Tuesday, 14 November 2023

Poem : जिंदगी में बचपन

 जिंदगी में बचपन




जिंदगी में बचपन, जैसे चंदन 

पल पल को महकाए 

यह पल है सबसे खूबसूरत

फिर कभी पलट के ना आए


ना कोई फ़िक्र ना कोई चिंता 

मन जैसे हो उड़ता परिंदा 

उमंग उत्साह में वो 

बस उड़ता जाए 


आइसक्रीम, टॉफी, चॉकलेट

गुब्बारे, खिलौने, झूला, पिकनिक 

यह सब थे सतरंगी सपने 

चाहत थी सब हो जाए अपने 


कितनी छोटी सी दुनिया

होती थी अपनी

जो खुशियां दे जाती थी 

मुट्ठी में सब सिमट जाती थी 


मां-पापा, दोस्त, रिश्तेदार 

सब होते थे जीवन में ऐसे

जैसे हर सुबह पार्टी

हर शाम त्यौहार 


ना जाने सब चले गए कहां 

बचपन के बीतने के बाद 

मिल जाए बचपन फिर से

हो जाए फिर सब एक साथ 


आप सभी को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 💐


सारे चुन्नू मुन्नू को बहुत सारा प्यार


Happy Children's Day👶🏻👧🏻💃🏻

Sunday, 12 November 2023

Poem: दीप से दीप जलाकर

दीप से दीप जलाकर



दीप से दीप जलाकर

घर आंगन में लगा लेना 

उनकी जगमग रोशनी से 

कोने कोने में प्रकाश फैला लेना


फ़ूल से फूल मिलाकर 

सुंदर लड़ी बना लेना 

हर द्वार चौखट सजे उससे 

पूरे घर को खूशबू से महका लेना 


थोड़ा थोड़ा ही सही

पर कुछ पकवान बना लेना 

हैं दीपावली, त्यौहार बड़ा 

अपनों के संग मना लेना 


बहुत नहीं, बस चंद सही 

पटाखों पर भी खर्चा कर लेना

यह दीपावाली की रौनक हैं 

पटाखे, बच्चों को चलवा लेना  


छोटी छोटी सी बातें हैं 

पर हैं अनमोल बड़ी 

इन से ही त्यौहार सजा 

यही सुखद जीवन की घड़ी


आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं 💐

माता लक्ष्मी और श्री गणेश जी की कृपा दृष्टि सदैव हम सब पर बनी रहे 🙏🏻🙏🏻

Saturday, 11 November 2023

Article: दीपावली पर पटाखे

 दीपावली पर पटाखे 



क्या कहते हैं आप सब, क्या दिल्ली में pollution level कम हो गया है?

क्या इस बार दीपावली में पटाखे जलाने की छूट मिल जाएगी?

इस बार तो पंजाब में पराली भी नहीं जल रही है...

और अगर जल भी रही है, तो उस पर atleast, pollution levels बढ़ाने का आरोप तो बिल्कुल भी नहीं लगाया जा रहा है।

वैसे यह तो रही, हमारी पृथ्वी की बात...

पर अगर बात ईश्वर की करें तो उनकी तरफ से तो हरी झंडी ही दिखाई दे रही है।

देखिए ना ईश्वर, अपने घर की खूब धुलाई करा रहे हैं, नतीजतन बिन मौसम, इतनी वर्षा हो रही थी कि दिल्ली क्या पूरा उत्तर प्रदेश भी pollution free होता दिख रहा है। 

और एक बात और पहले खूब बारिश कर के प्रदूषण नियंत्रण कर दिया, अब भरपूर धूप दे रहे हैं, जिससे पटाखे अच्छी तरह से सूख जाए और जब जलाया जाए तो खूब मस्त चलें।

अभी कुछ दिन बाद ही रामलाल के मंदिर का निर्माण अपनी भव्यता के साथ पूरा हो चुका है। शायद उसी से रामलाल प्रसन्न हैं और दीपावली के चंद दिनों पहले से ही खूब वर्षा कर के दिल्ली, यूपी सबको प्रदूषण से मुक्त कर दिया है। जिससे जैसा स्वागत उनके आने से अयोध्या में हुआ था। उससे भी ज्यादा स्वागत दीपावली के आने पर किया जाए। 

हर ओर फूल, तोरण से घर आंगन सजाया जाए, दीपों से हर शहर को जगमगाया जाए, पकवानों की खुशबू से हर गली को महकाया जाए और खूब सारे पटाखों की धूम धड़ाके से खुशियां मनाई जाए। 

जब यह सब हो, तभी तो लगता है कि दीपावली का पावन पर्व आया है, इनमें से कोई भी एक ना हो तो, सूनी रह जाती है दीपावली.. 


आप सभी को छोटी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं 💐🙏🏻