Friday, 25 September 2026

India's Heritage : Bharatiya Math-Magicians (Baudhayana)

(I) Today's Occasion :

आज Maths Storytelling Day है, तो सोचा एक अच्छा मौका है। India's Heritage segment में बच्चों को भारत के इतिहास से, नहीं बल्कि यह कहना अधिक उचित होगा कि भारत के विकास की, कहानी सुनाई जाए।

नहीं, अभी के विकास की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि बात कर रहे हैं भारत के उस विकास की, जो यह सिद्ध करता है कि भारत आज नहीं बल्कि शताब्दियों पहले से विकसित है।

आज Maths Storytelling Day है, तो बात भी भारत के mathematicians की करेंगे, जिसे पढ़ने के बाद आपको पता चलेगा कि भारत सदैव से महान और विकसित था।

इस श्रृंखला में आज महर्षि बौधायन के विषय में बात करते हैं…

Bharatiya Math-Magicians (Baudhayana)


(II) Overview :

महर्षि बौधायन प्राचीन भारत के एक महान गणितज्ञ, व दार्शनिक और वैदिक ऋषि थे।

हमें हमेशा से यह पढ़ाया गया है कि Pythagorean Theorem Greece के great mathematician Pythagoras ने दी है, जबकि उनसे बहुत पहले ही 7th-8th c. BCE में ही महान महर्षि बौधायन ने यह theorem दे दी थी।

आइए जानते हैं और किस-किस का ज्ञान वो पहले ही दे चुके थे। उन्होंने Pythagorean Theorem और Geometry से जुड़े कई महत्वपूर्ण principle Greeks से सदियों पहले दिए थे।


(III) Main Introduction :

  • Time- इनका समय लगभग 8th से 7th c. BCE (लगभग 800 ईसा पूर्व) माना जाता है।
  • Relation- ये कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय शाखा से संबंधित थे और वैदिक संस्कृति के ज्ञाता थे।
  • Main Treatises- इन्होंने 'बौधायन सूत्र' की रचना की, जिसके अंतर्गत श्रौतसूत्र, धर्मसूत्र, गृह्यसूत्र और बौधायन शुल्बसूत्र जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ आते हैं।


(IV) Major Contributions :

  • Baudhayana-Pythagoras Theorem [h=√(l²+b²) in ∆90°]- Pythagoras से सैकड़ों साल पहले बौधायन ने ही right-angled triangle के संबंध में यह theorem (rectangle का diagonal) दिया था, जिसके अनुसार किसी rectangle के diagonal का square उसके दोनों legs (base और height) के square के sum के बराबर होता है।
  • Square Root of 2 [√2≈1.414216]- इन्होंने √2 का मान बहुत ही accuracy के साथ (approximately 1.414216) निकाला था, जो पांच decimal places तक सही है।
  • Value of Pi [π≈(900/289)≈3.114]- यज्ञ altars के निर्माण और circular figures को बनाने के लिए इन्होंने Pi (π) के अनुमानित मान का उपयोग किया था।
  • Shulbasutras [e.g. s=√(a•b)]- यह geometry और mathematical principles का सबसे प्राचीन ग्रंथ है, जिसमें altars के accurate mesaurement और area को बराबर करने के नियम दिए गए हैं।

मेरा भारत महान!

No comments:

Post a Comment

Thanks for reading!

Take a minute to share your point of view.
Your reflections and opinions matter. I would love to hear about your outlook :)

Be sure to check back again, as I make every possible effort to try and reply to your comments here.