Tuesday, 28 May 2019

Tip: Lemons


Summers are here with a juicy harvest of lemons. It serves to us so many benefits. But have you ever experienced the problems in buying lemons? Do you want more juice extracts? Here are some tips for you, that will surely benefit you.

Lemons

  • Buy medium sized lemons. They generally have a good quantity of juice.
  • They should be yellow with a greenish tinch. This would increase the quantity of juice and also increase the shelf life. As, the totally green ones don't have much juice, while the yellow ones have a short shelf life.
  • The presence of a unique but natural smooth and shiny skin indicates it's freshness.
  • Those having thin peels, have more juice and are usually known as 'कागजी नींबू'. They are best for pickles, too.
  • Before taking out their juice, roll them on the platform while applying a little pressure by your palm.
  • Don't leave lemons after extracting a little juice from it. This will make it a bit bitter. So, if the whole is not required cut out the part which is required and then squeeze it out.
  • Don't use the technique of pricking the lemon with the toothpick if you're not going to use the whole lemon's juice. This will make the rest bitter.

Monday, 27 May 2019

Kids Story : Advay the hero : मोलभाव


Advay the hero : मोलभाव


एक दिन Advay अपने पापा के साथ फल खरीदने गया। वहाँ 5 फल वाले बैठे थे। पापा ने पहले आम वाले से पूछा, आम कैसे दिये?
    
आम वाला बोला, बाबू जी 90 रुपए किलो दिये।

वहाँ एक uncle भी खड़े थे, वो बोले, बहुत महंगे दे रहे हो, और जगह तो 70 रुपए में मिल रहे हैं।
    
नहीं बाबू जी, उनके आम अच्छे नहीं होंगे, आप हमारे आम देखिये, बहुत बढ़िया हैं, मलिहाबाद के हैं।
    
अच्छा ठीक है, 150 के 2 किलो दोगे, तो ले लेंगे। बाबू जी, हमको ही 80 रुपए में पड़े हैं। हमें थोड़ा तो, नफा ले लेने दीजिये। सौदा 170 में हो गया।
    
फिर उन्होंने केला और सेब भी लिए, सब में दस, पाँच रुपए कम हो गए। Advay के पापा ने भी आम केला और सेब लिए।
    
Advay चीकू भी लेने को बोलने लगा, वो किसी भी ठेले वाले के पास नहीं था। तब दोनों लोग Spencer’s गए, वहाँ चीकू मिल गए।
    
पर ये क्या, उसने देखा, कि वहाँ जिस चीज़ के जितने रुपए लिखे थे, सब लोग बिना कम कराये, उतने ही रुपए दे रहे थे।  
    
अगले दिन Advay फिर अपनी Mumma के साथ Big bazaar  गया। 

वहाँ भी सब उतने पैसे दे रहे थे, जो वहाँ लिखे थे, कोई मोलभाव नहीं कर रहा था। पर आज भी बहुत से लोग उन फल वालों के साथ मोल भाव कर रहे थे।
    
Advay को कुछ समझ नहीं आ रहा था,कि फल तो सब ही दे रहे थे, तो ठेले वालों से मोलभाव क्यों?
    
दो दिन बाद वो पापा के साथ फिर से bank गया, रास्ता वही था। आज वो सारे फल वालों के पीछे पड़ गया, कि वो सब उसके साथ Spencer’s चलें। छोटे बच्चे की ज़िद पर उनमें से दो फल वाले रुक गए, बाकी तीन साथ में चल दिये।
    
किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था, कि advay आखिर करना क्या चाह रहा है?  वहाँ पहुँच कर उसने Spencer’s के Manager से कहा, आप इन uncle लोगों को भी यहाँ, अपने फल बेचने दीजिये, तो इन से भी कोई मोलभाव नहीं करेगा।
    
सब advay की सोच से हैरान रह गए, Manager बोले, ऐसा नहीं हो सकता, हमे यहाँ का बहुत rent देना होता है, ये वो नहीं दे पाएंगे। सब वापिस चले गए।
    
Advay अपने पापा के साथ bank चला गया, वहाँ से लौट कर वो अपने कमरे में चला गया।
    
फिर एक घंटे में बाहर निकला, पापा ने पूछा क्या कर रहे थे?

पापा कल आप मेरे साथ फिर से फल वालों के पास चलेंगे? ठीक है चलूँगा, पर क्यों?
   
कल देख लीजिएगा, यह कहकर वो Mumma के पास आ कर सो गया।

अगले दिन Advay पापा के साथ फल वालों के पास गया, उसके हाथ में 5 chart थे। उसने सारे फल वालों को बुलाया, और कहा आप इसे अपने ठेले के साथ लगा लीजिएगा, मैं शाम को फिर आऊँगा।

जब शाम को वो फल वालों के पास गया, तो सबने उसे Gift में फल दिये, और कहा आज किसी ने मोलभाव नहीं किया, तुमने ऐसा क्या लिख कर दिया था?

बस यही कि “अगर आप Shopping Mall में मोलभाव करते हैं, तभी हम से भी कीजिएगा, हमे भी अपना परिवार चलाना है”। फल के साथ दुआएं free

Advay के कारण लोगों ने मोलभाव करना बन्द कर दिया, फल वाले भी और अच्छे फल रखने लगे, और अनाप-शनाप भाव भी नहीं बोलते थे। अब सभी खुश थे।    

Saturday, 25 May 2019

Story Of Life : उड़ान (भाग -3)


अब तक आपने पढ़ा, पाखी एक बहुत ही चुलबुली, ज़िंदादिल लड़की है, जिसका master chef  बनने का सपना था। पाखी पर उसकी गली का आवारा लड़का सिराज बुरी नज़र रखे है । जब पाखी उससे शादी करने के प्रस्ताव को ठुकरा देती है, तो वो उसे पत्थरों के ढेर पर गिरा देता है, जिससे उसके हाथ की हड्डी टूट जाती है। जिससे पाखी बहुत मायूस हो जाती है, पर प्यारे चाचा की जोश भरी बातों से पाखी के मन में ज़िन्दगी को फिर से जीने की इच्छा जाग जाती है...... 
अब आगे...
उड़ान (भाग -3)

प्यारे चाचा की बातों ने पाखी के पंखों में नयी जान फूँक दी थीअब पाखी जुट गयी, अपने सपनों को साकार करने में। 

अथक परिश्रम से मात्र 6 महीनों में पाखी ने उल्टे हाथों से भी बहुत अच्छा खाना बनना शुरू कर दिया। साथ ही अब वो देश-विदेश सभी जगह की dish बनाने में माहिर हो गयी।

अगले master chef में वो ही first आई। जितने से जो राशि उसे मिली, उससे उसने उड़ान नाम का बहुत बड़ा होटल बनाया। 

और चंद सालों में ही उसके होटल का भी बहुत नाम हो गया। अब तो उसने अपने hotel की chain भी बनानी शुरू कर दी।

आज उसके लिए बहुत बड़े बड़े घरों से रिश्ते आ रहे थे। 

वो सिराज़ के पास गयी, उसने उसे जाकर बताया, तुम्हें पता ही होगा, मैंने अपना भविष्य बना लिया है। आज दुनिया भर के लड़के मुझ से शादी करना चाहते हैं।

तुमने मेरा एक पंख तोड़ कर मुझे निरीह बना दिया था। पर 
जिस पाखी के पास प्यारे चाचा हों, वो अपने सपनों की उड़ान जरूर भरती है। 

उन्होंने ही मुझे सिखाया, कि पंखों से नहीं हौसलों से उड़ान भरते हैं।

अगर तुम दूसरों को सताना छोड़ दो, तो मैं तुम्हारे सपनों को भी पूरा करने के लिए मदद अवश्य करूंगी। 

सिराज़ की आँखों में पछतावा साफ झलक रहा था। उसने पाखी से कहा, तुम मुझे माफ कर दो, तुम जो भी काम दोगी, मैं पूरी लगन से करूंगा। 

साथ ही अब से किसी भी पाखी के पंखों को कमजोर नहीं करूंगा।