Monday, 3 May 2021

Tip : Vaccination - ध्यान रखने योग्य बातें

आखिर वो दिन आ ही गये हैं, जिसका हम सब को बेसब्री से इंतज़ार था।

अब 18 साल से ज्यादा वाले लोगों को भी vaccination किया जाएगा। 

इस समय सब से बड़े group के लिए, vaccine provide की जा रही है।

पर यह उतना बड़ा group नहीं है, जितना हम सोच रहे हैं। यह उससे भी बड़ा group है।

क्योंकि इसमें प्रारम्भ से जुड़े हुए वो लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने अभी तक vaccination नहीं करवाया।

तो सबसे पहले तो यह कीजिए कि registrations करा लीजिए। और जैसे ही आप को मौका मिले, तुरन्त appointment करवाएं और number आते ही vaccination भी।

अब आप को बताने जा रहे हैं, कि vaccination के समय किन बातों का विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे आप कम कष्ट में vaccination करा सकें।

Vaccination - ध्यान रखने योग्य बातें




 Fasting condition -

Vaccination करवाने जाते समय भूखे पेट बिल्कुल मत जाइएगा, means जिस दिन आप का fast है या आपको last meal खाएं हुए बहुत time (≥4-7hours) हो चुका है, उस दिन vaccination नहीं करवाना है।

Sleeves -  जब आप vaccination करवाने जाएं, तब ढीली sleeves के कपड़े पहनकर जाएं, जिससे vaccination के समय हाथ में tightness नहीं आए।

Side selection (हाथ का चुनाव) - 

आप जिस भी करवट सोते हैं, उसके दूसरी तरफ के हाथ पर vaccination करवाएं। जिससे अगर दर्द हो तो भी आप ज्यादा आसानी से सो पाएं।

Hand movements - 

जब आप के vaccination हो जाए तो, जिस हाथ में vaccination हुआ है, उसको 30 min. के लिए movement में रखें। Means मुट्ठी बंद-खुली करें। Elbow को fold करें और खोलें। पूरे shoulder को round and round, move करें, etc.... exercise करते रहें। इससे blood circulation ठीक से रहता है। जिससे हाथ में नील या गांठ नहीं बनती है, और आप के हाथ में दर्द या तो कम होता है या नहीं होता है। पर याद रखिएगा कि massage या rub नहीं करना है।

Fever - 

Vaccination के बाद 10 से 12 घंटे में fever आ सकता है तो आप उसके आसपास के लिए fever की कोई सी भी tablet जैसे, Crocin, paracetamol, etc. का arrangment कर के रखिए।

वैसे mild fever (≤100°F - 101°F) आने से कोई problem नहीं है; antibodies बनने में fever आना आम बात है।

Shivering -

Fever आने के समय ठंडक भी लग सकती है इसलिए अपने पास blanket या sheet ready रखें।

Weakness

Vaccination के बाद weakness भी लग सकती है इसलिए जितना आप की regular diet है, उसके अलावा, आप 2 to 4 days के लिए liquid intake बढ़ा दीजिए। जैसे juice, soup, नमक चीनी का घोल, नींबू पानी, नींबू चाय, Electral, Enerzal, ORS etc. जरुर से लीजिए। पानी भी खूब पीएं। यह आपको muscular pain में भी relief देगा।

Some post-vaccination don'ts -

  • Alcohol consume मत करें।
  • Body को exert ना करें।
  • Mask पहनना ना छोड़ें, क्योंकि अभी भी आप COVID से 100% safe नहीं हैं।


Note - 

यह Tips, बहुत सारे लोगों के experience को सुनने समझने के बाद की summary है। आप भी अपनाएं और कम कष्ट में vaccination कराएं।

अगर आप को ऐसी कोई और बात भी पता हो, जिससे vaccination के बाद की परेशानी को दूर कर सकते हैं, तो please comments में जरुर बताएं।

किसी भी तरह की major problem होने से doctor को consultant करें।

बस इतनी सी बातों को ध्यान में रखें, vaccination जरुर कराएं और कोरोना को दूर भगाएं।  


डिस्क्लेमर: यह tip केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Thursday, 29 April 2021

Story of Life : परिवर्तन

 परिवर्तन




रणबीर ने कृतिका से कहा, माँ- पापा जी इस बार सिर्फ एक हफ्ते के लिए, साथ में रहने को आ रहें हैं। 

Please, सिर्फ एक हफ्ते की बात है, adjust कर लेना, फिर तुम जैसा कहोगी, मैं वो कर दूंगा।

हाँ-हाँ, तुम चिंता मत करो, इस बार पिछली बार जैसा कुछ नहीं होगा। 

मैंने कल की छुट्टी भी ले ली है। 

अगली सुबह रणबीर, अपने माँ-पापा जी को लेने चला गया।

उधर रणबीर के पापा राजेश अपनी पत्नी संजना से कह रहे थे। लगता है बहू का पिछले साल का व्यवहार तुम भूल गयी हो? 

ना ढंग से वो बोलती थी, ना कुछ काम करती थी। और एक तुम हो कि फिर चल दीं।

क्या करूं, बेटे का मोह खिंच ले जाता है, अबकी बार एक हफ्ते ही तो रुक रहें हैं, थोड़ा adjust आप भी कर लीजिएगा। संजना, गहरी सांस लेते हुए बोली।

रणबीर समय से पहुंच गया था, और सब जब घर पहुंचे तो, कृतिका पहले से तैयार थी। घर भी व्यवस्थित था। साथ ही kitchen से राजेश जी की पसंद के नाश्ते की खुशबू आ रही थी।

यह सब देख कर रणबीर खुश हो गया।

पूरे हफ्ते ही कृतिका ने दोनों का बहुत ध्यान रखा। उनके खाने-पीने का, उनके मान-सम्मान के साथ वो सब ही किया, जो उन्हें पसंद था।

सुबह सुबह भजन लगा देती। सब मिलकर प्राणायाम करते।

संजना जी से खूब सारी Recipe सीखी।

उन लोगों की मनपसंद की फिल्में download कर के घर में Home theater system लगाकर, popcorn, chips के साथ, घर में ही cinema hall जैसा माहौल बना दिया।

फिर सबने मिलकर movie देखी। उस दिन तो राजेश जी इतने खुश हुए कि उन्होंने कृतिका से बोल ही दिया, मुझे तुम से अच्छी बहू नहीं मिल सकती थी।

एक हफ्ते कब निकल गये, पता ही नहीं चला।

जब राजेश और संजना सामान pack कर रहे थे तो, कृतिका, रणबीर के साथ पहुंची और कहने लगी, इस बार आप लोगों को मुझसे कोई शिकायत तो नहीं है?

दोनों एक स्वर में बोले, नहीं बिटिया..... इस बार हम बहू के साथ नहीं बेटी के साथ रहें हैं। तुम्हें जितना आशीर्वाद दें, वो कम है।

वो बोली, मेरे भाई की पिछले साल शादी हुई थी और मेरी भाभी ने मेरे माँ-पापा के साथ वैसा ही व्यवहार किया, जैसा मैं आपके साथ करती थी। जिससे मेरे मम्मी पापा बहुत दुःखी हो गये।

उन्हें ऐसा देखकर, मुझे समझ आया कि मैं कितना गलत कर रही थी आप लोगों के साथ।

मुझे माफ़ कर दीजिए, पिछली बार के लिए। आगे से आप को अपनी यही बेटी मिलेगी। 

तुम्हारे इस बार के व्यवहार से हम पिछला सब भूल गए हैं और हाँ कुछ ग़लत हम भी थे और हमने कुछ आशाएं भी ज्यादा लगा ली थी। उसके लिए हमें भी माफ़ कर देना।

कैसी बात कर रहे हैं, आप लोग? 

मैं तो छोटी हूँ, और आप हमारे माँ-पापा। 

अगर आप लोगों ने मुझे माफ़ कर दिया है तो हमेशा के लिए यहीं रुक जाएं।

हम, सब सामान के साथ जल्दी आएंगे, भगवान तुम्हारे माँ-पापा को भी जल्दी सुखी बनाएं। और ढेरों आशीर्वाद देकर चले गए।

रणबीर, को कृतिका का परिवर्तन दिल छू गया। उसने ईश्वर को धन्यवाद दिया और कहा कि हे ईश्वर, कृतिका की भाभी में भी जल्दी परिवर्तन आए।

Wednesday, 28 April 2021

Short Story : दर्द का एहसास


 दर्द का एहसास 




कमला के बहुत मना करने के बाद भी रमेश, बिना मास्क लगाए घर से निकल गया।

पर अभी आधा घंटा भी नहीं हुआ था कि करहाते हुए घर लौट आया।

रमेश के पैर और हाथ में नील के निशान थे। कमला फ़ौरन से कपड़े में बर्फ रखकर दौड़ी आई।

कमला ने सिकाई शुरू कर दी थी और रमेश बोले जा रहा था।

यह पुलिस वाले भी, कोई दया धरम नहीं है इन लोगों में।

गला सूख रहा था, सोचा था, एक बोतल मिल जाएगी तो चार दिन निकल जाएंगे।

वो तो लेने नहीं दी और बेदर्दी से ऐसे मारा है, जैसे कोई जानवर को भी नहीं मारता है।

मरहम लगा दूं, कुछ आराम आ जाएगा, कमला धीरे से बोली......

आई बड़ी मरहम लगाने वाली.... तू क्या जाने दर्द के एहसास को...

कमला दबे शब्दों में बोली, अब नहीं होता दर्द का एहसास, आदत पड़ चुकी है..... 

सर से पांव तक नील ही तो थी उसके शरीर में......