Thursday, 11 January 2024

Article: Lakshadweep -Our pride

आज कल देश-विदेश में जो मुद्दा सबसे ज़्यादा गरमाया हुआ है, वो है मोदी जी द्वारा भारत के सबसे छोटे केंद्र शासित प्रदेश, लक्षद्वीप की यात्रा करना और उसकी ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना... 

लक्षद्वीप हमारा अभिमान 

लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है, जो केवल 32.62 वर्ग किमी में फैला है। भारत के दक्षिण पश्चिम तट से लक्षद्वीप की दूरी 200-400 किमी है। 

इस यात्रा में मोदी जी ने एक नया ही आह्वान किया है। जो आह्वान उन्होंने पहले किया था, वो तो आपने सुना ही होगा, उन्होंने Made in India का नारा देकर स्वदेशी सामानों को बढ़ावा दिया था।

वैसे ही जब उन्होंने लक्षद्वीप का दौरा किया तो लक्षद्वीप की अनछुई, अद्भुत सुंदरता का वर्णन करते हुए, अपनी कुछ तस्वीरें लक्षद्वीप के beach में बैठकर, life jacket पहनकर, आदि को अपने X acount ( formerly Twitter) पर डाल दी। इन तस्वीरों में लक्षद्वीप की अद्भुत सौंदर्य की छटा साफ दिखाई दे रही है, उसकी स्वच्छता, उसकी निर्मलता और उसके सौन्दर्य का आकर्षण, सब ऐसा अद्भुत प्रतीत हो रहा है कि मन स्वतः ही उसकी ओर आकर्षित हो जाए। उन्होंने लक्षद्वीप दौरे के साथ ही Wed-in India (wedding in India) का नया नारा दिया है और यह भी कहा कि हमारा भारत अद्भुत सौंदर्य का भंडार है, आप उन सबको explore कीजिए। आपको सब अपने ही देश में मिलेगा।

दरअसल आजकल destination wedding का प्रचलन बहुत बढ़ गया है और लोग शादी-विवाह के लिए विदेशों की बहुत सी जगहों को wedding place के रूप में select करने लगे हैं।

हमारे मोदीजी तो ठहरे देशभक्त और देश के हित में सोचने वाले, तो उन्होंने सोचा कि अगर destination wedding के लिए लोग, लक्षद्वीप को चुनेंगे तो उसका पर्यटन विभाग सुदृढ़ होगा, इससे लक्षद्वीप का विकास होगा, साथ ही देश का पैसा देश में रहेगा।

क्या ग़लत किया मोदी जी ने? अपने देश के विकास के लिए सही निर्णय लेना और उसका विकास सोचना, यही तो है ना, देश के प्रधानमंत्री का काम? 

बस वही किया, कहीं भी विदेश के किसी भी अन्य स्थल के विषय में कुछ नहीं बोला, ना किसी की तारीफ की, ना विरोध किया... 

तो फिर विरोध किसे है और क्यों? 

मालदीव को!...  

पर क्यों?

मालदीव एक island country है, जहां main revenue tourism से आता है।

आप इस बात को मानें, चाहे ना मानें, पर हकीकत यही है कि मोदी जी के followers देश और विदेश सब जगह बहुत ज़्यादा हैं। वो एक बहुत बड़े influencer हैं। इसलिए अगर मोदी जी किसी बात को कह दें तो उसका असर लोगों पर पड़ता है। वो सिर्फ़ भारत के प्रधानमंत्री नहीं है, बल्कि बहुत से लोगों के लिए एक icon हैं।

बस यही बात, मालदीव में कुछ लोगों को खटक गई कि मोदीजी ने आह्वान किया है तो लोग लक्षद्वीप जाने लगेंगे तो मालदीव में tourist कम आएंगे और उनके देश का revenue कम हो जाएगा। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जिन तीन बड़े देशों से मालदीव को बड़ा revenue मिलता है, वो हैं रूस, भारत और चीन। जिसमें रूस और भारत से 11% और चीन से 10%...

बस इसके चलते ही उन्होंने हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को clown, terrorist and  puppet of Israel कहा और साथ ही हमारे देश को भी बहुत से अपशब्द कह डाले... 


मोदी जी के आह्वान से लोग जितना लक्षद्वीप जाने के लिए प्रेरित हो रहे थे, उससे ज़्यादा इस बात से क्रोधित हो गए कि मालदीव के चंद लोगों ने भारत और भारत के प्रधानमंत्री के विषय में अपशब्द कैसे कहे?

मुद्दा अब देश की अस्मिता पर आ गया। भारत की incredibility पर आ गया है..

जिसका समर्थन करने बहुत से film stars जैसे अजय देवगन, अक्षय कुमार, वरुण धवन, सलमान खान, श्रद्धा कपूर, अमिताभ बच्चन, जॉन अब्राहम, जैकलीन फर्नाडीज आदि ने and sports stars, like  Sachin Tendulkar, Virendra Sehwag, etc भी आ गये। बहुत सी established ferms ने भी इसका समर्थन किया और सब मालदीव के विरोध में एकजुट हो गए। #BoycottMaldives #चलो लक्षद्वीप जैसे hashtags social media पर trand करने लगे।

सबने कहा कि मालदीव बहुत सुन्दर है पर अगर बात हमारे देश के सम्मान की है तो हम पहले देश का साथ देंगे। 

और बस धड़ाधड़, लोगों ने मालदीव के 3000+ hotels bookings and 9000+ flights cancel कर दीं। और बस दो ही दिन में मालदीव को अपनी ग़लती का एहसास हो गया। 

जिन्होंने पीएम मोदी की आलोचना की थी, "यह अनुमान लगाते हुए कि यह केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप को मालदीव के alternative tourism place के रूप में पेश करने का एक प्रयास था।" वे तीन मंत्री थे मालशा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्ला महज़ूम माजिद। उन्हें terminate कर दिया गया।

साथ ही क्षमा मांगते हुए कहा कि वो सोच उनकी व्यक्तिगत थी, पूरा मालदीव ऐसा नहीं मानता है। 

उनकी नज़र में भारत के लिए बहुत सम्मान है और भारत से अपने रिश्ते को मधुर ही बनाए रखना चाहते हैं। 

लक्षद्वीप सचमुच बहुत सुंदर island है और वो खूबसूरती में मालदीव के समकक्ष ही है। और सच में भारत सौन्दर्य का भंडार है, अगर explore किया जाए तो यहां आपको वो सब कुछ मिल जाएगा, जिसकी तलाश में लोग विदेशों में जाते हैं। 

चलिए हम भी अपने देश का साथ दें और बता दें दुनिया को, कि हमें अपने देश का सम्मान सर्वोपरि है। कोई हमारे देश के लिए अपशब्द कहेगा तो हम वो बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारा भारत, अब पहले से बहुत अधिक सशक्त और समृद्ध है, उससे पंगे लेने वाले को उचित मुआवजे का भुगतान करना पड़ेगा। 

हमारा देश और उसकी धरोहर, हमारे लिए आन और मान है

इसलिए हर देश को हमारे देश भारत को सम्पूर्ण सम्मान देना होगा। 

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Tuesday, 9 January 2024

Memories : अंगीठी - एक मीठी याद

इस बार ठंडक कुछ ज्यादा ही पड़ रही है या यूं कहें कि हर साल ही ऐसा लगता है, जैसे इस साल सबसे ज़्यादा ठंड पड़ रही है।

खैर बरहाल, सोचने वाली बात यह रहती है कि ठंड दूर कैसे की जाए। 

वैसे आज कल तो घर-घर में heater, room blower है... वही हमारे यहां भी...

आज ऐसे ही कुछ देखने के लिए Google बाबा की याद आई, और बस उस देखा-देखी में एक के बाद एक चीजों की लड़ी सी बनती गई।

और देखते-देखते, नज़र पड़ गई अंगीठी पर...

अंगीठी बिक रही हैं और वो भी online???

सच ऐसे ही विस्मित हो गये थे हम भी, पर खैर क्या नहीं है, जो आपको online में नहीं मिल रहा।

पर उन अंगीठियों को देखकर मन पंख लगाकर बचपन की ओर उड़ चला। एक मीठी सी याद बन कर...

अंगीठी - एक मीठी याद

हमारे बचपन में तो कोई घर ऐसा नहीं होगा, जिनके पास अंगीठी ना हो। 

बहुत से लोगों के घर में तो अंगीठी पर खाना भी बनता होगा शायद, पर हमारे यहां तो हमने अपनी मम्मी, दादी, चाची, नानी, मौसी, मामी... किसी को भी चूल्हे, स्टोव, अंगीठी, heater, किसी पर खाना बनाते नहीं देखा, सभी gas use कर के ही खाना बनाते थे।

पर एक अंगीठी थी, हमारे यहां, जो पूरे साल बड़े एतिहाद से रखी जाती थी और उसका उपयोग ठंड की शामों में ठिठुरन मिटाने के लिए किया जाता है।

एक सच बात बताएं, आप लोगों को, जब वो जलती थी तो feeling बिल्कुल bonfire वाली ही आती थी।

आज कल जैसे हम अपने मां-पापा की एकलौती या दो संतानों जैसे नहीं थे। हम चार भाई-बहन थे। दो भाई और दो बहन... और एक बात, हम चार से, हम लोगों को जितना आंनद आता था, और लोगों को हमें देखकर उतनी ही ईर्ष्या होती थी। 

कारण पता है क्या था? हम दोनों भाई-बहन जोड़े से थे, इसलिए हम लोगों घर पर हों या बाहर हमें किसी और की कभी आवश्यकता ही नहीं महसूस होती है। ऐसा लगता था, ईश्वर ने हमें complete बना कर भेजा है। 

उस पर सोने पर सुहागा यह कि शौक-पसंद भी हम लोगों के मिलते-जुलते थे...

खैर फिलहाल अभी अंगीठी पर ही लौटते हैं। हां तो बस शाम होती और कोई ना कोई भाई-बहन बैठ जाता, शाम की गर्माहट बढ़ाने की तैयारी में...

पापा जी ने तो खूब सारे, लकड़ी के, पत्थर के कोयले खरीद कर रख दिए थे। 

घर में एक बड़ा सा खुला आंगन था, बस वहीं बैठ कर अंगीठी जलाया करते थे।

और हम लोगों में से जो कोई उसे जलाने बैठता था तो बड़ी तेजी से उसे जलाने के जतन करता था और जब वो अपनी आंच पर आ जाती थी तो ऐसी अनुभूति होती थी, मानों किसी अड़ियल घोड़े को काबू में कर लिया हो। अंगीठी जलाना कोई हंसी-खेल नहीं होता है...

पर हम सब भाई-बहन में सबसे अच्छी अंगीठी, छोटा भाई जलाता था। जब वो अंगीठी सुलगा कर कमरे में लाता था, बहुत तेज आंच और धुआं एक रत्ती का नहीं। बहुत ज्यादा आनंद आ जाता था। उसके छोटे-छोटे हाथ कमाल का काम करते थे। 

बहुत ही सुहाने दिन थे, उस ज़माने में लोगों के पास व्यस्तता उतनी ही थी, जितनी होनी चाहिए थी और अपनों के लिए समय भी उतना ही जितना आवश्यक होता है।

पूरा परिवार उस अंगीठी के ताप से जगमगा उठता था, और, उसी दौरान, गर दौर मूंगफली का चल जाता था तो कहना ही क्या, मूंगफली के छिलके कमाल ही कर देते थे।

रिश्तेदारों का भी आना-जाना लगा ही रहता था, जो सुख में चार-चांद लगा दिया करता था..

उस ज़माने में जिंदगी, जिंदगी थी, आज जैसी नहीं जिसमें सिर्फ भाग-दौड़ और झूठा छलावा है, busy रहने और busy दिखाने का... 

बहुत याद आता है, अंगीठी का ताप और अपनों का साथ... पापा जी के चले जाने से, वो साथ, अब वैसे भी कभी संभव नहीं है!...

और ना संभव है अंगीठी का ताप...

अब आप कहेंगे कि वो क्यों? पूरा लेख लिख डाला अंगीठी पर, और ताप संभव नहीं...

वो क्या है ना हमारे घर में राज्य पति-महाराज का ही है, और पतिदेव एक धूपबत्ती, अगरबत्ती तक तो जलाने नहीं देते हैं, वो अंगीठी तो क्या ही जलाने देंगे.... 

हम नहीं अंगीठी का मज़ा ले सकते हैं तो क्या? उसकी याद और उसके सुख का उल्लेख तो कर ही सकते हैं और उसकी स्वतंत्रता उनकी तरफ से भी है... तो क्यों ना खुशी ले लें...

जो नहीं मिला रहा, उसके लिए दुःखी होने से अच्छा है जो मिल रहा है, उसके लिए प्रसन्न रहें, खुश रहें, जिंदगी जीना आसान होता है...

वरना ग़म तो ज़माने में ग़ालिब किस को नहीं है?....

खैर छोड़िए वो सब, वापस अंगीठी पर आते हैं..

आज जब अंगीठी देखी, और उसके भाव देखे तो लगा कि ऐसा भी क्या है, जो अंगीठी के भाव इतने बढ़े हुए है?.. तो देखा कि एक से एक ख़ूबसूरत design थी, कल की जरूरत आज के antique items में से एक है। बहुत से घरों में उसे antique and elegant का मान भी मिला हुआ था, लोगों के drawing room की शोभा है, अंगीठी। आज उसे बेहद उम्दा ashtray के रूप में present किया जा रहा है।

वैसे आज भी किसी को अगर अंगीठी में interest हो तो एक से एक अंगीठी हैं, multipurpose हैं, आपकी आंखों को धुआं ना लगे, ऐसी भी हैं। हां उनके दाम जरूर ज्यादा हैं। पर शौक तो शौक है, वो दाम कब देखता है... 

हम तो कहेंगे कि आज भी जिनके घर में अंगीठी है, वो सौगात है, खुशियों के दिनों की... आनंद ले, उसके साथ बस ठंड का, अंगीठी के ताप का और उसके multipurpose use का...

पर हां, एक बात का ध्यान हमेशा रखिएगा कि जली हुई अंगीठी, या जिस किसी भी चीज़ में आप आग जला रहे हैं, वो जितना सुख गर्माहट देकर देती है, जब वो बुझने लगती है तो उतनी ही खतरनाक हो जाती है, क्योंकि तब वो carbon monoxide, produce करने लगती है, जो कि जानलेवा होती है इसलिए अंगीठी बुझने लगे तो उसे खुली जगह में रख देना चाहिए। 

सुखी रहिए, पर सावधानी के साथ...

Saturday, 6 January 2024

Recipe : Makhmali Gobhi

शीत ऋतु को अगर veggies का king कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि शीत ऋतु में सब्जियों का खजाना होता है।

तो चलिए आज हम आपको कुछ different पर बहुत ही tasty recipe, एक party dish share कर रहे हैं। Winter special veggie को लेकर...

और उस सब्जी का नाम है cauliflower (गोभी)...

वैसे तो गोभी के बहुत variation होते हैं। फिर भी जितने और पता चल जाए, हम vegetarians लोगों के लिए उतना अच्छा है।

बाकी आप की information के लिए बता दें। इसकी fragrance and taste, दोनों ही इतने लाजवाब हैं कि इसके आगे restaurant की सब्जियां fail है।

चलिए तो झटपट इसकी preparation भी देख लेते हैं।

मखमली गोभी


Ingredients :

  • Cauliflower - 100 gm.
  • Capsicum - 1 medium (sliced)
  • Tomato  - 1 (small)
  • Cumin seeds - ½ tsp.
  • Ginger - ¼ inch
  • Garlic - 4 to 5 cloves 
  • Onion - 1 bowl (small, chopped)
  • Curd - ½ bowl 
  • Cream - 1 tbsp.
  • Cashew nuts - 8 to 10 
  • Oil - 1½ tbsp.
  • Butter - 1 tbsp.
  • Salt - as per taste
  • Kasuri Methi (powder) - 1 tsp.
  • Turmeric powder - 1 tsp.
  • Kashmiri Lal Mirch (powder) - 1 tsp.


Method :

  1. Cauliflower को al-dente तक blanch कर लें।
  2. Flat pan में तेल गर्म करें।
  3. जब तेल पक जाए तो उसमें butter मिला दीजिए।
  4. अब इसमें जीरा डालकर चटका लें।
  5. फिर chopped onion डालकर हल्का सा भून लें।
  6. अब इसमें capsicum and blanched cauliflower डालकर medium high flame पर थोड़ा सा sauté कर लीजिए।
  7. एक mixer grinder jar में दही, काजू, टमाटर, अदरक-लहसुन डालकर कर fine paste बना लीजिए। अब इसमें cream भी add कर दें और कुछ देर jar और चला दें।
  8. अब Pan में cauliflower, capsicum etc. को side में कर दीजिए।
  9. बीच Pan में हल्दी powder, मिर्च powder, धनिया powder डालें व साथ ही दही, काजू, टमाटर, अदरक-लहसुन के paste को डालकर sauté कर लें।
  10. जब दही-काजू मसाला घी छोड़ने लगे तो उसमें कसूरी मेथी powder, गरम मसाला powder और नमक डालकर अच्छे से मिला दीजिए।
  11. अब इस मसाले में गोभी आदि को मिला लीजिए।
  12. आप चाहें तो dry मखमली गोभी भी serve कर सकते हैं, और चाहें तो थोड़ा पानी डालकर कर thick gravy भी बना सकते हैं। उसके लिए मसाले वाले jar में पानी डालकर वही पानी gravy के लिए use कर लीजिए।
  13. 5 to 10 minutes ढककर धीमी आंच पर पका लीजिए।

Now your Velvet Cauliflower is ready to serve. You can serve it with Naan, Rumali Roti or Dal Makhani and rice. Enjoy!!!

तो चलिए बना लीजिए इसे और शामिल कर लीजिए अपनी एक और party dish में...