Thursday, 15 July 2021

Tips : Pressure cooker's whistle problem

 क्या आप भी परेशान हैं कि pressure cooker, चाहे जब ठीक से whistle नहीं देता है।

यह एक common problem हो गई है, आए दिन सबको ही यह problem होती है।

Viewers की demand है कि इस problem को solve करने की भी tip बता दीजिए।

बिल्कुल, जब आप Shades of Life से जुड़े हैं तो, आप problem में कैसे रह सकते हैं?

तो चलिए आज इसी का solution, share कर देते हैं। 

 Pressure cooker's whistle problem 



  1. आप pressure cooker की उस जगह(vent pipe) को समय-समय पर clean करते रहें, जहाँ पर whistle लगाई जाती है।
  2. इसके लिए, आप whistle निकाल कर vent pipe को tap के नीचे लगाकर, tap तेज़ खोल दीजिए।  water के तेज़ pressure से वो clean हो जाएगा।
  3. Vent pipe अच्छे से clean हो जाएगा, तो सभी छेदों से पानी निकलने लगेगा। 
  4. Pressure cooker के lid का orientation, body के orientation से मिलना चाहिए। 
  5. इस orientation को check करने के लिए, अगर आप के पास Haskins का या उसके जैसी design का pressure cooker है तो, ध्यान रखिएगा कि lid का handle, safety valve के ठीक ऊपर होना चाहिए।
  6. Handle अगर टेढ़ा है तो, whistle नहीं आएगी। उसको आप set कर के सीधा कर लीजिए।
  7. Gasket, slightly tight होनी चाहिए, जिससे proper pressure develop हो सके।
  8. इसके लिए समय-समय पर gasket change करते रहना चाहिए। 
  9. Safety valve का विशेष ध्यान रखना चाहिए। Pressure cooker की safety के लिए यह must होता है। 
  10. जब भी safety valve change करना हो, company का ही लगवाएं, local बिल्कुल नहीं लगवाएं।
  11. इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखिए, तो आप का pressure cooker हमेशा whistle देगा।
  12. अगर यह सब ठीक है, और फिर भी pressure cooker, whistle नहीं दे रहा है तो major problems हो सकती है, आप उसे repairing center पर दिखवा लीजिए।

Wednesday, 14 July 2021

Poem : वृष्टि की शीतल बूंदें


वृष्टि की शीतल बूंदें




वृष्टि की शीतल बूंदों से,

मन मयूर नाच उठा।

ज्यों जेठ से तपती धरती पर,

मेघ मल्हार गा उठा।।


तरु से बहती मृदुल बयार,

वीणा सी झंकृत होती।

सुख की अनुपम अनुभूति से,

अंग अंग में थिरकन होती।।


दिनकर के प्रचंड स्वरुप से,

प्रकृति भी कुम्हलाई थी।

नीर के प्रबल अभाव से,

सिमटी थी, सकुचाई थी।।


वर्षा के आगमन से,

प्रकृति भी हरषाई है।

नव कलिका, पल्लव से,

तरुणी सी शरमाई है।। 

 

बूंदों ने गिर चातक अधरों पर

अनबूझ प्यास बुझाई है

कोकिला के सुमधुर संगीत ने 

प्रकृति की छटा बढ़ाई है 


अनुपम, अद्भुत, आलोकिक,

लगती धरा सारी है।

मानो मोहन संग गोपियाँ,

कर रही किलकारी हैं।।


💐मानसून के आगमन पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ 💐

Tuesday, 13 July 2021

Article : जिम्मेदार कौन?

 

जिम्मेदार कौन?


कोरोना जब आया तो, सब बेहद डरे हुए थे। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि, इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

इससे बचने के उपाय क्या हैं? कैसे इससे निजात पाई जाए।

कोरोना के लिए कभी चीन को, कभी तब्लीग़ी जमात को, कभी बाहर से आने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा था।

देखा जाए तो यह काफी  हद तक यह सब सही भी कहा जा सकता है।

पूरे देश में सम्पूर्ण lockdown लगा दिया गया। 

नतीजतन कोरोना से तो लोग बच गए पर बहुत लोग, बेरोजगारी और भूखमरी से त्राहि त्राहि करने लगे।

जब कोरोना का प्रकोप थोड़ा सा कम हुआ तो, यह सोचा गया कि अब तक सब जागरूक हो चुके हैं तो कुछ भी ऐसा नहीं करेंगे कि कोरोना की दूसरी लहर आए।

अतः रोजगार फिर से सुचारू रूप से चल सके। इसके लिए थोड़ी ढील दी गई।

पर लोगों ने इसका ग़लत ही मतलब निकाल लिया और सब जगह सामान्य से अधिक भीड़ होने लगी। लोग उत्सव और मौज मस्ती करने लगे।

फिर वही हुआ जो होना था, कोरोना की दूसरी लहर भी आ गई और अपने साथ लाई, विकराल रूप मौत का।

ना जाने कितने लोगों को उनके परिजन सदैव के लिए छोड़ कर स्वर्ग सिधार गए।

दुःख का पर्याय यह था कि ना जाने कितने परिवार उजड़ गए, ना जाने कितने बच्चे अनाथ हो गए। ना जाने कितनों के जीवन साथी साथ छोड़ गए। बहुत से माँ-बाप ने अपने बच्चे खो दिए। बहुत ही भयावह मंजर था। 

पर धीरे धीरे स्थिति समान्य हो रही है, लोगों को जान से हाथ नहीं धोना पड़ रहा है।

पर क्या फिर से लापरवाही आरंभ नहीं हो गई है?

फिर से उत्सव, मौज मस्ती, भीड़....

क्या है यह सब?

आप खुद हरकतें करें, फिर इधर उधर सब को दोषी करार करें, यह कहाँ तक उचित है?

पहली बार कोरोना आने की वजह थी।

पर दूसरी लहर के जिम्मेदार वो सब हैं, जिन्होंने mask नहीं लगाया। दूरी बरकरार नहीं रखी और भीड़ बढ़ाने में सहयोग प्रदान किया।

और अब फिर बहुत से लोग यही कर रहे हैं।

जानते बूझते, आंखों को बंद कर लेना, या उन लोगों का मज़ाक उड़ाना जो protocol follow कर रहे हैं। या खुद protocol follow ना कर के अपने को बहादुर या महान साबित करने से आज नहीं तो कल कौन अलविदा कह देगा। ईश्वर जाने!

कोरोना की तीसरी लहर को invitation देने के जिम्मेदार मत बनें। 

देश के विकास और सुरक्षा की सारी जिम्मेदारी सरकार की ही नहीं होती है। अगर देश के नागरिक जागरूक व समझदार हैं। तभी देश सुरक्षित व विकसित रहता है।

थोड़ा सा सब्र रखें और protocol follow कीजिए। कम से कम तब तक तो, जब तक सबको vaccination ना हो जाए।

फिर हम सब उत्सव मनाएंगे...