अभी कुछ दिनों पहले NEET Exam के paper के leak के कारण exam रद्द कर दिया गया और re-NEET exam कराया गया।
Re-NEET exam हो गया, और उससे बहुत से बच्चों का NEET clear भी हो गया।
पर exam leak हुआ, इसके चलते बहुत बड़ा protest किया गया, जिसमें मांग की गई कि education minister धर्मेन्द्र प्रधान resignation दें।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार प्रल्हाद जोशी को सौंप दिया गया।
NEET Exam Leak Protest
Exam leak होना India में कोई नयी बात नहीं है, आज से पहले भी बहुत बार paper leak हुए हैं, paper leak या परीक्षा में गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए या दबाव के कारण पहले भी मंत्रियों या बड़े अधिकारियों ने पद छोड़े हैं, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस तरह इस्तीफा एक बड़ा घटनाक्रम रहा है।
Paper leak होना, एक student के लिए बहुत बड़ी घटना होती है, उसके सपने, मेहनत, माता-पिता के सपने, उनकी मेहनत और त्याग सब शामिल होता है।
ऐसे में paper leak होने की घटना पर बवाल होना निश्चित है। लेकिन क्या इस्तीफा उसका हल है? क्या धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से सब कुछ normal हो जाएगा?
क्या कड़े नियम-कानून बनाने की appeal करना ज्यादा उचित नहीं होता? क्या लगता है कि BJP government ने डर कर धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर किया है?
नहीं, बल्कि इसलिए किया है क्योंकि युवाओं के मुद्दे को हथियार बनाकर बाकी विरोधी political parties अपना उल्लू सीधा करने आ गई थी।
जिनका उद्देश्य शिक्षा नीति को सुधारना था ही नहीं, उनका उद्देश्य केवल BJP government के प्रतिनिधि को ग़लत साबित करके देश में BJP government की छवि ख़राब करना था।
देश के युवा इन विरोधी parties के हाथ की कठपुतली बनकर civil war की ओर आगे न बढ़ जाएं, इसलिए BJP government ने एक कदम पीछे लिया है।
पर जो एक कदम आगे बढ़ाया है, उसके चलते विरोधी party को हंगामा काटने से कुछ विशेष हाथ नहीं लगा है।
और अगर विरोध करना ही है, तो protest करने वाले आगे बढ़ो और केवल एक NEET exam leak होने के लिए आवाज उठाने से कुछ नहीं होगा।
आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन करो, क्योंकि अगर वो खत्म हो गया, तो न जाने कितने नौजवानों के सपने पूरे हो जाएंगे। न जाने कितने पदों पर न्यायसंगत candidate आएंगे।
करो प्रदर्शन कि merits के basis पर selection हों, न कि धर्म और जाति के आधार पर, तब न जाने कितने योग्य बेरोजगारों को रोजगार मिला जाएगा।
अगर हो देश के सच्चे हितैषी और नौजवानों के सच्चे खैरख्वाह तो, बढ़ो आगे। तब होगा, सही मायने में उचित protest…
