Tuesday, 10 January 2023

Story of Life: House number 1303 (भाग-2)

House number 1303 (भाग-1) के आगे...

House number 1303 (भाग-2)


बस फिर क्या था, रतन पहुंच गया दिल्ली और फिर नीरज के घर की ओर चल दिया...  

पूछते पूछते जब रतन, नीरज के सामने पहुंचा तो, दोनों एक-दूसरे को देखकर चौंक गए।

नीरज को तो पता नहीं था कि, रतन गांव से आ रहा है, तो वो वैसे ही था, जैसे रोज़ रहता था। 

फटेसटे कपड़ों में एक आदमी से डांट खाते हुए, एक हाथ में पाॅलिश व दूसरे हाथ में ब्रश पकड़े हुए। वो रतन को सामने देखकर सकपका गया।

नीरज तुम यहां, जूते पॉलिश का काम करते हो? फिर गांव में अपनी झूठी शान बघारने का काम क्यों करते हो?

अरे, मुझे क्या पता था कि एक दिन तुम यहां आ जाओगे, वो भी मुझे बिना बताए, नीरज भुनभुनाते हुए बोला ...

तुम्हारी झूठी बातों के कारण, हम सब शहर को महान, और अपने गांव को निम्न समझकर, गांव छोड़ने को आतुर हो गए हैं।

नीरज ने अपनी आंखें नीचे कर ली।

रतन, नीरज को वहां छोड़कर, अपने लिए, विद्यालय, नौकरी और घर की तलाश में आगे बढ़ गया।

शहर की दर बदर ठोकर खाने के बाद उसे एक दुकान में काम मिल गया। 

काम तो मिल गया, पर पढ़ाई-लिखाई सब छूट गई, क्योंकि उसके पास पढ़ने-लिखने के लिए, ना तो पैसा था और ना ही समय। 

काम तो उसे मिल गया था, पर एक अच्छे घर की तलाश उसकी अभी भी जारी थी।

कुछ दिनों में उसकी दोस्ती महेश से हो गई। महेश दिल्ली में पुराना रहने वाला था और बहुत से लोगों को जानता था। 

उसने एक दिन, रतन से कहा, मैं तुझे एक घर दे सकता हूं। यहीं पास के, apartment में है। एक कमरा, रसोईघर और बाथरूम है उसमें...

Apartment में! अरे, तब तो बहुत मंहगा होगा, क्यों मज़ाक कर रहे हो? मुझ गरीब के पास इतना पैसा कहाँ है? 

अरे, मेरे दोस्त मैं तुमसे पैसा नहीं लूंगा उसका, एक साहब, बहुत दिनों पहले यह घर छोड़ गए हैं और मुझे उसकी रखवाली के लिए छोड़ दिया है। 

घर थोड़ा पुराना है, अगर तुम्हें पसंद आए तो? देख लो...

सुनकर रतन खुश हो गया।दोनों apartment की ओर चल दिए। वो  lift से 13 floor पर पहुंचे। 

पुराना सा घर था, उस पर टूटी-फूटी नम्बर प्लेट लटक रही थी, घर का नंबर 1303 था।  बहुत सारी धूल और जाले थे, उस घर में। बहुत सालों से बंद था तो उससे बदबू भी आ रही थी। खिड़की, दरवाजे के खुलने में बहुत आवाज़ आ रही थी।

सब देखकर घर अजीब सा ही लग रहा था। रतन उसे देखकर सहम गया, वैसे भी वो थोड़ा डरपोक सा लड़का था।

महेश समझ गया कि रतन को घर समझ नहीं आ रहा है, वो डर रहा है। पर वो चाहता था कि रतन घर में रहने को तैयार हो जाए।

उसने रतन को ढांढस बंधाया और कहा कि, मैं यहीं पास की बस्ती में ही रहता हूं, तुम किसी बात की चिंता मत करो। बस्ती में मेरा अपना घर है, बूढ़े मां-बाप है, वो अपना घर छोड़ना नहीं चाहते हैं, और मैं उन्हें, इसलिए मैं यहां नहीं रहता हूं। अगर वैसा ना होता तो मैं खुद यहीं रहता।

यह बहुत भले इंसान का घर था, तुम मुझे भले लगे, इसलिए तुम्हें रहने को दे रहा हूं। तुम्हें रहने की जगह मिल जाएगी और उस भले इंसान के घर की रखवाली हो जाएगी।  

रतन मन कड़ा कर के रुकने को तैयार हो गया। महेश उसे घर की चाबी सौंपकर चला गया, साथ ही हिदायत दे गया कि यहां रखें कोई भी सामान से छेड़छाड़ ना करे व संभल कर रहे। और किसी चीज़ की ज़रूरत लगे तो बोल दे...

आगे पढ़ें House number 1303 (भाग-3) में...

Monday, 9 January 2023

Story of Life: house number 1303

 House number 1303 




रतन, महोबा के नज़दीक के एक गांव में रहता था। बहुत ही सीधा साधा और मासूम सा लड़का था। 

जब उसने बारहवीं कक्षा पास कर ली, तो आगे की पढ़ाई और नौकरी के लिए उसने सोचा कि दिल्ली चला जाए।

माँ- बाबूजी भी तैयार थे, क्योंकि सबको ही यह लगता था कि जीवन तो बड़े शहरों में ही है। गांवों में तो केवल संघर्ष ही है।

और उनकी इस सोच को पुख्ता, उनके दूर के रिश्तेदार नीरज ने बनाया था।

दरअसल वो जब से दिल्ली गया था, बाकी लोगों को यहाँ के सब्जबाग दिखाता रहता था। 

कुछ भी काम टिककर तो वो कर नहीं सकता था, साथ ही कामचोर और आलसी भी था। इसलिए शहर में छोटा-मोटा काम ही कर रहा था, फिर भी, शान बघारने के लिए, हमेशा कहा करता कि बहुत ठाठ बाट का जीवन जी रहा है।

सब सोचते कि जब नीरज जैसे लड़के के इतने ठाठ-बाट हैं तो रतन तो हर बात में नीरज से होशियार है, तब फिर इसके तो कितने ही ठाठ-बाट रहेंगे।

रतन ने दिल्ली आने की तैयारी आरंभ कर दी। बाबूजी बोले, हम भी चलते हैं तुम्हें शहर छोड़ने...

पर रतन ने मना कर दिया, बोला नीरज भैया तो हैं ना वहाँ, अचानक पहुंचकर उन्हें surprise दूंगा और उन्हीं के साथ कालेज, नौकरी और घर सब देख लूंगा।

एक बार घर हो जाए, फिर आप को बुला लूंगा।

बाबूजी मान गए, उन्हें लगा कि वैसे भी किराया भाड़ा हर चीज़ का बहुत ज्यादा है। फिर शहर में अप में कोई ठौर ठिकाना भी नहीं है। पता नहीं नीरज के पास भी कितना जगह है रहने की।

अभी रतन का जाना जरूरी है। ठीक ही कह रहा है रतन, जब वो अपना घर द्वार देख लेगा, तबहिं चले जाएंगे। 

बस फिर क्या था, रतन पहुंच गया दिल्ली और फिर नीरज के घर की ओर चल दिया...

आगे पढ़ें House number 1303 (भाग-2) में...

Thursday, 5 January 2023

Tips : Protection from cold wave

आज कल भीषण ठंड पड़ रही है, जिसके कारण जिंदगी थमी-थमी, रुकी-रुकी सी है।

इतनी ठंड के कारण ही बहुत से लोग बीमार हो रहे हैं; Heart diseases, High risk के case बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। Specially हमारे elders इससे ज्यादा परेशान रह रहे हैं।

पर इस भयंकर ठंड का कारण भी तो हम ही हैं। हमारे एशो-आराम, आधुनिकता और अथाह पाने की कामना ही वज़ह हैं इसकी...

AC, car, buildings, geyzer, heater इनकी बढ़ती संख्या, और इनके साथ ही बद से बद्तर होता जा रहा है मौसम। 

बढ़ती ठंड के साथ आई शीत लहर, बच्चों से बुजुर्गों तक सबको परेशान कर रही है। 

शीत लहर क्या?

पहले आप को बताते हैं कि शीत लहर (cold wave) क्या होती है।

जब temprature, 5 to 6 °c या उससे भी नीचे पहुंच जाता है, और हवा चले तो उसे शीत लहर कहते हैं। 

अब आप को कुछ tips, बताते हैं कि इस cold wave से कैसे बचें

Protection from cold wave 



इतनी ठंड में अगर कुछ चीजों का विशेष ध्यान रखें तो हम अपने परिवार और खुद को बीमार पड़ने और अनहोनी घटने से बचा सकते हैं।

Wearing warm clothes : 

इसके लिए आप को अच्छे गरम कपड़े पहनने चाहिए। पतले पतले बहुत से कपड़े पहनने से अच्छा होगा कि आप मोटे और अच्छे गरम कपड़े पहने। सिर के लिए भी, cap, muffler, etc और पैरों में भी socks पहने। जितनी जरूरत शरीर को है गर्म कपड़ों की, उससे ज्यादा जरूरत है, सिर और पैर पर गर्माहट की। इसलिए इस ठंडक से बचाव के लिए, सिर से पैर तक सब का ध्यान रखें।

Eating nutritious food :

खान-पान का विशेष ध्यान रखना है। Healthy and nutritious food खाएं।

I. For vegetarians -

अगर आप pure vegetarian हैं तो आप  रोटी के लिए बाजरे की रोटी खाएं, चीनी की जगह गुड़, खजूर आदि खाएं। शहद भी काफी कारगर साबित होता है।

II. For eggitarians -

अगर आप eggitarian हैं तो ठंड में अपनी diet में atleast 1 egg daily basis में रखें।

III. For non-vegetarians -

अगर आप non-vegetarian हैं तो हफ्ते में एक से दो बार mutton, chicken अपनी diet में रख सकते हैं।

IV. For all -

Dry fruits जैसे, बादाम, काजू, मूंगफली आदि खाएं। गाय का घी भी बहुत फायदेमंद रहता है।

दूध में हल्दी पाउडर डालकर गर्म करें, फिर पिएं, यह ठंड बचाने के साथ ही दर्द, चोट आदि में भी बहुत फायदेमंद रहेगा।

कहने का तात्पर्य है कि, protein, fat and carbohydrates rich foods आपको ठंड से बचने में अधिक सक्षम रहते हैं। 

Applying moisturizers :

ठंड में body lotion या body oil, use करना चाहिए। जिससे आप की skin soft and healthy रहे। ऐसा नहीं करने से skin में dryness आ जाती है, जो बहुत सी skin diseases का कारण बन सकती है।

Drinking warm water :

ठंड में हल्का गुनगुना पानी पीजिए। खासकर जो बुजुर्ग हैं, वो विशेषतः गुनगुना पानी ही पीएं। ठंड में पानी गुनगुना होने से आप appropriate amount में पानी पीएंगे। अन्यथा ठंडा पानी होने से आपके पानी की quantity कम हो जाती है। Body में dehydration से बहुत सी परेशानी बढ़ जाती है। 

Not too hot, not too cold :

बहुत ज्यादा गर्म पानी से नहीं नहायें, पानी सिर्फ उतना ही गर्म रखें, जिससे आप comfortably नहा सकें, और आप को नहाने में ठंड ना लगे। बहुत ज्यादा गर्म पानी भी skin को damage करता है, साथ ही inner organs भी affect होते हैं। 

Stay home, stay warm :

अगर धूप ना निकली हो तो, अनावश्यक रूप से outdoor में ज्यादा ना रहें, Indoor में ही रहें। वैसे तो अंगीठी, bone-fire etc, pollution फैलाते हैं तो उनका use ना ही करें। और अगर करना ही है तो outdoor में करें। जो लोग heater, use करते हैं, उनके लिए भी बता दें कि वो भी बहुत Healthy option नहीं होता है, उसमें भी oxygen burn होती है और उस जगह का oxygen level down हो जाता है। एक बात और है, अगर आप ने room गर्म कर रखा है और काम के सिलसिले में अंदर-बाहर कर रहे हैं तो वो और ज्यादा नुकसान करता है। Specially ऐसे में बच्चों का ध्यान रखना ज्यादा कठिन होता है, क्योंकि वो जल्दी एक जगह नहीं टिकते हैं।


Stay home, stay safe, stay warm