Monday, 19 May 2025

Article : The Digital India

17 May को World Telecommunication and Information Society Day (दूरसंचार दिवस) कहा जाता है।

और इस दिन भारत में Quantum Computer का innovation हो चुका है।

जिसे टाटा, बिरला, अंबानी, अडानी और किसी government company ने नहीं बनाया है, बल्कि भारत की एक startup company QpiAI (QπAI) ने बनाकर  ऐतिहासिक युग की शुरुआत कर दी है। 

The Digital India


Quantum Computer पर अभी तक USA (America) and China का नाम लिखा हुआ था।

जब भविष्य में महान खोजों का नाम लिया जाएगा, तो technology में भारत का नाम भी गर्व से लिया जाएगा। जब पूछा जाएगा कि इसे किसने बनाया, तो कहा जाएगा भारत ने, जी हाँ हमारे भारत ने...

पहला Indian quantum computer, QpiAI Indus के नाम से introduce किया गया है।

Indus के बाद Kaveri, Ganga और वर्ष 2028 तक Everest बना देने की संभावना बताई जा रही है।

QpiAI Indus 25 qubit का बनाया गया है और QpiAI Everest 1000 qubit का बनाया जाएगा।

Quantum computers, technology-wise अभी तक के सबसे ज्यादा advanced and high level के computers हैं।

ऐसा समझा जा रहा है, कि इसका बनना भारत को फिर से सोने की चिड़िया कहे जाने के लिए गिना जाएगा।

अब सिर्फ space और defense में ही नहीं, बल्कि quantum technology में भी India आगे की ओर बढ़ चुका है।

अब आप लोग सोच रहे होंगे कि quantum computer है क्या और यह किस तरह से काम करेगा? और इसका innovation कैसे भारत में स्वर्णिम काल लाने में सक्षम होगा।


Functions of Quantum Computers :

Super-computer को जिस काम में सालों लग जाते थे, quantum computer उसी काम को महीनों, घंटों और मिनटों में करेगा और वो भी पूरी accuracy के साथ...

Cancer, AIDS जैसी भयंकर बीमारियों पर काम करने में सालों लग जाते हैं, पर अब वही काम महीनों में पूरा हो जाएगा।

Molecule level पर simulation करके दवाईयों का असर देखा जा सकेगा।

ऐसे metal and compound, जिन पर heat, pressure and strength में काम करना नामुमकिन था, वो अब simulation द्वारा किए जा सकेंगे। 

Mobile banking and defense का जो data secure रहता है, उसे यह minutes में decode कर सकता है।

Means इससे ऐसी सुरक्षा प्रणाली बनाई जा सकेगी जो कि easily hack नहीं की जा सकेगी। 

मौसम, climate की accurate information दी जा सकेगी, जिससे तूफ़ान, बाढ़ और सूखा, कब और कहां आएगा, इसको सटीकता से समझा जा सकेगा। ऐसा होने से natural disaster को पहले से समझकर स्थिति को बहुत हद तक control में लाया जा सकेगा।

जब हमारा भारत देश medicine, metal, infrastructure, defense और space में आगे ही आगे निकलता जाएगा, तो जल्दी ही फिर से सोने‌ की चिड़िया बन जाएगा।

मोदी सरकार का technology, invention, and innovation में शुरू से focus रहा है। 

ISRO space में चंद्रयान और गगनयान में बराबर की टक्कर दे रही है।

India जैसा अनुमान लगा रहा है, अगर उतनी ही रफ़्तार से आगे बढ़ता रहा तो 2028 में quantum race में बराबर की टक्कर देगा, या आगे भी निकल सकता है। 

अभी America and China quantum technology में 433 quantum bits तक पहुंच चुके हैं और हमारा Everest 1000 quantum bits का बनेगा।

मोदी जी ने कहा था कि 21st century का भारत technology का भारत बनेगा।

उन्होंने विकसित भारत programme launch कर सभी Indians को promise दिया था, कि वर्ष 2047 (Independence के 100 साल बाद) India पूरी तरह से modern and advanced हो जाएगा।

हम सब भारतवासी यह प्रार्थना करेंगे कि जैसा सोचा जा रहा है, वैसा हो, जिससे भारत एक बार फिर से सोने की चिड़िया कहलाए, हर क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान पर आ जाए।

जय हिन्द, जय भारत 🇮🇳 

Thursday, 15 May 2025

Article : तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा

भारतीय सेना की आ!तंक पर इतनी बड़ी जीत के बाद पूरे देश में सैनिकों के शौर्य को सम्मान देने के लिए तिरंगा यात्रा निकाली गई। 

तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा 



यह रैली, जिस-जिस राज्य से गुज़री, उसमें उस राज्य के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, पुलिस के बड़े-छोटे अधिकारी और BJP पार्टी के कार्यकर्ता भी शामिल थे। साथ ही सर्व समाज, सर्व धर्म के लोग शामिल थे, जिसमें हर आयु, हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

जब रैली निकल रही थी, उस समय वो लोग भारत माता की जय, जय हिन्द, जय भारत और भारतीय सेना की जय के नारे लगाते हुए, वीर सैनिकों के पराक्रम की जय करते हुए जा रहे थे।

कहीं भी BJP government या मोदी जी के नारे नहीं लगाए जा रहे थे। 

जगह-जगह लोग, इनके स्वागत में फूल लेकर खड़े थे और रैली आने पर उसका फूलों की वर्षा से स्वागत कर रहे थे। उनके पहुंचने पर देशभक्ति के गीत बजाए जा रहे थे।

रैली के लोग को देने के लिए juice, पानी आदि का भी arrangement किया हुआ था, जिससे बढ़ी हुई गर्मी में लोगों को रैली में चलने में दिक्कत न हो।

कुछ स्वागत करने वाले लोग, मोदी जिन्दाबाद के नारे लगाने लगे, तो BJP कार्यकर्ता कहने लगे कि आज सिर्फ सेना की जय-जयकार की जाए। इस रैली को किसी भी तरह का राजनैतिक रंग न दिया जाए।

उन्होंने कहा, BJP government ने वही किया, जो एक जिम्मेदार और देशभक्त प्रधानमंत्री और सरकार को करना चाहिए।

इस जीत को सुनिश्चित और सफल बनाने में सेना का अदम्य साहस, वीरता, सूझबूझ और सटीकता ही सर्वोपरि है। 

सेना के इस शौर्य में चार चांद तब और लग गये, जब सर्व समाज, सर्व धर्म और हर आयु के लोग एकत्रित होकर एकसूत्र में बंध कर देश को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे थे।

क्योंकि इस तिरंगा यात्रा का मुख्य उद्देश्य ही देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना था। इस अभियान के तहत सार्वजनिक जागरूकता, ध्वज वितरण/विक्रय कार्य, स्कूल और कॉलेजों में कार्यक्रम, समुदाय में भागीदारी, स्थानीय सरकारी निकायों की भागीदारी, झंडा कोड का पालन करते हुए तिरंगा यात्रा निकली गई थी।

राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, जम्मू, पहलगाम आदि सब जगह हुई।

भारत की जीत के जश्न को मनाने का इससे बेहतर कोई और तरीका नहीं हो सकता था। इस जश्न ने भारत को एकता के सूत्र में बांध दिया। इस नायाब तरीके को जिस किसी ने सोचा, उसकी महान सोच को प्रणाम...

जय हिन्द, जय भारत 🇮🇳 

Wednesday, 14 May 2025

Article: भारत महानायक

भारत महानायक



भारत ने 9 आतंकी अड्डों को ध्वस्त करने के बाद जिस तरह से पाकिस्तानी हमलों का प्रतिउत्तर उनके 11 airbase और सैन्य ठिकानों को तबाह करके दिया है, उसने उसे विश्व स्तर पर महानायक बना दिया है। 

7 May के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से बौखला उठा था, और उसने जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। उसने missiles, drones, fighter planes and rockets से ताबड़तोड़ हमले करना शुरू कर दिया।

मगर, उसका सारा निशाना बेकार चला गया। वजह यह रही कि 'सुदर्शन चक्र' ने रास्ते में ही उन्हें बेअसर कर दिया और भारत की रक्षा की। ठीक वैसे ही जैसे भगवान कृष्ण ने महाभारत में इसका इस्तेमाल किया था। 

सुदर्शन चक्र? पर Air defense system तो S-400 रहा था? फिर यह सुदर्शन चक्र क्या है?

सेना ने S-400 का नाम सुदर्शन चक्र रखा है।

भारत हर तरफ से पाकिस्तान पर भारी पड़ रहा था, फिर चाहे attack करना हो या defense... Rafale, MIG 29, स्वदेशी मिसाइल आकाश, ब्रह्मोस और drones से attack and S-400 से defense..

हमारी सेना ने उनके छक्के छुड़ा दिए। हालात यह बन गए कि तीन दिन में ही पाकिस्तान ने ceasefire की request कर दी।

हमारा भारत महानायक बन गया...

पर किस के कारण?

हमारी अदम्य साहसी, सुदृढ़ और सक्षम सेना के कारण...

बिल्कुल सही है।

लेकिन कुछ और लोग भी हैं, जिनके बिना यह जीत संभव नहीं होती...

मोदी जी के कारण... बिल्कुल उनके ही कारण...

पर उनसे पहले एक और नाम है उनका जिक्र पहले करते हैं, जिन्होंने अमेरिका के आगे घुटने नहीं टेके और अपने फैसले पर डटे रहे, और सुदर्शन चक्र और राफेल की जुगलबंदी को भारतीय सेना के defense system में शामिल कर दिया। 

और वो हैं, भारत के पूर्व रक्षामंत्री स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर जी...

2021 के अंत में S-400 के तीन squadron आ चुके हैं और तब से तैनात हैं, इस साल और भी squadron आने की उम्मीद है। अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 35,000 करोड़ रुपए के सौदे में इन्हें लिया गया था। इस सौदे पर 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी में नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए थे।

5 अक्टूबर, 2018 को डील पर हस्ताक्षर किए गए थे। हालांकि, delivery 2021 के अंत में हुई।

2018 में पूर्व रक्षा मंत्री रहे मनोहर पर्रिकर ने राफेल डील को आगे बढ़ते हुए, अहम बात  कही थी, कि राफेल के आने से भारत, पाकिस्तान की हवाई क्षमता पर भारी पड़ेगा। इसका target अचूक होगा। राफेल ऊपर-नीचे, अगल-बगल यानी हर तरफ निगरानी रखने में सक्षम है। मतलब इसका vision  360° का होगा। पायलट को बस विरोधी को देखना है और बटन दबा देना है और बाक़ी काम कंप्यूटर कर लेगा।

1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय वायु सेना पाकिस्तान पर इसलिए हावी रही थी क्योंकि भारत की मिसाइलों की पहुंच SU-30 और MIG-20 के साथ 30 किलोमीटर तक थी। दूसरी तरफ पाकिस्तान की पहुंच 20 किलोमीटर तक ही थी। इसलिए हम आगे रहे। 

हालांकि, 1999 से 2014 के बीच पाकिस्तान ने अपनी क्षमता को बढ़ाकर 100 किलोमीटर तक कर लिया। जबकि भारत इस दौरान अपनी पहुंच 60 किलोमीटर तक ही बढ़ा पाया। मतलब हम लोग तब खतरे में थे। तब अगर पाकिस्तानी लड़ाकू विमान हम पर हमले करते तो शायद हम पलटवार उतना boldly नहीं कर पाते। लेकिन राफेल के आने के बाद हमारी पहुंच 150 किलोमीटर तक हो गई।

इसके साथ ही S-400 में क्षमता है कि वो 400 km. दूर से ही अपने target को detect करके हवा में ही intercept कर देता है। इसलिए पाकिस्तान के एक भी हमले कारगर साबित नहीं हुए, क्योंकि उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया था।

और यह तो सबको मालूम है कि सेना के साथ ही साथ, हमारा सशक्त और सुदृढ़ defense system भी था, भारत को महानायक बनाने में। 

अब बात करते हैं कि मोदी जी को इतना क्यों महत्व दिया जा रहा है सेना की इस महान जीत के लिए, जबकि किया तो सब हमारी भारतीय सेना ने था। साहस, वीरता और जान का जोखिम सब उनका...

बिल्कुल वो ही सर्वोपरि हैं, लेकिन जब आप देखेंगे कि मोदी जी का क्या role है, इस पूरी जीत में, तब शायद आप भी मानें।

सेना में सैनिक होने के साथ ही जो जरूरी होता है, वो होता है, उन्हें arms and ammunition से strong बनाना, जो किया था, BJP government ने, मोदी जी ने और मनोहर पर्रिकर ने, S-400 और Rafale लाकर।

मोदी जी अपने आपको चौकीदार कहते हैं। पर जब S-400 and Rafale की deal की बात हुई थी, तो इसका विरोध विपक्ष से लेकर जनता तक सबने किया था।

यहां तक कि विपक्ष ने तो मोदी जी के लिए "चौकीदार चोर है", का नारा भी बुलंद किया था। 

America भी नहीं चाहता था कि, भारत में S-400 and Rafale आए और भारत strong बनें...

पर मोदी जी ने किसी की परवाह नहीं की और उन्होंने रूस से deal की...

इसके साथ ही मोदी जी के देश को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों से Indian defense system भी मजबूत हो रहा है।

जैसे कि स्वदेशी मिसाइल आकाश, ब्रह्मोस मिसाइल, INS विक्रांत आदि का निर्माण करके... 

और सबसे बड़ी बात, मोदी जी ने सेना को खुली छूट दी थी कि, उन्हें मौके की स्थिति देखकर, जो कार्यवाही उचित लगे, वो उसे कर सकते हैं। जबकि मोदी जी अपनी सेना के साथ हर पल जुड़े रहते हैं।

यह बहुत बड़ी बात है, जो कि ज्यादातर नहीं दी जाती है। पूरी कार्यवाही को सभी प्रधानमंत्री अपने हाथ में रखते हैं और सभी निर्णय उनके अनुसार होते हैं। 

मोदी जी की दूरदर्शिता और सुदृढ़ व सक्षम नेतृत्व ही है, जिसका नतीजा है, पाकिस्तान का इतना ताबड़तोड़ हमला होने के बावजूद सरहद से जुड़े शहरों के अलावा पूरा देश, शांति से रहा। 

सरहद के निकट के शहरों को भी जितना हो सकता था, सुरक्षित रखने की कोशिश की गई, हालांकि वहां कुछ मासूमों की जान नहीं बचा पाए।

वाकई में नरेंद्र मोदी जैसा आज तक कोई प्रधानमंत्री नहीं हुआ...

शायद इस घटना के बाद आप को भी विश्वास हुआ हो, कि देश उनके ही हाथों में सौंपना चाहिए, जो देश को सुरक्षित रख सकें...

जय हिन्द, जय हिन्द की सेना 🙏🏻