Wednesday, 8 July 2020

Tips : मेंहदी का रंग, रहे लम्बा बरक़रार


सावन का महीना आते ही बहुत सारे तीज त्यौहार शुरू हो जाते हैं, और उसमें हम को याद आती है, मेंहदी की।

तो चलिए आज आपको हम यही बताते हैं,  कि मेहंदी लगाते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
और ऐसा क्या करना चाहिए, कि मेंहदी का रंग हमारे हाथों में ज्यादा दिन तक बरक़रार रहे।

मेंहदी का रंग, रहे लम्बा बरक़रार


  1. मेहँदी की डिजाईन पहले से decide कर लें, जिससे आप अपनी पसंद की मेहँदी लगा या लगवा सकें।
  2.  अगर आप घर में तैयार करके मेहँदी लगाना चाहते है, तो उसकी तैयारी पहले से शुरू कर दें. क्यूंकि इसमें समय लगता है. वैसे आजकल बाजार में बनी मेहँदी की cone मिलते है, जो कई variety में आते हैं।
  3. मेहँदी लगाने से पहले हाथ पैर अच्छे से soap से धो लें, जिससे किसी तरह की गंदगी, तेल हाथ में न रहे, और मेहँदी गहराई तक पहुँच कर रंग ला सके. मेहँदी जितनी गहराई तक पहुंचेंगी, रंग उतना गहरा आएगा।
  4. हाथ को धोने के बाद कोई cream or oil न लगायें।
  5. हाथ चिकना होने से मेहँदी फैलने लगती है और design ख़राब हो जाती है।
  6. अगर आप मेहँदी वाला तेल लगा रही हैं, तो उसे हाथ में अच्छे से rub कर लीजिए, जिससे  Skin oily ना‌ रहे।
  7.  मेहँदी लगाना शुरू करने से पहले, मेहँदी उससे जुड़ा समान सब रख लें जैसे पुराना कपड़ा, कैंची आदि. बार बार उठने से design भी ख़राब होती है, और रंग भी अलग अलग चढ़ता है।
  8. मेहँदी लगाते समय ज्यादा रोशनी वाले स्थान में बैठें, जिससे design clear बन‌ सकें।
  9. मेहँदी शुरू करने से पहले आप washroom भी होकर आयें, जिससे बीच में जाने की जरूरत न पड़े. और भी कोई जरुरी काम हों तो कर लें।
  10. खाना बनाना, और खाना, मेहँदी लगाने से पहले कर लें।
  11. जितने देर तक आप हाथों में पानी नहीं लगाएंगी, मेहँदी का रंग चढ़ता जाता है।
  12. मेहँदी लगाते समय सूर्य की रोशनी में नहीं बैठना चाहिए, न ही मेहँदी को सूर्य की रोशनी में सुखाना चाहिए. इससे डिजाईन ख़राब होती है।
  13. हम चाहते है, मेहँदी जल्दी से सुख जाये, इसलिए सूर्य की रोशनी में सुखाने की कोशिश करते है, लेकिन मेहँदी सूखने में अपने हिसाब से समय लेती है, ऐसा कुछ करने से जल्दी नहीं सूखती है।
  14. अगर आप मेहँदी को naturally सूखने देंगे तो ज्यादा अच्छा और लम्बा टिकने वाला रंग चढ़ता है।
  15. मेहँदी लगाने के बाद, waxing, pedicure, manicure नहीं करवाना चाहिए. इससे मेहँदी की ऊपरी layer निकल जाती है, और मेहँदी धुली धुली दिखने लगती है. आप ये मेहँदी लगवाने के पहले करें, फिर मेहँदी लगवाएं, इससे आपके हाथ,पैर भी सुंदर लगेंगे।


Monday, 6 July 2020

Poem : मैं ना रहूँ अनाथ

मैं ना रहूँ अनाथ


Image Courtesy: India.com

महेश कहूँ या शिव में कहूँ,
या कहूँ तुम्हें, मैं भोले नाथ।
सबमें बस तू ही तू है,
तेरे द्वार खड़ा मैं जोड़े हाथ।।

हीरे मोती मैं ना चाहूँ,
ना चाहूँ, सुख संसार।
मोह माया, मैं तजकर,
बस, भजन भजूं दिन रात।।

नैना मेरे दर्शन को तरसे,
ना जाने कब वो सावन बरसे।
इन चातक नैनों की,
बुझ जाए, जब प्यास।।

तुम तो हो नाथों के नाथ,
धर दो प्रभू अपना हाथ।।
पा जाऊं, जो शरण तुम्हारी,
तो मैं ना रहूँ अनाथ।।

आप सभी को सावन के पहले सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🏻🔱🕉️🙏🏻

Sunday, 5 July 2020

Article : हैं आपकी ऐसी गुरु?

हैं आपकी ऐसी गुरु?

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आज अपनी माँ की बात कर रहे हैं।

मेरी माँ बहुत ही सफ़ाई पसंद है।

वो कब से ऐसी हैं, नहीं पता, पर जब से हमने होश संभाला है, तब से वो ऐसी ही हैं।

हर रोज़ नहाना, चाहे कोई भी मौसम हो, या कैसा भी स्वास्थ्य।

कोई भी चीज, बिना धुले-पुछे तो use ही नहीं होती थी।

यहाँ तक अगर Newspaper  वाला किसी दिन paper जल्दी में जमीन पर डाल जाता तो Newspaper भी धुलकर लटक जाता था।

घर के बाहर जातीं तो उनकी मदद दरवाजे के साथ लगी, घनी झाड़ियां करती, लोहे  के दरवाज़े को खोलने और बन्द करने के लिए उसकी ही पत्ती का use होता था।

धुले बर्तन भी बिना पानी से धोएं, प्रयोग में नहीं लेतीं, और ज़रा कुछ काम किया और हाथ भी धुल जाते, दिनभर में ना जाने कितने बार।

सफ़र में भी बिना हाथ धोए, कुछ नहीं छुआ जाता था। 

और पूरे सफर में हममें से किसी को उनकी गोद नसीब हो कि ना हो, पर एक बैग सदैव वो सम्मान पाता था, जिसमें खाने-पीने का सामान होता था। वो पूरे रास्ते उनकी गोद में रहता, किसी कारण वश वो कुछ करने जाती, तो हम सब में से किसी एक की गोद में रहता, इस सख्त हिदायत से कि ज़मीन तो क्या बर्थ में भी नहीं रखा जाएगा।

घर लौटकर एक एक समान पोंछती, बिना पुछे कोई समान अपनी जगह पर नहीं पहुंचता।

बिस्तर भी खाली झाड़ती नहीं, बल्कि गीले हाथों से भी पोंछतीं,  जिससे धूल का एक भी कण ना रहे।

किसी दुकानदार से सामान खरीदतीं तो रुपए पूरे खोलकर देतीं कि उसकी ऊंगली का सिरा भी नहीं छू जाए।

उनके उठने- बैठने का तौर तरीका हमेशा ऐसा रहा, कि कभी किसी से ना छू जाएं, यहाँ तक कि जब सोती भी हैं, तो भी इस तरह से सोती हैं, कि कभी किसी से नहीं छूती हैं।

पापा कभी उनको, उनकी इतनी अधिक सफाई के लिए नहीं टोकते थे।

हाँ, बाकियों को उनकी इतनी सफाई रास नहीं आती है, सब उन्हें बोला करते, कि इतनी ज्यादा की कोई आवश्यकता नहीं है। 

आज जब कोरोना काल चल रहा है तो सबको उतनी ही सफाई करनी पड़ रही है।
  • बिना धोए-पोछें कुछ प्रयोग ना करें।
  • हाथ, दिन में कई बार साबुन से धोएं।
  • लोगों से दूरी बना कर रहें। 
  • सावधानी बरतें कि किसी से ना छू जाएं।
  • Lift व दरवाजे को हाथों से ना छूएं, बल्कि उसे खोलने और बन्द करने के लिए tissue paper या toothpick अपने साथ रखें और उन्हीं का प्रयोग करें।
यही सब तो है, जो वो करतीं आई हैं।

पर लोगों ने ना कभी इतनी सफाई की है , ना देखी है, तो लोगों की हालत ख़राब हो रही है। उलझन हो
रही है।

पर वो इस उम्र में भी बहुत आराम से उतनी सफाई कर लें रहीं हैं। 

हम भाइयों-बहनों को भी औरों के बनिस्बत कम मेहनत पड़ रही है, कम उलझन हो रही है, क्योंकि इतनी सफाई की शिक्षा तो हमें बचपन से मिली है। हम ने की भी है और देखी भी है।

आप ने कभी इस बात पर ध्यान दिया, जो आज कल हम लोग कर रहे हैं, उसका नतीजा क्या हो रहा है।
  • सब्जियों की shelf-life बढ़ गई है।
  • बर्तन व घर का कोना-कोना चमक रहा है।
  • घरों में मक्खी, मच्छर, चूहे तो क्या जीवाणु-कीटाणु भी कम हो गये हैं।
  • जिससे लोगों को कोरोना तो दूर बुखार, खांसी-जुकाम तक नहीं हो रहा है।
  • लोग अधिक स्वस्थ रहने लगे हैं।
  • लोग independent रहने लगे हैं।
 हम चारों भाई-बहन के स्वस्थ रहने का कुछ भी कारण था, तो उनकी बेइंतहा सफाई।

उनकी शिक्षा ने हमें बचपन में भी स्वस्थ रखा, और इस कठिन समय में भी रख रही
 है।

सच्चाई, अच्छाई, और सफाई आज नहीं तो कल, लोगों को उसकी कीमत समझ में अवश्य आती है।

आज उनकी सफाई की कीमत भी सबको समझ आने लगी है।

मेरे आज़ का गुरु पूर्णिमा का दिन, उनकी उसी सच्चाई, अच्छाई और सफाई को समर्पित, जिसने हमारे लिए कोई दिन कठिन नहीं बनाएं।

जीवन में गुरु अनमोल हैं,
बात सभी यह जानें।
जीवन के पड़ाव पर गुरु बहुत,
पर माँ को सर्वप्रथम मानें।।

हमें गर्व है, कि हमें ऐसी माँ मिलीं। ऐसी गुरु मिलीं हैं🙏🏻🙏🏻

क्या आप के पास हैं, आपकी ऐसी गुरु? 

तो उनका मान कीजिए व सम्मान दीजिए। 🙏🏻🙏🏻