वो कौन था (भाग-1)
कुशल अपने नाम-सा हर काम में कुशल था, वो बहुत नामी doctor था। कारण?
उसका diagnostics बहुत कमाल का था, उसे बीमारियां समझने के लिए किसी भी तरह के test की आवश्यकता नहीं होती थी।
बस patient का सामने होना उसके लिए काफी था, patient की condition और symptoms से वो बहुत जल्दी समझ जाता था कि बीमारी क्या है।
उसे genius doctor कहा जाता था और उसके patients ने उसे भगवान का दर्जा दिया हुआ था।
इन सबके बाद भी वो बेहद सरल और शालीन इंसान था। उसने अपनी fees हद की बढ़ाकर नहीं रखी थी।
उसका genius doctor होना और nominal fees होने के कारण उसके यहां patients का तांता लगा रहता था।
उसने अपने लिए कभी समय ही नहीं निकाला और अपना जीवन medical को समर्पित कर दिया।
अपनी मेहनत और अथक प्रयास से उसने एक बड़ा hospital खोल लिया और उसमें अपने जैसे ही capable और dedicated doctors appoint किए।
कुशल का hospital दो buildings में बंटा हुआ था, जहां अमीर-गरीब हर तरह के patients का उनकी हैसियत के अनुसार arrangements था।
Hospital बहुत अच्छे से चल रहा था, जब तक वहां तृषा नहीं आई थी। नहीं, तृषा में कोई कमी नहीं थी, बहुत अच्छी और सरल लड़की थी, और साथ में बेहद खूबसूरत।
उसके आने के कुछ दिन बाद से ही अजीब-अजीब सी हरकतें होने लगी। तृषा के locker से कुछ भी सामान गायब होने लगे, उसके सामान दूसरे locker में मिलने लगे।
कभी कोई उसके room में I love you का card रख जाता, तो कभी bathroom में I love you Trisha लिख जाता, यह सब देखकर तृषा पत्ते-सी कांपने लगती।
एक दिन कुशल ने सारे staff को बुलाया और कहा कि जो कुछ हो रहा है, वो कोई staff वाला ही कर रहा है, क्योंकि तृषा के room and locker तक कोई और नहीं पहुंच सकता है।
इसलिए आज से सब शक के घेरे में रहेंगे और जो कोई भी निकला, उसके साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अच्छा होगा कि कोई सामने से आकर बता दे, या मुझे भी आकर बता सकता है, मैं उसकी पहचान किसी को नहीं बताऊंगा। और तब शायद उसकी सज़ा कम कर दी जाए।
सबने सुना, पर कोई सामने नहीं आया, और तृषा को परेशान करने का सिलसिला पुरजोर चलता रहा। एक दिन तृषा ने तंग आकर…
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