Saturday, 11 April 2020

Recipe : Potato and Baby onion ki sabji


यह मेरी Quarantine segment की 16th recipe है इसमें भी आपको green veggies की requirement नहीं है

धीरे-धीरे, काम करते करते लोग बहुत bore होते जा रहे हैं, ऐसे में आपके लिए जो आज की यह सब्जी share कर रहे हैं, वो सबको पसंद आने वाली, बहुत कम ingredients से बहुत कम मेहनत से झटपट बनने वाली सब्जी है।

तो चलिए आज, इस झटपट बनने वाली सब्जी को बनाएं और परिवार के साथ मस्ती करते हुए, इसे enjoy कीजिए।

Potato and Baby onion ki sabji



Potato - 250 gm.
Baby onion - 100 gm.
Salt - as per taste
Turmeric - 1/2 tsp.
Bay leaf - 1
Coriander powder - 1/2 tsp.
Garlic - 3 to 4 pods
Fenugreek Seed- 1/4 tsp.
Red chili powder - as per taste
Oil - 1 tsp.
Cumin -  1/2 tsp.
Tomato Paste - 1tbsp.  

Method -

  1. आलू को छील कर काट लें।
  2. Baby onion, को भी छील लीजिए, अगर आप के पास बड़े प्याज हैं, उनकी outer shell को हटा कर छोटा कर लीजिए।
  3. Cooker में Oil गर्म कीजिए, उसमें, chopped garlic, bay leaf, cumin, Fenugreek seeds डालकर चटकाएं।
  4. अब slow flame में आलू, प्याज, tomato paste और सारे dry masala powder डालकर  खूब अच्छे से भून लें।
  5. फिर उसमें पानी डालकर gravy लगा लीजिए।
  6. 2 whistle High flame पर और 1 whistle slow flame पर दे दें।
  7. इसकी लुटपुटी या ग्रेवी वाली दोनों तरह की सब्जी बना सकते हैं
  8. इसे chopped coriander leaves से garnish करें।
  9. इसे आप रोटी और चावल दोनों के साथ serve कर सकते हैं। यह दोनों के साथ ही बहुत tasty लगती है।

Note :

  • अगर आप चाहें तो इसमें, प्याज, टमाटर, लहसुन, अदरक  के पेस्ट को भूनकर डाल सकते हैं।
  • अगर आप इसमेें भूना मसाला paste भी डालते हैं तो यह राजस्थानी cousin की dish बन जाएगी।

Friday, 10 April 2020

Story of life : छटपटाहट

छटपटाहट


जब से lockdown हुआ है, अजीब सी छटपटाहट रहने लगी है।

आखिर और कितने दिन यूं ही गुजारने होंगे?

पति, बच्चे घर में ही दिन रात रहते हैं। चहल-पहल,शोर रहता घर में.......

खाने पीने की limited चीजें हैं, उनसे ही सोचो कि कैसे क्या बनाएं?

कामवाली बाई को हटा तो दिया, पर दिन रात काम कर कर के शरीर टूट रहा है।

ना जाने कितने दिनों से बाहर नहीं निकले, 
ना गपबाजी और समौसे, गोल गप्पे तो बस सपने...... 

हाँ, दिन-रात बस खाने और सोने से कुछ लोग गोलगप्पे जरुर बन गए हैं।

घर की घंटी दिन में सौ बार बजती थी।अब तो ना बजे हुए कुछ दिन ही हुए थे, पर अरसा बीत गया हो, ऐसा लग रहा था।

पर बगल वाले घर में हर तीन दिन में घंटी जरुर बजती थी, दरवाजे के खुलने की आवाज़ भी आती थी, और लोगों के बाहर निकलने की भी।
स्वादिष्ट खाने की खुशबू भी आती थी, नहीं आती थी तो बस कुछ बोलने की।

आज भी ऐसा ही हुआ था, कुछ दिन पहले ही पड़ोसी shift हुए थे, तो वो कौन हैं? कैसे हैं? क्या करते हैं?

इस मुए lockdown ने यह भी तो नहीं जानने दिया था।

मन में आया कि आज तो मैं भी दरवाजा खोल कर देखूंगी, आखिर माजरा क्या है?

घंटी बजने के साथ मैंने भी दरवाजे को धीरे से खोला कि एक झीर सी बन जाए, जिससे मुझे तो बाहर का दिखे, पर वो लोग मुझे ना देख पाएं।

मन में आज अलग सी संतुष्टि थी, आज के दिन यह सब देखूंगी, तो कुछ तो अलग जाएगा, रोज़ - रोज़ वही ढर्रे की जिंदगी।

तभी देखा, उस घर के बाहर, थका हुआ सा एक आदमी घर से दूर बैठा था, घर का मालिक सा प्रतीत हो रहा था, उसकी पत्नी ने स्वादिष्ट खाने से सजी थाली रखी और वापस दरवाजे पर खड़ी हो गई, उसके साथ उसकी पांच साल की बच्ची भी खड़ी थी, दोनों के अनवरत अश्रु बह रहे थे।

उस इंसान ने खाना उठाया, और फिर दूर बैठ गया, पर इतने स्वादिष्ट खाने को वो स्वाद से नहीं खा रहा था, उसका ध्यान तो बस अपनी बीबी और बेटी पर था।

उसकी थकी बोझल आंखें घर को यूं निहार रही थीं, मानो पूछ रहीं हों, कब आऊंगा मैं घर?

उसका खाना ख़त्म हुआ, तब उसके चेहरे की थकान दूर हो चुकी थी, उसकी निराशा जोश से भर चुकी थी, मानों पुनः तत्पर था, अपने कर्तव्यों के लिए।

वो चला गया, और उसके घर में सन्नाटा पसरा रहा।

थोड़ी देर बाद मैंने भी दरवाजे को बंद कर दिया।

पर आज दरवाजा मेरे भीतर का खुल गया, कि उस घर का मालिक तीन दिन में आता है, खतरों में है, हमें खतरे से बचाने के लिए....
अपने घर- परिवार को छोड़कर दिन-रात बस हमें ठीक करने की चिंता में, 

और एक हम हैं, सबके साथ हैं, घर में हैं, सब सुरक्षित हैं, limited ही सही‌ पर सामान है तो, फिर भी, थकान है, बैचेनी है, छटपटाहट है।

लोग अलग अलग बात बनाकर बाहर निकल कर, lockdown में जमघट लगा कर इसे बर्बाद कर रहे हैं।

कभी उनकी सोची है, जो घर नहीं आ रहे हैं, मजबूर हैं, घर और परिवार को दूर से देखकर संतुष्ट होने के लिए। अपने परिवार से भी distance बनाएं हैं।

आज से मैं भी अपने कर्तव्य को निष्ठा से निभाऊंगी, घर में रह कर lockdown के हर नियम का पालन करुंगी, वो भी खुशी-खुशी, मैं कितनी खुश नसीब हूँ कि घर में हूँ, पूरे परिवार के साथ, सब सुरक्षित हैं।

पर आज मुझे अपना कर्तव्य निष्ठा से निभाना है, उनके लिए भी जो हमारी सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के लिए दिन-रात लगे हैं, जिससे वो भी सुरक्षित लौट सकें अपने घर, अपने परिवार के पास।

आज मैं नये जोश से भरी थी, मुझे अब थकान नहीं हो रही थी, ना छटपटाहट थी बाहर जाने की।
बस एक आस थी, जल्दी वो दिन आएगा जब हम बाहर निकलेंगे और वो अपने घर आएंगे, अपने परिवार के पास, जो कब से घर के अंदर नहीं आए।

आप भी करेंगे ना, अपने परिवार के साथ उनके लिए.......

Thursday, 9 April 2020

Recipe : Daal dhokli

यह मेरी Quarantine segment की 15th recipe है इसमें भी आपको green veggies की requirement नहीं है


आज की यह Recipe Gujraat की delicacy है। यह ऐसी healthy and tasty dish है, इसे आप बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक  सबको पूरी संतुष्टि के साथ serve कर सकते हैं, क्योंकि यह complete dish है। 

तो बस फिर क्या जरुरत है, fast foods खाने की, जब healthy dish , tasty  भी हैं, और घर में easily prepare  भी हो जा रही हैं

Daal dhokli





Ingredient

Pigeon pea (Arhar dal)- 250 gm.
Salt - as per taste
Turmeric - 1/2 tsp
Asafoetida - 1/4 tsp
Tamarind - 1 tsp.
cumin - 1/2 tsp.
Or lemon juice - 1 tsp.
Jaggery - as per taste
Mustard seeds- 1/4 tsp
Curry leaves - 4 to 6
Wheat flour 1/2 Cup
Gram flour - 1 tbsp
Ginger - 1/4 inch.
Carom seeds - 1/4
clarified butter (ghee) - 2 tbsp.
dry  red chilli - 2(optional)


Method -

For Daal
  1. अरहर दाल को अच्छे से साफ़ कर लीजिये।
  2. cooker  में  अरहर दाल, 2 अंगुल पानी, नमक, हल्दी, डालकर 2 सीटी  high  flame पर 2 सीटी slow पर देकर दाल पका लें
  3. दाल में गुड़ व नीबू का रस या इमली का गूदा  डालकर अच्छे से shake कर लीजिये, जिससे दाल के सारे दाने अच्छे से मिल जाएँ, और उसमें खट्टा,मीठा स्वाद अच्छे से मिल जाये।
  4. एक ladle लें, उसमें घी डालकर गर्म करें।  
  5. घी जब गर्म हो जाये, तो उसमें हींग, जीरा, सरसों के दाने, सूखी लाल मिर्च, curry leaves डालकर चटका लें
  6. इससे दाल छौंक लें

For Dhokli
  • आटे में बेसन, नमक, अजवाइन, 1 tbsp.  घी, हल्दी  डालकर rub  कर लीजिये, फिर पानी डालकर पूड़ी के जैसा dough  तैयार कर लें।
  • इस आटे से 4 से 5 गोलियाँ बना लें।
  • इन गोलियों से रोटी बना लें।
  • रोटियों को तवे पर डालकर हल्का हल्का सेक लें। पूरी तरह से नहीं पकानी है, बस कच्चापन ख़त्म करना है
  • फिर इन रोटियों के diamond  shape काट लीजिये।

Serving Time 
  1. जब serve करना हो तो, उससे पहले ढोकली को दाल में डालकर 2 उबाल दीजिये।
  2. इसमें घी व हरे धनिये को डालकर गरमागरम serve  कीजिये।
Note :
  • दाल में ढोकली एक एक करके डालें, नहीं तो सारी ढोकली चिपक जाएगी।
  • दाल में ढोकली serve  करते समय ही डालें, अगर आप बहुत देर पहले से डाल देंगे, तो ढोकली गल के दाल में मिल जाएगी।
  • अगर आपको खट्टा और मीठा taste  पसंद ना हो, तो आप उसे अपने according change कर सकते हैं।
  • आप चाहें तो दाल को प्याज़ से भी छौंक सकते हैं।
  • गुजरती flavour में मूँगफली भी डाली जाती है, अगर आपको उसका flavour  पसंद है, तो आप उसे भी add  कर सकते हैं