Thursday, 20 March 2025

Article : World Storytelling Day

आज विश्व कहानी दिवस (world storytelling day) है। ये हर साल 20 मार्च को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को कहानियों के माध्यम से जोड़ना और कहानी कहने की कला को बढ़ावा देना है। 

कहानी कहना या सुनाना, एक ऐसी कला है, जिससे कठिन से कठिन और boring से boring topic, बहुत सरलता से समझाया जा सकता है।

यहां तक कि यदि कथावाचक (story teller), अपनी कथा (story) को interesting way में सुनाता है, तो वो कहानी, मन-मस्तिष्क पर ऐसी अमिट छाप छोड़ती है कि ज़िन्दगी भर याद रहती है।

चलिए जानते हैं कि कहानी दिवस को मानने के मुख्य कारण क्या है...

World Storytelling Day


1) लोगों को जोड़ना :

यह दिन दुनिया भर के लोगों को एक साथ लाता है, ताकि वे कहानियों के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ सकें और अपने experience को share कर सकें।


2) कहानी कहने की कला को बढ़ावा देना :

यह दिन कहानी कहने की कला को प्रोत्साहित करता है और उन लोगों को एक मंच प्रदान करता है जो कहानी सुनना और लिखना पसंद करते हैं।


3) सांस्कृतिक विविधता को उजागर करना :

कहानी दिवस विभिन्न संस्कृतियों और कहानियों को उजागर करने का एक अवसर है, जिससे लोगों को दुनिया के विभिन्न हिस्सों के बारे में जानने का मौका मिलता है।


4) कल्पना और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना :

कहानियाँ लोगों को अपनी कल्पना और रचनात्मकता को विकसित करने में मदद करती हैं, और कहानी दिवस इस प्रक्रिया को प्रोत्साहित करता है।


कहानियाँ हमें जीवन के बारे में, अपने बारे में और दूसरों के बारे में सिखाती हैं। कहानी सुनाना छात्रों के लिए अन्य संस्कृतियों के प्रति समझ, सम्मान और प्रशंसा विकसित करने का एक अनूठा तरीका है, और यह विभिन्न देशों, जातियों और धर्मों के लोगों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे सकता है। 

इस आयोजन का महत्व इस तथ्य में निहित है कि यह अपनी तरह का पहला वैश्विक कहानी उत्सव है, और यह अक्सर एक-दूसरे से दूर काम करने वाले कहानीकारों के बीच संबंध बनाने में महत्वपूर्ण रहा है। यह एक कला के रूप में कहानी की ओर जनता और मीडिया का ध्यान आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण रहा है।

यह मंच, कहानीकारों और कहानी श्रोताओं दोनों को एक साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हैं। इस बार के कथा दिवस का topic है, Deep Water.

यह दिवस, हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, पर इसलिए नहीं कि हम कहानीकार हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि कहानियां ही हैं, जिन्होंने हमें आप से जोड़ा है।

आप हमसे केवल श्रोता के रूप में नहीं जुड़े हैं, बल्कि बहुत बार आप ने बहुत प्रेरणा देने वाली कहानी लिखने को भी प्रेरित किया है।

तो आज कहानी दिवस के दिन आप सभी को कहानियां सुनने, प्रेरणा देने और कहानियां लिखते रहने को प्रेरित करने के लिए अनेकानेक आभार 🙏🏻 

ऐसे ही, अपने आशीर्वाद और प्यार के साथ हम से जुड़े रहें🙏🏻😊

विश्व कथा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 💐 

Tuesday, 18 March 2025

Short Story : बदलता समय

बदलता समय 


मीरा अपने बेटे संजय के साथ लोगों के घरों में बर्तन झाड़ू-पोंछा का काम किया करती थी।

संजय मेहनती था और बड़े मन से अपनी मां के साथ काम करता था।

जब वो बड़ा होने लगा, तो क्योंकि वो लड़का था तो बहुत से लोगों ने उससे घर में काम करवाने से मना कर दिया था। क्योंकि उनके घर की बेटियां बालिग हो रही थीं।

Social society, ऐसी ही है, जहां घर में लड़कियां होती हैं, वहां लोग लड़कों से घर का काम कराने के इच्छुक नहीं रहते हैं।

पर काम की क्या कमी है, जो मेहनती हो उसके लिए..

उसने खाना बनाकर बेचने वाले ठेलों में, छोटे ढाबे इत्यादि में बर्तन धोने का काम करना शुरू कर दिया। 

वहां पैसे अच्छे मिल रहे थे, पर मेहनत और डांट भी ज्यादा पड़ रही थी।

उसने सोचा कि किसी ऐसी जगह काम करें, जहां पैसा अच्छा हो और मेहनत कम...

उसने काम के साथ ऐसा कुछ काम ढूंढने शुरू कर दिए, जो उसे करने की इच्छा थी।

और फिर एक दिन उसे ऐसा काम मिल भी गया, उसे बारातघर में काम मिला...

क्योंकि वो घर-घर जाकर अपनी मां के साथ काम कर चुका था और कुछ संभ्रांत लोगों ने उसे बोलने-बैठने की तमीज सिखा दी थी, तो उसे वहां, बर्तन धोने के काम की बजाए, serving का काम मिल गया।

अब उसे डांट नहीं पड़ती थी, साथ ही बर्तन, झाड़ू-पोंछा के काम से भी छूट मिल गई थी, तो उसके भाव बढ़ने लगे।

एक दिन किसी घर में झाड़ू लगा रही थी, उसी समय वो अपनी मां से पैसे मांगने आया। मां बोली, बेटा थोड़े बर्तन तू धो दें तो काम जल्दी खत्म हो जाएगा, फिर दोनों साथ घर चल देंगे।

उसने तुनक कर कहा, मैं झाड़ू-पोछा, बर्तन जैसे छोटे काम नहीं करता, तू ही कर... मुझे तो बस पैसा दे।

मां बोली, क्यों चाहिए?

वो बोला, मुझे कपड़े खरीदने हैं, वैसे उस समय वो अच्छे-खासे कपड़े ही पहने हुआ था।

मां बोली, अभी कुछ दिन पहले ही तो तूने लिए थे, इतनी जल्दी फिर क्यों?

वो फिर ऐंठ कर बोला, अरे मां तुझे कुछ अक्ल तो है नहीं, तू रखना यही छोटे काम करने वालों जैसी छोटी सोच... 

मैं अब तेरे जैसे महीना-दो महीना, एक ही कपड़े में नहीं गुजार सकता। मुझे तो अब शर्म आती है, सबको यह बताते हुए कि मेरी मां बर्तन झाड़ू-पोंछा करती है। 

चल अब जल्दी से पैसा दे, मेरे पास बहुत समय नहीं है, तेरे साथ माथा फोड़ने का...

मीरा मन मसोस कर रह गई, आखिर जिस बेटे के लिए, उसने घर-घर जाकर बर्तन झाड़ू-पोंछा आदि करने का काम किया, आज उसे ही उसके होने पर शर्म की बात लगने लगी है।

खुद तो कोई बहुत ऊंचे स्तर की नौकरी नहीं कर रहा है, पर घमंडी देखो कितना हो गया है। अगर वाकई कोई अच्छी नौकरी करता होता, तो ना जाने आज कितना घमंड कर रहा होता…

जब लोगों के घर काम करने पर, कोई उसे यह एहसास करता था कि वो छोटे स्तर का काम करती है, तो उसे हमेशा यही लगता था कि यह लोग क्या समझेंगे, बचपन से ही रुपए-पैसों से भरपूर रहे हैं।

कोई हम जैसा काम करके, कुछ बड़ा करें, उसे हमारी कीमत होगी।

लेकिन आज जिस तरह से उसके अपने बेटे ने उसे नीचा दिखाया है, ऐसा तो कभी किसी ने नहीं किया...

सच में बदलता समय, लोगों के व्यवहार बदल देता है। जो व्यक्ति हर मायने में बड़ा होकर भी अपने से छोटे लोगों से शिष्टता से बात करता है, वो सच में महान व्यक्ति है।

जिन ऐसे अच्छे लोगों के घर वो काम करती थी, उनके लिए उसके मन में श्रद्धाभाव बहुत अधिक बढ़ गये।

Friday, 14 March 2025

Poem : रंगों का मिलन

होली एक ऐसा त्यौहार है, जिसके हर रंग में प्यार है, हर ओर उत्साह और उमंग की बहार है। अगर बात करें बच्चों की, तो उनका सबसे पसंदीदा त्यौहार है।

तो आज की यह कविता, जिसे अद्वय ने लिखी है, आप सभी को साझा कर रहे हैं। पसंद आने पर उसका उत्साह वर्धन अवश्य करें 🙏🏻😊

रंगों का मिलन


जहाँ होता है रंगों का मिलन,

खुशी, उमंग और उत्साह का मिश्रण।

वही त्यौहार तो है होली,

जिसमें होती है बस प्रेम की बोली।


जब गुझिया बनती घर-घर में 

जब गुलाल उड़ता है अम्बर में।

जब पिचकारियां हो जाएं तैयार,

और उमड़ आए सब में उमंग अपार।


जब फूल खिल उठते हैं डाली पे,

जब भर जाते हैं लोग खुशहाली से।

जब केशव खेलें राधा संग,

और झूम उठे हर एक तरंग।


जब पीते सब शीतल ठंडाई,

और चट कर जाते सारी मिठाई।

जब पक्षी करते हैं कलरव,

बस यही है, होली का उत्सव।।




आप सभी को होली के रंगोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ 💐🙏🏻😊