Wednesday, 11 December 2024

Story of Life : मजबूर (भाग-3)

मजबूर (भाग-1)

मजबूर (भाग-2) के आगे 

मजबूर (भाग -3)



अंकिता के यूं चले जाने से वरुण को यह एहसास होने लगा कि एक ग़लत फैसला, इंसान को कितना अपमानित और मजबूर बना देता है।

एक सुबह, वरुण को फोन आता है कि वो एक ख़ूबसूरत से बच्चे का पिता बन गया है।

यह सुनते ही वरुण बच्चे से मिलने, उसे देखने के लिए बैचेन हो उठता है।

आनन-फानन वो अपनी ससुराल की ओर दौड़ जाता है।

वहां मुकेश जी और सविता दोनों ही उसका विशेष रूप से आतिथ्य सत्कार करते हैं। फिर वो बताते हैं कि उसका बेटा थोड़ा serious condition में है। उसे incubator पर रखा गया है। साथ ही उसे blood requirements भी होगी।

वरुण तुरंत hospital पहुंचता है और doctor से अपने बेटे से मिलने देने की request करता है।

जब वो अपने बेटे को देखते हैं तो देखता रह जाता है, उसका बेटा, हुबहू उसकी photo copy था। वही चेहरा-मोहरा वही रंग-रूप...

साथ ही उसे पता चलता है कि बच्चे का blood group भी उसी से मिलता है AB negative (AB-), जो कि rare blood group होता है।

उसने doctor को बोला कि तुरंत से बच्चे का treatment शुरू कर दें, वो अपना खून देने को तैयार है। 

सारे treatment start हो गये और दो दिन में ही बच्चा normal condition में आ गया और अंकिता को दे दिया गया।

Coming week में discharge हो गया था, पर अंकिता अब वापस वरुण के पास नहीं जाना चाहती थी।

पर उसकी मां सविता जी ने कहा, वरुण का भी उस बच्चे पर पूरा अधिकार है, वैसे भी बच्चा, उसके खून दिए बिना शायद ही बचता। 

मुकेश जी ने भी अंकिता को अपने घर लौट जाने को कहा, साथ ही आश्वासित भी किया कि अंकिता और बच्चे दोनों के ख़र्च के लिए वो रुपए-पैसे भेजते रहेंगे। अनमने मन से अंकिता लौट आई।

वरुण अपने बेटे पर जान छिड़कता था। जब भी वो घर पर रहता, अपना पूरा समय अपने बेटे की देखरेख में व्यतीत कर देता।

अंकिता, उसके इस तरह से बेटे के लिए प्यार देखकर मन ही मन हर्षित होती, क्योंकि इस कारण से उसे बच्चे का कोई भी काम नहीं करना पड़ता था।

वो दिनभर आराम करती और अपने पापा के भेजे हुए रुपए-पैसों से मज़े करती...

आगे पढ़े, मजबूर (भाग-4) में...

Tuesday, 10 December 2024

Story of Life : मजबूर (भाग-2)

मजबूर (भाग-1) के आगे…

मजबूर (भाग-2)


शादी बहुत धूमधाम से हुई, एक-एक मेहमान की विशेष खातिरदारी की गई, पूरे शहर में वरुण की शादी की चर्चा हो रही थी। पर अंकिता के पिता, मुकेश जी ने जितना भी जो कुछ दिया, सब आरती और उसके होने वाले बच्चों के नाम पर दिया। 

वरुण को मिला बहुत कुछ, पर सब अप्रत्यक्ष रूप में... जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

खैर करता भी क्या? अंकिता का चुनाव, उसकी ख़ुद की choice थी। 

कुछ ही दिनों में अपने ग़लत चुनाव का खामियाजा, वरुण ने भुगतना शुरू कर दिया...

अंकिता के अक्खड़ और ज़िद्दी स्वभाव के कारण दोनों में आए दिन तू-तू मैं-मैं होती, साथ ही उसका अत्यधिक खर्चीला होना वरुण को बहुत ज़्यादा irritate करता था। 

अंकिता, जब कभी भी shopping करने जाती, 1-2 लाख से लेकर लाखों-करोड़ तक खर्च कर डालती और वो भी बेकार और बेमतलब की चीजों पर...

वरुण कुछ कहता, तो अंकिता हमेशा यही कहती, जब औकात नहीं थी, तो शादी क्या सोचकर करने आए थे? 

वैसे तुम्हारी self ego, जिस दिन दम तोड़ दे, बता देना, तुम्हें अपने पापा के पास ले चलूंगी, वो तुम्हारे जैसे बहुत से कड़कों का ख़र्च वहन कर सकते हैं।

जाने क्यों, मैं तुम्हारी smartness पर फ़िदा हो गई थी, मुझे समझना चाहिए कि दो कौड़ी का इंसान, ज्यादा दिन तक मुझे खुश नहीं रख सकेगा।

तो एक तरह से देखा जाए तो, हर तरह से 19 अंकिता, सिर्फ पैसे के ज़ोर पर वरुण पर 21 हो जाती थी। और आए दिन उसका अपमान करने से बाज नहीं आती है।

तो जैसा भी शादी के पहले वरुण ने सोचा था, सब उसके विपरीत होने लगा। न तो उसे पैसे मिले न ही मन की शांति..

आए दिन की तू-तू मैं-मैं और irritation से वरुण के business पर भी effect पड़ने लगा।

उन्हीं दिनों न जाने कौन से क्षण का वरुण को फल मिला था कि अंकिता pregnant हो गई...

अब तो अंकिता के नखरे इस हद तक बढ़ गये कि मुकेश जी खुद उसे अपने साथ, यह कहके ले गए कि अब तो अंकिता delivery के बाद ही आएगी।

अंकिता, वरुण को यह सख़्त हिदायत दे कर गई कि, बच्चा होने तक वो उसके पास बिल्कुल भी न फटके, वो नहीं चाहती कि उसके यह pamper वाले दिन, एक कंगले इंसान को देखते हुए बीते...

अंकिता के यूं चले जाने से वरुण को यह एहसास होने लगा कि एक ग़लत फैसला, इंसान को कितना अपमानित और मजबूर बना देता है।

आगे पढ़े, मजबूर (भाग -3) में...

Monday, 9 December 2024

Story of Life : मजबूर (भाग-1)

 मजबूर (भाग-1)

वरुण, successful business man था। वो जितना अमीर था, उतना ही sharp, intelligent and smart भी था। दूसरे शब्दों में कहें तो most eligible bachelor...

उसके लिए एक से बढ़कर एक रिश्ते आ रहे थे। बहुत सोच-विचार कर उसने अंकिता को अपने जीवन साथी के रूप में पसंद किया। 

हालांकि अंकिता, देखने-सुनने में उससे 19 ही थी, मतलब वो साधारण से नैन-नक्श वाली सांवरी सी लड़की थी, पढ़ाई-लिखाई में भी average थी, साथ ही नकचढ़ी, ज़िद्दी और गुस्सैल स्वभाव की भी थी, पर वो दुनिया में सबसे अमीर इंसान की एकलौती बेटी थी।

तो बस, जैसा कि बहुत से लोगों को लगता है कि सबसे बड़ा रुपैया, वही वरुण की सोच थी। उसने सोचा रंग-रूप तो चार दिन की चांदनी है, उसकी पढ़ाई-लिखाई से मुझे कुछ करना नहीं है और अंकिता के खराब स्वभाव से उसका ज्यादा सामना होना नहीं है, क्योंकि वो,अपने business में इतना अधिक busy रहता है कि उसके पास किसी के लिए भी ज्यादा समय नहीं होता है।

फिर अंकिता भी successful business man की बेटी है तो उसे यह एहसास होगा कि successful लोगों के पास ज्यादा समय नहीं होता है।

फिर, अमीर पिता अपनी बेटी को खूब भर-भरकर रुपया पैसा, धन-धान्य, कपड़े गहने इत्यादि देंगे तो उसके पास पैसों की बहुत अधिक बढ़ोत्तरी हो जाएगी, जो उसको भविष्य में और अधिक सुदृढ़ और सफल बनाएगा।

शादी बहुत धूमधाम से हुई, एक-एक मेहमान की विशेष खातिरदारी की गई, पूरे शहर में वरुण की शादी की चर्चा हो रही थी। पर अंकिता के पिता, मुकेश जी ने जितना भी जो कुछ दिया, सब आरती और उसके होने वाले बच्चों के नाम पर दिया।

आगे पढ़े मजबूर (भाग -2) में....