Friday, 30 October 2020

Recipe: Rice Rabdi Kheer

 शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🏻

आज का यह निर्मल पावन दिवस, जिसमें चावल की खीर अर्पित कर के हम चन्द्र देव जी के दर्शन करते हैं, और जीवन में शीतलता और पवित्रता को समाहित कर लेते हैं।

ऐसे शुभ अवसर के पर आज आप के लिए rice rabdi kheer लेकर आएं हैं।

आप कहेंगे, चावल की खीर में ऐसा क्या special है?

तो special क्या है? यह आपको तब पता चलेगा, जब आप हमारी यह recipe, try करेंगे और सब आप की तारीफों के पुल बांध देंगे।

आप जब खुद भी खाएंगे, तो हर spoon खीर खाने के बाद, स्वयं आप के मुंह से निकलेगा, क्या बात है, आज तो मजा आ गया।

तब सोच क्या रहे हैं, इस बार हमारी recipe से चावल रबड़ी खीर बनाएं और सब पर अपनी धाक जमाएं।

Rice Rabdi Kheer 




Ingredients:

Govind bhog rice - 2×handful of rice (मुट्ठी)

Full cream milk -2 litres

Sugar - 1½ cup or as per taste

Dry fruits -  for garnishing

Green Cardamom powder- ½tsp.


Method:

  1. Rice को अच्छे से धो लीजिए।
  2. Heavy bottom wok(कढ़ाही) में दूध गर्म होने रख दीजिए।
  3. जब दूध में एक उबाल आ जाए तो उसमें, चावल और चीनी डालकर अच्छे से mix कर के slow flame पर रख दीजिए।
  4. बीच बीच में चलाते रहें, जिससे खीर तली में लग कर जले नहीं।
  5. ½ hours बाद, इसमें काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश डाल दीजिए।
  6. खीर गाढ़ी होने तक बीच बीच में चलाते रहिए।
  7. खीर की रंगत, सफेद से हल्की पीली होने तक slow flame पर पकाएं।
  8. खीर रबड़ी जैसी गाढ़ी हो जाए, तो इसमें ईलायची पाउडर डालकर अच्छे से mix कर दीजिए।
  9. अब इसे flame से उतार कर ठंडी होने रख दीजिए।
  10. Serve करते समय इसे finely chopped dry fruits से garnish कर दीजिए।

Note:

  • गोविन्द भोग चावल छोटे होते हैं, इसलिए यह खीर के लिए ideal होते हैं।
  • पर अगर आप के पास, यह चावल ना हो तो आप, बासमती टुकड़ा ले सकते हैं।
  • वो भी ना हो तो, सूखे व साफ़ साबूत बासमती चावल को mixer jar में डालकर 2 to 3 times, pulse mode पर चला लें। जिससे वो छोटे छोटे हो जाएं।
  • खीर चलाते समय ध्यान रखिएगा कि हर बार नीचे तली तक चलाएं, ऊपर ऊपर से चलाने पर तली में जल जाएगी।
  • आप nonstick saucepan भी use कर सकते हैं, उसमें खीर के जलने का डर कम रहता है। पर कड़ाही में जल्दी बनती है।
  • आप dry fruits चाहें तो avoid कर सकते हैं। चाहे तो खाली खीर बनते समय डालें या केवल garnishing के time. जैसा भी आप को पसंद है, वो अपने taste के according कर सकते हैं।
  • यह खीर इतनी tasty बनती है, कि dry fruits होने या नहीं होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
  • इस खीर का key ingredient, दूध और चावल का ratio और लगने वाला time है, तो उसे change मत करिएगा।
  • खीर को बनने में लगभग 1से 1½  घंटे लगते हैं। तो आप खीर बनाते समय अपने और काम भी कर सकते हैं। पर खीर को बीच बीच में चलाते रहिएगा।
  •  ध्यान रखिएगा, खीर जल्दी ना उतार दीजिएगा, आप ने सुना ही होगा, "सब्र का फल मीठा होता" है। तो आज एक और बात जान लीजिए कि " सब्र का फल tasty भी होता है।
  • खीर का धीमी आंच पर बनाना, इसके स्वाद को बेहतरीन बना देता है। जल्दी उतार देने से वो दूध भात लगती है, ना कि खीर।
  • खीर आपको, ठंडी और गर्म जैसी पसंद हो serve कर सकते हैं। दोनों ही तरह से बहुत tasty लगती है।
  • खीर में, ईलायची पाउडर की जगह, rose water or kewra water भी use कर सकते हैं।
  • आप ने जितनी गाढ़ी खीर बनाई होगी, ठंडी होकर वो और गाढ़ी हो जाएगी, तो ध्यान रखिएगा कि खीर में sufficient amount में दूध रहे, वो ठंडी होकर सूख ना जाए।


Thursday, 29 October 2020

Tips : How to have sufficient breast milk for your kid

 How to have sufficient breast milk  for your kid




आज कल एक problem बहुत common होती जा रही है कि, babies को proper breast feeding नहीं मिल  रही है।

जिसका main reason, यह है कि, दूध sufficient नहीं बन रहा है।

जिससे माँ और बच्चा दोनों ही परेशान हो रहे हैं। यहाँ तक कि, इस problem के बारे में लोग doctors से भी consult कर रहे हैं।

इस problem, पर हम से हमारे बहुत से viewers ने suggestions मांगे हैं, कि Ma'am, इस problem को भी solve कर दीजिए। 

तो  आज इस topic पर ही tip डाल रहे हैं, यह सिर्फ मेरा opinion नहीं है, बल्कि experts and doctors भी यही advice कर रहे हैं।

मातृत्व (Mother hood) ईश्वर के द्वारा, संसार को दिया हुआ सबसे बड़ा आशीर्वाद (blessing) है।

पर आज हम लोगों के पास, इतना समय ही नहीं रहता है कि हम उन पलों को जी सकें और ईश्वर को इसके लिए धन्यवाद दे सकें।

बस यही वजह है कि breast milk की कमी होने की।

आप कहेंगे, इसका क्या मतलब? तो आज आपको यही बता रहे हैं।

Breast milk production, का सीधा, सीधा relation, इस बात पर depend करता है कि आप अपने बच्चे से कितना emotionally and mentally जुड़े हुए हैं। अपने baby को कितना time दे रहे हैं।

Means in short,आपको अपने baby पर कितना लाड़-प्यार आता है।

आप कहेंगे कि कैसी बात कर रही हैं, कौन अपने baby को प्यार नहीं करता है।

करते हैं, सब करते हैं, पर कुछ कमी रह जा रही है। आज वो कैसे पूरी हो, आप को बताते हैं।

1 आप अपने बच्चे को खूब देखें। उसकी सुंदर सुंदर आंखें, छोटी सी नाक, गोल-मटोल गाल, गुलाबी होंठ, कोमल कोमल हाथ और उंगलियों की छुअन और नन्हें नन्हें पैरों से उसका हल्के से मारना, उसकी अंगड़ाई, उसकी सोते-जागते मीठी मीठी मुस्कुराहट, चंचल शरारत....... और भी बहुत कुछ......

यह सब आप को अपने बच्चे से बहुत गहरे से जोड़ देगा।

याद रखिएगा, बच्चे को बहुत देखने से, उसके बारे में बहुत सोचने से आप की उससे bonding बढ़ती है, नज़र नहीं लगती है।

वैसे भी माँ से बढ़कर, बच्चे का हित, कोई और नहीं सोच सकता है, तो माँ  की कभी बच्चे को नज़र नहीं लग सकती है। माँ से बच्चे का कभी भी किसी भी तरह का कोई अहित नहीं हो सकता है।

तो कोई अगर आप से नज़र, अहित, आदि, जैसी बात करे, तो उसे नकार कर अपने बच्चे से bonding बढ़ाएं, क्योंकि वो ही आप के बच्चे और आप के लिए, सबसे ज्यादा important है।

2 आप के बच्चे की मालिश दादी, नानी करती हों, या आप ने किसी को लगाया हो, पर दिन में कम से कम एक बार आप भी मालिश जरुर करें। चाहे आप को नहीं भी आती हो, पूरे शरीर पर हाथ तो फिरा ही सकती हैं।

इसके दो फायदे हैं, एक तो माँ के हाथ का स्पर्श पाकर, बच्चा हष्ट-पुष्ट होता है। 

दूसरा मालिश करने से आप का उसके नन्हें शरीर को स्पर्श करने से मातृत्व भी बढ़ता है, तो in short माँ और बच्चे में अच्छी bonding बनती है।

3. कभी कभी बच्चे को नहला भी सकती हैं। नहाते हुए बच्चा बहुत सुन्दर लगता है, क्योंकि नहाने से freshness आती है, तो उस समय बच्चा सबसे ज्यादा खुश रहता है। अगर आप नहला नहीं पाती हैं तो उसे नहाते हुए निहार तो सकती ही हैं।

4. अपना थोड़ा समय बच्चे के साथ खेलने और मस्ती के लिए निकालें, जो आप दोनों की health improve करेगा।

5. हाँ, एक बात का ध्यान रखिएगा कि बच्चा जो भी हो, बेटा या बेटी, गोरा या सांवला-सलोना। आप के लाड़ प्यार का हक रखता है, क्योंकि वो आप का है, यह ही सबसे बड़ी सच्चाई है।

यह तो हुआ बच्चे से mantally and emotionally attached होने की बात।


अब थोड़ा Diet पर भी ध्यान दें देते हैं।

1. Protein rich foods खाएं, जैसे दालें, चना, मूंगफली, paneer, nuttri nuggets(सोया बड़ी)  etc, बहुत useful होते हैं।

2. Green vegetables, mainly हरे साग खाएं।

3. Diet में calcium rich foods भी रखें, means milk, paneer, curd, egg, etc.

4. Diet में Fibre भी जरुर से शामिल रखें, इससे digestion भी अच्छा रहता है और milk की quantity भी increase होती है।

इन सब बातों का ध्यान रखिए और मातृत्व का सुख लीजिए। क्योंकि यह जिन्दगी के सबसे हसीन पल हैं, यह फिर नहीं आएंगे।

साथ ही यह सही ढंग से नहीं व्यतीत हुए, तो इससे होने वाली परेशानियाँ सारी जिंदगी कष्ट पहुंचाएंगी। 


डिस्क्लेमर: यह tip केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Wednesday, 28 October 2020

Articles. : Benefits of breast feeding

आज कल बच्चों में immunity power बहुत कम होती जा रही है। जिससे आए दिन बच्चे बीमार हो रहे हैं।

जिसका बहुत बड़ा कारण है, breast feeding की कमी का होना। 

और यह कोई मेरी opinion नहीं है, experienced लोग और doctors का भी यही मानना है।

तभी तो आज doctors भी breast feeding पर जोर दे रहे हैं, उनका कहना है, first yellow milk and 6 months की exclusive breastfeeding, babies की mental health, physical growth and immunity power के लिए बहुत जरूरी है।


Benefits of breast feeding



आइए आपको बताएं, क्यों जरूरी है, breast feeding, और क्या हैं इसके benifits.

1. Breast milk, बच्चे की needs के according customized होता है, means उसे जितना protein, iron, calcium, carbohydrates, fat, vitamins etc. चाहिए होता है, उसके according बनता है। 
जो बच्चे के mental and physical growth को develope करता है।


तो सोचिए, एक ही formula से बना, डिब्बा बंद दूध हर बच्चे को कैसे फायदा करेगा?


और गाय, बकरी, भैंस का दूध उनके बच्चे की needs के according होता है तो वो इन्सान के बच्चे को कैसे फायदा करेगा?


2. Breast feeding वाले बच्चों के gas नहीं बनती है, indigestion भी नहीं होता है। जबकि bottle feeding वालों के gas बनती है। 


क्योंकि bottle feeding में बच्चा air भी suck करता है। उनमें आए दिन, infection and indigestion की problem भी हो जाती है।


3.Bottle feeding वाले बच्चों के teeth भी ख़राब हो जाते हैं। जबकि यह problem breast feeding से नहीं होती है।


 4. Breast feeding से  बच्चा strong हो जाता है, उसमें immunity power बढ़ जाती है। जिससे वो कम बीमार पड़ते हैं।


5. बच्चे के साथ ही यह माँ के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे माँ को भी breast cancer  होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।

तो breast feeding जरूर से कराएं, जिससे बच्चा और माँ दोनों healthy रहें।

बहुत सी माँ को यह problem  होती है कि sufficient Milk नहीं बन रहा है तो, क्या करें?
इस problem को लेकर बहुत से viewers की queries आ रही है।
अगर आप की भी queries है, तो इस problem को solve करने के लिए आप हमारी shortly coming tip

How to have sufficient breast milk  for your kid जरूर पढ़िएगा।


So stay tuned.....