Sunday, 10 April 2022

Bhajan (Devotional Song) : प्रभु की लीला अपरम्पार

प्रभु की लीला अपरम्पार


दशरथनन्द, भए आनन्द,

हर्षित भई, कौशल्या माई।

श्री हरि की बाल लीला,

कहो केहि विधि कही जाई।।


प्रभु की लीला अपरम्पार। 2।।


लोचन नयन कमल सरिखे, 

भृकुटि लगे तनी कटार। 2।।

चन्द्र मुख पर रज सजी ऐसे, - 2

माया संग हरि एकाकार।।


प्रभु की लीला अपरम्पार। 2।।


ठुमक-ठुमक कर चलत प्रभो,

जग में गूंजत है किलकारी। 2।।

झूम उठी पूरी ही धरती, - 2

सुन पैजनियों की झंकार।।


प्रभु की लीला अपरम्पार। 2।।


अधर लालिमा देखत,

भ्रमर भ्रमित भए जाए। 2।।

मुखमंडल पर आभा ऐसी, - 2

दमके उससे संसार।।


प्रभु की लीला अपरम्पार। 2।।




प्रभू श्रीराम की बाल लीलाओं का वर्णन अवधी भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है... कृपया, पढ़कर और सुनकर comment box में जरुर से बताएं, कैसा रहा हमारा प्रयास?


श्री हरि, हम सब पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें 🙏🏻🙏🏻❤️


आप सभी को राम लला के जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🏻💐

Friday, 8 April 2022

India's Heritage : भक्त ध्यानू

नवरात्रि के पावन दिन चल रहे हैं तो सोचा, आज आप को विरासत के अंतर्गत माता के एक ऐसे भक्त की कहानी बताएं, जिसने अकबर को माता रानी के दरबार में सिर झुकाने को विवश कर दिया था।

भक्त ध्यानू 

बात उन दिनों की है जब भारत पर अकबर का शासन था, उन दिनों हिन्दूओं को धार्मिक यात्राओं पर भी जाने में बहुत रोक-टोक हुआ करती थी।

एक बार भक्त ध्यानू, अपने एक हजार साथियों के साथ ज्वाला देवी के दरबार में सिर झुकाने जा रहे थे।

जब अकबर के नुमाइंदों ने इतने सारे लोगों का झुंड देखा तो, उन्हें पकड़ कर अकबर के दरबार में ले गये।

अकबर ने कड़क कर, भक्त ध्यानू से पूछा, इतने सारे लोगों को लेकर किस मंशा से निकले हो?

भक्त ध्यानू ने बिना डरे, आत्मविश्वास से भरकर कहा कि वो सब ज्वाला माता के दरबार में सिर झुकाने जा रहे हैं।

अकबर ने पूछा, कौन ज्वाला माता?

ध्यानू ने कहा, ज्वाला माता, दुर्गा माँ का स्वरूप हैं, उनके दरबार में बिन तेल और बाती के ज्वाला जलती रहती है, इसलिए उन्हें ज्वाला माता कहा जाता है।

उनके दरबार में जो कोई भी, सच्चे मन और पूर्ण विश्वास से जाता है, माँ उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

अकबर ने कहा, तुम्हें इतनी आस्था है, अपनी भक्ति और माँ की शक्ति पर तो, तुम मुझे सिद्ध कर के दिखाओ।

यह कहते हुए उसने अपने सैनिक को इशारा किया कि ध्यानू के घोड़े का सिर धड़ से अलग कर दो।

चंद मिनटों में घोड़ा, दर्द से छटपटाते हुए फर्श पर गिर गया और मृत्यु को प्राप्त हो गया।

अकबर बोला, अगर तुम इस घोड़े को जीवित कर के दिखाओ तो मानूं।

तुम्हारी माता रानी की शक्ति और तुम्हारी भक्ति...

ध्यानू भी घोड़े की इस तरह की अकाल मृत्यु से बहुत दुखी हो गया। पर अगले ही क्षण, वो माता रानी की शक्ति पर विश्वास करते हुए आत्मविश्वास से परिपूर्ण होकर बोला, मेरे लौटने तक आप मेरे घोड़े के शव को संभाल कर रखिएगा। 

मेरी माता रानी, मेरे घोड़े को अवश्य जीवित कर देंगी।

अकबर ने कहा, उसका हम ध्यान रखेंगे, पर तुम शीघ्र आना, वरना तुम्हारे पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया जाएगा।

ध्यानू अपने साथियों के साथ ज्वाला माता के दरबार की ओर चल दिया।

वहाँ पहुंच कर, उसने नहा-धोकर, माता रानी की अराधना की। पुष्प अर्पित किए, आरती की।

उसके बाद उसने माता रानी से प्रार्थना कि उसके घोड़े को जीवित कर दें।

पर उसे उत्तर नहीं मिला तो उसने पुनः कहा, पर इस बार भी कोई प्रतिउत्तर नहीं मिला तो ध्यानू ने कहा कि यदि आप मेरी प्रार्थना स्वीकार नहीं करेंगी तो मैं अभी अपना सिर आपके चरणों में समर्पित कर दूंगा, क्योंकि मैं अपमानित होकर जीवित नहीं रह सकता।

यह कहकर ध्यानू ने अपनी तलवार से अपना सिर, धड़ से अलग कर माँ के चरणों में समर्पित कर दिया।

ऐसे होते ही, एक शक्ति से माँ प्रकट हो गयीं, उन्होंने ध्यानू को जीवित कर दिया, साथ ही उस घोड़े को भी जीवित कर दिया और ध्यानू से कहा कि तुम दरबार में जा सकते हो।

उधर जब अकबर को पता चला कि घोड़ा, जीवित हो गया है, तो अकबर असमंजस में पड़ गया। उसे अपने कथन पर बहुत अफसोस हुआ..

भक्त ध्यानू के राज्य महल में आते ही अकबर भक्त ध्यानू के पांव पकड़ के क्षमा मांगने लगा।

भक्त ध्यानू ने कहा कि मेरे नहीं, माता रानी के दरबार में जाओ, तुमने मेरा नहीं, माँ का अपमान किया था, इसलिए क्षमा भी वहीं मांगो।

अकबर ग्लानि से भर गया और अगले ही पहर वो अपने दल-बल के साथ ज्वाला माता के दर्शन की ओर चल दिया, उनसे क्षमा मांगने और शीश नवाने के लिए।

जो भी, माता के दरबार में, श्रृद्धा और विश्वास के साथ जाएगा, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी

जयकारा ज्योतावाली का🚩

बोलो सांचे दरबार की जय 🙏🏻🙏🏻

Thursday, 7 April 2022

Recipe : Dry Fruits Kheer

जब नवरात्रि हो, तो उसमें मीठे की बात ना हो, यह तो असंभव है ना?

बिल्कुल...

जब आप को platter में Samak rice and Saboodana Poori with Paneer Navratn और snacks में Falahari Sandwich जैसी tasty and healthy recipes share कर चुके हैं, तो मीठे में भी कोई special recipe होनी चाहिए। 

इसलिए मीठे में आप के लिए बहुत special recipe share कर रहे हैं...

 मेवा खीर 


Ingredients :

Fox nuts - 20 to 25

Cashew nuts - 10 to 15

Raisins - 10 to 15

Milk - 1 litre

Saffron strings - 5 to 7

Sugar - ¾ cup or as per taste 

Clarified butter (ghee) - 2 tbsp.


Method :

  1. काजू को coarsely cut कर लीजिए।
  2. Saffron strings को 4 tsp. lukewarm दूध में डाल दीजिए। जिससे saffron milk, ready हो जाए।
  3. एक wok(कढ़ाही) लीजिए, उसमें 2 tbsp. घी गर्म कर लीजिए।
  4. Medium-slow flame कर के काजू को slightly shallow fry कर लीजिए।
  5. उसी घी में किशमिश भी slightly shallow fry कर लीजिए। Gas off कर के किशमिश निकाल लीजिए।
  6. अब उसी घी में medium-slow flame  में मखाना डालकर, कुरकुरे होने तक shallow fry कर लीजिए।
  7. Dry fruits को shallow fry करने से खीर की aroma and taste दोनों enhance हो जाएंगे।
  8. मखाने को grinder में डालकर coarsely(दरदरा) grind कर लीजिए।
  9. दूध में चीनी डालकर, medium-slow flame पर चलाते हुए slightly गाढ़ा कर लीजिए।
  10. अब दूध में भुने हुए, दरदरे मखाने को डाल कर, चलाते हुए गाढ़ा कर लीजिए।
  11. अब इसमें shallow fried काजू व किशमिश भी डाल दीजिए, साथ ही केसर वाला दूध भी डालकर पकाएं।
  12. Proper consistency आने पर gas off कर दीजिए।
  13. खीर में मखाना डालने से दूध गाढ़ा हो जाता है। साथ ही खीर ठंडी होने पर और गाढ़ी हो जाएगी, इसलिए दूध बहुत ज्यादा गाढ़ा नहीं करना है।
  14. साथ ही जब पूरी खीर बन जाएगी, तब भी उसकी consistency इतनी रखिएगा कि ठंडी होने से खीर सूख ना जाए।
  15. खीर के normal temperature पर आने पर इसे refrigerator में रखकर ठंडा कर लीजिए
  16. Serve करने से पहले, इसे almonds and pistachios से garnish कर दीजिए।

Now your super yummy, tasty & healthy Dry Fruits Kheer is ready to serve. 

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देवी माँ को खीर का भोग लगाएं और सभी को tasty and healthy प्रसाद बांटें....

जय माता दी 🚩