Tuesday, 5 September 2023

Poem : वे ही शिक्षक कहलाते हैं।

हम सभी के चरित्र व जीवन के निर्माता, समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तम्भ, शिक्षकों को कोटि कोटि प्रणाम 🙏🏻 

सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🏻

वे ही शिक्षक कहलाते है



शिष्य के मन में,

सीखने की इच्छा को,

जो जागृत कर पाते हैं,

वे ही शिक्षक कहलाते हैं। 


जो केवल धनार्जन के लिए नहीं,

अपितु ज्ञान को सर्वत्र विस्तारित,

करने के लिए पढ़ाते हैं,

वे ही शिक्षक कहलाते हैं। 


जो विधार्थी को उसके होने का, 

सही अर्थ समझाकर,

सफलता की राह ले जाते हैं,

वे ही शिक्षक कहलाते हैं।  


जो मात्र एक दो को नहीं,

अपितु पूर्ण समाज को,

सर्वोच्च स्तर पर ले जाते हैं,

वे ही शिक्षक कहलाते हैं।  


उस देश को, उस संस्कृति को,

कोई विस्मृत नहीं कर पाते हैं,

जिस देश, जिस संस्कृति को,

ऐसे शिक्षक मिल जाते हैं। 


धन्य है भारत मेरा,

धन्य है उसकी संस्कृति,

सदियों से सदियों तक,

ऐसे शिक्षक हैं यहीं।


ऐसे आदर्श शिक्षक को 

ह्रदय से कोटि कोटि नमन 

उनसे ही है अलंकृत

भारत में खुशियों का चमन

Wednesday, 30 August 2023

Poem: भाई बहन का प्यार

भाई बहन का प्यार



भाई बहन का प्यार,

क्यों होता है अनमोल?

उनका अपनी जिंदगी में,

 क्या होता है मोल?


एक दिन हम बैठकर,‌‌

सोच सोच चकराए 

मां-पापा हैं ज़िन्दगी,

तो क्यों भाई बहन बनाएं?


भाई-बहन की जिंदगी में,

क्या होती है जिम्मेदारी?

फिजूल में बंटवारे के समय,

बस बढ़ जाती है हिस्सेदारी। 


धन धन को ही प्राणी,

हरदम क्यों रोता है 

सोचोगे गर तो, भाई-बहन

मां-पापा का ही स्वरूप होता है 


पिता सा रक्षक बन, भाई

बहन की ढाल बन जाता है। 

उसके रहते, कोई भी दुःख,

बहन को छू नहीं पाता है।


बहन भी मां बन,

भाई पर प्यार लुटाती है। 

भाई की खुशियों पर,

वो सारी दुनिया वार आती है।


इस रिश्ते में है प्यार,

नोंक-झोंक और तकरार।

फिर भी बनी रहे मिठास,

ऐसा है यह रिश्ता खास।


मां-पापा के बाद,

भाई-बहन ही अपने होते हैं।

वो ही हैं जो जिंदगी भर,

खुशियों के सपने संजोते हैं।


इसलिए ही भाई बहन का ,

रिश्ता है अनमोल।

उनका सारी जिंदगी

रहता है मोल। 


आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं 💐🏵️🎁🎉 

ईश्वर सभी भाई-बहन को सुखी स्वस्थ प्रसन्न व चिरायु रखें 🙏🏻 व प्रेम के अटूट बंधन से बांधे रखें...


Tuesday, 29 August 2023

Article : राखी के शुभ मुहूर्त

कितनी अच्छी थी जिंदगी, जब हम लोग छोटे थे। हर त्यौहार की अपनी रौनक और अपने ही मज़े.... 

रक्षाबंधन का त्यौहार है, भाई-बहन का त्यौहार, सुखद अनुभूति और उल्लास का त्यौहार, मस्ती और धमाल का त्यौहार... सुबह जल्दी उठकर नहा-धोकर खूब अच्छे से तैयार हो जाते थे। फिर खूब सुंदर-सुंदर राखियों से दोनों भाईयों की कलाई सजाते थे और मिठाई से मुंह मीठा कराते थे। दोनों भाई भी बड़े से gift के साथ तैयार रहते थे, Gift देकर पैर छूते थे।फिर सब मिलकर, मम्मी का बनाया हुआ स्वादिष्ट खाना खाते और मिठाइयां खाते थे। पर राखी बांधने से पहले कुछ नहीं खाते थे, या कहिए व्रत ही रहता था। 

मतलब रक्षाबंधन एक त्यौहार नहीं था, बल्कि एक पूजा थी, भाई-बहन के अटूट प्रेम के साक्ष्य की पूजा...

जिसमें राखी बांधने का परम्परागत कार्य पूर्ण होने पर ही कुछ खाते थे। 

दिन भर राखी में मामा जी और बुआ जी लोग आते रहते थे, मम्मी से राखी बंधवाने और पापा जी के राखी बांधने.. राखी बांधने का कोई निर्धारित समय या मुहूर्त नहीं था। सब अपनी सुविधा और समय के अनुसार आते थे...

पर अब तो सभी त्यौहारों से रौनक ही जाती जा रही है। कुछ लोगों में उमंग कम हो गया है और बची-खुची रौनक, दुनिया भर के मुहूर्तों ने कम कर दी है। 

जी हां इस बार भी राखी के मुहूर्त को लेकर बहुत तरह की बातें चल रही है। तो आप भी जानना चाह रहे होंगे कि क्या है राखी का मुहूर्त, इसलिए आज इसे ही साझा कर रहे हैं। 

राखी के शुभ मुहूर्त



राखी सावन माह में पूर्णिमा के दिन हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। 

30 August को पूर्णिमा है, अतः रक्षाबंधन पर्व भी 30 August को ही होना चाहिए, पर पूर्णिमा के साथ ही उस दिन भद्रा काल भी है।

पंचांग के अनुसार इस बार श्रावण पूर्णिमा तिथि दो दिन यानी 30 और 31 अगस्त को पड़ रही है। 30 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा तिथि पर रात 9 : 01 बजे तक भद्रा का साया भी रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा का साया रहने पर नहीं मनाया जाता है। भद्रा काल में बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधना वर्जित होता है। 

ज्योतिषाचार्य के अनुसार 30 अगस्त को सुबह 10: 58 बजे से भद्रा लग जाएगी और रात 9:01 बजे तक रहेगी। इस साल भद्रा रक्षाबंधन के दिन पृथ्वी पर वास करेंगी, जिस कारण से भद्रा में राखी बांधना शुभ नहीं रहेगा। वहीं, दूसरी तरफ श्रावण पूर्णिमा 31 अगस्त को सुबह 7:05 मिनट पर ही खत्म हो जाएगी। इसलिए रात में भद्रा खत्म होने के बाद और 31 अगस्त को सुबह 7:05 बजे से पहले राखी बांध सकते हैं।

शुभ मुहूर्त 

पूर्णिमा और भद्रा काल दोनों को देख कर चलें तो शुभ मुहूर्त 30 August को रात 9:02 min से 31 August की सुबह 7: 05 min तक रहेगा।

वैसे रात में राखी बांधना, उतना शुभ नहीं होता है अतः अगर संभव हो तो सुबह ही राखी बांधें। अन्यथा 30 August में रात को 9:02 बजे के बाद और 31 August को सुबह 7:05 min. तक आप कभी भी राखी बांधने का उत्सव मना सकते हैं। 


भाई-बहन का प्यार होता है अनमोल 

उसको मुहूर्त के तराजू में, क्यों रहा है तोल 


बाकी आप को शुभ मुहूर्त भी बता दिए हैं, आप अपनी सुविधा और मान्यता के अनुसार इस उत्सव को हर्षोल्लास के साथ celebrate कीजिए...


Happy Rakhi 🏵️

सभी भाई-बहन, सुखी, स्वस्थ, प्रसन्न व चिरायु रहें व प्रेम के अटूट बंधन में बंधे रहें 🙏🏻😊