Sunday, 14 September 2025

Article : त्रासदी हिन्दी भाषा की

आज हिन्दी दिवस है और पूरे सप्ताह हिन्दी भाषा पर बहुत से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पर सिर्फ एक हफ्ते तक, उसके बाद, फिर वही, सब जगह English का बोलबाला और हिंदी का तिरस्कार।

क्या त्रासदी है हिन्दी भाषा की, न कोई पढ़ना चाहता है, न कोई पढ़ाना चाहता है। और अब तो आलम यह है कि कोई पढ़ना चाहे भी तो सटीक और सार्थक हिंदी पढ़ाने वाले कोई दो-चार बड़ी मुश्किल से मिलेंगे।

पर इसका कारण क्या है?

अंग्रेजों का आधिपत्य, और उनके द्वारा शिक्षा पद्धति को बदल देना...

उन्होंने बहुत चालाकी से पाठ्यक्रम में हिंदी भाषा से अधिक महत्व अंग्रेजी भाषा को दे दिया। किसी को भी अपनी योग्यता सिद्ध करनी होती, तो उसके लिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया।

देश को आजादी तो बहुत पहले मिल गई थी, पर हम गुलाम अभी तक हैं, पहले अंग्रेजों के, अब अंग्रेजी भाषा के।

यह कैसे हुआ, कभी सोचा है आपने?

त्रासदी हिन्दी भाषा की


उसकी वजह है, अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद सत्ता कांग्रेस के हाथों में रही।

और उन्होंने कभी चाहा ही नहीं कि हिंदी भाषा को पाठ्यक्रम में मुख्य भाषा के रूप में पुनः स्थापित किया जाए।

नतीजन आज भी अंग्रेजी भाषा को मुख्य और हिंदी भाषा को गौण भाषा का स्थान प्राप्त है। 

अंग्रेजी भाषा के ज्ञान की अनिवार्यता इतनी अधिक कर दी है कि कोई चाहकर भी उससे अछूता नहीं रह सकता है।

आजकल और एक त्रासदी देखी जा रही है हिंदी भाषा में, कि हिंदी भाषा को पढ़ाने और समझाने के लिए अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग किया जाने लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पूर्ण हिंदी, अब शिक्षकों को ही नहीं आती है, तो वह बच्चों को क्या ही बताएंगे।

जैसे हिंदी भाषा की पुस्तिका में संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, आदि noun, pronoun और verb के माध्यम से पढ़ाएंगे। 

जबकि अंग्रेजी भाषा की पुस्तिका में समझाने के लिए दिए गए शब्दार्थ भी अंग्रेजी भाषा में ही सरल करके समझाएंगे।

आखिर क्यों हिंदी भाषा को अपना वास्तविक स्थान नहीं मिल रहा है? आखिर कब तक हिंदी भाषा राष्ट्रभाषा या मुख्य भाषा के स्तर को प्राप्त करेगी? 

हम नहीं कहते हैं कि अंग्रेजी भाषा न पढ़ाएं, बल्कि अन्य विदेशी भाषाएं भी पढ़ाएं, पर सभी केवल पाठ्यक्रम का हिस्सा हों, न कि कोई मुख्य भाषा।

बच्चों को अन्य विदेशी भाषाएं भी पढ़ाएं पर उनके दिल में उसे उतारने या अपनी भाषा को परिवर्तित करने पर जोर न दें।

दिल की भाषा हिन्दी भाषा को ही रहने दें। बहुत मीठी, बहुत सरल, बहुत अपनत्व को लिए, बहुत-सी उपभाषा को अपने में समाहित की हुई दिलों को छू लेने वाली, सबको अपना-अपना स्थान देने वाली भाषा है। एक बार पूरे दिल से अपनाएं, जीवन का सुकून निहित है इसमें।

साथ ही हिंदी भाषा को मान केवल इस एक हफ्ते या दस दिन के लिए न दें, अपितु सम्पूर्ण जिंदगी में दें।

चलिए, हिन्दी की त्रासदी का अंत करें और उसे उस स्तर तक ऊपर उठाएं, जब तक 1 दबाने पर हिन्दी विकल्प देना प्रारंभ न हो जाए।


हिन्दी है दिलों की भाषा,

हिन्दी प्रेम की है आशा,

हिन्दी की विशेषता को,

हृदय में बसाइये…

पूरे छंद का आनंद लेने के लिए दिए गए link पर click करें -

https://shadesoflife18.blogspot.com/2020/09/poem_14.html?m=1

आप सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🏻 💐 

जय हिन्द, जय हिन्दी 🇮🇳

Thursday, 11 September 2025

Article : Home Remedies for Fatty Liver

कल आपके साथ Fatty Liver के article में liver के function and fatty liver के विषय में बताया था।

चलिए आज fatty liver होने पर कौन-कौन सी home remedies है, क्या routine follow करना है, वो देख लेते हैं।

Home Remedies for Fatty Liver


(I) Causes of Fatty Liver :

नीचे दी गईं चीजें fatty liver के main causes हैं -

  • Excessive usage of liquor
  • Excessive fat consumption
  • Obesity
  • High sugar intake
  • Lazy lifestyle


1. Excessive usage of Liquor -

शराब तो आप सभी को पता है कि वह पूरी ही body को नष्ट करती जाती है। इसलिए शराब, cigarette तो जितनी जल्दी हो सके, सभी को छोड़ देनी चाहिए, चाहे fatty liver की problem हो या नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि आज नहीं तो कल शराब-सिगरेट पीने से कोई-न-कोई organ खराब होना निश्चित है।


2. Excessive fat intake -

बहुत अधिक तला-भुना और हमेशा बाहर का खाना खाते रहने से भी बहुत-सी problems हो जाती हैं, जिनमें fatty liver की problem होना but-obvious है।


3. Obesity or highly overweight -

बहुत अधिक मोटापा, specially belly fat, बहुत-सी बीमारियों को invitation देना होता है, specially fatty liver को।


4. High sugar intake -

अधिक sugar intake diabetes को invite करता ही है, लेकिन उसके साथ-साथ cholesterol & fatty liver की problem होने की भी बहुत संभावना रहती है। कारण जब आप बहुत अधिक चीनी या carbohydrates खाते हैं, तो शरीर उस अतिरिक्त ऊर्जा को fat के रूप में संग्रहित करता है, जो शरीर के fat tissue में जमा हो जाता है।


5. Lazy lifestyle -

आलस से बड़ा दुश्मन तो वैसे भी कोई नहीं, आलस तन-मन दोनों को ही बर्बाद कर देता है। इसलिए अगर आप को healthy रहना है तो आलस्य तो छोड़ना ही पड़ेगा।


(II) Remedies for Fatty Liver :

1. Changes in lifestyle -

अब आप को बता दें कि जब तक steatosis (normal/mild fatty liver) है, मतलब fatty liver की first stage, तभी home remedies से cure हो सकता है। अगर problem stage-2 या उस के ऊपर पहुंच गयी है, तब doctor के consultation में ही जाना होगा।

जिन कारणों से fatty liver होता है, उनका ध्यान सबसे पहले रखना है। 

जैसे liquor, sugar and fat को avoid करें।

घर का बना खाना prefer कीजिए, बाहर का खाना avoid करें (mainly oily, spicy, junk and fast foods को)।

दिन में atleast दो बार ½ hours की exercise करें। Starting में 5 minutes से start करें और समय बीतने के साथ exercise का time duration 30 minutes तक ले जाएं।

Fibrous fruits और vegetables लीजिए जैसे सेब, banana, Citrus fruits like, (orange, lemon, musambi etc.) sugarcane, avocado, broccoli, carrot, cabbage, bitter gourd, green leafy vegetables (जैसे पालक) etc.

Excess sugar नहीं लेनी है, लेकिन sugarcane healthy option ही है, क्योंकि सभी fruits की मिठास (fructose - C₆H₁₂O₆) healthy option ही होता है।

Wholegrains जैसे gram, millet, wheat, ragi, oats, corn, sprouts, सलाद आदि को अपनी diet plan में शामिल कीजिए। 

In short, ऐसी चीजें खानी है, जिसे खाने में (चबाने में) time लगे।


2. Consumption of vitamins -

Vitamin E liver को healthy रखने का सबसे अच्छा source है। बादाम और अखरोट में vitamin E बहुतायत में होता है। तो 8-10 almonds और 2-4 walnuts को अपने diet plan में शामिल करें। Walnuts diabetic और cholesterol के patients के लिए भी कारगर सिद्ध होता है। Sunflower seeds और मेथी दाना भी इसके लिए बहुत उपयोगी हैं।


3. Beverages -

Green tea, lemon tea और black coffee भी fatty liver की problem को solve करने में असरदार है।


Stay healthy, stay happy…


Disclaimer -

Readers must take the home remedies mentioned above only on their stake. Though they shall not make any harm, it is advised to consult a doctor before starting any kind of medication, exercise or home-remedy.

Wednesday, 10 September 2025

Article : Fatty Liver

कुछ बिमारियाँ आजकल की lifestyle के कारण बहुत तेजी से बढ़ रही हैं, जिनमें से एक कोई ऐसी है जो आजकल हर दूसरे की medical report में देखने को मिल रही है। सही पहचाना, fatty liver.

आज समझने की कोशिश करेंगे कि liver का क्या function है, वो कितना important organ है,  fatty liver क्या है, fatty liver की कब alarming situation आ जाती है और भी कई सारे questions.

Fatty Liver


सबसे पहले समझ लेते हैं कि हमारी body में liver की functioning क्या है?


(I) Functions of Liver :

Liver 100 से अधिक vital functions करता है जिसमें शामिल हैं -

  • Harmful substances को detoxify करना।
  • Glucose को store और release करके blood sugar को regulate करना। 
  • Fat के digestion में सहायता के लिए bile का production करना, 
  • Albumin जैसे essential proteins और clotting को synthesize करना।
  • Fats, carbohydrates और proteins की metabolic process करना। 
  • Vitamins and minerals (जैसे iron) को store करना।
  • Blood में से waste products को clear करना।
  • Bacteria and viruses को combat करके immune response में major role play करना।

Liver के functions देखकर आपको समझ आ गया होगा कि liver का human body में major role है। आपको एक बात और बता दें कि human body में liver सबसे बड़ा internal organ है। 


(II) Fatty Liver :

Fatty liver मतलब, liver पर extra fat deposit हो गया है। 


(III) Stages of Fatty Liver :

Fatty Liver की 4 stages होती हैं। 

  1. Steatosis
  2. Steatohepatitis
  3. Fibrosis
  4. Cirrhosis


1. Steatosis (normal/mild fatty liver) -

यह fatty liver की stage-1 है, जिसमें liver में fat deposit हो जाता है, लेकिन swelling नहीं होती है।

Mostly लोग इस stage में ही होते हैं, और आमतौर पर इससे कोई गंभीर समस्या नहीं होती है। सिवाय थकान और कभी-कभी पेट दर्द...


2. Steatohepatitis (non-alcoholic) -

यह एक ऐसी stage है जिसमें liver में fat deposit होने के साथ-साथ swelling भी आ जाती है।

इस stage में liver cells damage होने लगते हैं।

मतलब इस stage से problem alarming हो चुकी है, doctor के consultation में treatment लें।


3. Fibrosis -

Continuous swelling and damages के कारण liver में wound बनने लगते हैं।

Liver स्वयं अपने tissue को repair करने का प्रयास करता है, जिससे scar tissue बन जाते हैं और उसके सामान्य कार्यों में बाधा आने लगती है।

हालांकि इस stage में liver को काफ़ी नुकसान पहुंचता है, लेकिन वह अभी भी ठीक से काम कर रहा होता है, बशर्ते आगे के damage को रोका जा सके।


4. Cirrhosis -

यह fatty liver का सबसे advanced या last stage है, जिसमें liver में extensive and irreversible scar हो जाते हैं।

Cirrhosis होने पर liver अपना काम ठीक से नहीं कर पाता और liver failure या cancer का खतरा बढ़ जाता है।


Fatty liver का रोग धीरे-धीरे develop होता है, और lifestyle में change करके शुरुआती stage में इसे रोका या ठीक किया जा सकता है। यदि इसको समय पर manage न किया जाए, तो यह dengerous भी हो सकता है।

हम अगले article में आपको बताएंगे कि ऐसी कौन-सी home remedies की जाएँ कि fatty liver की problem होने से stage-1 पर ही cure हो जाए।

So stay tuned…


Disclaimer :

The information or details mentioned in this article have been taken from reliable sources.