Friday, 26 July 2019

Poem : कारगिल विजय दिवस

कारगिल विजय दिवस




सन् निन्यानबे में फिर सेना ने
भारत को विजय दिलाई थी
दूर खदेड़ दुश्मन को
फिर से धूल चटाई थी
60 दिन तक युद्ध चला
एक वीर ना सोया था
जीत दिलाने तक सबने
अपना सुख चैन खोया था
युद्ध में भारतीय सेना ने
ऐसे दांत किए थे खट्टे
पुनः युद्ध करने को फिर
ना हो सके पाकिस्तानी इकठ्ठे
उन वीर सैनानियों की शहादत को
स्मरण करने का दिन आया है
कारगिल विजय दिवस पर
तिरंगा फिर से लहराया है
शांति का प्रतीक है भारत
मानवता का नारा है
सर्वे भवन्तु सुखिन:
यह संदेश हमारा है
जय हिन्द जय भारत 

Thursday, 25 July 2019

Story of life : सावन का तोहफा (भाग -2 )

 सावन का तोहफा ( भाग -1) के आगे........
 सावन का तोहफा (भाग -2 ) 

नितिन की बहन नितिन के लिए एक रिश्ता ले कर आई थी, उसने माँ से कहा, अगर नितिन को ये लड़की पसंद आ जाए तो इसी साल में नितिन की शादी कर देना।

माँ बोली, इस लड़के को कोई लड़की पसंद आए तब ना! एक की भी तो फोटो नहीं देखता है। ये कह कर माँ ने तस्वीर table पर ही रख दी। 

नितिन उसी समय office से आया था, उसके घर के अंदर आते से ही वो तस्वीर नितिन के पास उड़ के आ गयी। नितिन ने जैसे ही तस्वीर देखी, तो देखता रह गया, ये तो उसी अंजान हसीना की फोटो थी।

नितिन ने माँ को फोटो देते हुआ पूछा, माँ ये फोटो यहाँ कैसे है? 

नितिन की बहन ने चिढ़ाते हुए बोला, माँ नितिन तो कोई फोटो देखता नहीं है, इसलिए फोटो खुद ही दिखने पहुँच गयी, अब तो इसी से रिश्ता कर देना।

माँ को भी लड़की पसंद आ गयी, नितिन और नेहा की शादी April में हो गयी।

नितिन और नेहा इस कदर एक दूसरे से प्यार करते थे, कि दोनों को ही दुनिया-जहान से मतलब ही नहीं था। 

नितिन की बहन तो दोनों को चिढ़ती भी थी, कि नेहा और नितिन की शादी हुई है, कि लोहे और चुम्बक की? जब देखो एक दूसरे से चिपके रहते हैं। नेहा क्या आई, अब नितिन का तो सारा नेह उसी को मिलता है, कुछ अपने जीजा जी को भी सीखा दे।

नेहा का जैसा नाम था, वैसी ही वो थी भी, अपने ससुराल वालों का बहुत मान करती थी, हर काम में भी निपुण थी। दिन हँसी-खुशी गुजर रहे थे।

एक दिन नेहा की माँ का फोन, नेहा की सास के पास आया। सावन आ गया है, पहले सावन बेटी मायके आती है, क्या आप उसे भेज देंगी?

कहीं दूर गाना बज रहा था  सावन के झूले पड़े, तुम चले आओ......

नेहा को अपने मायके के सावन के झूले याद आने लगी। नेहा की सास ने हामी भर दी, नेहा जाने की तैयारी करने लगी। 

नितिन जब office से घर आया, नेहा जाने को तैयार खड़ी थी। नितिन का ये देखकर दिल टूट गया, उसने सावन को लेकर बहुत सारे plan किए थे।

क्या थे नितिन ने plan, जानते हैं सावन का तोहफा (भाग -3 )


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Wednesday, 24 July 2019

Story of life : सावन का तोहफा



सावन का मस्त महीना चल रहा है, पिछले साल सावन में गीतों से सजी कहानियाँ, लोगों ने बहुत पसंद की थी तो इस सावन में एक बार फिर गीतों से सजी कहानी प्रस्तुत है, इसके भी सभी अंक का आनंद लेकर मुझे कृतार्थ करें  

सावन का तोहफा  


नितिन office से bike से लौट रहा था, आज रात भी हो चली थी, तभी अचानक से बहुत ज़ोर से बारिश शुरू हो गयी। नितिन को लगा इतनी तेज़ बारिश में रात में bike चलाना safe नहीं होगा। 

तभी उसे shed दिखाई दी, जहां कुछ लोग बारिश से बचने के लिए खड़े भी थे। 

उसने भी अपनी bike side में लगाई, और shed में चला गया। अभी वो shed में आया ही था, कि एक भीगा हुआ दुपट्टा उसके गाल से टकरा गया। 

उसने उसे हटाया, तो सामने उसे बहुत ही खूबसूरत सी लड़की अपने बालों से पानी झटकती हुई दिखी। उसके गोरे गालों में घुँघराली लटकती हुई लटें, तो उसे और ही बला की खूबसूरत बना रही थीं। 

नितिन को एक पल को तो ये लगा वो किसी अप्सरा को देख रहा है। और उसके मन में यह गीत बज रहा था,

ना झटको ज़ुल्फ से पानी, यह मोती टूट 

जाएंगे......

थोड़ी देर में बारिश मद्धम पड़ गयी, सभी अपनी अपनी राह को हो लिए। पर नितिन अभी भी एक टक उसी लड़की को देखे जा रहा था।

तभी वो लड़की नितिन के पास आई, और बोली, क्या आप मुझे घर तक छोड़ देंगे? सब तरफ इतना पानी भर गया है, कि कोई auto भी नहीं मिलेगा। 

पर नितिन तो उसमें ऐसा खोया था, कि उसने सुना ही नहीं कि उस लड़की ने क्या कहा।

लड़की ने नितिन को झकझोर के कहा, जी आप मुझे अपनी bike से छोड़ देंगे? नितिन भड़भड़ा गया  

लड़की ने फिर कहा, क्या आप सुन नहीं सकते हैं? जी मेरा घर कुछ दूर ही है। पर वहाँ बहुत पानी भर गया होगा, इसलिए कोई auto नहीं मिलेगा। क्या आप मुझे घर छोड़ देंगे?

“जी बिल्कुल” नितिन अपने मन की खुशी छिपाते हुए बोला।

Bike से उस लड़की का घर चंद मिनटों की दूरी पर था। नितिन ने उसे घर तो छोड़ दिया, पर उस लड़की की यादों ने नितिन का दिल नहीं छोड़ा।

अब तो नितिन बस यही गाता रहता,ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात, एक अंजान हसीना से मुलाक़ात की रात.....

आगे पढ़े, सावन‌ का तोहफा( भाग -2) में.....


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