Wednesday, 14 August 2024

Recipe : Cheese & Cheese Bar

सावन का खुशनुमा मौसम हो रहा है, ठंडी-ठंडी फुहारों के साथ हर पल बहुत खूबसूरत लग रहा है। और ऐसे में बरसात का साथी भी मजेदार मिल जाए तो मज़ा ही आ जाए..

बिल्कुल, समझ रहे हैं, आपके मन की बात, इस लिए इस yummy tasty dish को share कर रहे हैं, जो आपके रोमांटिक मूड में चार चांद लगा देगा।

Cheese & Cheese Bar

A. Ingredients :

  • Paneer - 400 gm.
  • Cheese block(s) - 200 gm.
  • Cornflour - 3 tbsp.
  • Salt - as per taste
  • Tomato ketchup - 3 tbsp.
  • Mix herbs - 1 tbsp.
  • Black pepper  - 1 tsp.
  • Cornflakes - 1 cup
  • Ghee - for frying


B. Method :

  1. Cornflakes को एक paper में रखकर wrap कर दीजिए।
  2. अब इस पर बेलन चलाकर, cornflakes का चूरा बना लीजिए।
  3. पनीर के thick rectangular blocks काट लीजिए।
  4. अब हर block के बिल्कुल बीच में एक slit लगा दीजिए।
  5. Cheese block से लंबी-लंबी strip काट लीजिए।
  6. Cheese strip को पनीर की slit में फंसा दीजिए। Tomato sauce में herbs, black pepper, salt mix कर दीजिए।
  7. अब पनीर bar को sauce mix पर roll कर दीजिए, जिससे उस पर sauce mix की coating लग जाए।
  8. इस coated पनीर को cornflakes के चूरे पर roll कर दीजिए, जिससे cornflakes का चूरा पूरी तरह से पनीर bar पर coat हो जाए।
  9. अब इसे घी में deep fry कर लीजिए।


Yummy and crispy Cheese and cheese bar is ready to serve.

चलिए अब झटपट से इसके tips and tricks भी बता देते हैं।


C. Tips and Tricks :

  • सबसे पहले तो नाम cheese and cheese bar इसलिए है, क्योंकि पनीर को भी english में cottage cheese ही कहते हैं और filling में cheese ही है, साथ ही इसका shape bar जैसा है, इसलिए इसे cheese and cheese bar कहेंगे।
  • पनीर को slit करते समय ध्यान रखिएगा कि slit ऐसा नहीं होना चाहिए कि वो आर-पार हो जाए, वरना cheese frying के समय spill कर जाएगा।
  • Cheese strip के size का ध्यान अवश्य रखें, वो इतनी लम्बी और मोटी होनी कि वो slit में easily fit हो जाए। 
  • अधिक लंबी और मोटी होने से वो fit नहीं होगी और पनीर को तोड़ देगी।
  • पनीर की slit में cheese fit करते समय बहुत हल्के हाथों से सावधानी पूर्वक करना है, जबरदस्ती fit करने की कोशिश ना करें। इससे shape deform भी होगा और cheese spill भी हो जाएगा।
  • Cornflakes का चूरा बेलन से roll करके ही कीजिएगा। Mixer grinder में डालकर चूरा करने से proper texture नहीं आएगा, powder बन जाएगा। Powder होने से crispy and crunchy नहीं बनेगा।
  • Cornflakes चूरा लगाया है तो याद रखिएगा कि यह बहुत जल्दी prepare हो जाएगा, बहुत देर तक fry मत कीजिएगा। वरना सारा cornflakes जल जाएगा।
  • Deep fry medium slow flame पर करिएगा। बहुत high flame पर cornflakes जल जाएगा।
  • अगर आप के पास cornflakes ना हो तो bread crumbs भी ले सकते हैं। 
  • बस इतना है कि cornflakes का चूरा लगाने से, bar जल्दी ready होगा और crisp भी ज्यादा अच्छा आएगा।
  • आप अगर diet conscious हैं तो इसे air fryer पर बना लें या pan पर shallow fry कर लीजिए।
  • उस process से भी यह बहुत tasty बनता है।

Cheese and Cheese bar अपने आप में पूरा complete है, इसे किसी भी sides की जरूरत नहीं है, फिर भी अगर आप चाहें तो इसे sauce or chutney के साथ serve कर सकते हैं।

बारिश की फुहार, ठंडी-ठंडी हवाएं, hot coffee साथ में cheese and cheese bar, बस फिर क्या है, हर शाम cafe में गुज़र रही है, ऐसा ही लगेगा।

Tuesday, 13 August 2024

Poem : सावन का महीना

 सावन का महीना

सावन का महीना,

प्रेम, प्रीत और मिलन की,

 आस लाता है,

त्यौहारों के साथ आता है।


सैंया से भैया तक,

सबके मन को भाता है।


तीज से आरंभ होकर,

राखी तक जाता है।

नभ, धरा और सभी को,

सुख का एहसास दिलाता है।


हर दिल को इसलिए ही,

सावन बहुत हर्षाता है।


चातक की प्यास बुझाने,

गोरी को साजन से मिलाने,

भाई की कलाई सजाने,

सावन का महीना आता है।

 

प्रेम, प्रीत और मिलन की,

आस लाता है।

Monday, 12 August 2024

Story of Life : सुहाना सावन (भाग-6)

सुहाना सावन (भाग-1),

सुहाना सावन (भाग-2),

सुहाना सावन (भाग-3),

सुहाना सावन (भाग-4)

सुहाना सावन (भाग-5) के आगे…

सुहाना सावन (भाग-6)

इस बरस जब सावन आया, तो पूरी दुनिया प्रीत के रंग में रंग गई, पर उन बूंदों को देखकर, शिखा के मन में बस यही चलता रहता।


'लगी आज सावन की

फिर वो झड़ी है 

वही आग सीने में 

फिर जल उठी है'


उसको इंतज़ार था, अपने प्यार का, उसे विश्वास था कि अंकुर एक दिन ज़रूर लौटेगा, और एक बार फिर उसके जीवन में पहले वाला सुहाना सावन लौट आएगा...

अब कोई दिन नहीं जाता, जिस दिन शिखा को अंकुर की याद ना आती हो...

एक दिन ऐसे ही बहुत तेज बारिश हो रही थी, और शिखा बहुत दुःखी होकर उन बूंदों को देख रही थी और उन पलों को याद कर रही थी, जब वो अंकुर के साथ भीग रही थी।

पूरा एक साल हो गया था, जिसके कारण उसके दिमाग में यह बात कहीं ना कहीं घर गई थी कि अंकुर अब उससे बहुत दूर जा चुका है, पर दिल है कि मानता नहीं, उसे आज भी हर आहट अंकुर की ही लगती थी।

वो अभी इसी उहापोह में थी कि बाहर से बहुत तेज़ आवाज़ में गाना सुनाई देने लगा...


'मोहब्बत बरसा देना तू

सावन आया है 

तेरे और मेरे मिलने का

मौसम आया है...'


जो गाना, कभी उसका favourite song था, आज वो उसे शूल की तरह चुभ रहा था।

वो गुस्से से भुनभुनाती हुई बाहर आई, तभी किसी ने उसकी आंखों पर अपना हाथ रख दिया।

गुस्से से भुनभुनाती हुई शिखा, दो पल के लिए एकदम शांत हो गई थी, उसके मन में अनेक प्रश्न घूमने लगे।

यह... यह कैसा एहसास है, ऐसा.. ऐसा कैसे हो सकता है...

नहीं, नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता है।

वो ऐसा सोच ही रही थी कि एक आवाज़ उसके कानों में गूंज गई, तुम कुछ बोलोगी भी, या हमेशा के लिए शांत हो गई हो?

शिखा पलटी और देखकर दंग रह गई और सीने से लग कर फफक-फफक कर रोने लगी।

तुम, तुम यहां कैसे? तुम तो...

हां, मैं मर ही गया था शिखा, पर तुम्हारे प्यार ने मुझे बचा लिया...

मर गये थे... बचा लिया... तुम कहां थे इतने दिनों तक? मुझसे मिले क्यों नहीं?

अरे बाप रे! इतने सवाल? 

अंदर बुलाओगी या सब यहीं बताना है?

अरे, आओ ना अंकुर, तुम्हारा ही घर है...

कहकर, शिखा बहुत सारी चीज़ें खाने-पीने की trolley में लेकर आ गई और अंकुर के सामने रखकर बोली...

अब बताओ मुझे सब...

शिखा मैं बात, उस सावन से शुरू करता हूं, जब हम भीगे थे।

तुम्हें नहीं पता, पर मुझे severe निमोनिया हो चुका था और इस कारण से doctor ने मुझे, धूल-धक्कड़, पानी में भीगना, ठंडी-ठंडी चीज़ें खाने-पीने के समय बहुत ध्यान रखने को कहा था। 

जिसका मेरी माँ बहुत ध्यान रखती थी।

पर उस दिन हद का भीगने के कारण, मेरी सांस उखड़ने लगी थी, पर मैंने ना तुम्हें ज़ाहिर होने दिया ना किसी और को, नतीजतन बात, मेरी जान पर आ गई।

उस दिन, जब तुम मेरे पास ICU में आई, तो तुम्हारे भरी हुई आंखों को मैं मरने के बाद भी नहीं भूल पाया। और उसी कसक ने मुझे, तुम्हारे जाने के आधे घंटे बाद ही फिर से जीवन दे दिया। 

ओह! क्या ही अच्छा है... पर फिर तुम मेरे पास लौटे क्यों नहीं?

क्योंकि अब मैं तुम्हारे पास पूरी तरह से ठीक होकर के ही आना चाहता था।

इसलिए मैंने एक आयुर्वेदिक center को join कर लिया था, जहां ancient Indian treatment दिया जाता है। Meditation, yoga, सात्विक भोजन और खुला व स्वच्छ वातावरण आदि था। जिसने मुझे पूर्ण नवजीवन प्रदान किया है।

अब मैं तुम्हारे साथ ज़िन्दगी के सब सुख ले सकता हूं, सबसे बड़ी बात, सुहाने सावन को enjoy कर सकता हूं।

उसके बाद शिखा ने गाना बजा दिया...


'अब के सावन ऐसे बरसे

बह जाए रंग, मेरी चुनर से

भीगे तन मन, जिया ना तरसे

जम के बरसे जरा

रुत सावन की, घटा सावन की

घटा सावन की ऐसे जम के बरसे'


दोनों खूब खुश थे और बेसुध एक दूसरे की बाहों में खोए हुए थे, आखिरकार पूरे साल भर बाद, उनके जीवन में सुहाना सावन आया था और वो भी हमेशा के लिए...