Tuesday, 26 July 2022

Poem: माँ का अस्तित्व

अभी बच्चों के दसवीं और बारहवीं के परिणाम घोषित हुए हैं, जिसमें ईश्वर की कृपा और अपने सभी लोगों के आशीर्वाद से बच्चों के बहुत अच्छे परिणाम आए हैं। सभी बच्चों को बहुत सारी बधाइयां, शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद...

उन सभी माँ के प्रेम, समर्पण और प्रसन्नता को समर्पित आज की कविता...

माँ का अस्तित्व 



बच्चे की सफलता पर, 

किसी ने माँ से पूछा।

उसके सफल होने से,

आप ने क्या है पाया? 

नाम, यश, कीर्ति सब उसकी, 

आपके हिस्से क्या आया? 

माँ ने बड़े प्यार से, 

अपने बच्चे का माथा चूमा।

फिर अपने अस्तित्व को टटोला,

कुछ देर बाद, उसने बोला,

मेरे पंखों को परवाज़ मिल गये। 

सुर को मेरे, साज मिल गये। 

जो सपने थे अधूरे,

पूरे वो आज हो गए।

जी रही थी मैं,

 आज तक जिस आस में, 

उस आस को मायने मिल गये।

माँ के अस्तित्व को,  

जीने के बहाने मिल गये।।

Monday, 18 July 2022

Article: शिव जी को भांग और धतूरा प्रिय क्यों?

सावन का पवित्र महीना 14 जुलाई 2022 से शुरू हो चुका है जोकि 12 अगस्त 2022 तक रहेगा। 

भगवान शिव को सावन माह अति प्रिय होता है। इस माह शिवभक्त महादेव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं। इस पूजा में उन्हें ऐसी चीजें अर्पित की जाती है जो शिवजी को अत्यंत प्रिय है। 

वैसे तो शिवलिंग पर कई चीजें चढ़ाई जाती हैं। लेकिन शिवजी की प्रिय चीजों में बेलपत्र, भांग और धतूरा शामिल है। 

कहा जाता है कि इन चीजों को पूजा में अर्पित करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को सर्वमनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों शिवलिंग पर भांग और धतूरा चढ़ाया जाता है। 

सावन के पूरे महीने में भगवान शिवजी की पूजा की जाती है। इस माह पड़ने वाले सोमवार का सावन के व्रत में सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है, क्योंकि भगवान शिव को माह में सबसे प्रिय माह, सावन लगता है और दिन में सोमवार। इसलिए जो शिव भक्त, सावन के पूरे महीने व्रत नहीं रख पाते हैं, वो सावन के सारे सोमवार को अवश्य व्रत रखते हैं।

आज सावन का पहला सोमवार है, अतः हमने सोचा, कि आज यही लेख डालें कि भगवान शिव को भांग और धतूरा क्यों चढ़ाते हैं? आखिर क्यों भोलेनाथ को भांग और धतूरा अति प्रिय है?

शिव जी को भांग और धतूरा प्रिय क्यों?

शिव जी को भांग और धतूरा चढ़ाने का संबंध समुद्र मंथन की कथा से जुड़ी हुई है। भगवान शिव को भांग और धतूरा चढ़ाने का अर्थ यह भी है कि मन से कड़वाहट तो दूर करें और अपने वाणी व व्यवहार में मधुरता लाएं। यदि मन में कड़वाहट नहीं होगी तो ईश्वर तो स्वतः ही मिल जाएंगे।

पौराणिक कथा के अनुसार कहा जाता है कि देवताओं और असुरों के बीच जब समुद्र मंथन हुआ तो उसमें हलाहल नाम का विष निकला। 

जब विष निकला तो, सब एक दूसरे की ओर देखने लगे, क्योंकि अच्छी चीज निकलने से दानव और देव दोनों लेना चाहते थे। पर विष कोई नहीं लेना चाहता था।

फिर विष, कोई साधारण विष नहीं बल्कि हलाहल विष था, जिसका बहुत घातक असर था। तभी, जो बहुत ही भोले और मस्त मलंग हैं, जो अभय हैं, ऐसे गुणों से युक्त हमारे भोलेनाथ, ने सृष्टि को इस विष से बचाने के लिए स्वयं यह विष पी लिया। 

जिससे भोलेनाथ का कंठ नीला पड़ गया इस कारण शिवजी को नीलकंठ भी कहा जाता है। विष का सेवन करते ही शिवजी व्याकुल होने लगे।  

देवताओं और अश्विनी कुमारों ने शिवजी को भांग, धतूरा और बेलपत्र को दूध में मिलाकर औषधि के रूप में पिलाया। इसके बाद शिवजी की व्याकुलता दूर हुई। तब से ही भगवान शिव को भांग धतूरा अतिप्रिय है और भक्त पूजा में उन्हें उनकी प्रिय चीजें अर्पित करते हैं। इसलिए शिवजी की पूजा में भांग और धतूरा चढ़ाने का विधान है।

आप सभी को सावन के पहले सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएँ 💐

भगवान शिव, हम सब पर अपनी कृपा दृष्टि बनाएं रखें 🙏🏻🙏🏻

बम बम भोले🕉️ 🔱

Friday, 15 July 2022

Article : 'One Nation, One Number’

सरकार की नीति, आज कल यही रह रही है कि किस तरह से पूरे देश को एक किया जाए। जिससे कोई भी किसी भी राज्य में रहे, उसे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो। 

उसी के तहत पूरे देश में एक कानून व्यवस्था रखने की तरफ़ ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

सम्पूर्ण देश को एक करने की मुहिम में ही, एक देश, एक नंबर का नियम भी बनाया गया है।

यह योजना, transfer होते रहने वाले लोगों के लिए बहुत कारगर साबित होगी। क्योंकि जिनके transfer, हर दो साल, चार साल में हो जाते हैं, या जो private sector में होते हैं और growth के लिए job change करते रहते हैं, उनके लिए गाड़ियों के नंबर की समस्या बहुत बड़ी होती है।

तो जिनको भी, यह समस्या होती है, आज का article, उनकी इस problem का solution है।

अब 'एक देश, एक नंबर' की scheme के तहत, देश भर में आप कहीं भी अपना vehicle चला सकेंगे और आप को पुलिस नहीं रोकेगी... 

कैसे? क्या करना होगा?... 

इन सब जवाबों को पढ़ने के लिए, पूरा article अवश्य पढ़ें... 

‘ एक देश, एक नंबर ’



BH Series Number Plate: 

Transport department 'एक देश, एक नंबर' policy पर काम कर रहा है। एक देश एक नंबर policy के आने से देश में कहीं भी वाहन चलाने में सुविधा होगी। 

इस योजना के मुताबिक BH series number plate, vehicle पर लगी होगी। इस नंबर के लगे होने से आप किसी भी राज्य में बिना किसी रोक-टोक के गाड़ी चला सकते हैं। इस registration number की शुरुआत में BH लिखा होगा।

Bharat series number plate का purpose अन्य राज्यों में काम करने वाले employees को benifit देना है। इस series के number का सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिनका transfer किसी अन्य राज्यों में होता रहता है। आइये BH series number plate से जुड़ी हुई सभी महत्वपूर्ण बातों पर गौर करें और जानें इस number plate को पाने की पूरी process क्या है। 


क्या होता है Bharat series number?

Ministry of Road Transport and  Highways ने पिछले साल सितंबर 2021 में  non transport vehicles के लिए new launch की गई BH series (Bharat series) number plate के तहत vehicle registration शुरू किया था। अगर आप सिर्फ एक बार ‘BH series’ का number register करवा लेंगे तो, उन्हें दूसरे राज्यों में इसे बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

सेना के जवानों सहित कुछ नौकरियों के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों को हर 2-3 साल में एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना पड़ता है, जिससे हर बार नया नंबर खरीदना मुश्किल हो जाता है। इसे खत्म करने के लिए BH series number plate को पेश किया गया है, जिसके लिए हर बार मालिक के दूसरे राज्य में जाने पर नए registration की आवश्यकता नहीं होती है। 


Registration :

इससे पहले Motor Vehicle Act की धारा 47 के अनुसार, Owners को केवल 12 महीने के लिए अपने vehicle को दूसरे राज्य (जिस राज्य में वे registered हैं से अलग) में रखने की अनुमति थी। इस duration के बाद vehicle का registration नए राज्य में transfer करना पड़ता था। हालांकि, BH series के साथ vehicle owner पूरे देश में कही भी घूम सकते हैं। यह नंबर प्लेट पूरे देश में मान्य रहेगी।


BH series number plate कैसे प्राप्त करें?

BH series number plate को लेने के लिए आपको online apply करना पड़ेगा।

Vehicle portal के माध्यम से purchase के समय dealer द्वारा वाहनों को online registered किया जा सकता है। Registration process पूरी होने के बाद vehicle owner को BH series की number plate मिल जाएगी। इसके अलावा, apply करने के लिए सबसे पहले Ministry of Road Transport and Highways Vehicle Portal पर Logon करें।