Saturday, 15 August 2026

Poem : स्वतंत्रता और हरियाली

मिट्टी की खुशबू और चारों तरफ हरियाली से जुड़े दो बड़े पर्वो का मेल हुआ है इस वर्ष, स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज का।

तो आइए, यह देखते हैं, कि किस प्रकार से ये दोनों ही त्यौहार हमारे जीवन में बहुत अहम हिस्सा निभाते हैं…

स्वतंत्रता और हरियाली


दोनों ही महत्वपूर्ण, दोनों ही सुखद,

जैसे ज़िन्दगी को मिल गई हो हद।

बिन आजादी जीवन था असंभव,

हरियाली के संग ही जीवन संभव।

दोनों तो हैं एक-दूजे के ही मेल,

दोनों के बिन जीवन हो जाए अझेल। 

आओ मिलकर सभी उत्सव मनाएं,

झंडा फहराकर, गीत तीज के गाएं।

तिरंगे की आन-बान-शान को शीश झुकाएं,

झूले में बैठ, हवा संग आसमान को छू आएं।

झंडों से सजे देश की है छटा निराली, 

संगत दे रही उसको तीज़ मतवाली।


आप सभी को स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज पर विशेष शुभकामनाएँ!