आज जिंदगी को सम्पूर्णता प्रदान करने वाले दो दिवस एक साथ हैं, पिता दिवस (International Father's Day) और योग दिवस (International Yoga Day), और दोनों के बिना सुखद जीवन असंभव है।
आज दोनों को एक कविता में पिरोकर प्रस्तुत किया है, आशा है पसंद आएगी। तो चलिए, इसका आनन्द लेते हैं…
पिता और योग
जब माँ से पिता का,
होता है योग।
सृष्टि में जीवन का,
तभी बनता संयोग।।
पिता की मेहनत के योग से,
जीवन सुखद हो जाता है।
पिता का साया न हो,
वो घर कहां भाता है?
पिता के अनुभव के योग से,
सफलता कदम चूमती है।
उनके आने की आहट से,
परिवार में खुशियां झूमती है।।
जैसे स्वस्थ शरीर के लिए,
योग होता है ज़रूरी।
वैसे ही पिता का साथ,
जिंदगी करता है पूरी।।
इसलिए प्रतिदिन जीवन में,
तुम योग का धरो ध्यान।
सुखद जिंदगी पाने के लिए,
पिता को दो पूर्ण सम्मान।।
आज बच्चों द्वारा बनाए गए card के साथ ही कविता को प्रस्तुत किया है।

