Saturday, 5 March 2022

Article : जो किसी ने नहीं किया

 जो किसी ने नहीं किया

आज-कल सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ा मुद्दा रुस-युक्रेन युद्ध बन गया है।

रुस-युक्रेन युद्ध में बहुत कुछ ऐसा हो रहा है, जिसको देखकर हर एक की आँख खुल जानी चाहिए और यह सोच भी विकसित हो जानी चाहिए कि कौन कैसा है। 

शायद यह युद्ध टल जाता, बहुत से लोगों की जान बच जाती, दुनिया भर की बरबादी ना होती और अभी इस युद्ध के होने से पड़ने वाला सबसे बड़ा नुकसान यह है कि सब जगह बहुत अधिक महंगाई दर बढ़ जाएगी। 

अब बात करते हैं कि जब युद्ध टाला जा सकता था तो टला क्यों नहीं? 

क्योंकि अमेरिका और नाटो देशों ने युक्रेन के लोगों और उनके राष्ट्रपति Zelensky के मन में भड़की आग को शोलों में बदल दिया। 

सब जानते थे कि युद्ध प्रारंभ होने से रुस को ही जीतना था और युक्रेन नेस्तनाबूद हो जाना था पर फिर भी युक्रेन युद्ध करने को आतुर हो गया।

जब कोई सशक्त आपको आप की क्षमता से अधिक करने के लिए उकसा रहा हो, तो अपनी बुद्धि, धैर्य को दरकिनार करते हुए अपने नुकसान को बिना सोचे-समझे विनाश की ओर बढ़ने से पहले एक बार यह ज़रूर सोचिएगा कि वो सशक्त, सच में आप का सहायक है, या वो आपके जरिए अपना उल्लू सीधा कर रहा है। 

और यही हुआ, अमेरिका ने युक्रेन के रास्ते अपने समकक्ष रूस को बिना सीधे तौर पर युद्ध किए परास्त करने का मार्ग प्रशस्त कर लिया। 

अमेरिका ने एक बार भी युद्ध विराम के लिए नहीं कहा बल्कि युद्ध आरंभ होने के दूसरे दिन से युक्रेन को युद्ध सामग्री और धन देकर युद्ध की आग की तपिश बढ़ा दी। 

साथ ही रुस पर बहुत तरह के प्रतिबंध लगवा कर, अपने तेल और गैस इत्यादि के व्यापार का विस्तार किया है। अपने हथियार के व्यापार को भी और सशक्त कर लिया है।

इसका मतलब आप को समझ आया? कि युद्ध जितना लंबा खिंचेगा, युक्रेन उतना ही तबाह होगा, रुस उतना ही कमजोर होता जाएगा और अमेरिका उतना ही सशक्त व समृद्धशाली। 

यह तो रही युद्ध की बात...

अब बात करते हैं कि कितने देश युक्रेन में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कितने प्रयासरत हैं... 

अमेरिका, चीन, ब्रिटेन जैसे बड़े देशों ने युद्ध आरंभ होने की advisory दे दी थी और अपने नागरिकों को युक्रेन छोड़ने की बात कह दी थी, साथ ही यह भी हिदायत दे दी थी कि इसके लिए उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं प्रदान की जाएगी। सभी को अपने खर्च पर वापस आना होगा।

इस advisory के जारी होते ही उन देशों के अधिकतर नागरिक युक्रेन छोड़ कर चले गए। 

युद्ध का आरंभ 24 February में हुआ था, जबकि भारत 15 Feb. से 28 Feb. तक लगातार advisory जारी करता रहा, युद्ध आरंभ होने की और युक्रेन से निकल जाने की । Media में भी बराबर चेतावनी दी जाती रही कि अब युक्रेन में रहना सुरक्षित नहीं है।

जब कभी भी ambassy advisory जारी की जाती है उसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

बावजूद इसके, India के चंद students को छोड़कर, किसी ने भी advisory को seriously नहीं लिया, बल्कि media पर TRP बढ़ाने का आरोप, BJP पर जनता पर प्रभाव जमाने का आरोप और माता-पिता पर बेवजह panic होने का आरोप लगाकर, मखौल उड़ाया। उनका कहना था कि पुतिन केवल धमकी मात्र दे रहे हैं। कुछ करने की हिम्मत नहीं है, अगर वो ऐसा कुछ करेंगे तो नाटो देश और अमेरिका उसका खात्मा कर देगा।

वहीं कुछ इस तरह से भी बोल रहे थे कि युद्ध होने से thrill होता है, युद्ध नहीं होने से life में कुछ excitement नहीं आ रहा है। 

अब तो उनको और बाकी सब को भी समझ आ गया होगा कि advisory और दी जा रही चेतावनी कितनी सही थी। बात कितनी serious थी और जब बात जान पर बन जाती है तो कोई thrill नहीं होता है।

पर धन्य हैं! हमारे मोदी जी, कि जो उनका मज़ाक उड़ा रहे थे, आज उन्हीं को मुसीबत से बचाने के लिए उन्होंने operation गंगा बनाया है। जिसमें एक-एक student को सुरक्षित लाने की कोशिश की जा रही है, वो भी बिल्कुल मुफ़्त। 

और उससे भी बड़ी बात कि इस कार्य को पूरा करने के लिए BJP के चार बड़े केंद्रीय मंत्री, हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, जनरल वीके सिंह और किरन रिजिजू शामिल हैं। जो अपनी जान को दांव पर लगा कर उन students को बचाने में लगे हैं। और अपने इस mission में वो काफी हद तक सफल भी हो रहे हैं। बहुत-बहुत आभार इन सभी मंत्रियों का, साथ ही इनको देश की तरफ से शत् शत् नमन 🙏🏻

वरना अपने ही देश भारत में 2013 में, जब कांग्रेस सत्ता में थी, केदारनाथ- बद्रीनाथ पर आई आपदा के समय लाशों को देना का ठेका सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को मिला था।

और वाड्रा, प्रत्येक लाश के 2lakh ले रहा था। और जो यह धनराशि देने में असमर्थ थे, उन्हें लाश नहीं दी जा रही थी। 

वहाँ बची हुई लाशों पर, हेलीकॉप्टर द्वारा acid डालकर नष्ट कर दिया गया था।

क्या हुआ था, आज से पहले कभी ऐसा? जैसा महान कार्य, मोदी जी कर रहे हैं। 

बल्कि यह कहना चाहिए कि किसी भी बड़े-छोटे देशों में आज भी नहीं हो रहा है।

आज हर देश चाह रहा है कि उन्हें मोदी जी जैसा प्रधानमंत्री मिले।

जिन लोगों के बच्चे, अपने घर में सुरक्षित पहुंच रहे हैं, उन्हें मोदी जी, ईश्वर का स्वरूप लग रहें हैं।

हम कहते हैं मत मानिए, उन्हें ईश्वर। पर वो हमारे भारत देश को सर्वोच्च पद पर आसीन कर सकते हैं, यह तो मान लीजिए। उनके सत्ता में होने से उनका नहीं, देश का हित है, यह तो मान लीजिए। देश का विकास करने के लिए उन्हें सत्ता में रहने का सहयोग तो दे दीजिए।

आँख खोलकर देखिए, समझिए, जो कोई नहीं कर रहा है, जो किसी ने नहीं किया, वो हो रहा है। भारत देश, हर क्षेत्र में सर्वोच्च पद पर आसीन हो रहा है।

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Monday, 28 February 2022

Article : दम है मेरे मोदी जी में

दम है मेरे मोदी जी में...

आज फिर सीना गर्व से चौड़ा हो गया, आज फिर अपने चयन पर नाज़ है। 

पुतिन, जो आज किसी की नहीं सुन रहे हैं। America, Britain जैसे बड़े-बड़े देश, रूस के आगे घुटने टेक रहे हैं। वहीं Russia, India का साथ दे रहा है।

Ukraine, जो आज से 24 साल पहले भारत के विरोध में प्रदर्शन करता था। 2014 से पहले तक भारत को हिकारत भरी नजरों से देखता है, आज भारत से शांति की अपील करवाने के लिए घुटनों पर बैठ गया है।

आज पूरे विश्व में सबको विश्वास है कि, सम्पूर्ण विश्व में कोई प्रधानमंत्री सबसे अधिक शक्तिशाली है तो वो भारत के मोदी जी हैं। सबका एक मत से कहना है कि विश्व में शांति कोई कायम करा सकता है तो वो सिर्फ और सिर्फ मोदी जी हैं। क्योंकि मोदी जी ने कहा है कि यह प्रभु राम का देश है, यह श्रीकृष्ण का देश है... हमारा युद्ध का नहीं बुद्ध का देश है। पर कोई अगर टेढ़ी नजर करने की सोचेगा भी तो यह आज़ाद और बोस का देश है। जो भक्ति से परिपूर्ण है और शक्ति से ओत-प्रोत..

क्या जो पूरा विश्व मानता है, आप भी वही मानते हैं?

आपका तो नहीं पता पर मुझे पूर्ण विश्वास है कि मोदी जी हैं तो मुमकिन है।

अफ़ग़ानिस्तान में क्रुर तालिबानी, जिनसे सब थर-थर कांप रहे थे। गोली-बारूद चल रहे थे, वहाँ से मोदी जी ने अपने भारतीयों को सुरक्षित निकाला था। साथ ही वहाँ से गुरु ग्रंथ साहिब भी सुरक्षित मंगवा लिया था।

आज जब Ukraine में सब स्वाहा हो रहा है। जहांँ jets गरज रहे हैं, missiles आग उगल रहे हैं, गोलियों की बौछार हो रही है, tanks और fighter planes पूरे शहर-भर में घूम रहे हैं।

वहाँ हमारे तिरंगे के साथ की कारें, बस और घर सुरक्षित हैं। तिरंगा झंडा वहाँ सुरक्षा का पर्याय बन चुका है।

ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे लंका में हनुमान जी द्वारा लंका दहन के समय एकमात्र विभीषण का घर सुरक्षित था, वैसे ही स्वाहा होते Ukraine में सुरक्षित हैं तो केवल वो जिनके पास हमारा तिरंगा झंडा है।

क्या यह किसी गर्व से, किसी सम्मान से कम है?

वैसे मुझे पूर्ण विश्वास है आप कहें कुछ भी, पर मन ही मन आप भी मोदीजी के महत्व को समझते हैं, उनका मान करते हैं, और चाहते हैं कि वो ही हमेशा हमारे भारत की बाग-डोर संभालें रखें।

आज देश कोई भी हो, अगर आप भारतीय हों तो आप सुरक्षित हैं, फिर चाहे पाकिस्तान में फंसे अभिनंदन हों, चीन में फंसा मामूली इंसान, तालिबानियों के बीच अफगानिस्तान में फंसे भारतीय नागरिक या Ukraine में फंसे Indian students. सब सुरक्षित रहेंगे और पूर्णतः सुरक्षित अपनी धरती पर आएंगे।

और कितना सबूत चाहिए? और कितनी परिक्षाएं देनी होंगी?.....

कि BJP से बढ़कर और कोई राष्ट्रीय party नहीं है जो भारत देश का सर्वांगीण विकास कर के उसे प्रथम श्रेणी में ले जाए।

जो पूरा विश्व समझ गया, जिसे एक स्वर में सब मान रहे हैं, उसे आप कब मानेंगे?

दम है मेरे मोदी जी में, सशक्त है हमारा तिरंगा....

तिरंगे में लिपटे बलिदानियों का इतिहास सब जानते हैं।

तिरंगा लहरा कर, जान बचाने के वर्तमान का आनन्द लीजिए..

आप सबसे निवेदन है कि BJP को सदैव विजयी बनाएं और हमारे भारत देश को सर्वप्रथम‌।।

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Note : BJP को support करने में मेरा कोई स्वार्थ नहीं है, मैं एक राष्ट्रभक्त हूँ। 

BJP की विचारधारा राष्ट्रवादी विचारधारा है, इसलिए मैं उसका support करती हूँ।

Saturday, 26 February 2022

Article : राष्ट्र हित या निज हित

राष्ट्र हित या निज हित...



चुनाव का दौर है, कहीं योगी, कहीं अखिलेश का शोर है।

योगी जी की सरकार को कुछ लोग इसलिए वोट नहीं देना चाहते हैं क्योंकि उन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिली, तो वहीं कुछ सरकारी नौकरी वाले इसलिए कुपित हैं कि सरकारी नौकरी में हद का काम कराया जा रहा है और छुट्टियां कम कर दी गई हैं।

बहुत से लोगों ने सरकारी नौकरी join ही इसलिए की थी, जिससे ज़्यादा काम ना करना पड़े, साथ ही बहुत सारी छुट्टियों के साथ जीवन सरलता से कट जाए।

तो कोई अखिलेश की pension योजना के लालच में उलझ गया है। 

अपने स्वार्थ, आलस और कामचोरी के चलते, निज हित की खातिर इन लोगों ने राष्ट्र हित को दांव पर लगा दिया है।

पर सरकारी नौकरी में कार्यरत लोग और सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले, ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने BJP को ही वोट दिया है।

ऐसे लोगों से जब पूछा कि, आप भी तो सरकारी नौकरी कर रहे हैं, तो क्या आप को कष्ट नहीं हो रहा है?

उनका कहना था कि, बिल्कुल कष्ट हो रहा है।

तब BJP ही क्यों?

उनका जवाब था, राष्ट्र वाद और हिंदुत्व के लिए। उन्हें अपने निज हित से राष्ट्र हित अधिक प्रिय है। ऐसे लोगों को दंडवत प्रणाम 🙏🏻

साथ ही उन्होंने, यह भी कहा कि मोदी जी और योगी जी से बेहतर, कोई देश नहीं चला सकता है। इनके जैसा ना पहले कोई आया, ना आगे आएगा। 

सही तो कह रहे हैं वो लोग जिन्होंने BJP को vote दिया है, क्योंकि BJP के आने के बाद से, देश से गुंडागर्दी खत्म होती जा रही है और सुरक्षा बढ़ती जा रही है। देश में चौतरफा विकास हो रहा है।

कोरोना काल का इतना कठिन समय, BJP की सूझबूझ और कर्तव्य निष्ठा से सरलता पूर्वक निकल जा रहा है। इतने कठिन समय में भारत vaccine producer के रूप में पूरे विश्व के सामने आएगा, इसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की थी।

कभी सोचा भी नहीं था कि हम आश्रित देश से दाता देश,  ऐसे कठिन दौर में भी बन जाएंगे।

ना केवल vaccine में बल्कि weapons के production में भी भारत आगे निकलता जा रहा है। उसका ही नतीजा है कि आज भारत सुदृढ़ देश बन चुका है और किसी भी दुश्मन देश की हिम्मत नहीं हो रही है कि वह भारत का अनिष्ट सोच सके। 

जिन्हें अधिक काम करने से परेशानी है, और निज हित की लालसा है उनसे हमारा यह भी कहना है कि यही सोच अगर हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी भी रखते, तो ना ही हमारा देश सुरक्षित होता और ना ही विकास की ओर अग्रसित होता।

तब शायद हमारे देश की हालत भी, Afghanistan, Hong-Kong और Ukraine जैसी ही होती।

अगर काम देश की जनता को ज़्यादा करना पड़ रहा है तो याद रखियेगा, आराम हमारे प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी भी नहीं कर रहे हैं या बल्कि यूं कहा जाए कि वो, हम से कहीं अधिक काम कर रहे हैं वो भी बिना विश्राम के, अनवरत कर रहे हैं।

वैसे भी अगर आप सोचेंगे तो आप को भी एहसास होगा कि किसी भी कार्य की सफलता के लिए अधिक परिश्रम ही करना पड़ता है।

और जिस तरह से एक के बाद एक देश अपना अस्तित्व खो रहे हैं, उसे देखकर यही लगता है कि अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए यह बहुत आवश्यक है कि देश सुदृढ़ हाथों में रहे। जिससे सुरक्षित भी रहे और विकसित भी।

अतः उन सभी से अनुरोध है, जिन्हें अभी वोट डालना है, वह सोच समझ कर वोट डालें। निज हित से राष्ट्र हित को ऊपर रखें। क्योंकि अंततः हमारे हित भी तभी पूर्ण होंगे, जब देश का हित होगा।

अंत में सिर्फ इतना कहना है कि.........

पृथ्वीराज चौहान से अगर कुछ नाराज़गी भी है तो भी विकल्प कभी मौहम्मद ग़ौरी नहीं होना चाहिए....

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳 

Note : BJP को support करने में मेरा कोई स्वार्थ नहीं है, मैं एक राष्ट्रभक्त हूँ। 

BJP की विचारधारा राष्ट्रवादी विचारधारा है, इसलिए मैं उसका support करती हूँ।