Friday, 23 May 2025

Article : India - A Military Power

ऐसा क्या कारण है, अमेरिका, चीन, पाकिस्तान में भारत को लेकर खलबली मची हुई है। क्यों सम्पूर्ण विश्व को लग रहा है कि वो दिन दूर नहीं, जब भारत सर्वोपरि होगा...

इसका कारण है भारत का हर क्षेत्र में बढ़ता हुआ कद, सशक्त और सुदृढ़ defense system and आत्मनिर्भरता...

आज का यह article, भारत की आत्मनिर्भर सोच को समर्पित है। जब कोई self-dependent बन जाता है, तब ही उसकी सर्वांगीण उन्नति संभव है।

India - A Military Power


भारत ने अपने defense system को सशक्त बनाने के लिए बहुत सारे स्वदेशी arms and ammunitions बना लिए हैं जिनकी सूची इस प्रकार है -


  • Ballistic Missiles
  • INS Vikrant
  • Tejas 
  • INS Arihant 
  • Nagastra 1 
  • Air Defence Systems


सबसे पहले बात indigenous missiles की बात कर लेते हैं।

भारत ने विभिन्न प्रकार की स्वदेशी missiles विकसित की हैं, जिन्हें भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है।

प्रमुख स्वदेशी missiles के नाम:


Agni Missile :

यह एक ballistic missile series है, जिसमें अग्नि-I, अग्नि-II, अग्नि-III, अग्नि-IV और अग्नि-V शामिल हैं, जो different range की ballistic missiles हैं।


Prithvi Missile :

यह एक छोटी दूरी की ballistic missile है, जो जमीन से जमीन पर मार करने में सक्षम है।


Brahmos Missile :

यह एक supersonic cruise missile है, जो जमीन, समुद्र और हवा तीनों से project की जा सकती है।

ब्रह्मोस मिसाइल, भारत और रूस के बीच एक joint venture है। ब्रह्मोस missile को भारत के DRDO और रूस के NPO द्वारा विकसित किया गया है।

पर एक खुशखबरी यह है कि सबसे ज्यादा demolition करने वाली supersonic cruise missile ब्रह्मोस का निर्माण अब पूर्ण रूप से भारत में आरंभ हो गया है।

लखनऊ में यह निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भारत की strategic capability में बढ़ोतरी होगी। 11 मई से लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण शुरू हो गया है। और ऐसा दावा किया गया है कि हर साल 100 से 150 ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण किया जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि से यह बड़ी उपलब्धि है।


Nirbhay Missile :

यह एक लंबी दूरी की cruise missile है।


Naag Missile :

यह anti-tank guided missile है जो जमीन और हवा दोनों से project की जा सकती है।


Akash Missile :

यह एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। आकाश missile भारत द्वारा स्वदेशीय निर्मित, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली missile है। यह विमान को 30 km दूर व 18,000 मीटर ऊंचाई तक target कर सकती है। इसमें fighter-jet planes, cruise missiles और हवा से सतह वाली मिसाइलों के साथ-साथ ballistic missiles जैसे हवाई लक्ष्यों को बेअसर करने की क्षमता है।


Astra Missile :

यह एक हवा से हवा में मार करने वाली missile है।


Trishul Missile :

यह एक छोटी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली missile है।


इसके अलावा और भी कई सारी missiles के नाम आते हैं, जैसे -


Prithvi Defense Vehicle (PDV) :

यह एक anti-ballistic missile है, जो ballistic missiles को intercept करने के लिए design की गई है।


Sagarika Missile :

यह एक submarine से projected ballistic missile है।


Dhanush Missile :

यह एक कम दूरी की, जहाज से projected ballistic missile है।


Prahar Missile :

यह एक कम दूरी की, जमीन से जमीन पर मार करने वाली missile है।


Rudram-1 Missile :

यह एक anti-radiation missile है। यह missile दुश्मन के radar and communication system को बेअसर करने के लिए design की गई है, जिससे वे अपनी radar and communication capabilities को खो देते हैं।


हमारे भारत के पास missiles के अलावा और भी बहुत सारी चीज़ें हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं -


INS Vikrant :

INS Vikrant (संस्कृत में विक्रांत का अर्थ - साहसी) भारतीय नौसेना का majestic-class aircraft carrier है। विक्रांत ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पूर्वी पाकिस्तान की नौसैनिक नाकाबंदी को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 


Tejas (Fighter Jet) :

तेजस भारत द्वारा विकसित किया गया, एक हल्का व कई तरह की भूमिकाओं वाला fighter jet plane है। यह HAL (Hindustan Aeronautics Limited) द्वारा विकसित एक seat और एक jet-engine वाला, अनेक भूमिकाओं को निभाने में सक्षम एक हल्का fighter plane है। यह बिना पूँछ का, एक compound-delta winged aircraft है।


INS Arihant :

INS Arihant भारत की पहली nuclear-powered submarine है।  यह 6000 tonnes की submarine है। इसको बनाने के बाद भारत ऐसा छठा देश बन गया जिनके पास इस तरह की submarine है।


Nagastra-1 (Suicide Drone) :

नागास्त्र-1 भारत का पहला indigenous suicide drone है। हालिया भारत-पाक संघर्ष में इसका इस्तेमाल हुआ और इसके असर ने पाकिस्तान को चौंका दिया। यह drone target के ऊपर जाकर खुद को विस्फोट कर देता है, जिससे दुश्मन के बंकर, वाहन और ठिकाने ध्वस्त हो जाते हैं। GPS based targeting, कम वजन और high explosive payload इसकी खासियत है। इसे soldier backpack में ले जा सकते हैं और field में ही launch कर सकते है।

Nagastra के दो version, Nagastra-2 और Nagastra-3 अभी trial phase में हैं। इन drones में range, payload and accuracy को upgrade किया गया है। ये drones, war pattern के अनुसार, AI-based target recognition से लैस होंगें। इनके 2024-25 में सेना में शामिल होने की उम्मीद है।


हमारे पास शक्तिशाली S-400 air defence system भी है जिसे हमने रूस से खरीदा है। लेकिन आपको जानकर गर्व होगा कि भारत खुद ही इससे भी शक्तिशाली Air defense system बना रहा है जो जल्दी ही अपने काम पर लग जाएग।

इस system का नाम है ERADS (Extended Range Air Defense System), XRSAM और PGLRSAM भी कहा जा सकता है।

क्या हुआ, यह सब पढ़कर सीना गर्व से फूल गया? विश्वास नहीं होता है न कि भारत defense system में इतना सशक्त, इतना आत्मनिर्भर बन गया है।

पर यह सच है कि आज भारत सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए बड़े-बड़े देशों पर निर्भर नहीं है, बल्कि वो खुद इतना सशक्त, सुदृढ़, समृद्ध और सक्षम हो गया है कि दूसरे देश, अपनी सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए उससे arms & ammunitions खरीदने की demand कर रहे हैं। 

पिछले दस सालों में भारत ने defense exports में 34 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। 

पिछले साल भारत ने 80 देशों को 23,622 करोड़ रुपए के defense equipment, export किए हैं जो कि 2029 में बढ़कर 100 countries को 50, 000 करोड़ रुपए के defense equipment export करने की संभावना है।

India, military power में fourth rank पर पहुंच गई है। अपने large manpower, modernizing defense equipment, and strategic location के कारण...

और यही कारण है अमेरिका, चीन और  पाकिस्तान में खलबली मचने का...

और यह तो आपको बताने की आवश्यकता नहीं है कि भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का किसका सपना है।

और न यह बताने की आवश्यकता है कि सशक्त देश ही सुखी देश होता है...

अब आप खुद ही सोचिए, कि देश को सुरक्षित और सशक्त बनाना है तो क्या करना है।

जय हिन्द, जय भारत 🇮🇳 🙏🏻

Thursday, 22 May 2025

Story of Life : एक सोच सैनिकों के लिए

आज की यह कहानी एक सच्ची कहानी है, एक ऐसे इंसान की, जिसकी सोच बहुत अच्छी है, और वो सोच हर एक तक पहुंचनी चाहिए।

इसलिए उस सोच को कहानी के रूप में आप सभी के साथ share कर रहे हैं।

एक सोच सैनिकों के लिए


आशीष company के tour के लिए flight से जा रहा था। यात्रा बहुत लंबी नहीं थी, पर आगे का program बहुत hectic था। अतः, उसने सोचा थोड़ी देर novel पढ़ेगा, फिर एक अच्छी नींद लेगा, जिससे आगे के लिए fresh रहे। वैसे भी वो अकेला था, तो time काटने के लिए नींद से अच्छा कोई option भी नहीं होता है।

वो अभी अपने सफर की planning कर ही रहा था कि साथी co-passenger कुछ सैनिक आ गये, जो उसके इर्द-गिर्द बैठ गये।

Flight ने अपने time से takeoff कर दिया।

कुछ ही देर बाद air hostess ने announcement की, जो कोई भी lunch लेने चाहे, वो order कर सकता है।

आशीष सोच ही रहा था कि क्या करे, तभी उसे कुछ सैनिकों की आवाज सुनाई दी।

उन में से एक बोला- “क्या सोचते हो, lunch order करें?” दूसरा बोला- “रहने दो यार, बहुत महंगा पड़ेगा, जब flight land करेगी तो किसी ढाबे से ले लेंगे। flight की ticket, government की तरफ से है, lunch का पैसा अपना लगेगा।”

आशीष उनकी बातें सुनकर कुछ देर सोचता रहा, फिर उठकर airhostess के पास गया, धीमे से कुछ बोला और रुपए दे दिए।

Airhostess की आंखें भर आईं, वो बोली- “मेरा छोटा भाई कारगिल में posted है, आपने मुझे उसकी याद दिला दी...”

थोड़ी ही देर में सारे सैनिकों को lunch दे दिया गया, वो बोले- “पर हमने तो order नहीं किया था। फिर क्यों? और हमें कितने रुपए देने होंगे?”

Airhostess बोली- “Sir, आप लोगों को कुछ नहीं देना है, आप लोगों का lunch sponsor हो गया है।”

“Sponsor... किसने किया होगा?”

“अरे तू खाना खा यार, अभी तो भूख-भूख चिल्ला कर मेरा दिमाग खा रहा था... क्या करना किसने किया...”

खाना खाकर सारे फ़ौजी बड़े खुश थे, क्योंकि उन्हें flight journey के बाद लम्बी road journey भी करनी थी, उसके बाद ही वो अपने destination पर पहुंचते...

आशीष भी lunch करके बैठा था कि एक बुजुर्ग उसके पास आए और बोले- “मैंने तुम्हारी सारी बातें सुन ली थी। सच में तुमने बहुत अच्छा किया।

किसी को भी खाना खिलाना पुण्य का काम है, फिर उन्हें जो देश के रक्षक हैं तो बात ही क्या... अगर तुम्हें कोई आपत्ति नहीं हो तो, क्या मैं भी इस पुण्य का छोटा सा भागीदार हो सकता हूं?” 

यह कहते हुए उस बुजुर्ग ने आशीष के हाथ पर 500 रख दिए और इससे पहले कि आशीष कुछ कहता बोलता, वो पलटकर चले गए।

आशीष ने उस 500 के नोट को अपने जेब में रख लिए और अपनी seat पर बैठ गया।

तभी उसके पास co-pilot आए और बोले- “आप सचमुच में बहुत अच्छे इंसान हैं, हमें आप पर गर्व है। और इसके साथ ही सभी airhostess clapping करने लगी।”

आशीष, इससे सकपका गया, क्योंकि उसने appreciation के लिए वो काम नहीं किया।

पर अब तक में सबको ये पता चल चुका था कि आशीष ने सैनिकों के lunch का पैसा दिया था। सारे सैनिकों ने आशीष को धन्यवाद दिया। 

थोड़ी ही देर में बहुत से लोग आशीष को कम और ज़्यादा रुपए दे गए।

Flight land हो गई। सभी airport पर उतर गये।

आशीष उन सैनिकों के पास गया और जितने रुपए उसे मिले थे, उसने वो उन्हें दे दिए और कहा- “आप ground पर जाएं, उससे पहले इन रुपयों से अपनी ज़रूरत की चीजें खरीद लीजिए और अगर आप को ज़रूरत की चीजें न खरीदनी हो तो खाने-पीने की चीजें ही ले लीजिएगा।”

“पर आप यह रुपए हम लोगों को क्यों दे रहे हैं? यह तो सबने आप को दिए थे।”

आशीष ने कहा- “आज कल की मतलब की दुनिया में जब कोई भी किसी को कुछ नहीं दे रहा है, ऐसे में आप लोग, हम लोगों के लिए, अपने देश के लिए सबसे बहुमूल्य चीज, ‘अपना जीवन’ न्योछावर कर देते हैं, धन्य हैं आप लोग, आप लोगों के लिए हम लोग जितना करें, सब कम है।”

यह सब देखकर, वहां खड़े सब लोग तालियां बजाने लगे। और जय हिन्द की सेना और भारत माता की जय के नारे लगाने लगे।

आशीष ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा- “एक फौजी हमारे लिए, अपनी सबसे बहुमूल्य चीज, अपना जीवन न्यौछावर कर देता है तो हम इतना तो कर ही सकते हैं कि अगर किसी फ़ौजी को train या bus में खड़ा देखें, तब अगर हो सके तो उन्हें बैठने के लिए seat दे दीजिए, क्योंकि बहुत बार उन्हें emergency में चलना पड़ता है, जिसके कारण वो reservation नहीं करा पाते हैं। और बहुत बार उन्हें front में जाने के बाद, कितने दिन चैन से बैठने तक का समय भी नहीं मिलता है।

अगर आप साथ सफ़र कर रहे हैं तो उनसे पूछकर उन्हें ज़रूरत के सामान और खाने-पीने की चीजें भी दे सकते हैं, क्योंकि बहुत बार उनकी posting ऐसी जगह होती है, जहां खाना-पीना और ज़रूरत की चीजें नहीं मिलती है। उन्हें बहुत ही कठिन और कठोर जीवन व्यतीत करना पड़ता है।

पर ध्यान रखिएगा, कि आप उन पर तरस खाकर, या भीख दे रहे हों, इस भाव से नहीं बल्कि उनका आभार मान रहे हैं, उनको सशक्त कर रहे हैं, अपना सहयोग दे रहे हैं, देश को सशक्त बनाने के लिए, इस भाव से दीजिएगा, क्योंकि जिसने निस्वार्थ भाव से अपने आप को देश को समर्पित कर दिया, उससे अधिक धनवान और सामर्थ्यवान कोई नहीं...

आपके द्वारा की गई, उनके लिए मदद, आपको ही देशभक्ति का पुण्य देगी, जो आपको आंतरिक सुख देगी।

आप उनको, दिल से आभार व्यक्त करें, साथ ही उन्हें सम्मान और स्नेह दीजिए, क्योंकि यही वो प्रहरी हैं, जिनके कारण हम सुकून से जी रहे हैं और चैन से सो रहे हैं।”

आशीष की ऐसी बातें सुनकर, airport में बहुत से लोगों ने स्वेच्छा से बढ़-चढ़कर उन सैनिकों को बहुत कुछ दिया। 

उन सैनिकों ने आशीष को बहुत सारा धन्यवाद दिया और कहा- “आप की तरह अगर सबकी सोच हो जाए, तो हमारा देश पर निछावर हो जाना और अधिक सार्थक हो जाए।”

आशीष, उनके आगे नतमस्तक होकर बोला- “आप लोगों का कोटि-कोटि धन्यवाद, आप हैं तो देश है और देश है तो हम हैं।

जय हिन्द, जय हिन्द की सेना!”

इसके बाद सब अपनी-अपनी राह चल दिए...


Disclaimer: The story and its characters are purely fictional. Their resemblance with somebody's life is a mere coincidence. This story has been taken from open source, and it has been rewritten in the blogger's own words, while the original writer is not known.

Wednesday, 21 May 2025

Article : The Strong India

मुझे गर्व है कि आज हमारा देश भारत, जिस तरह से आगे बढ़ रहा है, इसे विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता है।

पहले पाकिस्तान के नापाक इरादों का मुंहतोड़ जबाब, चाहे attack हो या defense, दोनों ही बेजोड़...

पहलगाम में आतंकी हमले का प्रतिउत्तर, देने से पहले हर step की इतने अच्छे से planning की, कि दुनिया दीवानी हो गई।

इतनी सटीकता और प्रबलता से प्रहार किया कि आतंकी संगठन भी कांप उठे। उनके पाकिस्तान में 100 km. अंदर तक के 9 आतंकी अड्डों को घुस कर ध्वस्त कर देना असम्भव कार्य को संभव कर दिखाना था।

उसके बाद यह तय था कि पाकिस्तान पलटवार करके युद्ध जैसे हालात अवश्य बनाएगा। वही हुआ भी...

सशक्त भारत


अब बारी थी, भारत के defense की, और वो भी भारत ने बखूबी की, अपने देश को S-400 की सहायता से बचाया और उनके 11 airbase और सैन्य ठिकानों को ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल, राफेल और drones के द्वारा सशक्त attack कर के मिट्टी में मिला दिया।

इसके बाद जो उभर कर आया है, वो बहुत अद्भुत है। 

भारत का यह कह देना कि अब एक भी आतंकी हमला, भारत के विरुद्ध युद्ध समझा जाएगा, जो आतंकी हमलों पर लगाम कस देगा, क्योंकि उसका अंजाम पाकिस्तान देख चुका है।

पाकिस्तान, चीन और तुर्किए के defense system and arms use कर रहा था, जिसे भारत ने बुरी तरह से नष्ट कर दिए, जिससे पूरे विश्व में चीन की किरकिरी हो गई है कि चीनी हथियार बेकार हैं, अब जल्दी चीन से कोई arms & ammunitions नहीं खरीदना चाह रहा है।

वहीं भारत ने इस युद्ध में अपने स्वदेशी arms का सफल‌ प्रदर्शन करके यह सिद्ध कर दिया है कि भारत सशक्त है और उसके स्वदेशी हथियार भी सशक्त हैं तो पूरे विश्व में भारत के arms and ammunitions की demand बहुत अधिक बढ़ गई है। 

इसके साथ ही भारत ने तुर्किए में richter scale के 7 के भूकंप आने पर सबसे पहले पहुंच कर हर संभव मदद की थी, चाहे वो rescue हो, चाहे medical requirement हो, खाने-पीने के सामान भेजना आदि...

पर तुर्किए ने पलटकर भारत को ही नष्ट करने के लिए पाकिस्तान को arms and ammunitions भेज दिए।

पर अब तुर्की को न केवल भारत सरकार की तरफ से बल्कि पूरे देश की तरफ से boycott turkey का जो दौर चल रहा है। उसने तुर्की को हिला कर रख दिया है। 

Nation first के लिए तुर्किए के tourism, tiles और सेब का पूरी तरह से boycott कर दिया गया है, इससे तुर्किए का लाखों करोड़ों का नुक़सान हो रहा है। Makemytrip, Easemytrip जैसी travel companies ने तुर्किए और अज़रबैजान दोनों ही देशों की booking लेनी तो बंद कर रखी ही है, साथ ही जो अपनी पहले से की गई booking cancel कर रहे हैं, उन्हें उनके पूरा payment लौटा दे रहे हैं। जिसके चलते बहुत ज़्यादा booking cancel हो रही है। 

फल व्यापारियों ने, तुर्किए से फल लेना पूरी तरह से बंद कर दिया है। इससे तुर्किए के साथ ही बाकी देशों को भी अच्छे से समझ आ रहा है कि भारत के विरोध में खड़े होना, अपने को बर्बाद करना है, जिससे अब जल्दी भारत के विरोध मे कोई नहीं आएगा। 

एक सशक्त और देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रदर्शन कि, सेना के शौर्य और पराक्रम का उत्सव पूरे भारत में तिरंगा यात्रा निकाल कर किया गया, मतलब देश और सेना दोनों को एक साथ सम्मान...

अब उसके बाद एक और नया रूप कि पाकिस्तान की काली करतूतों को विश्व में प्रदर्शित करने के लिए 7 delegates और 59 members की team को भेजना, जिसमें सभी पक्ष, विपक्ष के नेता, diplomats को भेजना, Nation First का एक सुदृढ़ कदम है। इस program को conduct करने के लिए जो face हैं, वो सारे BJP party के नहीं हैं, बल्कि उनमें शामिल हैं :

  1. Shashi Tharoor, Congress (INC)
  2. Ravi Shankar Prasad, BJP
  3. Sanjay Kumar Jha, JD(U)
  4. Shri Baijayant Panda, BJP
  5. Kanimozhi Karunanidhi, DMK
  6. Supriya Sule, NCP (शरद)
  7. Shrikant Eknath Shinde, Shivsena

इसके अलावा बड़े नामों में शामिल हैं, Asaduddin Owaisi (AIMIM) और parliamentary affairs के former union minister Ghulam Nabi Azad, जैसे अन्य 59 सदस्य शामिल हैं, जो अलग-अलग parties से हैं।

जिन्हें भी इस के लिए चुना है, वो सभी राजनेता और diplomats बहुत मंझे हुए और कुशल प्रतिनिधि हैं, जो भारत का सक्षमता से प्रतिनिधित्व करेंगे।

यह दिखा रहा है कि जब भारत पर आंच आती है तो कोई पक्ष, विपक्ष नहीं रहता है,‌ कोई धर्म-जाति नहीं होता है, बल्कि पूरा भारत एक हो जाता है, Nation First हो जाता है।

देश के गद्दार जासूसों की धरपकड़, घुसपैठियों को देश से निकालना और नक्सलियों के लिए कहा जाना कि 31 March 2026 तक पूर्ण सफ़ाया, देश को अंदर से भी सशक्त कर रहा है।

भारत का technology and invention में बढ़ते कदम, भारत को आत्मनिर्भर बना रहा है, भविष्य को सुरक्षित और उज्जवल बना रहा है। 

पहले 24 घंटे में air-force के wing commander अभिनंदन वर्धमान को और अब 20 दिन में BSF के constable पूर्णम कुमार शाॅ को पाकिस्तान से सुरक्षित वापिस बुला लेना, भारत के प्रभुत्व को दर्शा रहा है।

सशक्त defense system भारत को सुदृढ़ कर रहा है।

लोगों के अंदर Nation First की भावना होना, भारत को अखंड बना रही है।

GDP में भारत का विश्व में चौथे स्थान पर आ जाना, भारत को विकासशील देश से विकसित देश बना रहा है।

सब को मिलाकर एक साथ देखिए, BJP government का देखा हुआ स्वप्न कि भारत को फिर से सोने की चिड़िया बना दें, सच होता हुआ नहीं दिख रहा?

भारत में अच्छे दिन आ रहे हैं, ऐसा नहीं लग रहा?

भारत विश्व गुरु बनेगा, सर्वोपरि बन जाएगा, ऐसा नहीं लग रहा?

अगर आप भी चाहते हैं कि भारत सोने कि चिड़िया बने, तो खुल कर उसका साथ दीजिये, जो ऐसा कराने की ओर अग्रसरित हो। 

जय हिन्द, जय भारत 🇮🇳


Disclaimer: This article does not prove the existence of the facts, information and statements written above. They were taken by believable sources, like popular websites, news sources etc.