Saturday, 5 September 2026

Poem : A Day Without Teachers

Apart from parents, only teachers guide us to the right path and celebrate our accomplishments. Like air is essential for survival, a true mentor is essential for dignity and self-respect. 

Advay's poem beautifully highlights this role. Let's enjoy it and appreciate him if you find it worthwhile…

A Day Without Teachers


Several verses, I read, about the divinity of teachers, 

Written by several saints, poets, and public preachers.

Maybe I, however, do not share the same thought,

I think, “Do teachers really have a key role or not?”


To answer this question, let us all do assume, 

Without teachers, what would be a classroom?

No teaching staff, how would a school look like?

And, would social ethics face a downward spike?


In teacher’s absence, each student degrades, 

Be it a master of one, or a jack of all trades.

Rules are still there, but now no one abides,

School ramps are now their playground slides.


All educational institutions are now centres of havoc.

Earlier a regulator, now it is an unwound clock.

In the minds of students, there’s not even a bit of fear.

They are like free bicycles, without anyone to steer.


At first, the best friends have their fullest fun, 

They dance, they play, they sing, and they run.

But later, they have a feeling of an unusual void, 

Previously excited, yet now they’re highly annoyed.


Even the troublemakers now wanted to study,

To teach them, they eagerly waited for somebody.

They missed even the most brutal red pen,

For this tragedy, who can be considered the villain?


From that day onwards, they had learnt a lesson,

Their insatiable curiosity, only teachers can lessen.

The hatred converted into emotional attachment,

In their behaviour, we could see a major assent.


Now I know, that my thinking was definitely wrong,

We all are deeply indebted to our teachers, lifelong.

On this special occasion, therefore, let us all acclaim,

If students are an unlit torch, the teacher is the flame.


Happy Teacher's Day!

Friday, 4 September 2026

Poem : तुम हुए साकार

मेरी बेटी अद्विका ने brush से उकेर कर नारायण के निराकार रूप को कान्हा के साकार रूप में बनाया।

तो मन बरबस ही उस ओर खिंचा चला गया और कलम ने यह भाव उकेर दिए, आज जन्माष्टमी महोत्सव के पावन पर्व पर उसी को साझा कर रहे हैं…

तुम हुए साकार


तुम निराकार,

तुम हुए साकार,

नारायण, कान्हा बनकर।


मुरली की तान,

मीठी मुस्कान,

नटवर गिरिधारी बनकर।


मोरपंख का मान,

भक्तों की शान,

श्याम वर्ण कृष्णा बनकर।


लकुटी को बांध,

दिया सुख का भान,

रक्षक बनवारी बनकर।


तुम निराकार,

तुम हुए साकार,

नारायण, कान्हा बनकर।


आप सभी को जन्माष्टमी के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ!

Thursday, 3 September 2026

Tip : घने मुलायम काले बाल

(I) Overview :

कुछ चीजें ऐसी होती हैं कि सदियों पहले भी वही थी और आज भी वही है, जिसकी कामना हमेशा से सब करते आए हैं।

स्त्री हो या पुरुष, हर कोई इसे चाहता है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं घने मुलायम काले बालों की।

कौन नहीं चाहता कि उसके सिर पर हमेशा घने मुलायम काले बाल रहें, बल्कि बाल तो चेहरे पर निखार ले आते हैं।

तो आज कुछ tips बता रहे हैं, लेकिन आगे बढ़ने से पहले आप से कहेंगे कि इस link पर click अवश्य करें- https://shadesoflife18.blogspot.com/2025/04/tip.html?m=1

बालों की growth और thickness बढ़ाने के लिए market में बहुत सारे तरह के oils, shampoos, antibiotics और Ayurvedic medicines मौजूद हैं, जिनमें से कुछ कारगर भी सिद्ध होते हैं।

लेकिन atmosphere और hair structure different होने के कारण सबको एक-सा treatment suit नहीं करता है।

ऐसे में क्या किया जाए? तो उसके लिए हम यही कहेंगे कि आप पहले home remedies try कीजिए, as अगर यह आपको फायदा नहीं करें तो नुकसान तो बिल्कुल भी नहीं पहुंचाएंगे…

घने मुलायम काले बाल


(II) Onion Juice :

  • Benefit- प्याज़ को बालों के लिए भी use किया जा सकता है? ऐसा पहले नहीं सोचा जाता था, पर जब शोधकर्ताओं ने बताया कि प्याज में sulfur होता है जो बालों के hair follicles को nutrition देता है और नए बाल उगाने में मदद करता है, तब से प्याज़ को बालों के लिए भी use किया जाने लगा है।
  • Usage-
  1. एक प्याज को घिसकर उसका रस निकाल लें।
  2. इसे रुई की मदद से अपने scalp पर लगाएं।
  3. 30 minutes बाद आप जो भी shampoo use करते हैं, उससे बाल धो लें।
  4. इसे हफ्ते में 2 बार लगा सकते हैं।


(III) Coconut Oil and Amla :

  • Benefit- वर्षों से नारियल का तेल और आंवले को बालों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, तो चलिए इसको ही मिलाकर तैयार करते हैं बालों की home remedy. नारियल तेल बालों की नमी बनाए रखता है और आंवला बालों को मजबूत व काला बनाता है।
  • Usage-

  1. थोड़े से नारियल के तेल में सूखा आंवला powder या ताजे आंवले का रस मिलाकर हल्का गर्म करें।
  2. ठंडा होने पर इससे सिर की मालिश करें। 
  3. एक घंटे बाद बाल धो लें।


(IV) Fenugreek Seed Mask :

  • Benefit- Indian kitchen में use होने वाले मसालों में मेथी दाना को बहुत-सी home remedies में use किया जाता है। चूंकि मेथी दाना में protein और nicotine acid (Vitamin B3) होता है, इसलिए यह बालों को झड़ने से रोकता है और बालों को घना व मोटा बनाता है।
  • Usage-

  1. 2 चम्मच मेथी दाने को रातभर पानी में भिगोकर रख लें।
  2. सुबह इसे पीसकर paste बना लें।
  3. इस paste को scalp पर 30 minutes तक लगाकर रखें और फिर पानी से धो लें।


(V) Aloe Vera Gel :

  • Benefit- पिछले कुछ सालों से aloe vera को as a medicine और as a beauty product बहुत ज्यादा use में लिया जा रहा है। क्या यह बालों के लिए भी कारगर साबित होगा? जी हाँ, बालों के लिए aloe vera gel बहुत कारगर साबित होता है। यह scalp को शांत करता है और dandruff दूर करके बालों के विकास में सुधार करता है।
  • Usage-

  1. ताजा aloe vera gel को सीधे अपने बालों की जड़ों पर लगाएं।
  2. 45 मिनट बाद shampoo से धो लें।


(VI) Additional Remedies :

इन remedies के अलावा इनसे भी ज्यादा जो जरूरी बातें हैं, उन्हें भी देख लेते हैं।

  • Diet- खानपान का ध्यान रखें, बालों की मोटाई के लिए अंदरूनी पोषण भी बहुत जरूरी है।
  • Protein- Hair growth के लिए adequate amount में protein होना सबसे ज़्यादा जरूरी है। अंडे, दालें, और पनीर खाएं क्योंकि बाल keratin (protein) से बनते है।
  • Iron & Vitamins- पालक, चुकंदर और आंवला का सेवन करें। इससे बाल घने, काले और मुलायम रहते हैं।


(VII) Disclaimer :

The tips and remedies mentioned above are only for general information, and have been stated on the basis of experiences. They might be beneficial, but no guarantee about effective results could be taken. It can also never substitute any kind of medication. Consult a doctor for more information and before any kind of medication. Remember, only doctors can completely help someone become healthy and healthier.

Wednesday, 2 September 2026

Short Story : छोटी-छोटी बातें

छोटी-छोटी बातें


निखिल और निर्झर की कुछ सालों पहले ही शादी हुई थी। निर्झर जितने खुले हाथों से खर्चा करती थी, निखिल उतना ही पाई-पाई को पकड़कर चलने वाला था।

निर्झर का खर्चिला स्वभाव और निखिल का हर छोटी-छोटी बातों पर टोका-टाकी, ऐसे विरोधाभास स्वभाव के होने के कारण दोनों में आए दिन “तू-तू-मैं-मैं” हो ही जाती थी।

दोनों को ही लगता घरवालों ने क्या देखकर शादी कर दी, इससे तो ताउम्र कुंवारे रहते तो क्या ही अच्छा होता। 

एक दिन ऐसे ही लड़-झगड़कर निखिल अपने दोस्त शिखर के पास पहुंचा।

“क्या हुआ निखिल, इतने गुस्से में क्यों हो? भाभी ने आज कुछ खाने को नहीं दिया?” शिखर ने पूछा।

“अरे, वो दुनिया-भर की मेरी पसंद की चीजें बनाकर खिलाती ही रहती है।” निखिल ने उसी गुस्से में कहा।

“फिर क्या, मायके में जाने की ज़िद्द कर रही हैं?”

“अरे नहीं, वो तो मायके में मेरे बिना जाती ही नहीं है,” निखिल ने गर्व से कहा।

शिखर ने कहा, “ओ हो! वो इतना ध्यान रखती है, फिर problem क्या है?”

“अरे यार, मैं उसके खर्चीले स्वभाव से परेशान हो गया हूँ, आए दिन कुछ न कुछ मंगाना है। जबकि सब भरा हुआ है उसके पास”

“जैसे क्या मंगा लिया भाभी ने?” शिखर को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर निर्झर ने ऐसा क्या मंगा लिया, जो निखिल इतना गुस्से से लाल हो गया है।

“अरे यार, उसके चचेरे भाई की शादी है, तो एक नयी dress, फिर उससे matching jewelry, आज उनके matching के footwear। उसकी तो list ही खत्म नहीं होती है!”

“देख भाई निखिल, ladies शादियां आने पर इतना खर्च करती ही हैं, उन्होंने कुछ ऐसा नहीं कर दिया है कि तू इतना आगबबूला हो रहा है।”

“तू उन्हें हर महीने एक fix amount क्यों नहीं दे देता है, उन्हें भी पता रहेगा कि वो कितना तक ख़र्चा कर सकती हैं, जो उनके होंगे जिसका तू कोई हिसाब नहीं मांगेगा।”

“Fixed amount, वो किसलिए? और हिसाब क्यों नहीं मांगू? यह अच्छा कहा तूने दोस्त।”

“देख निखिल, तू job करता है, तो तुझे भी तो month end पर salary मिलती है, जिसे तू अपने हिसाब से खर्च करता है, उसके लिए तुझसे कौन हिसाब मांगता है।”

“अरे तो मैं पूरे साल कड़ी मेहनत करता हूं, तब मिलती है salary।

“तो भाभी भी तो पूरे महीने तत्परता से घर के सारे काम तेरी पसंद के अनुसार ही करती रहती हैं। अगर एक fixed amount तू उन्हें अपनी मर्ज़ी से खर्च करने को दे देगा, छोटी-छोटी बातों को नहीं उठाएगा तो तेरी जिन्दगी में प्यार ही प्यार होगा। ऐसी छोटी-छोटी बातें ही घर से खुशियां छीन लेती हैं।”

निखिल का बहुत मन तो नहीं मान रहा था, पर वो शाम को जब घर गया तो निर्झर के लिए उसकी पसंद के समोसे लेकर गया।

निर्झर ने दरवाजा खोला, तो मुरझाई हुई थी। “निर्झर, देखो मैं तुम्हारे पसंद के समोसे लाया हूं। चाय बना लाओ, दोनों मिलकर खाएंगे।”

निर्झर एक cup चाय के साथ समोसे व एक plate ले आई।

“अरे! तुम अपने लिए नहीं लाई?”

“मेरा मन नहीं है,” धीरे स्वर में बोली निर्झर।

“अरे आ जाओ, इतने मन से तुम्हारे पसंद के समोसे लाया हूं. अच्छा चलो, आज एक ही cup से चाय पीते हैं।” यह कहते हुए उसने दस हजार निर्झर की ओर बढ़ा दिए।

“यह क्यों?” निर्झर ने बिना पकड़े ही पूछा‌

“अब से तुम्हें हर महीने दूंगा, जो पूरी तरह तुम्हारे हैं, जिन्हें तुम जैसे चाहो ख़र्चा करना, मैं छोटी-छोटी बातों को पूछकर अब तुमसे हिसाब नहीं मांगूंगा।”

मुरझाई हुई निर्झर फूल-सी खिल गईं, कि अब से वो कुछ रुपये अपनी मर्ज़ी से खर्च कर सकेगी, जिसका हिसाब भी नहीं देना। दोनों ने एक ही cup और plate से चाय और समोसा खाया।

निर्झर का खिला-खिला चेहरा देखकर निखिल समझ चुका था कि छोटी-छोटी बातों को छोड़ने और समझने से ही जिंदगी खुशहाल होती है।

फिर खर्चे को लेकर उनमें कभी झगड़े नहीं हुए...

Tuesday, 1 September 2026

Recipe : Aloo Bhuna Masala

आज आप के लिए सब्जियों के सम्राट आलू की ढाबा style ऐसी सब्जी share कर रहे हैं, जिसे खाकर आपके घर में लोग दो की जगह चार रोटी खाने की इच्छा जाहिर करेंगे। 

आलू की सब्जी है तो बच्चों से लेकर बुजुर्गो तक सबको ही बहुत पसंद आएगी‌…

आलू भुना मसाला


Ingredients :

  • Potato - ½ kg 
  • Onion - 3 (medium)
  • Garlic - 4 to 6 cloves
  • Ginger - 1 inch
  • Tomato - 2 (medium) 
  • Capsicum - 1 (small)
  • Green chillies - as per taste 
  • Bay leaf - 1
  • Cumin seeds - 1 tsp.
  • Cloves - 2
  • Black pepper - 4 to 6
  • Green cardamom - 1
  • Black cardamom - 1
  • Turmeric powder - ½ tsp.
  • Kashmiri Lal Mirch - 1 tsp.
  • Coriander powder - 1 tsp. 
  • Gram flour - 1 tsp. 
  • Salt - as per taste 
  • Roasted cumin powder - 1 tsp. 
  • Curd -  ½ cup 
  • Oil - 2 tbsp.

 

Method :

  1. 2 प्याज़ और अदरक-लहसुन को finely chop कर लें।
  2. टमाटर को कद्दूकस कर लें।
  3. दही में सूखा धनिया powder को डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  4. एक wok लीजिए, उसमें ¼ tsp. salt डालकर सभी खड़े मसाले को dry roast कर लीजिए।
  5. जब खड़ा गर्म मसाला चटकने लगे, तो उसमें तेल‌ डालकर गर्म कर लें।
  6. अब इसमें chopped onion डालकर सुनहरा होने तक भून लें।
  7. जब प्याज़ सुनहरा हो जाए, तब उसमें chopped garlic डालकर हल्का-सा भून लें।
  8. फिर इसमें कद्दूकस किए अदरक में थोड़ा पानी डालकर मसाले में डालकर भून लें।
  9. इसके बाद इसमें हल्दी और कश्मीर लाल मिर्च powder डालकर भूनें, साथ ही 1 tsp. बेसन डालकर भूनें।
  10. फिर इसमें कद्दूकस किया हुआ टमाटर और आलू के टुकड़े व नमक डालकर अच्छे से भूनें, फिर 5 से 10 minutes के लिए ढककर पकने दीजिए। 
  11. बीच-बीच में चलाते हुए ढककर पकाएं, जब तक आलू half done हो जाए और टमाटर तेल छोड़ दे।
  12. जब टमाटर से oil अलग हो जाए तो उसमें धनिया पाउडर व भूना जीरा पाउडर मिलें दही को डालकर अच्छे से भूनें। फिर इसे 5 minutes के लिए ढककर रख दें।
  13. अब इसमें हल्दी powder, नमक, कश्मीर लाल मिर्च और हरी मिर्च डालकर अच्छे से भून लें।
  14. अब इसमें ½ glass पानी डालकर चला दें, फिर आलू के गलने तक slow flame पर ढककर, तब तक पकाएं, जब तक आलू पूरी तरह गल जाए। Gas off कर दीजिए। एक-दो आलू फोड़ दें।
  15. जब आलू गल जाए तो उसमें कसूरी मेथी व गर्म मसाला powder डालें। 
  16. 1 onion और capsicum के jullienne काट लें।
  17. एक pan में थोड़ा-सा तेल डालें, अब उसमें onion और capsicum के jullienne डालकर हल्का-सा भून लें। 
  18. जब pan अच्छे से गर्म हो, तब उसमें ½ tbsp. पानी डालकर हिलाएं। इससे pan में थोड़ी आग-सी लगेगी। 
  19. अब इसे आलू की सब्जी में डालकर अच्छे से चला लें।

Your spicy and flavourful Aloo Bhuna Masala is ready to serve!


Tips and Tricks :

  • कच्चे आलू से ही सब्जी बनाएं, जिससे मसालों के साथ आलू अच्छे से भूनें और उसका बहुत अच्छा taste आए।
  • आलू के size के according उसके टुकड़े कर लें।
  • टमाटर देशी ही लीजिए, उससे स्वाद ज्यादा अच्छा आएगा। 
  • टमाटर कद्दूकस ही कीजिए, पिसे हुए टमाटर से अलग स्वाद आएगा।
  • प्याज़, अदरक और लहसुन को finely chop ही कीजिए, इससे ही स्वाद ढाबे जैसा होगा।
  • अदरक में पानी डालकर मसाले में डालने से प्याज़ की over-roasting रुक जाती है और अदरक भी नहीं जलती है।
  • मसाले की dry roasting के समय भी नमक डाला है, और बाद में मसाले में भी, तो इसका ध्यान रखें कि नमक ज्यादा न हो।
  • पूरी सब्जी कड़ाही में बनानी है, cooker में नहीं। दोनों तरह से बनी सब्जी के स्वाद में अंतर होता है। अगर आप को ढाबे का taste देना है, तो cooker use मत कीजिएगा।
  • बेसन डालने से सौंधापन आता है और gravy को texture भी मिलता है।
  • एक-दो आलू फोड़ देने से gravy में proper thickness आ जाती है।
  • आखिरी step, जिसमें प्याज़ और शिमला मिर्च में slightly पानी डालकर आग लगाई है, उससे Smokey flavour आएगा। आप चाहें तो उसे avoid कर सकते हैं। 

तो आप इंतजार किस का कर रहे हैं? आज ही यह स्वादिष्ट सब्जी बनाएँ एवं उंगलियां चाटते रह जाएँ…

Monday, 31 August 2026

Article : Ageing - A Process

I. Introduction :

उम्र बढ़ने का कोई एक “दिन” नहीं होता, बल्कि यह एक continuous process है जो विभिन्न physical, mental और social परिवर्तनों का एक combination है।

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि 45 से 55 years की आयु के बीच उम्र बढ़ने की process तेज हो जाती है, खासकर blood vessels पर इसका असर सबसे ज्यादा होता है। 

हालांकि, स्वस्थ lifestyle, exercise, balanced diet और mental health का ध्यान रखकर आप उम्र बढ़ने की process को धीमा कर सकते हैं और जीवन की quality बनाए रख सकते हैं…

Ageing - A Process


II. Physical Symptoms :

  • Blood Vessels- 45 से 55 years की आयु के बीच blood vessels सख्त होने लगती हैं, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों पर असर पड़ता है। 
  • Weakened Muscles-  उम्र बढ़ने के साथ muscles की ताकत स्वाभाविक रूप से कम होती है, लेकिन exercise से इसे रोका जा सकता है। 
  • Neural Reduction- Neurons में गिरावट आती है, जिससे नई जानकारी को process करने में अधिक समय लगता है। 
  • Hormonal Changes- महिलाओं में menopause (रजोनिवृत्ति) के दौरान hormonal बदलाव होते हैं जो उम्र बढ़ने से जुड़े होते हैं। 


III. Slowing Down Ageing :

  • Controlled Exercise- Physical fitness मस्तिष्क कोशिकाओं को संरक्षित करने और neurogenesis (नई कोशिकाओं का जन्म) को बढ़ावा देती है, जिससे उम्र बढ़ने की गति धीमी होती है। 
  • Balanced Diet- Antioxidants से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे जामुन, मछली और dark chocolate का सेवन त्वचा और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। 
  • Adequate Sleep- 7 से 9 घंटे की निर्बाध गहरी नींद mental health के लिए ज़रूरी है और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखती है। 
  • Mental Care- Mental रूप से सक्रिय रहना और सकारात्मक दृष्टिकोण रखना स्वस्थ उम्र बढ़ने में मदद करता है। 


IV. Summary :

उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक process है। इसे रोकने के बजाय, स्वस्थ आदतों को अपनाकर आप उम्र बढ़ने के साथ जीवन की quality में सुधार कर सकते हैं और सक्रिय रह सकते हैं। 

Saturday, 29 August 2026

Article : यादों का झरोखा

कभी-कभी लगता है कि पुराने दिन कितने अच्छे थे, हम सब मिलकर कितना आनंद करते थे।

काश कोई ऐसा दरवाजा होता है, जिससे हम अपने पुराने दिनों में लौट जाते, और यादों की गलियों में घूम आते।

पर कोई दरवाजा नहीं होता है पुराने दिनों में जाने का। हाँ, लेकिन यादों का झरोखा अवश्य होता है…

यादों का झरोखा


इसको खोलकर आप उन पलों को चंद क्षणों में जी अवश्य लेते हैं। और वो हम सबके मन में मौजूद होता है, कभी समय निकाल कर खोल कर देखिए, याद आएगा।

कि दिन-रात भाईयों-बहनों के साथ मिलकर, कुछ भी काम करने का आनन्द ही कुछ और था। काम तो खूब करते थे, पर जिम्मेदारियां कुछ नहीं थी। 

सिर पर माता-पिता का हाथ था, जिसने यह कभी न खत्म होने वाली बेहद थकाने वाली जिम्मेदारियों का एहसास ही नहीं होने दिया।

अपनों का साथ, माँ-पापा का आशीर्वाद, इससे कभी जिंदगी बोझिल ही नहीं हुई। हमेशा आगे बढ़ते जाने और कुछ पाने का नाम ही लगा जिंदगी।

वो दादी-नानी की कहानियों का भंडार,

उनके अनुभवों का निचोड़ है संसार।

मामा-मामी और मौसी-मौसा का ढेर सारा प्यार।

चाचा-चाची के साथ मस्ती अपार,

और बुआ-फूफा के आने का इंतजार।

वो सहेलियों के संग घंटों की बातें,

किसी के घर आने पर स्वागत-सत्कार।

अपने तो छोड़ो, पराए लोगों से भी मिलता था प्यार।

न जाने हम कब इतने बड़े हो गए,

अपनों से ही दूर जाकर खड़े हो गए। 

वो पुराने दिन थे कितने अच्छे, 

ज़िंदगी में वही लगते थे सच्चे।

आने वाले और बीते हुए कल के लिए कितना अच्छा लिखा है, एक बार सोचिएगा ज़रूर‌-

वो कल जिसे हमने देखा नहीं,

उसके लिए जिंदगी, 

भागी-दौड़ी चली जाती है। 

और वो कल जो बीत चुका,

उसकी खूबसूरत यादें ही,

ज़िंदगी को जिंदगी बनाती हैं। 

15 दिन, महीना, 6 महीना, साल, दो साल में एक बार यादों का झरोखा अवश्य खोलना चाहिए। ऐसा करने से मन में तरावट और ताजगी आ जाएगी, फिर आपको जिंदगी बोझिल नहीं लगेगी।

Stay healthy, stay happy :)

Friday, 28 August 2026

Story of Life : राखी का सौदा (अंतिम भाग)

राखी का सौदा (भाग-1) के आगे…

राखी का सौदा (अंतिम भाग)


कृतिका ने हाँ तो कह दिया, पर उसको विश्वास नहीं था कि उसके भैया उससे राखी बंधवाए बिना रह लें। वो राखी में आई तो उसने देखा कि घर पर सचमुच ताला लगा था। 

यह देखकर उसके आंसू छलक आए, भैया ने ऐसा कैसे कर लिया, वो पलटी ही थी कि उसका ध्यान गया कि ताला सिर्फ सामने लगा था, back entry पर नहीं।

वो समझ गई कि भैया-भाभी घर पर ही हैं, क्योंकि कृष security के मामले में बहुत particular था। सब जगह lock लगाकर ही वो घर से निकलता था।

कृतिका ने पीछे के door को ऐसे knock किया, जैसे राधेश्याम दूध वाले भैया करते थे। सुहाना ने दूध वाला समझकर दरवाजा खोल दिया।

पर सामने कृतिका को देखकर सकपका गई। कृतिका भी दनदनाते हुए गुस्से में सीधे कृष के कमरे में पहुंच गई।

“भैया, घर पर रहने के बाद भी ऐसा भी क्या हो गया कि राखी न बंधवाना पड़े, इसके लिए झूठ बोला आपने? अपनी बहन से बस इतना ही प्यार है आपको…” आदि, आदि।

कृतिका बोले जा रही थी और कृष सब कुछ चुपचाप सुन रहा था। तभी सुहाना आ गई और उसने झूठ बोलने का सारा कारण बताया।

सुनकर कृतिका फूट-फूटकर रोने लगी, और कहने लगी, “भैया आपने मुझे पराया कर दिया! आप एक बार अपनी परेशानी बताते, तो क्या मैं मदद न करती?”

“आप ने यह किस तरह से सोच लिया कि मैं यहां आपसे दुनिया भर के सामान लेने आती हूँ, और अगर कम दिया, तो फ़र्क पड़ जाएगा।”

“भैया, राखी का अर्थ यह नहीं है कि हमेशा भाई ही रक्षा करेगा, हमेशा वो ही बहन को देगा। बल्कि ज़रूरत पड़ने पर बहन भी दे सकती है, रक्षा कर सकती है।”

यह कहकर कृतिका ने कृष के account में 50 lakhs रुपये transfer कर दिए।

“अरे कृतिका, यह क्यों? मैं अपनी छोटी बहन से पैसा नहीं ले सकता, क्यों पाप चढ़ा रही है?”

“नहीं भैया, ऐसा कुछ नहीं है और मैंने जो दिया है, सब आपका ही दिया हुआ और अभी भी बहुत है, मेरे पास आपका दिया हुआ, अतः और लगे तो बोल दीजिए मैं transfer कर दूंगी। और हाँ भाभी, भैया तो कुछ बोलने से रहे तो आप ही बता दीजिएगा।”

“और सबसे बड़ी बात भैया, कि बहनें भाई के पास राखी का सौदा करने नहीं आती हैं, दुनिया भर के सामान बटोरने नहीं आती हैं, बल्कि वो आती हैं, अपने भैया-भाभी का प्यार बटोरने, उनके संग बिताए पलों की यादें समेटने, रिश्ते को अटूट करने और उनके सुख-दुख में जिंदगी भर जुड़े रहने के लिए। क्योंकि राखी कोई बंधन नहीं है बल्कि एक डोर है, जो मजबूती से भाई-बहन को जोड़कर रखती है।”

“राखी के धागे में बंधी होती है,

प्यार की सबसे मजबूत गांठ।

दुआ है हमेशा खुश रहो भाई,

तुम्हारी राह हो आसान।।”

इसके साथ ही कृतिका ने घर में लगे सारे locks खोल दिए, फिर अपने साथ लाए राखी व मेवा मिठाई से टीका-रुचना किया। 

पूरा दिन पुरानी यादों को ताज़ा किया गया, फिर कृतिका चली गई, भैया-भाभी के मन में राखी का सही अर्थ बताकर।

लौटते हुए उसने खूब सारे सामान खरीद लिए, जिससे उसके भाई का मान उसके ससुराल में कम न हो।

कृतिका ने इतने पैसे दे दिए थे, कि कृष का business जल्द ही वापस flourish करने लगा।

अगली राखी में फिर से कृतिका का धूम-धड़ाके के साथ स्वागत किया, अब की बार राखी के तोहफे के साथ 50 lakhs भी दिए, यह कहकर कि तुमने अपने भाई का मान बचाने के लिए दिए थे, अब मान बनाए रखने के लिए ले लो।

कृष की इस बात के आगे कृतिका कुछ नहीं बोली और उसने मान के रुपये रख लिए।


आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Thursday, 27 August 2026

Story of Life : राखी का सौदा (भाग-1)

राखी का सही अर्थ बताती हुई, हृदयस्पर्शी कहानी...

राखी का सौदा (भाग-1)


कृष और कृतिका दोनों में बहुत प्यार था। एक-दूसरे के बिना चैन नहीं था। इतना प्यार की उन्हें मां-पापा से पहले एक दूसरे की याद आती थी। 

लतिका दोनों बच्चों का प्यार देख निहाल हो जाती, पर कभी-कभी उसको यह चिंता भी सताती कि क्या यह प्यार इनकी जिंदगी भर रहेगा? इनकी शादी हो जाने से कोई फर्क तो नहीं आएगा?

प्रणव कहता, “तुम नाहक चिंता करती हो, भाई-बहन का रिश्ता सबसे निराला होता है। जब अभी उनको अपने आगे हमारी याद नहीं सताती है, तो कभी भी कोई भी कारण इन लोगों के प्यार में दरार नहीं डाल सकता।”

दिन गुजरते गए और कृष व कृतिका का प्यार गहराता गया।

कृष की शादी सुहाना से हुई। वो भी घर में रच-बस गई।‌ सुहाना और कृतिका की भी खूब पटती थी।

कृतिका की शादी के समय कृष और सुहाना काम में इतने ज्यादा जोश से लगे थे, कि समझ नहीं आ रहा था कि कृतिका लतिका और प्रणव की बेटी है या कृष और सुहाना की।

शादी खूब धूमधाम से हुई। हर ओर शादी के arrangements की वाहवाही हो रही थी।

विदाई के समय कृतिका लतिका और प्रणव से गले मिलकर रोने लगी, पर जब उसके भैय्या-भाभी आए, तो वो उनसे लिपट कर इतना तेज़ रोने लगी कि उसे संभालना मुश्किल हो रहा था।

उसे विह्वल देखकर, कृष और सुहाना कृतिका को उसके ससुराल तक छोड़ कर आए।

पहली राखी पर जब कृतिका मायके में पहुंची तो ढोल-नगाड़े के साथ उसके भैय्या-भाभी ने उसका भव्य स्वागत किया। 

पूरा त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया और विदा के समय कृष ने कृतिका के साथ गहने, रुपये-पैसे, कपड़े, मेवा-मिठाई आदि इतना ज्यादा दिया, जैसे लोग शादी-विवाह में बेटी को देते हैं।

अब तो यह सिलसिला हर राखी में ही होता, कृतिका की ससुराल में भी सब कहते कि तुम्हारा भाई जहां से निराला है, इतने सालों तक कौन इतना मान-मनुहार करता है। तुम दोनों भाई-बहन का प्यार ऐसा ही बना रहे।

पर सब दिन एक से कहां होते हैं। 

कृष का business थोड़ा घाटे में जाने लगा। राखी आने को थी, तो उसकी चिंता और बढ़ गई कि बहन आएगी तो हर बार की तरह उतना नहीं दे पाएगा। 

तो क्या करें, पैसे उधार ले? या इस बार घर पर न रहें? वो इसी उहापोह में था, तो सुहाना ने कहा कि उधार लेकर भी वो उतना अधिक नहीं कर पाएंगे, तो अच्छा रहेगा कि इस साल घर पर न रहें और एक बार सब ठीक-ठाक हो जाने पर वैसा ही मान-मनुहार कर लेंगे।

सुहाना ने कृतिका को फोन करके बता दिया कि वो लोग business के कारण abroad जा रहे हैं, बड़ी deal मिली है, आने से बताएंगे और उसके राखी के तोहफे तभी उसके घर लेकर आएंगे।

कृतिका ने हाँ तो कह दिया, पर उसको विश्वास नहीं था कि उसके भैया उससे राखी बंधवाए बिना रह लें। वो राखी में आई तो उसने देखा कि घर पर सचमुच ताला लगा था। 

यह देखकर उसके आंसू छलक आए, भैया ने ऐसा कैसे कर लिया, वो पलटी ही थी कि उसका ध्यान गया…

आगे पढ़ें, राखी का सौदा (भाग-2) में…

Wednesday, 26 August 2026

Recipe : Easy Kurkuri Bhindi

Kurkuri Bhindi, आप कहेंगे कि कुछ दिन पहले भी तो यह recipe share की थी, तो फिर क्यों?

Actually, पहले authentically बनने वाला method share किया। दिए गए links पर आप authentic व airfryer style Kurkuri Bhindi देख सकते हैं-

पर वो बहुत time taking और मेहनत वाला method है। इसलिए कुछ viewers की demand थी कि इसका कोई easy method बता दें…

Easy Kurkuri Bhindi


Ingredients :

  • Ladyfinger - 300 gm.
  • Garlic - 5 to 7 cloves
  • Salt - as per taste 
  • Turmeric powder - ½ tsp. 
  • Coriander powder - 1 tsp. 
  • Red chilli powder - as per taste 
  • Amchur powder - 1 tsp.
  • Rice flour - 2 tbsp.
  • Oil - 2 tbsp. 


Method :

  1. Garlic cloves को mince कर लें। Wok में oil गर्म करें।
  2. अब इसमें minced garlic डालकर भून लें।
  3. इसमें भिंडी, नमक, हल्दी powder, धनिया powder, और मिर्च powder डालकर अच्छे से mix कीजिए।
  4. फिर wok पर ढक्कन लगाकर 1 से 2 minutes पकाएं।
  5. अब बाकी भिंडी उलट-पुलट कर पूरी तरह से गलने तक पकाएं।
  6. जब भिंडी पूरी पक जाए, तब इसमें अमचूर powder डालकर थोड़ी देर और भूनें।
  7. जब भिंडी पूरी तरह से तक जाए और dry हो जाए (भिंडी से लसलसापन ख़त्म हो जाए), तब उसमें चावल का आटा डालें और भिंडी के crispy होने तक भूनें।

Voila! Kurkuri Bhindi with taste resembling from the authentic version is ready to be served.


Tips and Tricks :

  • भिंडी को काटने से पहले ही धोकर सुखाकर काटें, जिससे भिंडी में extra लस न बने।
  • भिंडी को लंबा और आढ़ा ही काटें, गोल कटी भिंडी में ज्यादा देर तक लस बना रहता है।
  • भिंडी को काटकर, अगर एक दिन के लिए आप fridge में खुले डिब्बे में रख देंगे तो, भिंडी itself dry हो जाएगी, तो कुरकुरी जल्दी होगी।
  • भिंडी में प्याज़, टमाटर और नींबू न डालें, इससे भिंडी juicy बनेगी, dry नहीं होती है।  जबकि हमें कुरकुरी भिंडी के लिए भिंडी को ऐसे पकाना है कि पकने के बाद भिंडी dry हो जाए।
  • नींबू की जगह amchur powder ही डालें, यह रस भी ख़त्म करेगा और भिंडी को proper dry texture भी देगा।
  • अगर आप garlic नहीं खाते हैं तो उसकी जगह 1 inch ginger ले कर उसे कद्दूकस कर के डाल सकते हैं।
  • भिंडी 1 minutes से ज्यादा ढककर न पकाएं, वरना भिंडी लसलसी बनेगी, खिली-खिली dry नहीं बनेगी।
  • चावल का आटा भिंडी के पूरे पकने के बाद ही डालें, पहले डालने से भिंडी खिली-खिली और कुरकुरी न बनकर चिपकी चिपकी बनेगी।
  • चावल का आटा न होने से चावल को dry पीसकर powder बनाकर उसे use करें। चावल का आटा ही normal भिंडी को कुरकुरी भिंडी में बदलेगा।
  • इसको बनाने में तेल थोड़ा ज्यादा पड़ेगा, तो तेल डालने में कंजूसी न करें।
  • भिंडी जब कुरकुरी हो जाएगी तो wok को हिलाने से आवाज़ आएगी, जिससे समझ आएगा कि कुरकुरी भिन्डी बन गई है। 
  • इसलिए जब तक भिंडी से कुरकुरी होने की आवाज़ न आए, तब तक भूनना है।

एक बार सारे tricks and tips को follow करते हुए भिंडी बनाएं, आपको कुरकुरी भिन्डी का स्वाद इस easy method से भी मिल जाएगा।

So enjoy and stay tuned…

कुरकुरी भिन्डी का दाल मखनी के संग बहुत अच्छा combination बनता है, recipe के लिए link पर click करें-

https://shadesoflife18.blogspot.com/2024/01/recipe-daal-makhani.html?m=1

Saturday, 22 August 2026

India's Heritage : पार्वती जी को भी भाए सावन

सावन का पावन माह चल रहा है, शिव जी को प्रसन्न करने वाला, उनकी भक्ति में लीन होने का।

पर क्या आपको पता है, न केवल शिव जी को, बल्कि शक्ति स्वरूपा पार्वती जी को भी सावन माह में पूजा-अर्चना करते हुए प्रसन्न किया जा सकता है?

पर जैसे सावन के सोमवार में पूजा-अर्चना करने से महादेव प्रसन्न होते हैं, वैसे ही पार्वती माता की सावन माह के मंगलवार को पूजा-अर्चना की जाती है, जिसे मंगलागौरी व्रत भी कहते हैं?

पार्वती जी को भी भाए सावन


सावन (श्रावण) मास के प्रत्येक मंगलवार को माता पार्वती के मंगला गौरी स्वरूप की पूजा की जाती है और मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। यह व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए करती हैं।

  • व्रत का महत्व और नियमसमर्पण- यह दिन भगवान शिव की शक्ति और माता पार्वती को समर्पित होता है।
  • सौभाग्य प्राप्ति- विवाहित महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं।
  • शीघ्र विवाह- अविवाहित युवतियां मनचाहा वर पाने के लिए यह व्रत रखती हैं।
  • सोलह की संख्या- पूजा में सभी सामग्री (जैसे दीपक, चूड़ियां और प्रसाद) सोलह (16) की मात्रा या संख्या में अर्पित की जाती है।

हर-हर महादेव, माता पार्वती की जय।

Friday, 21 August 2026

Story of Life : सावन के झूले (अंतिम भाग)

सावन के झूले (भाग-1)

सावन के झूले (भाग-2) के आगे…

सावन के झूले (अंतिम भाग)


आखिर ऐसा भी क्या बिगाड़ा था उन्होंने किसी का, जो ऐसा हुआ, एक-दूसरे की धड़कन और दिल थे दोनों, आखिर एक-दूजे से दूर रहकर कैसे जिएंगे?

कुछ दिनों बाद ही कजरी तीज आ गई। सब ओर सावन के झूले पड़ गये।

सारे apartments में ladies में ग़ज़ब का उत्साह था। उसके apartment में ladies and gents दोनों मिलकर सावन का त्योहार मनाया करते थे। पति अपनी पत्नी को प्यार से झूला झूलाते।

ऐसा करते देख अनिका के मन में सिर्फ एक गाना गूंज रहा था-

“सावन के झूले पड़े 

तुम चले आओ

तुम चले आओ” 

अभी वो सोच में डूबी हुई थी कि doorbell बज उठी। अनिका ने दरवाजा खोला तो सामने सुहास खड़ा था।

“अरे तुम!” कहकर अनिका खुशी से सुहास के गले लग गई। थोड़ी देर बाद, “पर तुम तो आने वाले नहीं थे, फिर!”

“सब दरवाजे पर ही जान लोगी या अंदर भी चलोगी?” सुहास ने कहा, “तुम से बिछड़ कर मैं जी ही नहीं पा रहा था। 

हमेशा उदास और दुखी रहता, एक दिन मेरे boss ने मुझे बुलाया और कारण पूछा। मैंने बता दिया कि हमारी नयी शादी हुई है, अभी तो अपनी पत्नी के साथ चंद पल ही बिताए थे कि work from home खत्म हो गया।

वो बोले- अच्छा एक काम करो, finance का काम सीखना शुरू कर दो, अगर तुम्हारी performance मुझे अच्छी लगी, तो तुम्हारे शहर में तुम्हारी fix job कर दूंगा, लेकिन हाँ, काम में कोई कोताही नहीं चलेगी।

बस मैंने बहुत तेजी से दिन-रात काम सीखना शुरू कर दिया। जब boss ने check किया, तो मैं उसमें खरा उतरा।

बस क्या, अब से तुम्हारे पास हमेशा के लिए”

बाहर गाना बज रहा था-

“मोहब्बत बरसा देना तू

सावन आया है”

और अंदर अनिका सुहास की बाहों में खो गई, अपने सुहाने पलों को समेटते हुए…

Thursday, 20 August 2026

Story of Life : सावन के झूले (भाग-2)

सावन के झूले (भाग-1) के आगे…

सावन के झूले (भाग-2)


सुहास को ऐसा देखकर अनिका सहम गई कि न जाने phone पर ऐसी क्या बात हुई, जिसने चहकते हुए सुहास को यूं खामोश कर दिया।

“क्या हुआ सुहास? तुम इतने उदास क्यों हो गए?”

“मेरा work from home खत्म हो गया है और मुझे दो दिन में ही join करना है।”

“अरे! तो क्या हो गया? कर लो join, उसमें दुःखी होने जैसा क्या है?”

“अब हम साथ में नहीं रह पाएंगे,” कहते-कहते सुहास का गला सूखने लगा।

“साथ नहीं रह पाएंगे, मतलब?” अनिका ने परेशान होते हुए पूछा।

“मुझे हर दूसरे हफ्ते अलग-अलग शहरों में जाना होगा, साथ ही बीच-बीच में abroad भी जाना होगा। तो हर जगह तुम्हें नहीं ले जा सकता हूं।”

सुनकर अनिका की आंखों से अश्रु की अविरल धारा बह निकली। 

“यह क्या हुआ, कैसे हुआ 

कब हुआ, क्यों हुआ 

अरे छोड़ो यह न सोचो”

सुहास थोड़ी देर में उठा और अपना सब सामान pack करने लगा। दो दिन कब निकल गये, packing की आपाधापी में समझ ही नहीं आए।

और सुहास अनिका को छोड़कर, joining के लिए चला गया।

अनिका का एक-एक दिन पहाड़ सा बीतने लगा। बारिश की झड़ी देखकर उसे बस यही लगता-

“हाय-हाय ये मजबूरी 

ये मौसम और ये दूरी 

मुझे पल-पल है तड़पाए 

तेरी दो टकिया की नौकरी में 

मेरा लाखों का सावन जाए”

Join करने के बाद सुहास का phone आया, अनिका ने उठाया भी, दोनों बहुत बातें करते थे, पर आज दोनों तरफ शांति थी, उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि बात क्या करें। 

“चुप तुम रहो चुप हम रहें

चुप तुम रहो चुप हम रहें

खामोशी को खामोशी से

ज़िंदगी को ज़िंदगी से बात करने दो”

थोड़ी देर बाद दोनों ने phone रख दिया, और दोनों सोच रहे थे कि आखिर उनकी हंसती-मुस्कुराती जिंदगी को किसकी नज़र लग गई।

आखिर ऐसा भी क्या बिगाड़ा था, उन्होंने किसी का, जो ऐसा हुआ, एक-दूसरे की धड़कन और दिल थे दोनों, आखिर एक-दूजे से दूर रहकर कैसे जिएंगे…

आगे पढ़ें, सावन के झूले (अंतिम भाग) में…

Wednesday, 19 August 2026

Story of Life : सावन के झूले (भाग-1)

सावन का मस्त महीना चल रहा है, पिछले 8 सालों से सावन में गीतों से सजी कहानियाँ प्रस्तुत कर रहे हैं, जो कि लोगों को बहुत पसंद आती है।

तो इस सावन में एक बार फिर गीतों से सजी कहानी प्रस्तुत है, इसके भी सभी अंग का आनंद लेकर मुझे कृतार्थ करें… 

सावन के झूले (भाग-1)


अनिका की नई-नई शादी हुई थी, अनिका जितनी बला की खूबसूरत थी, सुहास उतना ही handsome and romantic था।

जैसी सोची थी अनिका ने जिंदगी, यह उससे भी बहुत बेहतरीन थी। सुहास अनिका को हद से ज्यादा प्यार करता था। और हमेशा यही गुनगुनाता रहता-

“तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती 

नज़ारे हम क्या देखें”

अनिका के लिए दिन सोना और रात चांदी सी गुज़र रही थी, हर पल सुहास के साथ से उसे ऐसा लगता था, मानो उससे सुखी इस जहां में दूसरा नहीं।

सावन का romantic मौसम भी आ गया।

अनिका सुबह ही उठकर नहा-धोकर, बन-ठन कर शिव आराधना करने चली गई।

जब वो लौटी, तब तक सुहास भी उठ चुका था और अनिका के रूप को देखकर मोहित हो गया और गाने लगा-

“यह मौसम का जादू है मितवा

न अब दिल पर काबू है मितवा”

अनिका अपनी खूबसूरती पर इतरा कर सुहास की बाहों में समा गई। अभी दोनों प्रेमालाप में ही थे कि फोन घनघना उठा।

जब सुहास ने phone उठाया, तो उस बात को सुनकर वो धम्म से सोफे पर बैठ गया, उसके चेहरे पर उदासी साफ़ झलक रही थी।

सुहास को ऐसा देखकर अनिका सहम गई कि न जाने phone पर ऐसी क्या बात हुई, जिसने चहकते हुए सुहास को यूं खामोश कर दिया…

आगे पढ़ें, सावन के झूले (भाग-2) में…

Tuesday, 18 August 2026

India's Heritage : Vande Mataram after 80 Years

15 August 2026 एक ऐसा ऐतिहासिक दिन बनकर आया, जिसमें हम सब भारतवासियों के साथ आजादी के मतवाले शहीद भी शामिल हो गए।

ऐसा हम क्यों कह रहे हैं? तो उसका कारण है, स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर पर वंदे मातरम् के सम्पूर्ण गीत का गायन।

क्या आप जानते हैं, लाल किले की जान रहा यह राष्ट्रगीत 80 साल बाद मंच पर गाया गया?

“वन्दे मातरम्, सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम् शस्यश्यामलां मातरम्, वन्दे मातरम्!”

आइए, इस राष्ट्रगीत का निर्माण और इसके महत्व को समझते हैं…

Vande Mataram after 80 Years


यह हमारे देश भारत का राष्ट्रीय गीत है, जिसे बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने 150 साल पहले 1875 में बनाया था।

1882 में अपनी किताब आनंदमठ में यह गीत प्रकाशित किया, उसके बाद यह घर-घर की आवाज बन गया और 1896 को इसे मंच पर रविन्द्रनाथ टैगोर ने गाया।

आजादी के पूर्व आज़ादी के मतवालों के लिए यह आजादी का गीत बन गया।

जिसने अंग्रेज़ो को हिलाकर रख दिया था, उस समय इस गीत को गाना जुर्म माना जाता था, उन पर लाठीचार्ज होती थी, जेल हो जाती थी, जो यह गीत गाते थे। 

पर इसे जितना रोका गया, आजादी के मतवालों ने उतना ही अधिक गाया।

सभाओं में, गली-गली में, जुलूसों में, भीड़ में, जेल में, यहां तक कि फांसी लगते समय भी, हर पल, हर क्षण, इस एक गीत ने अंग्रेजों की नाम पर दम कर दिया था।

1905 में अंग्रेजों ने बंगाल के दो टुकड़े कर दिए, इससे पूरा देश हिल गया। तब यही गीत, गीत के साथ-साथ नारा और देश को आजादी दिलाने का हथियार भी बन गया। 

हर ओर से, हर छोर से, जोर-जोर से पूरे देश में दो नारे सर्वत्र गूंज रहे थे। वंदे मातरम् और इंकलाब जिंदाबाद। इन दो नारों से ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि अंग्रेज भारत को आजाद करने को मजबूर हो गए। 

और तब मिली हमारे देश को आजादी, अविस्मर्णीय दिन आया, अथक प्रयासों, व अनेकानेक बलिदानों के बाद। वंदे मातरम् गीत को पूरा गाने पर पहले अंग्रजों को फिर मुस्लिम league को परेशानी थी। 

क्योंकि गीत के आखिरी stanza में भारत माता की तुलना दुर्गा माता से की, तो कुछ विशेष लोगों ने कहा कि उनके धर्म में ऐसे देवी अर्चना नहीं की जाती है। अतः यह निर्धारित किया गया कि वंदे मातरम् गीत के आखिरी stanza न गाएँ जाएँ। 

24 January 1950 में पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद जी ने यह ऐलान कर दिया था कि “जन-गण-मन अधिनायक जय हे” राष्ट्र गान है, जबकि “वन्दे मातरम्” राष्ट्रगीत निर्धारित होगा।

और जितने भी सरकारी कार्यालय, विद्यालय आदि हैं, उनमें देश से जुड़े पर्व में और किसी भी ऐसी जगह जाने में देश को represent किया जा रहा है, तो पहले वहाँ राष्ट्रगान गाया जाएगा, राष्ट्रगान के पश्चात राष्ट्रीय गीत गाया जाएगा।

पर यह बहुत अफसोस की बात है कि हममें से बहुत कम ही भारतीय हैं, जिन्हें यह राष्ट्रीय गीत आता हो, कितनों को तो यह भी पता नहीं होगा कि भारत का राष्ट्रीय गीत कौन सा है।

लेकिन इस वर्ष लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत गाया और पूरा गाया गया, जिसकी यह सोच थी उसे शत-शत नमन।

क्योंकि यह गीत गाए जाने से देश ने सभी आजादी के मतवालों को उनके बलिदान को शत-शत नमन किया है, उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है, उन्हें हृदय से आभार व्यक्त किया है।

आशा है आने वाले समय में वंदे मातरम् गीत को हर राष्ट्रीय पर्व पर विशेष रूप से गाया जाएगा, जिससे बच्चों-बच्चों को यह कंठस्थ हो जाए। और हम हर वर्ष आजादी दिलाने वाले वीर सपूतों को आभार प्रकट कर सकें, सच्ची श्रद्धांजलि दे सकें।

वंदे मातरम्! जय हिन्द, जय भारत!

Monday, 17 August 2026

India's Heritage : नागपंचमी व सावन का सोमवार

हिन्दू धर्म में सभी को सर्वश्रेष्ठ और पूजनीय स्थान दिया गया है, फिर वो चाहे देवी-देवता, प्रकृति, सूर्य, चन्द्र, शनिदेव, आकाश, पृथ्वी, गाय, या नागदेवता हों, सबकी पूजा-अर्चना के दिन निर्धारित हैं। 

इन दिनों में से नागपंचमी नागदेवता के लिए निर्धारित किया गया है।

नाग पंचमी का पावन पर्व इस साल 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को है। 

इस दिन सावन का तीसरा सोमवार होने के कारण एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है, क्योंकि भगवान शिव और नाग देवता की पूजा एक साथ की जाएगी।

महादेव को नाग अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए ही उन्होंने नाग को अपनी ग्रीवा में स्थान दिया हुआ है। 

महादेव की गर्दन में नाग इस तरह से लिपटे हुए रहता है, मानो वह उनके श्रृंगार का अभिन्न अंग हो, उनके गले का हार हो।

पर क्यों है ऐसा और क्यों मनाते हैं नागपंचमी? आज India's Heritage segment में यही देखेंगे…

नागपंचमी व सावन का सोमवार


महादेव के गले में नाग क्यों :

भगवान शिव के गले में जो सांप लिपटा रहता है, उसका नाम वासुकी नाग है, जो नागों के राजा हैं। 

शिव जी ने उन्हें समुद्र मंथन के दौरान उनकी सेवा, समर्पण और कष्ट सहन करने के भाव से प्रसन्न होकर अपने गले का आभूषण बनाया था।


पौराणिक व आध्यात्मिक कारण :

इसके पीछे कई पौराणिक और आध्यात्मिक कारण हैं।

  • समुद्र मंथन- समुद्र मंथन के समय वासुकी नाग ने मंदराचल पर्वत को मथने के लिए रस्सी की भूमिका निभाई थी। घर्षण से घायल होने और विष का प्रभाव सहने के उनके समर्पण को देखकर शिव जी ने उन्हें अपने गले में स्थान दिया।
  • भक्त की इच्छा- नागराज वासुकी भगवान शिव के परम भक्त थे और हमेशा उनके समीप रहना चाहते थे, इसलिए शिव ने उनकी मनोकामना पूरी की।
  • मृत्यु पर विजय- सांप को मृत्यु और काल का प्रतीक माना जाता है। गले में नाग धारण कर शिव यह दर्शाते हैं कि वे महाकाल हैं और मृत्यु तथा भय से परे हैं।
  • कुंडलिनी शक्ति- योग और तंत्र साधना में सांप को कुंडलिनी शक्ति का प्रतीक माना जाता है, जो मनुष्य के भीतर जागृत होने वाली चेतना का संकेत है।
  • संतुलन और शांति- एक अत्यंत विषैला और हिंसक जीव होने के बावजूद सांप शिव के गले में शांत रहता है, जो यह सिखाता है कि भयंकर ऊर्जा या क्रोध पर भी संयम रखा जा सकता है।

नागपंचमी का कारण :

अब जान लेते हैं कि क्यों मनाते हैं नागपंचमी।

नाग पंचमी का त्योहार सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग देवता के प्रति सम्मान और उनकी रक्षा के लिए मनाया जाता है। इस दिन सांपों को दूध व फूल चढ़ाकर सर्पदंश से रक्षा, पारिवारिक समृद्धि और कालसर्प दोष की शांति के लिए पूजा की जाती है।


पौराणिक कथाएं और मान्यताएं :

  • आस्तिक मुनि की कथा- राजा जन्मेजय ने अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए विशाल सर्प यज्ञ किया था। आस्तिक मुनि ने श्रावण शुक्ल पंचमी के दिन उस यज्ञ को रोककर नागों के प्राण बचाए थे, तभी से यह पर्व मनाया जाता है।
  • कालिया नाग का वध- भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन कालिया नाग को हराकर यमुना नदी को जहर से मुक्त किया था।
  • शिव व विष्णु का संबंध- भगवान शिव अपने गले में नाग रखते हैं और विष्णु जी शेषनाग पर सोते हैं, इसलिए नागों की पूजा का विशेष महत्व है।


तिथि व शुभ मुहूर्त :

  • पंचमी तिथि प्रारम्भ- 16 अगस्त 2026 को शाम 04:52 बजे।
  • पंचमी तिथि समाप्त- 17 अगस्त 2026 को शाम 05:00 बजे।
  • पूजा का शुभ मुहूर्त- सुबह 05:51 बजे से सुबह 08:29 बजे तक (कुल अवधि= 2 घंटे 37 मिनट)।
  • पूजा विधि और महत्व- सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। घर के मंदिर या पूजास्थल पर शिव परिवार के साथ नाग देवता का ध्यान करें। शिवलिंग पर जल, दूध, और बेलपत्र अर्पित करें तथा नाग देवता को दूध, खीर, चंदन व पुष्प चढ़ाएं।

इस दिन नाग देवता की पूजा करने से सर्प भय से मुक्ति मिलती है और कालसर्प दोष का निवारण होता है। 

देवाधिदेव भगवान महादेव और उनके परम भक्त नागदेवता की कृपा हम सब पर सदैव बनी रहे, जिससे हम सभी दुःख-कष्ट से मुक्त होकर उनकी भक्ति में लीन रहें।

हर हर महादेव!

Sunday, 16 August 2026

Recipe : Bhutte ka Kees

बरसात का भीगा-भीगा सुहाना-सा मौसम है, इस मौसम में पकौड़े, cutlet, भुट्टा आदि का आनन्द ही अलग आता है।

इसमें भुट्टा (corn) एक healthy option है। आपने बरसात में भूने हुए भुट्टे पर नींबू और काला नमक लगाकर बहुत बार खाया होगा, और उसे खाने में बहुत आनंद आया होगा।

Sweet Corn chaat के तो कहने ही क्या- mall, cinema halls इन सब की शान है sweet corn chaat.

इसमें कोई doubt नहीं है कि भुट्टा healthy option है, तो आज हम आपके लिए भुट्टे की एक बेहद tasty और healthy dish share कर रहे हैं। यह बहुत easily and instantly prepare हो जाती है।

इसे खाकर आप को इसे बार-बार बनाने का मन करेगा। यह है इंदौर का famous street food, भुट्टे का कीस

यह ताजे और नर्म मक्के (भुट्टे) से बनता है। इसलिए आप इसे बरसात में बनाएंगे तो बहुत अच्छा बनता है, क्योंकि बरसात में ताज़े और नर्म भुट्टे मिलते हैं, जो कि बहुत juicy और मीठे होते हैं…

भुट्टे का कीस


Ingredients :

  • Soft corn on the cob - 3 to 4 cobs
  • Roasted gram flour - 2 tbsp.
  • Clarified butter (ghee) - 2 tbsp.
  • Rai (small mustard seeds) - ¼ tsp.
  • Cumin seeds - ½ tsp.
  • Asafoetida - Pinchful
  • Green chilli (finely chopped) - as per taste 
  • Ginger (grated) - 1 tsp.
  • Turmeric powder - ¼ tsp.
  • Milk - 1 cup 
  • Salt - as per taste 
  • Sugar - 1 tsp./as per taste 
  • Lemon juice - 1 tsp. 
  • Fresh coriander leaves (finely chopped) - for garnishing 


Method : 

  1. भुट्टों के छिलके उतारकर grater से कद्दूकस कर लें ताकि उसका pulp और juice निकल आए।
  2. Wok लीजिए, उसमें 1 tbsp. घी गर्म करें।
  3. अब इसमें राई, जीरा और हींग डालकर चटकाएं।
  4. फिर इसमें कटी हरी मिर्च और अदरक डालकर कुछ second भूनें।
  5. कद्दूकस किया हुआ भुट्टा और हल्दी डालकर 3-5 मिनट तक मध्यम आंच पर भूनें।
  6. फिर इसमें भूना हुआ बेसन मिलाकर थोड़ा-सा और भून लें।
  7. अब इसमें दूध और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं। 
  8. Slow flame पर ढककर 5 to 7 minutes तक पकाएं जब तक मिश्रण गाढ़ा और मलाईदार न हो जाए।
  9. Gas off करने के बाद नींबू का रस 1 tbsp. घी और चीनी अच्छे से मिलाएं।
  10. अब इसे finely chopped fresh coriander leaves से garnish करके गरमागरम serve करें।

Your nutritious and delicious Bhutte ka Kees is ready to be relished with this melodious monsoons!


Tips and Tricks :

  • इसको perfect बनाने के लिए भुट्टा लेते समय ध्यान रखें कि भुट्टा ताजा और नर्म हो।
  • ताज़े और नर्म भुट्टे की पहचान यह है कि यह हल्के रंग के होंगे, साथ ही अगर आप दबाकर देखेंगे तो यह बहुत juicy भी होंगे।
  • Authentically इसमें भूना हुआ बेसन पड़ता है, उससे सौंधा स्वाद आता है। पर अगर आप को creamy कीस ज्यादा अच्छा लगता है, तो बेसन discard कर सकते हैं।
  • Authentically इसमें कद्दूकस कर के ताजा नारियल डाला जाता है, पर मेरे बेटे को नारियल का taste ज्यादा पसंद नहीं है तो हमने ताज़े नारियल को garnishing में नहीं डाला है। आपको नारियल का स्वाद पसंद है तो उसे garnishing में अवश्य डालें।
  • अगर आप के पास ताजा भुट्टा नहीं है या आप किसी भी मौसम में कीस का मजा लेना चाहते हैं तो आप 1 bowl frozen American sweet corn भी use कर सकते हैं, यह नर्म भी होते हैं और मीठे भी। इससे बनाने के लिए sweet corn ½ hour के लिए भिगा दें, जिससे यह thaw होकर soft हो जाए। फिर सारा पानी निकालकर इसे हल्का coarse पीस लें। आगे का method कद्दूकस किए हुए भुट्टे जैसा ही होगी।
  • याद रखियेगा कि जब भुट्टा कद्दूकस करते हैं, तब corn का fibrous part ऊपर रह जाता है, और केवल juicy और creamy part (pulp और juice) ही plate में आता है।
  • Sweet corn को grind करने में fibrous flavour रहता है, वैसे तब भी वो स्वादिष्ट ही लगता है। And fibrous है तो health के point of view से healthier है।
  • भुट्टे की कीस बनाने से पहले भुट्टा चख लें, जिससे आप को idea रहे कि कितना sugar डालनी है।
  • Authentically भुट्टे की कीस का स्वाद खट्टा-मीठा और चटपटा होता है, पर अगर आप sugar discard करना चाहें तो कर सकते हैं।
  • Chilli और ginger भी discard कर सकते हैं, अगर spicy flavour न पसंद हो।
  • दूध अवश्य डालें, दूध के साथ taste enhance हो जाता है।
  • हमने घी लिया है, आप oil भी ले सकते हैं, वैसे घी से इसका स्वाद बहुत बढ़ जाता है।

अब रिमझिम बारिश का लुत्फ उठाएं इस इंदौरी चाट की recipe भुट्टे का कीस के साथ…

Saturday, 15 August 2026

Poem : स्वतंत्रता और हरियाली

मिट्टी की खुशबू और चारों तरफ हरियाली से जुड़े दो बड़े पर्वो का मेल हुआ है इस वर्ष, स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज का।

तो आइए, यह देखते हैं, कि किस प्रकार से ये दोनों ही त्यौहार हमारे जीवन में बहुत अहम हिस्सा निभाते हैं…

स्वतंत्रता और हरियाली


दोनों ही महत्वपूर्ण, दोनों ही सुखद,

जैसे ज़िन्दगी को मिल गई हो हद।

बिन आजादी जीवन था असंभव,

हरियाली के संग ही जीवन संभव।

दोनों तो हैं एक-दूजे के ही मेल,

दोनों के बिन जीवन हो जाए अझेल। 

आओ मिलकर सभी उत्सव मनाएं,

झंडा फहराकर, गीत तीज के गाएं।

तिरंगे की आन-बान-शान को शीश झुकाएं,

झूले में बैठ, हवा संग आसमान को छू आएं।

झंडों से सजे देश की है छटा निराली, 

संगत दे रही उसको तीज़ मतवाली।


आप सभी को स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज पर विशेष शुभकामनाएँ!

Friday, 14 August 2026

Recipe : Mawa Sandwich

Bread Poha, Bread Pudla और Choco Sandwich के बाद एक और bread की dessert recipe share कर रहे हैं।

आपने शाही toast तो बहुत बार खाया होगा, एक बार इसे भी try कीजिए। इसका taste next level है। 

यह आपकी kitty party में तो चार चांद लगाएगा ही, साथ ही बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबको बहुत पसंद आएगा। बच्चे भी खुशी-खुशी tiffin में ले जाएंगे…

Mawa Sandwich


Ingredients :

  • Bread - 6 to 8 slices 
  • Mawa - 3 to 4 tbsp.
  • Sugar - as per taste
  • Clarified butter (ghee) - for greasing


Method :

  1. Bread slices में मावा filling (mawa and sugar) भरकर इसको sandwich maker में रखकर दोनों तरफ़ घी लगाकर crispy and golden brown होने तक सेक लें।

And that is it, just one step and the instantly prepared appetizing and delish Mawa Sandwiches are ready!


Tips and Tricks :

  • हम mawa filling घर पर घी निकलने में जो खोया निकलता है उससे ही बनाते हैं, वो बहुत tasty and healthy होता है। आपको उसकी recipe चाहिए हो तो comment box में डाल दीजिएगा।
  • आप चाहें तो आप इस sandwich को डोडा बर्फी से या milk cake मिठाई से भी बना सकते हैं। अगर आप milk cake मिठाई ले रहे हों तो उसे mash करके उसमें थोड़ा-सा दूध add करके अच्छे से mix कर लें।  फिर इसे fill कर के sandwich बनाएं। ऐसा इसलिए कि milk cake dry मिठाई होती है और sandwich बनाने में और dry हो जाएगी।
  • Sandwich juicy नहीं होने से अच्छा नहीं लगेगा।
  • Mawa filling even भरें, उसी से ही perfect result आएगा।

एक बार इसे भी try कीजिए, फिर जब भी आप घी बनाएंगे तो उसके खोया से इसे भी ज़रूर बनाएंगे…

Thursday, 13 August 2026

Recipe : Choco Sandwich

Bread Poha and Bread Pudla की recipe के बाद बारी आती है bread की ऐसी recipe की, जो जितना चार चांद आपकी kitty party में लगाएगी, उससे ज्यादा इसे खाकर बच्चे झूम उठेंगे और tiffin में ले जाने को हमेशा ready रहेंगे।

यह dish जितनी tasty है, उससे भी ज्यादा easily prepare हो जाती है। मतलब guest भी खुश, बच्चे भी खुश और आप? आप तो जरूर से खुश होंगे, सबकी वाहवाही बटोरकर…

Choco Sandwich


Ingredients :

  • Bread - 6 to 8 slices
  • Chocolate slab - 250 gm.
  • Clarified butter (ghee) - for sandwich making


Method :

  • Chocolate slab को finely chop कर लीजिए।
  • Bread slice में chopped chocolate रखकर उस पर दूसरी slice रखें।
  • दोनों bread slices में घी लगाकर, sandwich maker में crispy होने तक सेक लें।
  • Triangle shape में या चार टुकड़े कर के serve करें।
  • चाहें तो melted chocolate की lining से इसे garnish कर सकते हैं।

Your melt-in-mouth Choco Sandwiches are ready to be the icing on the cake for your Teej Kitty Parties, as well as your children's tiffin boxes!


Tips and Tricks :

  • Bread slices fresh ही लीजिए।
  • Chocolate slab न होने पर Dairy Milk chocolate ले सकते हैं।
  • Chocolate finely chop नहीं करना है, थोड़ा coarsely chop करें, वरना sandwich बनने से पहले ही chocolate melt होकर sandwich maker में आ जाएगी।
  • Sandwich ghee or butter से ही सेंके। Oil से उतना अच्छा taste नहीं आएगा। 

तो इसे as a starter or dessert serve करें और छा जाएं…