Monday, 29 September 2025

Article : India - Ninth Asia Cup Victory

कल की शानदार जीत के साथ ही भारत ने ninth Asia Cup जीत लिया और उसके साथ ही सिद्ध कर दिया कि भारत की युवा team में भी बहुत दम है। 

हालांकि Asia Cup में जो matches हुए, उसमें शुरुआत से ही साफ़-साफ़ नज़र आ रहा था कि कौन-सी teams top four हैं।

और उतना ही स्पष्ट था कि Asia Cup भारत ही जीतेगा, और वैसा ही हुआ।

India - Ninth Asia Cup Victory


(I) Match Overview :

वैसे शुरू के तीन महत्वपूर्ण wicket - अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव - के जल्दी out होने और इस series के star performer, अभिषेक शर्मा के मात्र पांच रन पर out होने पर, एक बार को पाकिस्तान को लगा अवश्य था कि final match भारत के हाथों से फिसल कर उनकी झोली में आ गिरा है।

पर वो कहते हैं ना, कि जीत से पहले कभी भी जीत का जश्न नहीं मनाना चाहिए। बस यही सिद्ध किया तिलक वर्मा ने, अपनी शानदार नाबाद half-century वाली पारी से, कि खेल अभी बाकी है।

इस series में भारत के खिलाड़ी, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देकर सिद्ध कर रहे थे कि दूर-दूर तक उनको छूने वाला कोई नहीं है, फिर बात चाहे batsman की हो या bowler की।


(II) Abhishek Sharma :

अभिषेक शर्मा अपने पहले Asia Cup से ही बेहतरीन batsman के रूप में उभर कर आए। 

पूरी series में, मतलब 7 मैचों में कई सारी चीज़ों में वे सबसे आगे रहे। उनमें से कुछ हैं -

  • Runs - 314
  • Fifties/50s - 3
  • Fours/4s - 32
  • Sixes/6s - 18
  • Boundaries (4s & 6s) - 51
  • 2nd, 3rd Highest Score - 75, 74

इसके साथ ही अभिषेक शर्मा ‘Player of the Series’ भी बने।


(III) Kuldeep Yadav :

Bowlers में कुलदीप यादव ने तो मानो कमाल ही कर दिया। वो भी 7 matches (series) में कई fields में सबसे आगे रहे, जैसे -

  • Wickets - 17
  • Bowling Figure - 4/7 (4 wickets & 7 runs) 


(IV) Other achievements of India :

भारतीय cricketers ने Asia Cup (2025) में और भी कई सारी जगहों पर भारत का सीना गर्व से चौड़ा किया है। उनमें से कुछ players और उनके achievements के नाम नीचे दिए गए हैं -

  • Tilak Varma - Best Batting Average (71), 4th Highest Runs (213), 4th Highest Boundaries (22), 5th Highest Sixes (10)
  • Axar Patel - 2nd Highest Batting Average (57)
  • Shubman Gill - 3rd Highest Fours (17)


(V) Presentation Ceremony :

पूरी series में अविजित रहते हुए भारतीय team ने final match जीता।

जीत के बाद आया पल Asia Cup trophy, अन्य trophies और medals लेने की।

ACC (Asian Cricket Council) के अध्यक्ष, PCB (Pakistan Cricket Board) के अध्यक्ष, और पाकिस्तान के Home Minister मोहसिन नक़वी को  players को trophies और medals देने थे।

पर भारतीय players ने मोहसिन नक़वी से Asia Cup की trophy, trophies और medals लेने से साफ़ इंकार कर दिया। उनका कहना था कि match खेलना और जीतना यह सिद्ध करना था कि Asia में भारत सबसे सर्वश्रेष्ठ है। पर अपनी जीत की trophy, अन्य trophies और medals अपने देश के दुश्मन के हाथ से नहीं लेंगे। भारतीय खिलाड़ियों ने Pahalgam Att@ck के विरोध में, नकवी के हाथ से trophy नहीं ली। 

जब भारतीय टीम ने जीत के बाद awards लेने से मना कर दिया, तो presenter Simon Doull ने कहा कि भारतीय team आज अपने awards नहीं लेगी। लिहाजा इसी के साथ presentation ceremony समाप्त होती है। इसके साथ ही presentation team के किसी सदस्य ने चुपके से वह trophy वहाँ से हटा दी।


(VI) BCCI's Recognition :

भारत की जीत के बाद BCCI (Board of Control for Cricket in India) ने बयान जारी कर भारतीय team को ₹21 crores (₹210,000,000) का नकद इनाम दिए जाने की घोषणा की है।

BCCI सचिव ने कहा है - “हम भारतीय team के प्रदर्शन से बहुत खुश हैं। हमें गर्व है अपनी team के शानदार प्रदर्शन पर। हम अपनी team को super 4 के group series और final में पाकिस्तान को हराने के लिए बधाई देते हैं। तीनों matches एकतरफा थे और हम अपने खिलाड़ियों और support staff को देश का नाम रोशन करने के लिए बधाई देते हैं।”


(VII) Captain's recognition :

इसके साथ ही भारतीय team के captain सूर्यकुमार यादव ने announce किया है कि वो Asia Cup से मिली fees को देश की army को समर्पित कर देंगे।


जय भारत, जय भारतीय खिलाड़ी 🇮🇳

Thursday, 25 September 2025

Recipes : पेठा पनीर की खीर

आज नवरात्रि की चतुर्थी है, इस शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🏻

नवरात्रि में माता रानी को विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाया जाता है।

ऐसे पावन पर्व के लिए आज आप सब के साथ मुझे रायपुर, छत्तीसगढ़ की मंजू  सरावगी मंजरी जी द्वारा भेजी हुई recipe को साझा करते हुए अपार प्रसन्नता हो रही है।

पेठा पनीर की खीर


(I) Ingredients :

  • Milk - 1 litre
  • Ash gourd (Petha) - 200 grams
  • Cottage cheese (Paneer) - 50 grams
  • Cardamom powder - 1 teaspoon
  • Milk powder - 4 tablespoons 
  • Almonds - 7 to 8
  • Pistachios - 7 to 8
  • Cashews - 10 to 12
  • Parts of foxnut - 10 to 15


(II) Method :

  1. 1 litre दूध को gas पर रखें। धीमी आँच पर उसे ¾ हो जाने तक पकाएँ।
  2. इसी बीच पेठा को दो हिस्सों में बांट लें। आधे पेठे को कद्दूकस कर लें और आधे  पेठे को थोड़े-छोटे टुकड़े कर ले।
  3. अब जो दूध gas पर रखा है, गर्म होने पर उसमें 4 tbsp. milk powder डालें और गाढ़ा होने दें।
  4. फिर उसमें कद्दूकस किया हुआ पेठा, कटा हुआ पेठा और बारीक कटा हुआ पनीर डाल दें।
  5. फिर से थोड़ी देर उबालें, जब तक कि वह पेठा नरम ना हो जाए।
  6. अब इसमें इलायची powder, और थोड़े बारीक कटे मेवे डालकर एक बार अच्छे से चला दें।
  7. खीर को ठंडा कर लें और ठंडा होने के बाद उसे बचे हुए बारीक कटे हुए मेवों से सजा के परोसे।


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Wednesday, 24 September 2025

Short Story : माता रानी का‌ शेर

आप को पता ही होगा, भारत में मुख्यतः हिन्दू धर्म में हर देवी, देवता के वाहन कोई न कोई पशु या पक्षी हैं। 

पर किस देवी-देवता के कौन से वाहन हैं और क्यों? और उन वाहन के क्या नाम हैं?

क्या आप जानते हैं कि क्या नाम है?

चलिए नवरात्रि चल रही है तो आज दुर्गा माता के वाहन के विषय में ही जानते हैं।

माता रानी का वाहन शेर है, यह तो सब जानते हैं। पर क्यों?

इसके पीछे भी एक कथा है...

माता रानी का शेर


यह तो आप सभी को पता होगा ही कि माँ के नौ रूप पार्वती माता के ही हैं। या यूँ कहें कि जब-जब देवताओं या धरती पर संकट के बादल छाए, अर्थात् जब-जब दुष्टों का या राक्षसों ने विनाश का तांडव किया, माँ पार्वती ने उनके दमन के लिए माता रानी के नौ रूप धारण किए।

चलिए, तो उस कथा में आगे बढ़ते हैं, जहाँ माता रानी ने शेर को अपने वाहन के रूप में चुना…


The Legendary Story :

माता रानी किसी बात पर महादेव से रुष्ट हो गई थी और चंचल वन गईं तपस्या करने। वो तपस्या में लीन थीं कि एक बड़ा-सा शेर आ गया, माँ का शिकार करने... 

जब वो माँ के निकट पहुंचा तो माँ को लगा कि वो शेर उनकी शरण में आया है तो उन्होंने उस पर असीम स्नेह निछावर कर दिया। 

शेर माँ के स्नेह को पाकर गदगद हो गया और वो माँ की रक्षा करने के लिए तत्पर हो गया।

मातारानी जब तक तपस्या करती रहीं, एक अनन्य भक्त के समान, शेर उनके निकट ही रहा और उनकी सब तरह से रक्षा करता रहा।

तपस्या पूर्ण करने के पश्चात्, जब माँ वापस कैलाश लौटी तो उनका क्रोध शांत हो चुका था, उन्होंने शिव जी को शेर के विषय में सब बताया।

महादेव भी शेर की भक्ति से अति प्रसन्न हुए और उन्होंने प्रसन्न होकर शेर का नाम रखा, सोमनंदी...


माता दुर्गा के शेर का कोई विशिष्ट नाम नहीं है, लेकिन इसे अक्सर "सिंह" या "सोम नंदी" कहा जाता है। शेर को माँ दुर्गा का वाहन माना जाता है और यह शक्ति, साहस, और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

जय माँ दुर्गा 🙏🏻🚩