Friday, 8 January 2021

Tips. How to preserve Green Peas

 शरद के मौसम में, veggies की बहार होती है, इसलिए इस समय cooking करना more interesting लगता है।

इन veggies की एक खासियत और है कि हम इन्हें preserve कर सकते हैैं, और इन्हें out of season भी enjoy कर सकते हैं। जिसकी process बहुत easy होती है। 

आज आप के साथ, share कर रहे हैं कि कैसे हरी मटर को preserve करें कि उसका colour and taste, intact रहे और आप summer में भी fresh peas को enjoy कर सकें।

How to preserve Green Peas



Ingredients

Peas - 400 gm.

Sugar - 1tsp

Water - for blanching

Ice cube - 1 tray 

Method

  1. पानी को High flame पर boil करने रख दीजिए।
  2. जब पानी boil हो जाए तो उसमें 1 tsp sugar डाल दीजिए।
  3. अब इसमें मटर के दाने डाल दीजिए। 2 min. High flame पर blanch कीजिए।
  4. Gas off कर दीजिए।
  5. 1 Bowl में पानी लीजिए, उसमें ice cube डाल दीजिए।
  6. इसमें blanched मटर के दाने डाल दीजिए।
  7. जब मटर के दाने पूरे ठंडे हो जाए तो एक बड़ी seave (छन्नी) में डालकर पानी drain कर दीजिए।
  8. Seave में मटर 1hour  के लिए छोड़ दीजिए जिससे, पानी अच्छे से drain out हो जाए।
  9. अब इसे kitchen towel में डालकर हल्के हाथों से सुखा लीजिए।
  10. अब आप इन दानों को seal होने वाली polythene bags में मटर के दाने रखकर polythene bags बंद कर दीजिए।
  11. अब इन्हें freezer में store कर लीजिए।

Note 

  • 1kg भरे दाने वाली मटर से 400 to 450 gm. मटर के दाने निकलते हैं।
  • पानी इतना लीजिएगा कि मटर डूबने से 1 inch पानी ऊपर रहे।
  • Sugar add करने से colour and taste intact रहता है।
  • गर्म और ठंडे पानी की process होने से मटर की‌ preservation process हो जाती है।
  • ठीक से सूखाकर ही pack कीजिएगा।
  • Polythene bags में wrap करने से airlock रहती है, जिससे मटर preserve रहती है।
  • अगर आप के पास seal lock polythene bags नहीं है तो आप मटर pack करके उसे candle light or heated knife से भी seal कर सकते हैैं।
  • आप चाहें तो airtight container में भी रख सकते हैं।
  • Preserve करने के लिए freezer में ही रखना जरूरी है ।

Thursday, 7 January 2021

Short Story : ममता

 ममता


25- 30 साल के लगभग, छरहरे बदन वाली श्याम वर्ण की ममता ने हमारे घर काम पकड़ा था।

सर्दी की ठिठुरती सुबह हो, फुहारों की पड़ती सांझ या गर्मी की चिलचिलाती दोपहर, ममता  हमारे घर की घंटी अवश्य बजाती।

उसकी एक अनोखी अदा थी कि वो रोज़ सुबह आने पर दरवाजा खोलते ही बड़े अदब से नमस्ते जरुर करती।

भीतर आकर बड़ी फुर्ती से वो काम में जुट जाती थी।

हमारे घर के अलावा वो चार और घरों में काम करती थी।

उसे जब देखतीं तो लगता कि इस एक हड्डी में भी कितनी जान है। हम से अपने एक अकेले घर के काम निपटाने में हाथ-पांव कीर्तन करने लगते हैं और एक यह है जो पांच घरों का काम निपटा कर अपने घर का काम भी बखूबी कर लेती है।

मुझे खाना बनाने का बहुत शौक है तो आए दिन, special dishes बनाती ही रहती हूँ।

कभी खस्ता समोसा, कभी चाट पकौड़ी, कभी cake, Pizza, pasta तो कभी खीर, जलेबी, ice-cream, आदि .....

मेरा घर पकवानों की खुशबू से महकता है और बर्तन से भी पता चलता था कि कुछ विशेष बना है।

फिर ऐसे में उसको वो सब खाने को ना देना, मुझे रास नहीं आता था। मेरा मानना था, हर पकवान में उसका भी हक़ है। 

तो, जब भी मैं कुछ special बनाती, उसका भी उसमें हिस्सा भी जरुर शामिल होता।

उसके आने के साथ ही मैं उसे उसका हिस्सा दे दिया करती थी।

पर मैं देखा करती, वो सदैव उसे घर ले जाती, कभी खाती नहीं थी।

एक दिन मैंने उससे पूछा कि एक बात बताओ ममता, मैं इतनी स्वादिष्ट पकवान तुम्हें देती हूँ, पर तुम कभी खाती क्यों नहीं हो?

भाभी, बच्चों के लिए ले जाती हूँ।

ठीक है....

पर कभी तुम्हारे खाने का मन नहीं होता है? 

भाभी मेरा मन तो आप घर में उड़ती हुई स्वादिष्ट खुशबू ही भर देती है।

और आपके बनाएं हुए स्वादिष्ट पकवान बच्चों को खाते हुए देखती हूँ, तो आत्मा भी तृप्त हो जाती है।

जो पकवान मैंने कभी नहीं खाए थे, वो आप के कारण मेरे बच्चे आए दिन खाते हैं।

इतनी अच्छी खुशबू उड़ रही हो, सामने स्वादिष्ट पकवान हो, फिर भी कोई चखे तक नहीं। बहुत बड़े त्याग की बात है।

उसकी बातों से दिल में एक ही अनुभूति होती कि यह काम एक माँ ही कर सकती है कि खुद भूखी रहे और बच्चों को खिलाती रहे। 

उसकी ममता के आगे उसे कोई नहीं डिगा सकता।

क्या बच्चे भी माँ का इतना ध्यान रख सकते हैं?

Wednesday, 6 January 2021

Article : हिन्दुत्व को बढ़ावा

 हिन्दुत्व को बढ़ावा



कोई इस बात को माने या ना माने, पर इस सत्य को झूठलाया नहीं जा सकता है कि हिन्दुत्व बढ़ता जा रहा है।

आज पूरे विश्व में हिन्दू अपने धर्म के प्रति जागरूक होते जा रहे हैं।

आज वो पहले की तरह secular नहीं रह गये।

आज वो भी समझ रहे हैं कि उन्हें secularism का पाठ पढ़ाकर केवल मूर्ख बनाया जा रहा था।

ऐसे करने के प्रति मकसद सिर्फ़ और सिर्फ़ इतना है कि हिन्दू धर्म को समाप्त कर दिया जाए।

पहले आए दिन मंदिर तोड़ दिए जाते थे।

कभी शहरीकरण के नाम पर, कभी सौंदर्यीकरण के नाम पर, और भी बहुत से बातों को मुद्दा बनाकर, ना जाने कितने ही मंदिर तोड़ दिए गए।

और उनकी कोई सुनवाई नहीं होती थी। ना ही इस बात को कोई तूल दिया जाता था।

हिन्दू देवी-देवताओं के नाम पर ना जाने कितने निम्न स्तर के व्यंग बनते थे।

Entertainment world में कितनी ही films, songs में हिन्दू धर्म का मज़ाक उड़ाया गया था।

पर नहीं, अब नहीं.....

अब हिन्दू जाग रहा है, अब उसे भी अपने धर्म को सम्मान देना है। आज ऐसी बातों का पुरजोर विरोध किया जा रहा है, जिसमें हिन्दू धर्म का अपमान किया जा रहा है।

अब मंदिरों के निर्माण का कार्य आरंभ कर दिया गया है।

इन सब का जीवन्त उदाहरण है कि राम मंदिर का निर्माण। 

दो-तीन दिन पहले, दिल्ली के चांदनी चौक में सौन्दर्यीकरण के नाम पर हनुमान जी के पुरातन मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया।

पर जनता के अत्याधिक रोष प्रदर्शन के कारण, पुनः मंदिर निर्माण की बात कही गई है।

और यह बात जानकर आपको सबसे ज्यादा प्रसन्नता होगी कि हाल ही में पाकिस्तान में एक स्वामी जी का मंदिर तोड़ दिया गया था।

वहाँ भी जनता ने बहुत रोष प्रदर्शन किया, जिससे वहाँ भी इमरान खान को पुनः मंदिर निर्माण का आदेश देना पड़ा। ऐसा उन्हें, BJP के दवाब में आकर करना पड़ा।

पर आप ने कभी सोचा, ऐसा क्या हुआ है? जिसके कारण ऐसा हो रहा है। 

शायद हमें बताने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आप सभी जानते हैं कि, ऐसा सब उसी एक नाम के कारण हो रहा है, जिसका बोल-बाला पूरे विश्व में है। 

वैसे भी यह हिन्दुस्तान है, तो यहाँ हिन्दुत्व को बढ़ावा दिया भी जाना चाहिए।

हमें तो बस सबसे इतना कहना है कि जो अलख जगी है, उसे जगाए रखिएगा, हिन्दुत्व को बढ़ावा दीजिएगा और अब उसका मान-सम्मान बढ़ाते रहिएगा। 

सभी अपने धर्मों को सर्वोच्च रखते हैं, उसका मान-सम्मान करते हैं। तभी किसी और धर्म के विषय में अनर्गल बातें करने की किसी की हिम्मत नहीं होती है।

तो अब हम हिन्दू ही secularism का चश्मा क्यों पहने?

हिन्दुत्व अस्तित्व हमारा है,

उसका सम्मान हमें प्यारा है‌।

हिन्दुत्व को दें बढ़ावा

यही हमारा नारा है।।