Friday, 25 August 2023

Article: Praggnanandhaa - An example

Chess का FIDE World Cup कल समाप्त हो गया, जिसमें final tournament में Norway के Magnus Carlsen का मुकाबला, India के GM R. Praggnanandhaa से हुआ था।

Magnus Carlsen 32 years के मंझे हुए खिलाड़ी हैं, वो five times world champion रह चुके हैं और हमारा R. Praggnanandhaa मात्र 18 वर्ष का। 

मतलब उम्र और experience दोनों में Carlsen आगे था। उसके बावजूद Magnus Carlsen से match खेलने में हमारा नन्हा Praggnanandhaa बिल्कुल नहीं डरा और उसने tough fight दी। 

Magnus Carlsen को पूरे तीन दिन लग गए prodigy praggnanandhaa से जीतने में। छोटे से praggnanandhaa ने Magnus Carlsen के छक्के छुड़ा दिए। 

Praggnanandhaa ने Fide World Cup में first runner-up की position हासिल की। 


Praggnanandhaa - An example  


R. Praggnanandhaa भारत के तमिलनाडु राज्य के रहने वाला है। इसका जन्म 10 अगस्त, 2005 को चेन्नई में हुआ है।

मात्र 18 साल की उम्र में उसने भारत को FIDE World Cup के लिए represent किया। विश्वनाथन आनंद के बाद world cup final में जगह बनाने वाले यह सिर्फ दूसरे भारतीय खिलाड़ी है।

छोटी सी उम्र में वो इतने बड़े representation के लिए पहुंच गया, जिस मुकाम पर पहुंचने में लोगों की आधी से ज्यादा उम्र निकल जाती है।  

हमारे युवाओं को इस बात से प्रेरणा लेनी चाहिए कि उम्र और अनुभव से डरकर नहीं, बल्कि अपने जोश और जुनून से मुकाम हासिल होते हैं। 

हर बात आपके पक्ष में आ जाती है, जब आपकी लगन और मेहनत जुनून की हद तक पहुंच जाए‌।

हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने, Praggnanandhaa को जो special tweet किया, उसे आप सब पढ़ें...

“We are proud of Praggnanandhaa for his remarkable performance at the FIDE World Cup! He showcased his exceptional skills and gave a tough fight to the formidable Magnus Carlsen in the finals. This is no small feat. Wishing him the very best for his upcoming tournaments.”

जिस तरह से मोदी जी ने उसे भारत का बेटा मानकर एक पिता की तरह सराहा और प्रोत्साहित किया है, पूरे देश को ऐसे ही उसे सराहना और प्रोत्साहित करना चाहिए, जिससे अगला FIDE World Cup भारत का ही हो।

Praggnanandhaa, हमें तुम पर गर्व है कि इतनी छोटी उम्र में तुमने FIDE World Cup में second position प्राप्त की।

यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। और हम ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि जिस संघर्ष को तुमने कड़ी चुनौती दी, उस में अगली बार विजयी बनो। 

जो जीत हाथ भर दूर थी

वो जीत तुम्हें मिल जाएगी 

जीतने की ज़िद्द तुम्हें

एक दिन विश्व विजयी बनवाएगी।


हमें गर्व है तुम पर और इंतज़ार है तुम्हारे विश्व विजयी बनने का... 

एक और कारण है, Fide world cup में हम भारतीयों के लिए गर्व महसूस करने का, कि इस बार भारत के चार खिलाड़ी ने quarter final qualify किया था। जिनमें Praggnanandhaa के अलावा, Arjun Erigaisi, Vidit Gujrathi और Gukesh D. भी शामिल थे। इसे Indian chess में एक historic moment भी कहा जा रहा है।

FIDE Chess World Cup को the toughest and most prestigious individual chess tournament कहा जाता है।

आप सब को भी हार्दिक शुभकामनाएं 💐 आप सभी पर हम भारतीयों को गर्व है और ईश्वर से प्रार्थना है कि निकट भविष्य में आप सफलता के शिखर पर पहुंचें और भारत के लिए विजय परचम लहराएं।

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Wednesday, 23 August 2023

Article: India is on the Moon

India is on the Moon


आज का दिन भारत के लिए बहुत important था। आज ISRO ने NASA को पीछे छोड़ दिया है और हमारे भारत ने अमेरिका रूस और चीन को पीछे छोड़ दिया...

हमारे होनहार scientists ने सिद्ध कर दिया कि नया भारत सबसे श्रेष्ठ है। उसने आज वो कर दिखाया जो अमेरिका, रुस और चीन भी नहीं सोच पाए।

चांद पर अपनी satellite तो अमेरिका, रुस और चीन ने सफलता पूर्वक, भारत से पहले भेजी है, लेकिन भेजी सबने north pole पर, जहां भरपूर रोशनी है और comparatively plain area है।

जबकि India के चंद्रयान 3 ने south pole पर soft landing की है, जहां अंधेरा है, temperature बहुत कम है, बड़े बड़े गड्ढे हैं और किसी किसी गड्ढे में बर्फ़ होने की भी आशंका है।

ऐसे में soft landing करना बहुत difficult था, पर भारत ने ना केवल यह कठिन काम किया, बल्कि सफलता पूर्वक किया है। वो भी बहुत ही कम धनराशि के साथ... 

मतलब कठिनाई ऐसी जैसे, करेला वो भी नीम चढ़ा...

पार करनी थी कठिन डगर,

साथ ही धनराशि की भी नहीं ख़बर,

फिर भी वैज्ञानिकों के हौसले थे बुलंदियों पर... 

आप यह कह सकते हैं कि उन्होंने mission impossible को possible कर दिखाया... और सच कहें तो यह सिर्फ भारत ही कर सकता है कि इतनी कम धनराशि में सफलता का परचम लहरा दे।

 पर हमारे scientists ने कहा, north pole में जाकर सिर्फ number बढ़ाने से कोई फायदा नहीं, करना ही है तो कीर्तिमान ही स्थापित करना है, साथ ही अधिकाधिक मात्रा में in-situ research भी करनी है।और जैसा उन्होंने कहा था, वैसा ही कर दिखाया, चांद के south pole पर केवल India का तिरंगा लहरा रहा है। 

हमें गर्व है अपने scientists पर, साथ ही Indian होने पर भी... 

नया भारत, एक नई चमक लिए हुए, अपने दहाड़ते हुए बाघ के साथ हर field में सर्वप्रथम स्थान पर पहुंच रहा है। 

आप को पता है, बाघ अपनी कौन-सी विशेषता के कारण, राष्ट्रीय पशु है?

अपनी लावण्‍यता, ताकत, फुर्तीलापन और अपार शक्ति के कारण बाघ को भारत के राष्‍ट्रीय पशु के रूप में गौरवान्वित किया है। और हमारा नया भारत इसी रूप में आगे बढ़ रहा है।

ISRO के सभी वैज्ञानिकों को बहुत बहुत बधाईयां, उनकी मेहनत रंग लाई। आप सभी पर हम सब भारतवासियों को गर्व है। आगे भी आप ऐसे ही हमारे देश को गौरवान्वित करते रहें... 

हम कह सकते हैं

ISRO का कमाल, भारत बेमिसाल...

सैनिकों की सशक्ता, वैज्ञानिकों की सफलता... और साथ ही खेल, GDP, etc... हर क्षेत्र में सफलताओं को देख कर, हर क्षेत्र में भारत को मिल रहे मान सम्मान को देखकर, शायद आपको समझ आ रहा होगा कि भारत के अच्छे दिन चल रहे हैं या आप अभी भी कहेंगे कि.... 

और अगर आप को देश की सफलताओं से कोई सरोकार नहीं, तो सोचिएगा कि आपने अपने देश को ऐसा क्या दे दिया है, जिससे देश आपके लिए सोचे?

एक बार देश प्रथम की सोच जाग्रत कीजिएगा, आप को अच्छे दिन दिखने लगेंगे...

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳 

Tuesday, 22 August 2023

Article : ISRO का ऐलान, NASA हैरान

ISRO का ऐलान, NASA हैरान


जैसा कि आप सभी जानते हैं कि ISRO (Indian Space Research Organisation) India की space agency है। जो कि विश्व में भारत को सफलता के नए आयाम पर पहुंचा रही है। 

उसके बड़े बड़े ऐलानों को सुनकर NASA हैरान रह जा रहा है। NASA (National Aeronautics and Space Administration) America की space agency है। 

NASA, विश्व की सबसे बड़ी space agency है, और इसे join करना, किसी भी scientist का dream project होता है।

लेकिन अब यह सोच, Indian scientists में कम होती जा रही है, उनके लिए, NASA नहीं बल्कि ISRO join करना dream project बनता जा रहा है।

पर ऐसा क्या हुआ? 

ऐसा इसलिए, क्योंकि अब ISRO भी technically बहुत strong हो गया है। साथ ही अपने देश की सेवा करने से, गर्व महसूस होता है, और देशभक्ति की भावना भी बलवती होती है।‌ 

आजकल एक से बढ़कर एक सफलताओं के परचम लहरा रहा है ISRO, फिर वो चाहे मंगलयान हो, चंद्रयान 2 हो या चंद्रयान 3 हो, सब ही सफल है। 

अभी हाल ही में ISRO ने जो ऐलान किया है, उसे सुनकर तो NASA भी हैरान है कि क्या भारत यह भी सोच सकता है। 

पर ऐसा भी क्या सोच लिया है? 

दरअसल, भारत एक और लम्बी छलांग लगाने जा रहा है। उस ने ऐलान किया है कि चंद्रयान 3 के soft landing के साथ ही, भारत सूर्य की ओर कदम बढ़ा रहा है। वो अपना आदित्य L1 launch कर है। जो कि सूर्य के orbit में जाकर, हमें सूर्य से सम्बंधित जानकारी देगा। 

यह मिशन बहुत ही कठिन है क्योंकि सूर्य और पृथ्वी‌ के बीच की दूरी बहुत अधिक है और सूर्य पर temprature भी बहुत ज़्यादा है। फिर भी भारत इसे करने को तैयार है और ना केवल तैयार है, बल्कि उसे इसमें पूर्णतः सफल बनाने का इरादा भी रखता है।

Aditya L1 सूर्य की study करने वाला पहला Indian space mission होगा। इसका आदित्य नाम इसलिए है, क्योंकि आदित्य सूर्य का एक पर्यायवाची है और L1 इसलिए क्योंकि वो सूर्य की L1 orbit में रखा जाएगा।

इसमें spacecraft को Sun-Earth system के Lagrange point 1 (L1) के चारों ओर एक Halo orbit में रखा जाएगा। जो पृथ्वी से लगभग 1.5 मिलियन किमी दूर है। 

L1 point के चारों ओर coronal orbit पर रखे इस satellite को major advantage यह होगा कि बिना किसी  occultation/eclipse के, यह सूरज को लगातार देख सकता है और साथ ही space weather पर impact भी देख सकता है। 

Spacecraft‌ seven payloads को carry कर के, electromagnetic, particle and magnetic field detectors को use कर के सूरज के photosphere, chromosphere और outermost layers (corona) को observe करेगा। 

Aditya L1 payloads के suite से coronal heating, coronal mass ejection, pre-flare and flare की activities व उनके characteristics, साथ ही space weather dynamics, diffusion of particles and regions etc को समझने के लिए, सबसे महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। 

Aditya L1 को primarily, chromosphere & solar atmosphere के corona को observe करने के लिए tune किया गया है। 

अगर हमें इसे scientific language में समझते रहेंगे तो थोड़ा कठिन होगा। इसलिए इस पूरे mission को सरल शब्दों में समझें तो, Aditya L1 सूर्य का अध्यन करने वाला पहला अंतरिक्ष भारतीय मिशन है। आदित्य मिशन का main motive चौबीसों घंटे सूर्य की तस्वीरे  लेना और इसके अलावा  solar corona, solar emissions, solar winds and flares, coronal mass ejection का अध्ययन करना है। इस मिशन में spacecraft को सूर्य-पृथ्वी के orbit के Lagrange point के चारों ओर एक halo orbit में रखा जायेगा। जो  की पृथ्वी से लगभग 1.5 मिलियन किमी दूरी पर स्थित है।

इसका सबसे बड़ा फ़ायदा यह होगा कि इस L1 बिंदु के चारों ओर halo orbit में रखे गए इस उपग्रह को बिना किसी ग्रहण के सूर्य को निरंतर देखने को मिलेगा। इससे हमें वास्तविक समय में  सूर्य की गतिविधि और अंतरिक्ष के मौसम पर इसका प्रभाव देखने मिलेगा, जिससे हमें सूर्य के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त हो सकती है। 

कल ही 23 तारीख है, चंद्रयान 3 की soft landing  की और उसके बाद Aditya L1 mission की launching. दोनों के लिए all the best... 

Aditya L1 की launching date 2 September को 11: 50 am. पर  निर्धारित की गई है। तो एक और उपलब्धि के लिए तैयार हो जाएं।

हमें अपने scientist पर पूर्ण विश्वास और गर्व है, उनके दोनों ही मिशन सफल होंगे और भारत की सफलता का परचम, चांद व सूर्य दोनों पर लहराएगा। 

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳