Thursday, 5 September 2019

Poem : गुरु और शिष्य


शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर सभी गुरुओं को मेरा शत शत नमन 

गुरु और शिष्य



गुरु और शिष्य का,
कैसा पावन नाता है। 
ना जुड़ा रक्त से, ना बंधन से ,
फिर भी जन्मों सा जुड़ जाता है॥

गुरु सारे अवगुण, दूर कर,
हमारे गुणों को चमकाता है।
कभी माँ बन प्यार लुटाता है,
कभी पिता सा सीधी राह दिखाता है॥

हो सरल मार्ग, या कठिन डगर
जीवन जीना सिखलाता है। 
असफलता से सफलता तक,
गुरु हमको ले जाता है॥

हम क्यों आए, इस दुनिया में
ये गुरु हमे बताता है।
जीवन को जीने लायक, 
गुरु ही बनवाता है॥

गुरु और शिष्य का,
कैसा पावन नाता है। 
ना जुड़ा रक्त से, ना बंधन से,
फिर भी जन्मों सा जुड़ जाता है॥


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Wednesday, 4 September 2019

Article : Tremendous Traffic Rules


Tremendous Traffic Rules

कल शाम bike से पति के साथ बाज़ार जाना हुआ, तो दिल्ली में अलग ही नज़ारा दिखाई दिया। हर two wheeler वाला helmet लगाए हुए था, आश्चर्य तो मुझे तब हुआ, जब सारे पीछे बैठे वाले भी helmet लगाए हुए थे।

हम दोनों हमेशा ही helmet पहन कर जाते हैं, पर कल से पहले कितने ही बगल से अपनी जुल्फें लहराते निकल जाते थे।

जो car में थे, सब seat belt लगाए हुए थे, कोई भी mobile पर बात नहीं कर रहा था

कोई भी traffic light jump नहीं कर रहा था, ना कोई आड़ा-तिरछा चला रहा था, फुटपाथ पर केवल पैदल लोग ही चल रहे थे

ऐसा नज़ारा देखकर लग रहा था, अगर ऐसा ही चलता रहा, तो जल्दी ही traffic jam की problem solve हो जाएगी। accidents काफी हद तक कम हो जायेंगे। फिर तो India आने वाले लोग पूछेंगे, ये India ही है क्या?

पर कल का नज़ारा देखकर जितनी खुशी हुई, उतना ही दुख भी हुआ। लोगों को अपनी सुरक्षा की परवाह नहीं थी, उनमें बस डर था तो चालान कटने का।

क्यों है आपको उस धनराशि की अधिक परवाह, जो चालान कट जाने पर चली जाएगी? जबकि गया हुआ धन तो आप मेहनत करके पुनः भी प्राप्त कर सकते हैं।

पर आप ने कभी सोचा है, दुर्घटना होने से शारीरिक क्षति या जीवन अंत हो जाए, तो फिर आप धरती आसमान एक कर लें, यथावत नहीं मिल सकता है।

तो जो हम वापस पा सकते हैं, उसकी इतनी परवाह, और अपनी सुरक्षा की बिल्कुल नहीं!  आखिर क्यों?

आपको ईश्वर का धन्यवाद देना चाहिए, कि उन्होंने आपको मानसिक और शारीरिक रूप से पूर्णत: स्वस्थ बनाया है। उनसे पूछिये, उन पर क्या बीतती है, जो या तो जन्म से या दुर्घटना ग्रस्त होकर अपने अंगों से या अपनों से वंचित हो गए?

आप traffic rules ना मानने पर fine देख रहें हैं, और हमें सरकार द्वारा हम लोगों की सुरक्षा में लिया हुआ कदम दिख रहा है।

तो ज्यादा अच्छा ये नहीं होगा, बढ़े हुए चालान पर रोष व्यक्त करने के बजाय, सरकार का धन्यवाद दें, और साथ ही हम अपनी सुरक्षा पर ध्यान दें।

क्योंकि जान है, तो जहान है। चालान कटने के डर से नहीं, अपनी सुरक्षा के लिए और अपने अपनों के लिए, traffic rules follow करें। फिर आप भी कहेंगे what "Tremendous Traffic Rules"


Tuesday, 3 September 2019

Kids story : Advay the Hero: Help

Kids Story : Advay the Hero: Help

Advay के स्कूल में बच्चों को karate और skating में से किसी एक को opt करना था। ज्यादातर parents ने अपने बच्चों के लिए karate ही opt किया, क्योंकि उन्हें लग रहा था, कि बच्चे छोटे हैं, अभी skates संभाल नहीं पाएंगे। फिर karate सीखेंगे तो self defense भी कर पाएंगे।

Advay और कुछ और जिनमें self-confidence ज्यादा था, उन्होंने skateing को opt किया। First class में ही उन्होंने skates बांधना, balance करना और थोड़ा चलना भी सीख लिया।

2nd class में फिर से karate और skating में से opt करना था। अब तो ज़्यादातर बच्चे अपने parents के पीछे पड़ गए, कि skating में ज्यादा मज़ा आता है। हम भी वही लेंगे, sir भी उसके बहुत अच्छे हैं।

Parents को अपने बच्चों की बात माननी पड़ी। पर ये बच्चे पहले वाले बच्चों से पीछे रह गए, क्योंकि अभी तो इन्हे skates बांधना, balance करना सब सीखना था।   

और जो बच्चे skates चलाने में आगे निकल चुके थे, उनमें से कोई भी इन्हें कुछ नहीं सीखना चाहता था। sir को भी problem हो रही थी, क्योंकि एक ही class के होने के बावजूद learning levels different थे।

Sir को परेशान देखकर advay उनके पास गया, और बोला, मैं आपके साथ नए वाले बच्चों को skates बांधना सिखा दूँगा।

Sir ने advay को thank you बोला, और प्यार भी किया। और दोनों लोगों ने बच्चों को सिखाना शुरू कर दिया। advay के केवल skates बांधना सिखाने से ही उन्हें बहुत मदद मिलने लगी। सब advay की तारीफ करने लगे।

Advay ने फिर अपने friends को बोला, तुम लोग भी सिखा दिया करो। वो बोले, जो पीछे हैं, उन्हें पीछे ही रहने दो। advay बोला help करने से तो हम भी और ज्यादा सीखेंगे, क्योंकि उससे हमारी भी तो practice हो जाएगी।

कभी किसी की help करने से नुकसान नहीं होता है, बल्कि फायदा ही होता है। भगवान जी भी ऐसे लोगों से बहुत खुश रहते हैं।  
उसकी ऐसी बातें सुनकर वो भी help करने लगे। सबकी help से नए बच्चे भी जल्दी सीखने लगे, और कुछ ही दिन में सब काफी कुछ एक level पर आ गए।        

ये देखकर sir बहुत खुश हुए, वो जानते थे, कि सब advay के कहने के कारण ही help कर रहे थे।