Saturday, 20 September 2025

Recipe : Arbi ka Jhol

पितृपक्ष चल रहा है, कल सर्वपितृ अमावस्या है और उसके बाद नवरात्र आरंभ हो जाएंगे।

दोनों ही अवसरों में भोग-प्रसाद के भोजन में बिना प्याज़-लहसुन का खाना बनाया जाता है।

ऐसे में अधिकतर लोग आलू टमाटर या आलू मसाला की सब्जी ही बनाते हैं। पर हमेशा एक ही तरह की सब्जी खाते-खाते बोरियत महसूस होती है।

तो जिस चीज़ से हम लोगों को बोरियत महसूस होती है, वैसा भोग भी क्यों बनाएं, बस इसी बात को ध्यान में रखते हुए आगरा की famous अरबी के झोल की recipe share कर रहे हैं। अब आगरा से हैं तो उसकी delicacy share करना तो बनता है।

शुद्ध देसी घी में बना अरबी का झोल, बाह्मण, बनिया आदि की शादी और party की शान होती है। उसके बिना party अधूरी है। अरबी को घुंइया, taro, taro root, colocasia और eddoe भी कहते हैं।

यह जितनी स्वादिष्ठ सब्जी है, उतनी ही healthy भी। साथ-ही-साथ easily and instantly बन भी जाती है।

Arbi ka Jhol


(I) Ingredients :

  • Colocasia - 250 gm.
  • Clarified butter (ghee) - 150 gm.
  • Curd - 100 gm./as per taste
  • Turmeric powder - ½ tsp. 
  • Ginger powder - 1 tsp.
  • Salt - as per taste 
  • Carom seeds - ½ tsp.
  • Asafoetida - ½ tsp.
  • Kasoori Methi - ½ tsp.
  • Coriander powder - 1 tsp.
  • Kashmiri Lal Mirch - ½ tsp.
  • Coriander leaves - handful 


(II) Method :

  1. अरबी को छीलकर उसके पतले और लम्बे-लम्बे टुकड़े काट लें।
  2. एक pressure cooker में घी डालकर गर्म करें।
  3. इसमें अरबी के टुकड़े डालकर हल्का सुनहरा तलकर निकाल लें।
  4. बचे हुए घी में हींग और अजवायन डालकर चटका लें।
  5. अब इसमें कसूरी मेथी, कश्मीर लाल मिर्च, धनिया powder डालकर हल्का-सा चला लें। 
  6. फिर इस मसाले में सुनहरे तले हुए अरबी के टुकड़े व नमक डालकर अच्छे से भून लें।
  7. अब इसमें 2 glass पानी डालकर ढक्कन बन्द कर दीजिए।
  8. 2 whistle high flame पर और 2 whistle slow flame पर लगा दीजिए।
  9. दही को फेंट लीजिए।
  10. Pressure down हो जाने पर फेंटा हुआ दही सब्जी में मिलाकर अच्छे से चला लें।
  11. फिर high flame पर एक उबाल आने दें।
  12. उसके बाद slow flame पर 5 minutes तक पका लीजिए।
  13. अब इसे बारीक-कटी हरी धनिया से garnish कीजिए।

Appetizing Arbi Jhol is ready to have. Relish it with poori, paratha, roti or rice. 

वैसे अरबी का झोल बिना किसी के साथ अगर आप खाली भी खाएंगे, तो भी बहुत अच्छा लगता है। बिल्कुल किसी soup की तरह।


(III) Tips and Tricks :

  • अरबी को छीलकर पतले और लम्बे-लम्बे टुकड़े में ही काटिए, तभी अच्छा taste आएगा। 
  • इसका key ingredient घी है, तो उसको डालने में कंजूसी न करें।
  • Authentic flavour में अरबी को तलकर सुनहरा लाल कर लेते हैं, और इसे बड़े से भगौने में बनाते हैं। हमने pressure cooker लिया है, इसलिए हल्का सुनहरा तला था।
  • दही थोड़ा खट्टा होने से स्वाद में चार चांद लग जाते हैं।ऐसा इसलिए क्योंकि इसे खाली भी पिया जाता है, अतः बहुत तीखा नहीं रखते हैं। पर अगर आप को तीखा पसंद है, तो आप लाल मिर्च powder या हरी मिर्च को काटकर डाल सकते हैं। 
  • अरबी, की cutting कैसी होनी है, यह दिखाने के लिए ही plate वाली pic डाली है 
  • इसमें घी, हींग, अजवायन, अदरक powder और दही होता है, फिर इसमें पानी की मात्रा भी अधिक होती है। तो कुल मिलाकर यह एक healthy option बनाता है।
  • अगर heavy खाना खा-खाकर acidity लग रही है, तो इसको खाने से आपको पेट में आराम मिलेगा। शायद इसीलिए ही उन heavy party dishes में अरबी का झोल अपनी अलग शान रखता है। 
  • अगर आप इसे fast के लिए बना रही हैं तो नमक की जगह सेंधा नमक use कीजिएगा।

तो आप भी, अपने भोग-प्रसाद भोजन में इसे बनाएँ और ईश्वर के साथ अपने परिवार को भी खुश कीजिए।

अगर आप बिना प्याज़ लहसुन की और सब्जियों की recipe देखना चाहते हैं तो click कीजिए... 

Aloo sabji without onion and tomato 

Samak rice & Sabudana Poori with Paneer Navratn

Aloo Tinda


For Fast Recipes 

Recipes - Fast 


Wednesday, 17 September 2025

Poem : मोदी जी की Diamond Jubilee

हमारे राष्ट्र, भारत के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी को 75वें जन्मदिवस की अनेकानेक शुभकामनाएँ।

मोदी जी की Diamond Jubilee


भारत में एक तपस्वी आए,

जो भारत को चरम पर लाए। 

भारत सर्वोच्च पर रहे, 

यह ही बस उनके मन भाए।। 


योग, साधना, ध्यान और ज्ञान,

भारतीयता जिनकी पहचान।

भारत को हर एक क्षेत्र में, 

दिला रहा हैं जो सम्मान।।


हो चाहे ज्ञान विज्ञान, 

या हो खेल का मैदान।

जीता हो, या कोई गया हार,

सबको वो देते हैं मान ।।


हम सब सन्तानें उनकी,

वो लगते हैं पिता समान। 

भारत विश्व पर छा जाएगा, 

हो रहा है इसका भान।।


आज है वो दिन विशेष,

बधाईयां उनको मिलें अशेष। 

उनका नेतृत्व मिलता रहे,

बने रहें दिन वो शेष।।

Tuesday, 16 September 2025

Recipe : Kadhi Pakori

श्राद्ध पक्ष चल रहे हैं और यह 15 दिन हम अपने पूर्वजों को समर्पित करते हैं। इन दिनों श्राद्ध, तर्पण और ब्राह्मण भोज की पुरानी परंपरा चली आ रही है। 

ब्राम्हण भोज में मुख्यतः पक्का खाना खिलाया जाता है, अतः पूड़ी-कचौड़ी और विभिन्न पाक-पकवान आदि serve किए जाते हैं। पर अब पहले-सी लोगों की diet नहीं रही। रोज़-रोज़ पूड़ी-कचौड़ी लोगों को नहीं भाता है। ऐसे में क्या किया जाए?

इसी का solution है कढ़ी पकौड़ी, आज की recipe।

Recipe बताने से पहले आपको बता दें कि कढ़ी पकौड़ी को पक्के खाने में ही शामिल मानते हैं और इसे शुभ कार्यों में और दुःख से संबंधित कार्यों में भी शामिल मानते हैं। 

कढ़ी पकौड़ी बनाने से तले हुए खाने से बच जाते हैं, साथ ही कढ़ी पकौड़ी का स्वाद तो बेमिसाल होता ही है, चाहे रोटी से खाएँ या चावल के साथ...

कढ़ी के तो बहुत से variant भी होते हैं, पर हम आपको authentic flavour की बता रहे हैं।

Kadhi Pakori


(I) Ingredients :

For Kadhi Pakori -

  • Gram flour  - 150 gm.
  • Curd - 100 gm./as per taste 
  • Turmeric powder - ½ tsp.
  • Salt - as per taste 
  • Cumin seeds - ½ tsp 
  • Fenugreek - 8 to 10 seeds
  • Asafoetida - ½ tsp.
  • Kasoori Methi - 1 tsp.
  • Coriander powder - 1 tsp.
  • Kashmiri Lal Mirch - ½ tsp.
  • Coriander leaves - handful
  • Green chilli - as per taste 
  • Baking powder - ½ tsp.
  • Oil - for frying purpose 


For garnishing -

  • Ghee - 100 gm.
  • Onion - 1 (big)
  • Garlic - 4 to 6 cloves
  • Salt - ¼ tsp./as per taste 


(II) Method :

For Kadhi Pakori -

  1. एक wok (कड़ाही) में तेल डालकर तेज़ गर्म कर लें।
  2. बेसन में नमक और पानी डालें और ribbon-like pouring consistency आने तक फेंटे।
  3. अब उसमें baking powder डाल दें और थोड़ा पानी baking powder के ऊपर डाल दें। फिर एक बार फेंट लें। 
  4. Medium-slow flame पर गर्म तेल में उंगली की सहायता से पकौड़ी के shape में बेसन का घोल डाल दें।
  5. थोड़ा तेल पकौड़ी के ऊपर भी डालते रहें।
  6. जब पकौड़ी एक तरफ से हल्की सुनहरी हो जाए, तो पलट दें और दोनों तरफ़ से हल्की सुनहरी होने तक तल लें।
  7. बचे हुए बेसन के घोल में दही मिला कर एक बार फेंट लें।
  8. अब इसमें दो गिलास पानी और हल्दी powder डालकर मिला दें। 
  9. Wok से तेल कम करके फिर उसे slow flame पर चढ़ाएँ।
  10. अब इसमें हींग, जीरा, मेथी दाना डालकर हल्का सा चटका लीजिए। उसके बाद इसमें कसूरी मेथी और कश्मीरी लाल मिर्च powder डालकर हल्का-सा चला लें।
  11. बराबर चलाते हुए बेसन-दही का घोल डाल दें और high flame कर के कढ़ी में उबाल आने दें। एक उबाल आने पर slow flame कर दीजिए।
  12. नमक और हरी मिर्च डाल दें। एक और उबाल high flame पर लाएं।
  13. अब हर पकौड़ी को हल्के हाथों से दबाकर उबलते हुए घोल में डाल दीजिए।
  14. Slow flame पर कढ़ी के proper consistency आने तक पका लें (लगभग 15 minutes)।
  15. अंत में धनिया powder और बारीक कटी हरी धनिया डाल दें।


For garnishing -

  1. एक अलग wok में घी गर्म कीजिए।
  2. अब उसमें नमक finely chopped प्याज़ और लहसुन को डालकर सुनहरा होने तक भून लें।
  3. कढ़ी serve करते समय हर कटोरी में कढ़ी के ऊपर roasted onion-garlic-घी से garnish करें। 


Now, scrumptious Kadhi Pakori is ready to relish. Savour it with roti or rice. However, the combination of Kadhi & rice is unbreakable, and the most tempting for us.


चलिए कुछ tips and tricks भी देख लीजिए।

(III) Tips and Tricks :

For Kadhi Pakori -

  • बेसन में धीरे-धीरे पानी डालकर फेंटे, क्योंकि बेसन बहुत जल्दी गीला हो जाता है।
  • बेसन फेंटते समय हाथों का movement circular न करके oval रखें और वो भी नीचे से ऊपर की ओर। इस movement से कोई भी फेंटने वाली चीज जल्दी और बहुत अच्छी फिटती है।
  • फेंटने का काम अच्छे से हुआ, यह इससे दिखेगा कि बेसन में air bubbles बनते हुए दिखाई देंगे।
  • जब बेसन फिट जाए तब उसमें baking powder डालें। Baking powder में पानी डालने से वो activate हो जाता है और बेहतर result देता है।
  • Baking powder डालकर फेंटने से पकौड़ी ज्यादा soft बनती है और उसमें बहुत अच्छी जाली बनती है।इसके कारण जब पकौड़ी बेसन-दही के घोल में डालते हैं तो वो बहुत अच्छे से घोल को absorb करती है और कढ़ी पकौड़ी का स्वाद बहुत अच्छा आता है।
  • Baking powder ही डालें, उसकी जगह baking soda (sodium bicarbonate) या Eno न डालें, क्योंकि baking powder डालने से उसका कोई specific taste नहीं आता है। पकौड़ी भी बहुत ज्यादा तेल या घी नहीं खींचती हैं। 
  • बेसन के घोल में दही का amount सही होना चाहिए, न कम न ज्यादा, उससे ही कढ़ी का स्वाद बहुत अच्छा आता है।
  • जब घोल कड़ाही में डालें तो लगातार चलाते हुए डालें, नहीं तो घोल smooth न बनकर lumpy बन जाएगा।
  • घोल बहुत गाढ़ा नहीं होना चाहिए, वरना पकौड़ी उसे absorb नहीं कर पाती है और hard रह जाती है। 
  • कढ़ी में नमक एक उबाल आने के बाद ही डालें, नहीं तो दही फट जाएगा और बेसन और दही seperate हो जाएगा। इससे creamy कढ़ी नहीं बनेगी। 
  • पकौड़ी दबाकर डालने से पकौड़ी घोल अच्छे से absorb करती है, उससे वो juicy बनती है। 
  • ठंडी होने से कढ़ी की consistency और thick हो जाती है, इसका ध्यान रखिएगा। 
  • अगर serve करते समय कढ़ी ज्यादा thick हो गई है, तो थोड़ा गुनगुना पानी डाल दें।


For garnishing -

  • कढ़ी को spicy बनाना है तो हरी मिर्च काटकर डालें और अगर spicy न बनाना हो तो हरी मिर्च साबुत डालें और बाद में उसे निकाल दें। इससे हरी मिर्च flavour वाली हो जाएगी और बाद में जिसको spicy चाहिए, उसकी कटोरी में काटकर डाल दें।
  • घी में onion और garlic fry करते समय नमक डाल दें। ऐसा करने से frying भी जल्दी आती है और taste भी enhance हो जाता है।
  • कढ़ी में fried onion and garlic का घी डालने से taste चौगुना हो जाता है। वैसे अगर आप onion और garlic नहीं खाते हैं तो आप घी में जीरा और सूखी लाल मिर्च का तड़का भी बना सकते हैं। इस तरह से हर कटोरी में flavoured-घी डालने से taste बहुत बढ़ जाता है।


अगर आप को कढ़ी बनानी आती है, तब भी एक बार ऐसे भी बना कर देखें। Taste next level हो आएगा। तो अब देर किस बात की, आज ही बनाएँ और ईश्वर को भी स्वादिष्ट भोग चढ़ाएं।

श्राद्ध पक्ष में हमारे पूर्वज हमसे प्रसन्न हों और हम सब पर अपना स्नेह और कृपादृष्टि बनाए रखें 🙏🏻😊