और Delhi में monsoon के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की उम्मीद है।

Uttar Pradesh में monsoon की विधिवत शुरुआत 24 June के आसपास होने की संभावना है। इससे पहले Western Disturbance के प्रभाव से 11 June के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ pre-monsoon showers पड़ने का अनुमान है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। 

Lucknow, Kanpur, Prayagraj और Ayodhya जैसे central districts में monsoon 20 से 25 June के बीच पहुंचने का अनुमान है।

Pre-monsoon के कारण यह गतिविधियां होने की प्रबल संभावना है-

  • 11 June के बाद एक नए system के प्रभाव से उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलेगा।
  • राज्य के कई इलाकों में तेज आंधी, धूल भरी हवाएं (लगभग 40-50 km/h की रफ्तार) और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।

तो सोच क्या रहे हैं, monsoon के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दीजिए, क्योंकि अब बहुत जल्दी तपती गर्मी में रिमझिम बूंदें गिरने वाली है…

Thursday, 18 June 2026

Short Story : दो कदम तुम चलो

दो कदम तुम चलो


ऋषि और राजश्री एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे, एक-दूसरे के लिए जीने-मरने की कसम खाया करते थे। उनके इस अटूट प्रेम को देखकर घर वालों ने दोनों की शादी कर दी।

आरंभ में जीवन बहुत सुखपूर्वक व्यतीत हुआ, लेकिन जल्दी ही उन्हें यह एहसास हो गया कि वो incompatible हैं। बस इस एहसास के उजागर होते ही दोनों में आए दिन झगड़ें होने लगे। 

एक-दूसरे के लिए जीने-मरने की कसम खाने वाले एक-दूसरे की जान लेने को आमादा हो गये‌। दोनों के घर वाले यह देखकर परेशान रहने लगे।

ऋषि की बहन तृषा ने उन्हें psychologist के पास जाने को कहा उनकी counselling के लिए। बस फिर क्या था, psychologist वृंदा ने चंद मिनटों में ही उनकी परेशानी को समझ लिया।

वृंदा ने कहा, “सबसे पहले तो मैं आपको यह बता दूं कि आपके रिश्ते में कोई कमी नहीं है, या यह कहें कि यह बहुत ही common problem है, जो हर रिश्ते में होती है।”

“ऐसा भी क्या problem है?” राजश्री ने उत्सुकता से पूछा।

“Incompatible होने की, पर सच मानिए कि कोई भी रिश्ता compatible नहीं होता है, क्योंकि कोई भी दो लोग पूरी तरह compatible हो ही नहीं सकते हैं, चाहे वो identical twins ही क्यों न हों।”

“तो क्या? हम साथ नहीं रहना चाहते हैं।”

“नहीं राजश्री, तुम नहीं जानती हो कि दो incompatible life partners ही सच्चा प्यार कर सकते हैं।”

“पर कैसे?” ऋषि ने तृषा की ओर बड़े आश्चर्य से देखा।

“बस करना यह है कि जिंदगी के दो कदम तुम अपनी इच्छा से रखना और बाकी के दो कदम एक-दूसरे की पसंद से रखना।”

“मतलब?” दोनों एक स्वर में बोल उठे।

“अरे! जैसे राजश्री जल्दी उठ जाती है तो उसे यह करना है कि ऋषि के लिए आधे घंटे बाद उठो, और ऋषि जो कि देर से उठता है, आधे घंटे पहले उठे। और ऐसे ही रात में राजश्री थोड़ा देर से सोए और ऋषि थोड़ा जल्दी सो जाए। ऐसे ही बाकी सारे काम भी, थोड़ा-थोड़ा दोनों बदलें और थोड़ा-थोड़ा अपने अनुसार चलें। अगर एक-दूसरे का साथ थोड़ा सोच-समझकर लें तो दो incompatible people ही perfect couple बनाते हैं।”

बस दोनों ने वैसा ही करना शुरू कर दिया और कुछ ही दिनों में दोनों रब ने बना दी जोड़ी बन गए, और इसके लिए दोनों ने हमेशा तृषा और वृंदा को धन्यवाद दिया, क्योंकि उनकी सलाह को मानने से ही वो complete couple बनें।

Saturday, 13 June 2026

Article : Next-Level Bharat

हमारा भारत किस तेजी से बदल रहा है, यह तो सबको दिखाई दे रहा है। उसका सशक्त और समृद्ध रुप सब देख रहे हैं, पर मानने को तैयार नहीं हैं।

आखिर क्यों? क्यों आपको भारत का बदलता स्वरूप नहीं दिखाई दे रहा है?

ऐसा नहीं है कि सब एकदम goody-goody हो गया है, होना भी मुश्किल है। जानते हैं, क्यों?

Next-Level Bharat


ऐसा इसलिए क्योंकि हम शिकायती लाल बने रहते हैं, कभी उन शिकायतों को अपने level पर दूर नहीं करते हैं। बल्कि अगर सब अच्छा हो जाए, इसके लिए अगर हमें बाध्य किया जाता है, तो सबसे पहले हमारा कोप भाजपा सरकार को ही होना होता है। 

हम सुधरना नहीं चाहते हैं, पर हाँ पूरी दुनिया सुधरी हुई हो, इसकी कामना जरूर करते हैं। क्यों, दूसरे बदलें आपकी सुविधा के लिए? 

जब आप अपने comfort zone से बाहर निकल कर दूसरों की भलाई के लिए एक रत्ती भी बदलना नहीं चाहते हैं?

बस यही कारण है कि सब goody-goody होना बहुत मुश्किल है।

लेकिन सरकार के अथक प्रयासों के कारण बहुत कुछ सुधरता जा रहा है, न केवल सुधार आ रहा है, बल्कि बहुत अच्छा सुधार आ रहा है, कि,यह कहा जाए भारत next level पर पहुंच रहा है, तो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी।

अब आज का article किस बात से प्रेरित होकर लिख रहे हैं, वो share कर रहे हैं। वंदे भारत train से आगरा जाना हो रहा था। अतः Hazrat Nizamuddin (Delhi) station से train पकड़नी थी।

अभी 6 महीने पहले भी निज़ामुद्दीन station से Mumbai जाने के लिए train पकड़नी थी।

दिल्ली के सभी stations में से निज़ामुद्दीन station से कोई जा रहा हो या कोई आ रहा हो, तो लगता है कि कोई और station नहीं मिला, जो निज़ामुद्दीन station ही चुना?

दरअसल निज़ामुद्दीन station जितना clumsy है, उससे ज्यादा station तक पहुंचने का रास्ता।

जब हम लोगों को Mumbai जाना था, station पहुंचने में हम लोग दुखी हो गये।

लेकिन after 6 months वहां पर rapid metro चलने के कारण एक flyover बना है, जो कि बहुत व्यवस्थित है। उसमें बने travel-ways लोगों को बिना थके station तक पहुंचा देते हैं।

जिनके पैरों में किसी भी तरह की problem है, उनके लिए तो वरदान है, खासकर वृद्ध लोगों के लिए, जिस पर पहुंच कर बिना hassle और time-wastage के निज़ामुद्दीन station पर पहुंच जाएंगे।

राजधानी, शताब्दी आदि premium trains पर बहुत बार बैठ चुके हैं, पर वंदे भारत में बैठना पहली बार हुआ।

Actually हमेशा by car ही गये हैं, तो यह अनुभव कभी मिला ही नहीं।

वंदे भारत के लिए कहा जाता है कि बहुत बढ़िया train है, तो हाँ बहुत ही बढ़िया train है। साफ-सफाई के मामले में, comfort के मामले में, speed wise भी- सारी modern facilities के साथ।

हमने food option cancel कर दिया था because हमारे यहां सब हमारे हाथों का बना हुआ ही पसंद करते हैं।

लेकिन जो meal था, लोगों के पास, वो सभी items standard company के थे। I think taste-wise भी अच्छे थे, but हम इसकी पूरी guarentee नहीं ले सकते हैं।

बाकी भी बहुत से stations का कायाकल्प यह सोचने को प्रेरित कर रहा है कि Next-Level Bharat बनता जा रहा है।

हर ओर बढ़ता विकास और भारत का आधुनिकीकरण, इसके लिए कौन जिम्मेदार है, सब जानते हैं, बताने की आवश्यकता नहीं है।

बस अगर अपने देश का विकास आपको भी पसंद है, तो “शिकायती लाल” से अपने को बदलकर देश-विकास में योगदान प्रदान करें।

जय हिन्द, जय भारत!

Wednesday, 10 June 2026

Article : NEP के फ़ायदे और नुकसान

जब से भारत में BJP government आयी है, हर क्षेत्र में विभिन्न परिवर्तन किए जा रहे हैं।

अब उसी परिवर्तन का असर education पर भी दिख रहा है, और सबसे अधिक परिवर्तन class 9 में दिखाई दे रहा है।

या यूं कहा जाए कि class 9 का तो लगभग पूरा syllabus ही change किया जा रहा है, तब वो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी।

इसके कारण बच्चे, teachers और parents, सभी परेशान हैं। इसका एक बहुत बड़ा कारण है कि अभी तक बहुत कुछ निर्धारित ही नहीं है कि क्या नियम पूरी तरह लागू किया जाएगा।

NEP 2020 के लागू होने से कक्षा 9 में पढ़ने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब रटने की बजाय समझ पर जोर है, तीन भाषाएं अनिवार्य हो गई हैं, और छात्रों को vocational courses और अन्य विषयों को चुनने की अधिक लचीली सुविधा मिल गई है।

NEP 2020 के तहत कक्षा 9 पर पड़ने वाले मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं…

NEP के फ़ायदे और नुकसान


Three-language Rule :

कक्षा 9 से 10 तक के छात्रों के लिए तीन भाषाएँ (R1, R2, R3) पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए। हालांकि तीसरी भाषा की अनिवार्यता इसी वर्ष से की जा रही है, इसलिए तीसरी भाषा पढ़ना तो अनिवार्य है, किन्तु इसकी परीक्षा को class 10 board exams में शामिल नहीं किया जाएगा।

लेकिन इस साल के बाद के बच्चों के लिए परीक्षा की अनिवार्यता भी लागू की जा सकती है। और एक बात, तीसरी भाषा को पढ़ने की अनिवार्यता इस वर्ष जो class 10th में हैं, उनके साथ भी है, बिना परीक्षा की अनिवार्यता के साथ।

Importance of Sanskrit (R3)-

संस्कृत हमारे देश भारत की मुख्य भाषा के रूप में मानी जाती है, जो कि बहुत scientific language है। इसके ज्ञान से हम अपने वेद-पुराणों से जुड़ते हैं, जिसमें सार है जिंदगी का।

उसके साथ ही अगर कोई संस्कृत भाषा में निपुण हो गया, तो विश्व की कोई भी भाषा को समझना अत्यधिक आसान हो जाता है।

फिर क्या हम अपने धर्म और देश से जुड़ने के लिए अपने बच्चों को संस्कृत भाषा खुशी-खुशी नहीं पढ़ा सकते हैं?


End of Rote Learning :

अब curriculum को rote learning से हटाकर experiential और application-based में लागू करने योग्य बनाया गया है।


Competency-Based : 

Exams में सीधे प्रश्न पूछने के बजाय case-based, analytical और MCQ (multiple-choice questions) ज्यादा पूछे जाएंगे।


Flexibility of Subjects :

अब arts, science और vocational courses के बीच कोई सख्त दीवार नहीं रहेगी। छात्र अपने मुख्य विषयों के साथ-साथ vocational course या अपनी पसंद के कौशल चुन सकते है।


Change of Books :

NCERT ने नए pattern के अनुसार कक्षा 9 के curriculum में भी संशोधन किए हैं, ताकि इसे NCFSE 2023 और NEP के अनुकूल बनाया जा सके।


  • Advantages- जो सोच है, अगर वो पूरी तरह से applicable हो सके, तो सचमुच भारत में education next level पर पहुंच सकती है। बच्चे और अधिक confident होंगे अपने भविष्य को लेकर, और अधिक सशक्त होंगे अपने भविष्य में, साथ ही वो वही पढ़ेंगे जो वो पढ़ना चाहते हैं, अतिरिक्त विषयों का बोझ उन पर नहीं होगा।
  • Disadvantages- CBSE board की तरफ से हर रोज़ कोई नया नियम सुनाया जा रहा है, और वो लागू भी होगा कि नहीं, इसकी कोई guarantee नहीं है। अभी तक सभी पुस्तकों का न आना बच्चों को सटीक रूप से पढ़ने में बाधा डाल रहा है। Process बदलने के कारण education का level समझ नहीं आ रहा है कि गिर जाएगा या उठेगा। अत्यधिक सरलता लाने के ऊहापोह में education का स्तर नहीं गिरने देना चाहिए।


जो भी निर्धारित करना है, वो July से पहले हो जाना चाहिए। निर्णय में दृढ़ नहीं होने से बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बच्चों को यह बिल्कुल नहीं लगना चाहिए कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इससे बच्चे अपने उज्जवल भविष्य के सपने से भटक जाते हैं, जो देश के विकास में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

Class 9 भविष्य की नींव रखी जाने वाली class है, इसके सभी निर्णय बहुत सोच-समझकर और समय-सीमा के अनुसार लेने चाहिए।

सही निर्णय देश को विकास और ग़लत निर्णय देश को पतन की ओर ले जाएगा।

BJP government से करबद्ध प्रार्थना है कि जो भी निर्णय लेना है, सोच-समझकर लें और समय-सीमा के अंदर लीजिए, तभी जो आपने सोचा है, वो सही रूप से applicable होगा।

जय हिन्द, जय भारत!

Tuesday, 9 June 2026

Tip : पित्ती (hives) के लिए home remedies

पित्ती उछलना एक ऐसी समस्या है, जो ठंडा-गरम होने से हो जाती है। कभी-कभी दवाइयों के reactions से भी होती है।

अगर समस्या ठंडा-गर्म होने से हुई है तो उसका उपाय बता रहे हैं। यह परेशानी ठंडक या गर्मी किसी भी मौसम में हो सकती है। 

इसमें पूरे शरीर पर छोटे-बड़े चक्कते या दाने जैसे हो जाते हैं, जो कि शरीर के skin colour के या लाल रंग के होते हैं, जिसमें खुजली भी हो सकती है।

इस समस्या के होने पर विभिन्न बातों का ध्यान रखना चाहिए।


Points to Remember :

  • इसके होने से बहुत अधिक परेशान नहीं होना चाहिए, यह मुख्यतः दो-चार दिन में ठीक हो जाती है। कभी-कभी दो से चार घंटे में भी ठीक हो जाती है।
  • खुजाना बिल्कुल नहीं चाहिए, उससे इसके aggravate होने की संभावना बढ़ जाती है और समस्या एक हफ्ते तक में ठीक होती है।
  • खुजाने से दानों के दाग़ permanent भी हो सकते हैं।
  • अगर समस्या गर्मी में हुई है तो सब कुछ ठंडा-ठंडा दीजिए (जैसे खाना-पीना इत्यादि), कमरे का तापमान ठंडा रखिए, cotton के हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें।
  • अगर समस्या ठंडक में हुई है तो गर्म-गर्म ही सब लें (जैसे खाना-पीना इत्यादि)। कमरे का तापमान, बिस्तर और कपड़े इत्यादि गर्म और cosy रखें।
इस समस्या पर हम पहले भी post डाल चुके हैं जिसका link इस प्रकार है- https://shadesoflife18.blogspot.com/2023/06/tip-home-remedies-for-hives.html?m=1

कुछ और tasty and effective Remedies पता चली है, जो आज share कर रहे हैं…

पित्ती (hives) के लिए homemade remedies



Home Remedies :

इसके अतिरिक्त पित्ती उछलने पर कुछ घरेलू नुस्खे भी हैं, जिनको अपनाने से पित्ती की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। आखिरी वाली remedy को अपनाने से permanently relief भी मिल सकता है-

  • 1 glass पानी में 1 पेड़ा घोलकर पिला दीजिए और चादर ओढ़कर ½ घंटे सुला दीजिए।
  • 1 tsp. baking powder को ½ glass पानी में घोलकर उसके फाहे से शरीर में जहां-जहां पित्ती उछली है, उसमें लगा लें, आराम मिलेगा और पित्ती ठीक हो जाएगी।
  • ½ tsp. जौ का आटा ¼ tsp. शुद्ध देसी घी और 1 glass पानी में डालकर पिला देने से permanent पित्ती उछलना बंद हो जाती है।
यह सब घरेलू उपाय हैं जिनसे फायदा मिल जाता है, अगर नहीं भी मिला तो नुकसान भी नहीं करेंगे।

अगर फिर भी ठीक न हों तो doctor से सलाह लें। दवाई के reaction से हुई है, तब तो doctor के treatment से ही ठीक होगी।


Disclaimer- The tips and remedies mentioned above are only for general information, and have been stated on the basis of experiences. They might be beneficial, but no guarantee about complete normalcy could be taken. It can also never substitute any kind of medication. Consult a doctor for more information and before any kind of medication. Remember, only doctors can completely help someone become healthy.

Monday, 8 June 2026

Article : Seat or Scam?

आज का यह article एक सच्ची घटना पर आधारित है, और आप सभी को सचेत करने के लिए डाल रहे हैं।

साथ ही कुछ information भी, एक बार अंत तक अवश्य पढ़ें, सचेत और सुरक्षित रहें…

बात कुछ दिन पहले की, एक premium train की है, train का नाम mention करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसी घटना किसी भी train में हो सकती है। जब एक premium train में ऐसा घटना हुई, तो किसी में भी होना कौन बड़ी बात है।

Train मुम्बई से दिल्ली की ओर जा रही थी। जगह का नाम इसलिए mention किया, क्योंकि source and destination दोनों ही बड़े शहर थे।

अब घटना विस्तार से जानते हैं…

Seat or Scam?


हम लोग BDTS (Bandra Terminus) से चढ़कर NZM (Hazrat Nizamuddin) को आ रहे थे। एक यात्री मुम्बई से चढ़कर मथुरा को आ रहा था। वो एक businessman था और premium trains से आता जाता था, तो उसे tickets के regarding rules पता थे।

आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि आप जब online ticket book करते हैं, तो अगर waiting ticket है और train चलने के पहले भी अगर waiting बरकरार रहती है तो आप का ticket अपने आप automatically cancel हो जाएगा।

But अगर आप ने ticket उसकी window से (means offline) book किया है, और train चलने से पहले आप का ticket waiting category में ही रहता है, फिर भी automatically cancel नहीं होगा। वो cancel तभी होगा, जब आप ticket window पर जाकर cancel कराएंगे।

अतः आपका window से book किया हुआ ticket waiting category में होने के बावजूद आपको train में चढ़ने के लिए eligible रखेगा। हाँ, seat मिलेगी कि नहीं, वो berth availablity पर depend करता है। तो आप को उस दिन की बात बताते हैं। 

उसने ticket window से ticket book की थी। Ticket waiting ही थी। जब उसने ली थी, तब 53 waiting थीं, जो train में चढ़ने पर 10 पर पहुंच गई थीं, but still RAC or clear की category में नहीं आई थी।

वो पूरी तरह आश्वस्त था कि कुछ देर में जब TT आएगा, उसे seat available हो जाएगी। TT ticket check करने आया तो उसकी window की waiting ticket देखकर बोला situation देखकर बताएगा।

गाड़ी ने अपनी रफ़्तार पकड़ ली। हमारे साथ ही वो भी BDTS से चढ़ा था। बोरिवली पर हमारी berth set के सभी passengers आ गये, अतः उसे seat से उठना पड़ा। एक-दो TT आए इस बीच, पर किसी ने उसे confirmed berth नहीं दी।

रात गहराना शुरू होने लगी। हमारी side-upper and side-lower seat थी, एकदम दरवाजे से लगी। हमें train में sound sleep नींद नहीं आती है, फिर gate से लगी seat, बार-बार खुलने-बंद होने से disturbance और सबसे बड़ी बात, हमारी तबीयत काफ़ी खराब थी, अतः बिल्कुल भी नींद नहीं आ रही थी।

अब आगे की बात सुनिए। Attendant ने gate से लगी berth पर कुछ सामान रखकर उसपर चादर डालकर एक उबड़-खाबड़ बैठने की जगह बना रखी थी। वह आदमी उसी पर बैठकर अगले TT के आने का इंतजार करने लगा।

तभी उस attendant ने मुम्बई-जैसी भाषा में उससे कहा, “आपको clear-seat मांगने का है, तो ₹1000 दो, तुरंत एकदम मस्त seat दूंगा।” Premium trains के ticket already महंगे होते हैं, उस पर सीधे ₹1000 और, उसने ₹1000 देने से मना कर दिया और TT का इंतजार करने लगा।

अब वो attendant हर आधे-घंटे में इधर-उधर से आता और ₹1000 में seat offer की बात करता, पर वो आदमी ₹1000 देने को राज़ी नहीं हुआ। अंततः उस आदमी का इंतजार खत्म हुआ, रात के लगभग 2 बजे एक TT आया।

उसने उससे seat availablity की बात की। TT ने availablity के लिए मना कर दिया। कहा अगर ₹600 दे, तो confirm seat दे सकता है। आदमी मरता, क्या न करता, उसने ₹500+₹200 के notes दिए, साथ ही उसने attendant की शिकायत भी कर दी।

Attendant को TT ने हड़काया, “क्या रे, क्या खाली-पीली परेशान करता है।” उस आदमी ने पूछा, “सर कौन-सी seat है?” वो बोला, “अभी आकर बताता हूँ।” “पर सर ₹100 तो दे दीजिए, मैंने आपको ₹700 दिए थे।”

“आता है, देता है न आकर, घाई-घाई क्यों करता है।”

आधे घंटे में फिर attendant बोला, “चलो ₹600 दो, अभी मस्त seat दिलाता है।” अब तो वो TT को पैसा दे चुका था, फिर क्यों पैसे देता। 15 minutes बाद वो attendant बोला, “फिर दूसरी जगह देख लो, यहां से जगह खाली करने का।”

रात के तीन बज रहे थे और वो आदमी मथुरा के आने के इंतजार में लुटा हुआ इधर-उधर घूम रहा था। न उसको seat मिली, न पैसे, क्योंकि वो TT लौटकर ही नहीं आया। मुम्बई में लोग बड़े ईमानदार होते हैं, सब झूठ। TT और attendant दोनों मुम्बई से थे।

Tourists और मजबूर इंसान को हर जगह बेवकूफ ही बनाते हैं, लूटते ही है, चाहे मुम्बई हो, कलकत्ता हो, लखनऊ हो, दिल्ली, जयपुर, बनारस, मथुरा इत्यादि हर जगह। अभी तक दो ही जगह मिलीं, जहाँ “अतिथि देवो भव:” दिखा, ऋषिकेश और उज्जैन।

At least हमें तो, पर आपका क्या experience रहेगा, भगवान जाने। अब इस घटना से बचने का केवल एक उपाय है कि ऐसे waiting ticket से भी तभी यात्रा करें, जब आपके साथ और भी लोग हों, जिनकी confirmed seat हो, जिससे लेटकर नहीं, तो कम से कम seat पर बैठकर तो जा सकें। विशेषता ठंड की रातों में, उन्हें काटना और कष्टप्रद होता है।

Ticket train में खरीदने से आपको seat मिलेगी या धोखाधड़ी, नहीं पता। जागरूक रहिए, सजग रहिए, सावधान रहिए, प्रसन्न रहिए। ऐसी ही और जानकारी के लिए, जुड़े रहें...

Friday, 5 June 2026

Poem : जीवन के दिन चार बचे हैं

आज आप सब के साथ मुझे भोपाल के मेजर नितिन तिवारी जी की कविता को साझा करते हुए अपार प्रसन्नता हो रही है।

आज नितिन जी ने इस कविता में माध्यम से कहा है कि, दुःख अवसाद को भूलकर आगे बढ़ना ही जीवन है, और जीवन की इस सच्चाई को उन्होंने बहुत खूबसूरती से उकेरा है।

आइए, इसका आनन्द लेते हैं…

जीवन के दिन चार बचे हैं


जीवन के दिन चार बचे हैं,

आग बुझी अंगार बचे हैं।

दबे उम्मीदों की राखड़ में,

बुझी आग के सार बचे हैं।

भीतर ही जो रहे सुलगते,

गढे हुए दो चार बचे हैं।

हमने खूब सजाया उपवन,

मानो सदा रहेगा यह तन‌। 

थे बसंत उत्सव के भागी,

चले गये सब उजड़ा मधुवन।

पत्ते छीन लिये पतझड ने,

फूल नहीं बस खार बचे हैं।

कर कमजोर थाम पतवारें,

नौका जब मझधार भंवर है।

है पुरुषार्थ सिर्फ शब्दों में,

जीवन नैया भी जर्जर है।

सांसे है गिनती की बाकी,

भोगे जो व्यवहार बचे हैं।

चार रोज तो काफी हैं यदि,

कुछ करने को संकल्पित हों।

बीती बातें सभी भुला दें,

जियें जैसे आज को ही अर्पित हो।

कल का क्या जो होगा सो हो,

जियें यही सुख सार बचे हैं।।

Thursday, 4 June 2026

Story of Life : दृढ़ संकल्प

दृढ़ संकल्प


आज एक सच्ची कहानी पर लेखनी चला रहे हैं, एक ऐसे लड़के की कहानी, जो बाकियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

तो बात तब की है, जब एक परिवार गांव से दिल्ली आता है, अपनी आंखों में सपने संजोए हुए।

परिवार में मां-पापा, दो बेटे और दो बेटियां। गांव के परिप्रेक्ष्य के अनुसार एक ideal परिवार।

गांव से आए थे, पढ़े-लिखे थे नहीं, अतः पत्नी ने लोगों के घर बर्तन का काम करना शुरू कर दिया। पति गुणीं था, अतः उसने भजन मंडली में वाद्य यंत्र बजाने व चौकीदारी का काम करना शुरू कर दिया।

शहर की महंगाई, इतने में बड़ी मुश्किल से गुजर-बसर हो रही थी। अतः बड़ी बेटी ने पूरे दिन घर में रहकर काम शुरू कर दिया और बड़े बेटे ने office में छोटा-मोटा काम आरंभ कर दिया।

छोटे बेटा-बेटी को छोटे होने के कारण उनसे किसी ने किसी भी तरह के काम करने के लिए नहीं कहा।

हाँ, school में admission ज़रूर करा दिया, जिससे घर में कोई तो पढ़ा-लिखा हो। वैसे भी शहर आने का कुछ लाभ तो होना चाहिए था।

उन लोगों का पढ़ाई-लिखाई कर के कुछ बड़ा हासिल करने का कोई ध्येय नहीं था। पर छोटा बेटा पढ़ने में होशियार था और उनकी पढ़ाई के लिए घर के सब लोगों के त्याग को मान भी देता था।

अतः 6 class तक आते-आते उसने अपना लक्ष्य साधना आरंभ कर दिया। उसने खेलकूद और फालतू की बातों से अपना मन खींचना शुरू कर दिया।

गांव में होने वाले शादी-विवाह आदि आयोजन में शामिल होना लगभग बंद करना आरंभ कर दिया, क्योंकि जब भी वो लोग गांव जाते थे तो उनके लौटने की कोई समय-सीमा नहीं होती थी।

इससे स्कूल की पढ़ाई छूटती थी। घर में कोई पढ़ा-लिखा था नहीं जो इस नुकसान को भर दे। 

सक्षम की लगन अब स्कूल के teachers को भी दिखने लगी, वो भी चाहते कि सक्षम आगे बढ़े, यथासंभव प्रयास भी करते थे। पर सरकारी स्कूल आठवीं तक ही था तो आगे का सफ़र सक्षम को नये स्कूल से करना था।

नौवीं कक्षा थी और अब तक सक्षम ने एक कठिन संकल्प ले लिया था कि वो engineering करेगा। 

Science subject की पढ़ाई अपने आप में कठिन होती है, फिर engineering में selection बिना coaching के संभव नहीं था।

फिर इसकी preparation से लेकर engineering करने तक का ख़र्चा बहुत अधिक होना था, लोगों ने उससे कहा भी, इतना करना तुम्हारे लिए असंभव है। 

पर लोग जितना कहते, सक्षम का संकल्प और अधिक सशक्त हो जाता।

Coaching center की महंगी फीस के पैसे उसके पास नहीं थे। उसने सोचा कि super 30 में join कर ले। फिल्म आने से हर गरीब बच्चा आनंद सर तक पहुंचना चाह रहा था। Engineer बनने के सपने संजो रहा था।

पर film और serial में आने वाली बातों तक पहुंचना लगभग असंभव होता है, वो भी नहीं पहुंच पाया।

उसने online का सहारा लेना चाहा, पर mobile से आखिर कितना पढ़ता।

उसने सुबह लोगों की गाड़ियां साफ़ करना और school से लौटकर 2 घंटे waiter का काम करना, साथ ही छोटा-मोटा कुछ और काम भी करना शुरू कर दिया।

फिर उसने किश्तों में एक laptop खरीदा, online classes के लिए, और शाम को 2 घंटे के लिए एक library में जाना शुरू किया। जिसकी उसे fees भी देनी होती थी, जो कि मात्र ₹2000 थी, पर इतनी fees भी उसके लिए मात्र नहीं थी...

उसकी लगन देखकर library वाले ने उसे school की छुट्टी होने वाले दिनों में भी आने की permission दे दी।

कुछ अच्छे लोगों ने उसे Aakash and FIITJEE के notes उसे free में दे दिये।

वो अपनी मंजिल पाने तक जूझता रहा, अपनी कठिन परिस्थितियों के कारण बहुत से काम करके पैसों की कमी पूरी करने के लिए और बेइंतहा पढ़ता रहा, अपने सपने को साकार करने के लिए।

आखिरकार सक्षम के दृढ़संकल्प ने उसे उसकी मंजिल तक पहुंचा ही दिया, उसका DTU में selection हो गया।

और इससे ही यह बात सिद्ध हो गई कि जो दृढ़संकल्पित होता है, उसे मंजिल अवश्य मिलती है।

मेहनत तू किए जा, 

तुझको परिणाम मिलेगा...

यह पूरा गीत, link पर click करके आप सुन सकते हैं, आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी- https://shadesoflife18.blogspot.com/2022/07/poem.html?m=1

Wednesday, 3 June 2026

Recipe : Homemade Nuggets (the airfryer style)

आज की Summer Vacations Special Recipe एक ऐसी dish है जो बच्चों को बहुत पसंद होती है, पर junk food होने के कारण उन्हें खाने नहीं दिया जाता है।

पर आज Shades of Life आपके लिए एक ऐसा solution लेकर आया है, जिससे आप भी खुश और आपके बच्चे भी‌।

तो हम लेकर आए हैं Homemade Nuggets की recipe, वो भी airfryer में, मतलब बच्चे रुकेंगे नहीं और आप रोकेंगी नहीं।

तो चलिए, देखते हैं instantly airfryer में बनने वाले nuggets की recipe…

Homemade Nuggets (the airfryer style)

Ingredients :
  • Par-boiled potatoes - 250 gm.
  • Corn flour -  2 to 3 tbsp. 
  • Butter - 2 to 3 tbsp. 
  • Garlic - 8 to 10 cloves
  • Chill flakes - 1 tbsp./as per taste 
  • Salt - as per taste
  • Parsley (optional)

Method :
  1. लहसुन को छीलकर कर finely chop कर लीजिए।
  2. आलू और मक्खन को grate कर लीजिए।
  3. अब इन आलुओं में मक्खन, नमक, chopped garlic, chilli flakes और cornflour डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  4. अब इसका cubical shape या अपने मनपसंद shape में बना लीजिए, फिर इसे एक दिन के लिए freezer में set होने के लिए रख दीजिए। 
  5. इसके आगे का method, हम पहले जो recipe डाल चुके हैं, उसके according ही होगा, तो आप दिए गए link पर click कर लें- Frozen Snacks (the airfryer style) 
Scrumptious and nutritious homemade nuggets are ready to serve.


Tips and Tricks :
  • आलू जब उबालें तो केवल दो whistle high flame पर ही लगाएं। इससे आलू al-dente stage पर boil होगा। आलू की इस stage पर nuggets बनाने से binding भी हो जाएगी और crisp भी अच्छा आएगा।
  • आप अगर लहसुन नहीं खाते हैं तो उसे discard कर दीजिए, हालांकि frozen nuggets में garlic होता है, और उसके कारण ही tasty लगता है।
  • Butter को जमी हुई स्थिति में ही grate करके mix करने से अच्छा result आता है।
तो देर किस बात की, आज ही ये homemade nuggets बनाएँ और बच्चों की vacations yummy बनाएँ…

Tuesday, 2 June 2026

Recipe : Ladi Pav (the airfryer style)

Summer Vacations Special Recipe में आज आपको वो recipe share कर रहे हैं, जिसको घर में बनाना सबसे ज्यादा impossible लगता है। 

पर अगर आप ऐसे बनाएंगे तो यह बहुत easily prepare हो जाएगा। तो चलिए आज कुछ impossible try करते हैं…

Ladi Pav


Ingredients :
  • All purpose flour - 3 cups
  • Olive oil - 3 tbsp.
  • Salt - ½ tsp.
  • Sugar - ½ tsp.
  • Fresh Curd - 1 cup
  • Baking powder - 1 tsp.
  • Baking soda - ½ tsp.
  • Lemon juice - 1 tsp. 
  • Butter - 1 tbsp. 
  • Milk - 2 tbsp.

Method :
  1. दही में olive oil, salt और sugar डालकर whip कर लीजिए।
  2. Baking powder में नींबू का रस डालकर mix कर के activate कर लीजिए।
  3. दही के solution, में baking soda और baking powder solution को मैदे में डालकर हल्के हाथों से dough बना लीजिए।
  4. थोड़ा-गीला सा dough prepare होगा। अगर गीला-सा dough prepare ना हो, तो थोड़ा दूध add कर लीजिएगा।
  5. इस dough को 20 to 25 minutes के लिए rest करने के लिए छोड़ दीजिए।
  6. Dough फूल कर दुगना हो जायेगा। अब इस dough की एक बार फिर अच्छे से knead (सान) कर लीजिए।
  7. Knead तब तक करना है, जब तक मैदे में gluten develop ना हो जाए, मतलब dough बहुत soft ना हो जाए।
  8. Dough के 8 to 10 टुकड़े करके गोलियाँ बना लीजिए।
  9. इसे एक बार फिर 10 minutes के लिए rest करने रख दीजिए।
  10. Butter में milk डालकर अच्छे से mix कर दीजिए।
  11.  Milk-butter solution को brush से हर गोली पर अच्छे से लगा दीजिए।
  12. Airfryer preheat कीजिए। अब सारी गोलियों को airfryer की जाली में place कीजिए।
  13. 160°C पर 10 minutes के लिए airfry कीजिए, उसके बाद 180°C पर 5 minutes और फिर 200°C पर 3 minutes या till browning.
  14. बाहर निकाल कर एक बार फिर से milk-butter solution लगाकर उस पर moist muslin cloth डालकर 5 minutes के लिए रख दीजिए।

Tips and Tricks :
  • पाव के dough के दही में sugar जरूर से डालिएगा, उससे ही proper yeast replacement होगा।
  • अगर आप के पास olive oil नहीं है, तो आप vegetable oil भी use कर सकते हैं। 
  • पाव के dough को properly develop होने के लिए आवश्यक time जरूर दीजियेगा।
  • Milk-butter solution से brushing करने से पाव में बहुत अच्छी browning आती है, इसलिए इस step को जरूर से कीजिएगा।
  • Pav पूरा बन जाने के बाद moist muslin cloth से अवश्य ढकें, इससे ऊपर में proper moist आता है।
आपके fluffy और soft पाव आपका इंतजार कर रहे हैं, इसलिए आज ही बनाएँ और घर के पाव खाएँ चाव से…

Monday, 1 June 2026

Recipe : High-Protein Paneer Icecream

आज की Summer Vacations Special Recipe कमाल की है, जिसमें बच्चे भी खुश और उनके parents भी।

बच्चे इसलिए कि icecream उनकी पहली पसंद होती है, और parents इसलिए कि यह healthy बहुत है। मतलब taste और health का बहुत ही अच्छा combination.

फिर गर्मी में icecream ही न हो तो, जिंदगी का मजा ही क्या?

तो झटपट देख लेते हैं, इसके ingredients and methods…

High-Protein Paneer Icecream


Ingredients :

  • Fresh paneer (crumbled or cut into chunks) - 100 gm.
  • Milk - 1 cup 
  • Soaked dry fruits (almonds, cashews) - ¼ cup 
  • Sugar - 2 tbsp.
  • Cardamom powder (elaichi) - ½ tsp.


Method :

  • Almonds and cashews को warm water में 30  minutes के लिए soak करने के लिए रख दीजिए।
  • उसके बाद बादाम का छिलका उतार दें।
  • एक mixer grinder jar लीजिए, उसमें भीगे हुए काजू और बादाम (छिले हुए) डालकर थोड़े से दूध के साथ महीन पीस लीजिए। 
  • अब इसमें crumbled paneer, sugar, cardamom powder और बचा हुआ दूध डालकर महीन पीस कर thick, creamy and smooth puree बना लीजिए।
  • अब इसे container or icecream moulds में डालकर 7-8 hours के लिए freezer में डालकर दीजिए।

Your soothing and serene High-Protein Paneer Icecream is ready. Let your kids enjoy without you having any guilt of deteriorating their health.


Tips and Tricks :

  • अगर आप को icecream ज्यादा healthy version में बनाना है, तो sugar की जगह 1 to 2 tbsp. honey or jaggery powder भी use कर सकते हैं।
  • Saffron के few strands (kesar) को 1 tbsp. warm milk में soak करके डाल सकते हैं।
  • काजू-बादाम को 7-8 hours के लिए भिगाएं या warm water में 30 minutes के लिए अवश्य soak करें।
  • आप काजू और बादाम के साथ पिस्ता भी डाल सकते हैं।
  • अच्छा भीगा हुआ बादाम और काजू ही creamy and smooth puree बनाने में support करता है।
  • अगर आप को icecream smooth के बजाय nutty flavour में पसंद है, तो moulds में chopped nuts डाल दीजिए और serving time में भी roast and chopped dryfruits से decorate करें।
Relish this nutritious icecream with your family!