Saturday, 8 February 2025

Article : Double engine in Delhi

Double engine in Delhi


26 साल बाद BJP की दिल्ली में जीत के साथ ही दिल्ली में भी double engine की सरकार आ गयी है।

इससे पहले 1993 से 1998 तक BJP का शासन था।

पर उसके बाद लगातार 6 बार हार का सामना करना पड़ा था।

BJP बहुत से राज्यों में जीतती जा रही थी, पर उसका विजयी रथ, दिल्ली पर जाकर रुक जाता था।

पर इस बार BJP ने 48 votes के साथ दिल्ली में जीत कर अपनी विजय सिद्ध की।

इसके साथ ही BJP ने भारत के 21 राज्यों पर विजय हासिल कर ली है।

2014 के बाद नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में BJP ने एक के बाद एक जीत हासिल की है। 

यही कारण है कि BJP का एक नारा, यह भी रहता है कि मोदी है तो मुमकिन है... 

अन्ना हजारे भी BJP की जीत से प्रसन्न हैं, यह बात भी BJP के लिए एक सकारात्मक शुरुआत है।

पर यह जीत, एक अच्छी खबर है, भारत के लिए या नहीं...

यह तो समय बताएगा...

किन्तु एक बात पूरी तरह से clear हो रही है कि Free की राजनीति, केवल गर्त की ओर ले जाती है।

और इसका उदाहरण है, AAP की हार... 

हर एक को उम्मीद है कि BJP सरकार, जैसे गुजरात, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों को निखार रही है, दिल्ली को भी निखारेगी।

और दिल्ली को निखारना भी चाहिए क्योंकि दिल्ली दिल है भारत का, राजधानी है भारत की...

दिल्ली का सर्वांगीण विकास ही वास्तव में भारत को विश्व विजयी बनाएगा।

BJP, आपको जीत की बधाइयां, इस उम्मीद के साथ की अब भारत आगे ही आगे बढ़ेगा...

Friday, 7 February 2025

Short Story : सपनों की उड़ान

सपनों की उड़ान


स्नेहा बहुत ही मासूम, चंचल, और कुशाग्र बुद्धि की लड़की थी। वो  पढ़ाई में इतनी होशियार थी कि पूरा गांव कहता था कि यह एक दिन हमारे गांव का नाम जरूर रोशन करेगी, बस थोड़ा फुदकना छोड़ दें। 

पर स्नेहा तो कापी-किताब के साथ भी पेड़ों पर ही मिलती थी।

उसके दिनभर इधर-उधर फुदकने के कारण, वो स्नेहा के नाम से कम और गिलहरी के नाम से ज़्यादा मशहूर थी।

दिन, साल, महीने गुजरते गए। स्नेहा बड़ी हो चुकी थी, उसका सपना IPS officer बनने का था, तो वो बहुत मन लगा कर पढ़ती थी, पर जब वो पढ़ते-पढ़ते थक जाती, तो बस पहुंच जाती पेड़ पर लटकने, इधर-उधर फुदकने...

उसने UPSC का Prelims, mains and interview exam qualify कर लिया। अब उसे कुछ ही महीनों में physical training के लिए जाना था। 

और एक दिन वो पेड़ पर से कूदते हुए गिर पड़ी और उसके पैरों में इतनी तेज चोट लग गई कि उसे bed rest के लिए बोल दिया गया।

सारे गांव भर से लोग उसे देखने आ रहे थे और वो सबसे यही कहती, आपकी गिलहरी ने फुदकना छोड़ दिया है।

उसकी इस बात से सबकी आंखों से अविरल धारा बह निकलती और सब उससे यही कहते, हमने ऐसे नहीं सोचा था। तुझे ही तो गांव का नाम रोशन करना था, अब तुम नहीं तो, कौन करेगा ऐसा...

एक दिन गांव के सरपंच आए, अपनी गिलहरी से मिलने, और आते से ही बोले, कैसी है मेरी गिलहरी? 

आपकी गिलहरी ने फुदकना छोड़ दिया...

कोई नहीं, सपनों की उड़ान तो नहीं छोड़ी न?

पर काका, कैसे उड़ूं? मेरे तो पंख ही टूट गये....

वो खूब ज़ोर से हंसे, फिर बोले, पंख कब टूटे? 

स्नेहा ने अपने पैर की ओर इशारा कर दिया...

अरे बिटिया यह तो पैर हैं।

सपनों के पंख नहीं...

सपनों के पंख.... वो क्या होते हैं? सोचती हुई स्नेहा, सरपंच जी को एकटक देखने लगी...

अरे गिलहरी इतना भी नहीं पता...

सपनों के पंख, कुछ कर दिखाने का जज्बा और जुनून देते हैं और जिनमें यह रहता है, उन्हें अपने सपनों की उड़ान भरने से कोई नहीं रोक सकता है।

न कोई इंसान और न कोई हालात... पर शायद तुम्हारे अंदर वो जज्बा और जुनून नहीं रहा..

वो मुझमें कम नहीं हुआ है काका...

तो बैठकर अफ़सोस किस बात का कर रही हो? उठो और उठाओ, पूरे जोश से अपने कदम अपनी मंजिल की ओर...

यह कहकर सरपंच जी, स्नेहा की wheelchair मैदान में ले आए।

स्नेहा ने अपने अंदर के आत्मविश्वास को झकझोरा और अपने घायल पैर पर खड़े होने की कोशिश की...

इस कोशिश में उसे बहुत दर्द हुआ, शायद चोट लगने से भी ज्यादा...

पर वो सरपंच जी को दिखाना चाह रही थी कि आज भी उसमें उतना ही जज्बा और जुनून है, अपने गांव को सर्वोच्च सिद्ध करने का...

अब से हर रोज़ सरपंच जी, कुछ देर के लिए उसके पास ज़रूर जाते।

उनका आना, स्नेहा को अपने को सिद्ध करने का सबब होता है।

हर रोज़ का प्रयास, स्नेहा को पूर्ण रूप से सक्षम बना गया और आखिर वो दिन भी आ ही गया, जब उसे physical training के लिए जाना था।

स्नेहा ने अपनी physical training complete की और वो सहायक पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षु) यानी ASP (trainee) के पद पर तैनात हो गई। 

और जब उसकी posting, अपने गांव पर थानाध्यक्ष के रूप में हुई, तो वो सबसे पहले अपने सरपंच जी के पास गयी और बोली, आपने मेरे सपनों को उड़ान भरने में जो सहयोग दिया था, आज उसके कारण ही मैं अपने और गांव वालों का सपना पूरा कर सकी।

आप सच कहते हैं, सपनों की उड़ान, जज्बे और जुनून से भरी जाती है और जिसमें यह क़ायम है, उसे अपनी मंजिल को पाने से कोई नहीं रोक सकता है, न कोई इंसान न कोई हालात... 

इतना कहने के साथ ही उसने सरपंच जी के पैर छू लिए और उनसे ढेरों आशीर्वाद अपनी झोली में समेट लिए...

Wednesday, 5 February 2025

Recipe : Muradabadi Dal Papdi Chaat

आज कल की parties पहले जैसी नहीं होती है, मतलब आज कल parties में main course से ज्यादा ध्यान different stalls or starter में दिया जाता है।

इसका एक बहुत बड़ा कारण यह है कि, इसके कारण parties में variety and freshness आ जाती है, साथ ही different states की cuisine एक ही जगह खाने में मिल जाती है।

तो चलिए, हम भी आपको एक ऐसी ही dish की recipe share कर देते हैं, जो कि winter parties की शान बनी हुई है, फिर चाहे चढ़ती ठंड हो, उतरती या हो अपने परचम पर, यह अपना दीवाना सब को बनाए हुए है।

इसका कारण यह है, कि यह बहुत healthy होने के साथ-साथ tasty भी गज़ब की है।

हमारा इसको share करने का एक और कारण भी है, जिसे सुनकर आप खुश हो जाएंगे, कि यह बहुत easily prepare भी हो जाती है।  

मुरादाबादी दाल पापड़ी चाट।

नाम सुनकर लगता है कि दाल के साथ तो रोटी या चावल खाया जाता है, तो दाल के साथ यह पापड़ी चाट क्या जुड़ गया है।

तो सच मानिए, यह बहुत ही unique flavour है, healthy and tasty combination का... 

दाल का दाल और चाट की चाट...

Muradabadi Dal Papdi Chaat


A) Ingredients :

I. Main recipe -

  • Moong dal - 250 grams
  • Turmeric powder - a pinch 
  • Papdi - 100 grams
  • Amul butter - 200 grams
  • Asafoetida - ½ tsp 
  • Salt - as per taste 
  • Lime juice - as per taste 
  • Coriander leaves - for garnishing 
  • Green chilli - as per taste 
  • Green chutney - as per taste 
  • Ginger juliens - for garnishing 


II. Special masala -

  • Salt - ½ tsp.
  • Black pepper - ½ tsp.
  • Black salt - ½ tsp.
  • Roasted cumin powder - ½ tsp.
  • Amchur powder - ½ tsp.
  • Dry coriander powder ½ tsp. (coarse)
  • Chilli flakes - for garnishing 


B) Method :

  1. धुली मूंग दाल को 2 घंटे के लिए soak करने रख दीजिए।
  2. Special masala के सारे ingredients मिला कर ready कर लीजिए। 
  3. Onion, green chilli, and coriander leaves को finely chop कर लीजिए। 
  4. धनिया की चटनी पीस लीजिए।
  5. मूंग दाल को pressure cooker में डालकर soaked दाल से two times ज्यादा पानी, नमक, हल्दी डालकर 2 whistle high flame पर, और 1 whistle slow flame पर आने तक पका लें।  
  6. Pressure down होने के बाद दाल को अच्छे से whisk कर लीजिए। 
  7. अब pressure cooker को slow flame पर रख दीजिए।
  8. फिर दाल में थोड़ा-थोड़ा मक्खन डालकर बराबर चलाते रहें, जब तक इसमें दूध के जैसी मलाई न पड़ जाए।
  9. Buttery, thick and smooth texture ही पहचान है, proper दाल के बनने की...
  10. अब इस दाल में तैयार special masala, चटनी, हरी, मिर्च, हरा धनिया, ginger julien और पापड़ी से garnish कर लीजिए।

The healthy and tasty Muradabadi Dal Papdi Chaat is ready to serve...


3) Tips and tricks :

  • दाल में पानी का ratio एकदम सही रहना चाहिए। न तो अधिक, वरना दाल का सूप बन जाएगा, न ही बहुत कम की दाल में गुठलियां पड़ जाए। 
  • दाल को लगातार चलाते हुए उसका creamy texture लाना है। अगर लगातार नहीं चलाएंगे, तो दाल नीचे से लग जाएगी। 
  • दाल atleast 2 hours के लिए soak करने ज़रूर से रखें। इससे ही दाल का दाना अंदर तक फूल जाएगा।क्योंकि दाल मूंग की लें रहे हैं, इसलिए over-night soak करने की जरूरत नहीं है।
  • धुली मूंग दाल ही लेनी है, छिलका मूंगदाल या साबुत मूंग दाल लेने से smooth texture नहीं आएगा और न ही देखने में tempting लगेगी।
  • इस में धुली मूंगदाल, butter and creamy texture, perfect दाल बनने के बस यही key ingredients है।
  • दाल में बहुत अधिक butter पड़ता है, जो कि salty होता है, और garnishing में भी special masala, chutney, पापड़ी आदि डालना है, साथ ही दाल के thick होने से भी salty taste बढ़ जाएगा। तो दाल boil करते समय नमक की quantity का ध्यान रखिएगा।
  • अगर आप को इसे और अधिक healthy बनाना है तो मैदे की पापड़ी की जगह, चावल की पापड़ी भी use कर सकते हैं।
  • अगर आप को onion के बिना पसंद न आए तो आप प्याज़ भी डाल सकते हैं। वैसे authentically onion नहीं पड़ता है।
  • टमाटर और मीठी चटनी भी डाल सकते हैं, पर उनका combination बहुत अच्छा नहीं जाएगा। पर अगर आपको खट्टा-मीठा flavour ही पसंद हो तो आप फिर इसमें, खट्टी-मीठी चटनी, दही और पापड़ी को डालकर चाट बनाइएगा। लेकिन फिर वो मटर पापड़ी चाट का flavour देगी, जो मुरादाबादी दाल पापड़ी चाट से entirely different होगा।

तो सोच क्या रहे हैं, बसंत की गुलाबी ठंड की महफ़िल जमाइए, सबके साथ मुरादाबादी दाल पापड़ी चाट का लुत्फ उठाइए...