Friday, 13 August 2021

Article : एक कदम राष्ट्र की ओर...

 एक कदम राष्ट्र की ओर...


भारत की स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।

कोरोना काल में एक कदम राष्ट्र की ओर अग्रसित होने के लिए इससे सुनहरा अवसर और कुछ नहीं हो सकता।

एक अच्छी सोच, जिसमें सबकी सुरक्षा भी शामिल है और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य और गौरव भी। 

एक ऐसी मुहिम, जिसमें जो जहाँ हैं, वहीं से जुड़ जाए। 

एक अदृश्य और अद्भुत एकता संगठन। जिसमें सब एक दूसरे को जानते नहीं हैं, फिर भी एक दूसरे का हाथ थामे हुए हैं।

क्या आप शामिल हुए हैं, इस राष्ट्र भक्ति में?

क्या कहा, आप को नहीं मालूम कि यह क्या है और इसमें क्या करना है?

कुछ भी कठिन नहीं है। 

राष्ट्रगान के जरिए आजादी के जश्न मनाने के लिए सरकार ने website launch की है। आप इस website पर जाकर अपना video upload कर सकते हैं।

सरकार ने आजादी के जश्न के लिए, 'आजादी का अमृत महोत्सव' campaign launch किया है।



भारत का राष्ट्रगान, जिसे गाते वक्त हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। भारत का राष्ट्रगान, जिसे गाते वक्त रोंगटे तक खड़े हो जाते हैं। वही राष्ट्रगान इस बार इतने लोग गाएंगे कि नया record बन सकता है। इसके लिए सरकार ने एक मंच दिया है, जहाँ आप राष्ट्रगान record कर के भेज सकते हैं। ये मंच है, rashtragaan.in website जहां आपको राष्ट्रगान record करना है। Website launch होने के बाद, लोगों ने इस पर अपने video record करने शुरू कर दिए हैं। 

इसका मकसद क्या है?

इसका मकसद गर्व के उन पलों को याद करना है, जिनसे भारत की आजादी का इतिहास जुड़ा है। साथ ही  digital तरीके से राष्ट्रगान को एक साथ ज्यादा से ज्यादा संख्या में गाना भी इसका मकसद है. इस पर जो भी video record होंगे, उनका प्रदर्शन लाल किले पर और airport पर होगा. इसीलिए राष्ट्रगान का कार्यक्रम सरकार ने देश की जनता के सामने रखा है।

इस पहल पर केंद्रीय एवं संस्कृति मंत्री श्री किशन रेड्डी जी ने कहा, “सभी बड़े बड़े लोगों से.. बुद्धिजीवियों से… शिक्षाविदों से… फिल्म कलाकारों से.. क्रिकेटरों से… और सभी लोगों से अपील करता हूं कि अपने phone में राष्ट्रगान गाकर rashtragaan.in पर upload करें। मैं सभी लोगों को आमंत्रित करता हूं कि राजनीति से ऊपर उठकर इसका हिस्सा बनें। यह जनता का महोत्सव बनना चाहिए यह सरकार का उत्सव नहीं है.”


मिलेंगे ये दो मौके

राष्ट्रगान का बेहतर video बनाने वालों को दो बड़े मौके मिलेंगे।

पहला, उन्हें भारत के नामी गीतकार और संगीतकार के साथ नए गाने में आने का मौका मिलेगा।

दूसरा, सबसे बेहतर 100 video- TV, Radio और YouTube जैसे सोशल social media platforms पर display किए जाएंगे।


Video upload करने के लिए करना क्या होगा?

>> सबसे पहले rashtragaan.in पर login करें.

>> इस website पर आपको तीन विकल्प (step) मिलेंगे


Steps:

STEP-1>> अपना नाम और अन्य जानकारी भरें।

STEP-2>> खड़े होकर राष्ट्रगान record करें।

STEP-3>> बनाए गए वीडियो को upload करें।

STEP-4>> अपना certificate download करें।




हर भारतीय को गर्व से भर देने वालों लम्हों का हिस्सेदार बनने के लिए भाग लें आजादी के अमृत महोत्सव में (#AzadiKaAmritMahotsav) देशभक्ति की इस मुहिम से जुड़ने के लिए rashtragaan.in पर चल रहे  campaign का हिस्सा बनें। सबसे पहले rashtragaan.in पर login करें और फिर वहां दिए गए तीन step के जरिए अपना video upload करें।

इसमें अब तक users की संख्या 1करोड़ 20 लाख 60 हजार से भी ज्यादा हो चुकी है। और प्रति पल यह संख्या बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है। 

तो सोच क्या रहे हैं, बिल्कुल भी देर नहीं कीजिए, जल्दी से अपना राष्ट्रगान गाकर upload कीजिए और जुड़ जाइए राष्ट्रीय एकता से।

आप 14 अगस्त तक ही राष्ट्रगान upload कर सकते हैं।

आप इस मुहिम से जुड़ कर अमृत महोत्सव को सफल बनाएं और देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर को गौरवान्वित कीजिए।

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳🙏🏻

Thursday, 12 August 2021

Article : कहेंगे अच्छे दिन?

 कहेंगे अच्छे दिन? 


मोदी सरकार का एक वादा यह भी था कि उनके आने से अच्छे दिन आएंगे।

बहुत लोग यह मानते हैं कि, वह अपना वादा पूरे करते जा रहे हैं, पर अब भी बहुत लोग ऐसा नहीं मानते हैं।

चलिए हम निष्पक्ष देखते हैं कि उनका वादा पूरा हो रहा है या नहीं...

सबसे पहले सबसे महत्वपूर्ण विषय पर बात करते हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा की...

हमारी भारतीय सेना इतनी सशक्त हो गई है कि हम जो पहले चीन और पाकिस्तान से डरते थे, आज हमारी सेना से चीन और पाकिस्तान डर रहे हैं। उनकी कोई भी धूर्त योजना कामयाब नही हो रही है। 

पहले आतंक का कहर हमेशा कायम रहता साथ ही कभी इधर कभी उधर आतंकी हमले होते ही रहते थे, पर अब आतंकवाद भी घुटने टेक रहा है। ईश्वर की कृपा और मोदी सरकार के सहयोग व सशक्त बलों के अधिकारियों के शौर्य, बुद्धिमत्ता और मेहनत से आतंकी हमले बहुत कम हो गये, और जो गिने-चुने प्रयास कर भी रहे हैं वो भी विफल हो रहे हैं।

क्या हम इसे कहेंगे अच्छे दिन?

अब बात करते हैं, भारत के विश्व में बढ़ते कद की। आज हर विकसित देश, भारत से जुड़कर काम करना चाह रहा है। सभी का मानना है कि भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ता जा रहा है,  साथ ही उनका यह भी मानना है कि मोदी जी बहुत दूरदर्शी हैं और उन्हें सभी परिस्थितियों से सफलता पूर्वक निपटना आता है।

मोदी जी को UNSC का अध्यक्ष बना दिया गया है, जो किसी भी देश के लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है। आप को यह भी बता दें कि, मोदी जी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया है। हमारा देश आज विश्व गुरु बन गया है।

क्या हम इसे कहेंगे अच्छे दिन? 

अब आजकल, जिस बात की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उस पर भी विचार कर लेते हैं- 

हाँ अभी हम Olympics की ही बात कर रहे हैं। इस बार का olympics, भारत के लिए,  सबसे ज्यादा सफल olympics माना जा रहा है। क्योंकि इस बार भारत को 7 medals मिले हैं। पर आप ने इसकी वजह जाननी चाही? नहीं.... 

चलिए हम बताते हैं। 

उसके लिए आप का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित करेंगे कि शायद आप ने ध्यान दिया हो, भारत के olympics के लिए गए एक एक खिलाड़ी को मोदी जी ने स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं, साथ ही जो खिलाड़ी किसी भी तरह की training  चाहता था, उसे वो सुविधा प्रदान की, उनके लिए विदेशों की trips arrange की। करोड़ों रुपए खिलाड़ियों को निखारने में लगाया। Olympics में जाने के पहले से एक एक खिलाड़ी के विषय में  मोदी जी सब कुछ जानते थे, उनकी खुशी, पीड़ा, चोट कष्ट परेशानी सभी। और उन्हें कैसे सुविधा प्रदान की जाए, इसका प्रयत्न करते थे। सभी खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन किया। ‌जो खिलाड़ी जीत रहे थे, उन खिलाड़ियों को मोदी जी, स्वयं बधाई दे रहे थे और जो जीत से कुछ कदम की दूरी से रह गये, उन्हें सांत्वना दें रहे थे, आगे अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे। 

क्या इससे पहले कभी किसी भी प्रधानमंत्री को ऐसा करते हुए देखा था। नहीं ना?

इसका ही नतीजा है कि इस बार olympics में 1 gold 2 silver and 4 bronze medal मिले हैं। दो साल पहले मोदी जी ने खेलों इंडिया का मिशन भी दिया था। स्कूलों में भी खेल में विशेष ध्यान देने को कहा था। उनकी दूरदर्शिता आप को दिखाई दी?

यह देखा गया है कि भारत जब भी किसी विशेष अभियान से जुड़ता है, मोदी जी उनके साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ जाते हैं। फिर चाहे वो चंद्रयान की यात्रा हो या देश का olympics में participate करना।

क्या हम इसे कहेंगे अच्छे दिन?

पहले का अभियान था, बेटी बचाओ.... उसको सम्पूर्ण करके नया नारा... बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का अभियान प्रारंभ किया, जिसका नतीजा यह रह रहा है कि सभी तबके में बेटियों की शिक्षा का स्तर बढ़ता जा रहा है। इससे महिला सशक्तिकरण बढ़ रहा है। 

इसका बहुत बड़ा उदाहरण है कि इस बार सबसे अधिक महिला सांसदों का चयन किया गया है। इतनी महिला सांसद तो तब नहीं थीं, जब भारत की प्रधानमंत्री स्वयं एक महिला थीं। 

आज गरीब परिवारों के लिए, जितनी भी योजनाएं आ रही हैं , फिर चाहे वो gas subsidiary हो या बैंक में खाता या ऐसी और योजनाएं...वो सब महिलाओं को प्रदान की जा रही हैं, जिससे घर- घर में महिलाओं का स्तर व सम्मान ऊपर उठ सके।

क्या हम इसे कहेंगे अच्छे दिन? 

कश्मीर से 370 अनुच्छेद हटे 2 साल हो गए हैं। इन दो सालों में कश्मीर में काया कल्प हो गया है। जो कश्मीर पहले पत्थर बाजी और आतंकवाद के साए में जी रहा था वहाँ आज अमन चैन कायम हो गया। जिंदगी खुशहाली की तरफ लौट रही है। इस बार के स्वतंत्रता दिवस के लिए वहाँ जोश और उत्साह से तैयारियाँ चल रही हैं। भारत माता की जय, वन्दे मातरम् के नारे लगाए जा रहे हैं। जो आज से पहले सोचना तक संभव नहीं था।

क्या हम इसे कहेंगे अच्छे दिन? 

यह आप की इच्छा है कि आप इन दिनों को क्या कहेंगे, पर पूरा देश तो यही मान रहा है कि अच्छे दिन आते जा रहे हैं।

आप भी एक बार सोचिएगा जरुर, साथ ही एक बात और सोचिएगा कि अगर BJP नहीं आती तो हमारे देश की हालत भी अफगानिस्तान जैसी ही होती, क्योंकि BJP के आने से पहले आतंकवाद चरम सीमा पर पहुंचता जा रहा था। 

आगे भी आप को किसे लाना है, यह आप को सोचना है। पर याद रखिएगा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और वो BJP के ही हाथ में है...

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Wednesday, 11 August 2021

Poem : हरियाली तीज

आज हरियाली तीज के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ 💐 

सावन त्यौहारों से सजा महीना होता है, जिसमें हरियाली तीज का विशेष महत्व होता है। 

इस त्यौहार में स्त्रियाँ हरे रंग से अपना श्रृंगार करती हैं। हरी-हरी चूड़ियाँ, हरी बिंदी, हरे रंग का ही पहनावा पहनती हैं।

उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत होता है, मानो सृष्टि ने नारी का रूप धारण कर लिया हो।

सब मिलकर सावन के गीत गाते-गुनगुनाते हैं, हंसते-खिलखलाते हैं। झूला झूलते हैं, दुनिया के पकवानों का आनन्द लिया जाता है। यह दृश्य बड़ा ही मनोरम लगता है।

आज आप सब के साथ मुझे गाजियाबाद से श्रीमती रीमा ठाकुर जी की कविता को साझा करते हुए अपार प्रसन्नता हो रही है।

इस कविता में उन्होंने बड़ी खूबसूरती से हरियाली तीज का वर्णन किया है...

आइए हम सब इसका आनन्द लें।

हरियाली तीज




हुआ है हरियाली तीज का आगाज , 

आना सखियों, सब मिल बैठेंगे साथ, 

खनकायेगें हरी हरी चूड़ियों से भरे हुए हाथ, 

बैठकर झूले पर करेंगे मीठी मीठी बात, 

चटपटे व्यंजनों का लेते हुए स्वाद, 

छेडेंगे मस्त सुरों का साज़, 

लगायेंगे ठुमके रिमझिम फुहारों  के साथ, 

आना सखियों, मिलेंगे हम अरसे बाद, 

ऐसा करेंगे धमाल, 

कैद कर लेंगें कैमरे में सारी मीठी याद|