Saturday, 13 April 2019

Bhajan (Devotional Song) : मैया को नज़र लागी

मैया को नज़र लागी


Courtesy: Pinterest

दैया रे दैया,
मैया को नज़र लागी।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लगी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।
माथे मैया के टीका सोहे।
माथे मैया के टीका सोहे।।
दैया रे दैया,
बिंदिया पर नज़र लागी।
दैया रे दैया,
बिंदिया पर नज़र लागी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।१।।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लागी।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लगी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।
कान मैया के कुंडल सोहे।
कान मैया के कुंडल सोहे।।
दैया रे दैया,
नथनी पर नज़र लागी।
दैया रे दैया,
नथनी पर नज़र लागी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।२।।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लागी।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लगी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।
गले मैया के हरवा सोहे।
गले मैया के हरवा सोहे।।
दैया रे दैया,
चुनरी पर नज़र लागी।
दैया रे दैया,
चुनरी पर नज़र लागी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।३।।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लागी।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लगी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।
हाथ मैया के चूड़ा सोहे।
हाथ मैया के चूड़ा सोहे।।
दैया रे दैया,
कंगना पर नज़र लागी।
दैया रे दैया,
कंगना पर नज़र लागी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।४।।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लागी।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लगी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।
कमर मैया के तगड़ी सोहे।
कमर मैया के तगड़ी सोहे।।
दैया रे दैया,
लहंगे पर नज़र लागी।
दैया रे दैया,
लहंगे पर नज़र लागी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।५।।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लागी।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लगी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।
पैर मैया के पायल सोहे।
पैर मैया के पायल सोहे।।
दैया रे दैया,
बिछिया पर नज़र लागी।
दैया रे दैया,
बिछिया पर नज़र लागी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।६।।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लागी।
दैया रे दैया,
मैया को नज़र लगी।।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।
मैं डिबिया काजल, की ले कर भागी।।
ज़ोर से बोलो जय माता दी
सारे बोलो जय माता दी
सांचे दरबार की जय
जयकार शेरावाली का 

माता रानी के और भी नए भजन आप को यहां click 👇🏻 करने पर मिल जाएंगे, आप उनका भी आनन्द लें सकते हैं...

माता रानी के भजन

Friday, 12 April 2019

Tip: Preparation without lumps

Have you ever came across such situations while cooking, when you have to roast chestnut flour (as in Falahari Doda Barfi), or all purpose flour (as in White Sauce Pasta), etc., and then add water to the same.
Generally, you would observe the occurrence of lumps, that are needed to be avoided. So, here's a tip that will help you out of this problem.


Preparation without lumps

  • Roast the flour, as usual.
  • Allow it to cool down to room temperature.
  • Then, add water.
  • Also, remember to stir the solution continuously, while on flame.
Adding water after cooling and stirring continuous would avoid lumps.

Thursday, 11 April 2019

Article : वोट जरूर डालें

वोट जरूर डालें

हमारा भारत लोकतांत्रिक देश है। और मुझे पूरी उम्मीद है, कि ये हमारे देश का हर नागरिक जानता है कि लोक तंत्र का अर्थ है, कि देश चलाने वाला सदस्य जनता द्वारा चुना जाएगा। किसी तरह का राजवंश शासन नहीं रहेगा।

पर अगर आप देखेंगे, तो पाएंगे, कि लोकतन्त्र देश होने के बावजूद भारत में नेहरू परिवार की वंशावली ही चली थी। जो मोदी जी के आने से टूट सी गयी है, या यूँ कहें एक सी सत्ता कब तक चलती। इस समय उनके वंश में कोई इस योग्य नहीं है, कि सत्ता की बागडोर संभाल सके।

पिछले निकले हुए कुछ साल हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं, कि हम वंशावली से परे भी सोच सकते हैं। आज हमें जातिवाद, आरक्षण, कालाबाजारी जैसे छोटे मुद्दों को दर किनार कर भारतवाद की ओर चलना है। इस बार देश के विकास को आगे रखना है।

देश का सर्वांगी विकास हमारे विकास का द्योतक है, अर्थात देश फलेगा-फूलेगा, तो देशवासी भी खुश ही होंगे।

हमें आज देश को शशक्त बनाना है, जिससे हमारे देश पर कोई बुरी नज़र ना रखे। अर्थव्यवस्था में इतना दृढ़ बनाना है, जिससे प्रत्येक देश हम से मैत्रीपूर्ण  संबंध जोड़ना चाहे। तकनीकी में इतना आगे निकल जाना है, कि हमारे देश की प्रतिभाएं पलायन ना करें।

पर ये सारे सपने तभी पूरे होंगे, जब हम इस बात की एहमियत समझेंगे, कि वोट डालना बहुत जरूरी है। जब तक एक एक देशप्रेमी देश के लिए उचित हाथों को वोट नहीं डालेगा, ये सब बातें मात्र सपना ही रहेंगी।

उठिए सोच क्या रहें हैं? घर बैठ कर अपने अमूल्य वोट को व्यर्थ ना जाने दें। एक एक वोट अमूल्य है। हर वोट ये निर्धारित करता है, कि देश विकास करेगा, या अंधकार के सुपुर्द हो जाएगा।

अगर वोट डालने से उंगली में दाग लगता है, तो दाग अच्छे हैं। आइये आपको देश बुला रहा है, इस बार देश के विकास की सोच रख कर वोट जरूर डालिए।    

जय भारत!