वो कौन था (भाग-1) के आगे…
वो कौन था (भाग-2)
सबने सुना पर कोई सामने नहीं आया, और तृषा को परेशान करने का सिलसिला पुरजोर चलता रहा। एक दिन तृषा ने तंग आकर hospital से resign करने का मन बना लिया और सीधे पहुंच गई कुशल के पास।
कुशल ने एक बार फिर सबको बुला लिया।
ऐसा क्या है जो एक lady हमारे यहां safe नहीं रह सकती है। धिक्कार है कि हम doctors के बीच भी कोई अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
रोहित, विनय, समीर पहले से ही hospital में appointed थे। तृषा की joining के साथ राघव, दीपक, सुगंधा और निशा ने join किया था।
सारे doctor एक से एक शरीफ़ थे, कि किसी पर भी इल्ज़ाम लगाना उनकी dignity को चोट पहुंचाना था।
फिर तृषा के अलावा बाकी भी जो lady doctors थीं, उन्हें कोई problem नहीं थी। ऐसा नहीं था कि वो साधारण नयन नक्श की हों।
सबसे सुंदर तृषा थी, पर बाकी भी लगभग उसकी टक्कर की थीं। पर तृषा के साथ होनी वाली घटनाओं के कारण सब तृषा के लिए चिंतित रहते थे।
ऐसा इसलिए भी था, क्योंकि hospital का माहौल बहुत friendly और homely था। सब एक-दूसरे को लेकर बहुत concerned रहते थे।
इन सबके बावजूद कोई उस stalker को पकड़ नहीं पा रहा था। वो इतना ज्यादा शातिर था कि सबकी मौजूदगी में भी अपने काम को बखूबी अंजाम दे रहा था।
“कुशल सर, मैं तंग आ चुकी हूं इन सब हरकतों से, please मेरा resignation स्वीकार करें और मुझे जाने दें।”
तृषा का resignation, सबके लिए यह खबर shocking थी, वैसे भी शहर के सबसे अच्छे hospital से किसी doctor का resign करना अपने आप में बड़ी news थी।सब उससे रुकने को कहने लगे।
कुशल ने हाथ जोड़कर तृषा से request की, कि बस एक हफ्ते का समय और दे, वो जरूर से उस imposter को ढूंढ निकालेगा।
फिर वो सबकी तरफ मुखातिब होते हुए बोला, मुझे आप सबका साथ चाहिए इस काम में। उसने hospital में CCTV cameras और बढ़ा दिए, जिससे यह काम और मुस्तैदी से किया जा सके।
पर दो दिन बाद ही यह क्या हुआ, जिसे देखकर सब हतप्रभ रह गए...
आगे पढ़ें, वो कौन था (अंतिम भाग) में…

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