Monday, 14 January 2019

Poem : त्योहार की बहार


त्योहार की बहार


कहीं संक्रांत, कहीं लोहड़ी
कहीं पोंगल की बहार है
भारत के हर क्षेत्र में
मन रहे त्योहार हैं
फसलों की हर ओर
हो रही कटाई है
समृद्धि और संपन्नता 
चहुं ओर छाई है




मकर में हो रहा, 
सूर्य का प्रवेश है
उल्लास और उत्साह का
दिलों में समावेश है


नीले-नीले अम्बर पर
रंगीनी छाई है     
ऊंची-ऊंची सबने 
पतंगे उड़ाई है

पॉपकोर्न, रेवड़ी,तिल-गुड़ की 
सौगात है
खिचड़ी में पिघलते घी की
क्या बात है





ढोल की ताल पर
थिरक रहा तन है
खुशियों की आस में
झूम रहा मन है

आओ मनाए त्योहार 
संग संग 
भारत को हम रंग दे
एक रंग 
शरद ऋतु में रंगों का,
निखार है
हर ओर दिख रही
त्योहार की बहार है

Friday, 11 January 2019

Tip : Difficult Rotis- made easy


Making rotis(chapattis) of Makke ka aata(maize flour), Bajre ka atta(millet flour), kuttu ka aata(buckwheat), singhare ka aata(water chest nut) etc. is always a hassle as the flour in non-binding.
So, here’s a tip that will make the process of making rotis out of such non-binding flours, a hassle-free process. So, presenting:

Difficult Rotis- made easy 


  • Always take fresh flour. Therefore, buy it in that much quantity that can be used in a single time.
  • Do the kneading with Luke warm water.
  • Make the dough so soft that when its ball is flattened, it do not cracks on the edge.
  • While rolling it into the chapattis, handle it delicately.


Thursday, 10 January 2019

Article : विश्व हिन्दी दिवस


विश्व हिन्दी दिवस












भाषा की मनुष्य के जीवन में अहम भूमिका है। भाषा के माध्यम से ही देश ही नहीं बल्कि विदेशों के साथ संवाद स्थापित किया जा सकता है। ऐसी ही एक भाषा हिन्दी है जो राष्ट्र की राजभाषा, संपर्क भाषा, राष्ट्रभाषा होने के साथ-साथ वैश्विक फलक पर भी अपनी उपयोगिता बना रही है। हिन्दी विश्व भाषा की श्रेणी में स्थापित हो चुकी है। आज हिन्दी प्रेमियों, भाषाविदों, अनुवादकों, विदेशी दूतावासों में काम करने वाले हिन्दी के प्रहरी, विदेशी विश्वविद्यालयों में हिन्दी का अध्यापन करने वाले सभी लोगों के लिए हर्ष का दिन है कि आज 10 जनवरी के दिन विश्व हिन्दी दिवस विश्वभर में धूमधाम से मनाया जाता है। 

विश्व हिंदी दिवस विश्व हिंदी दिवस  हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है। विश्व हिंदी दिवस  का उद्देश्य विश्‍व भर में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए वातावरण निर्मित‍ करना और हिंदी को अंतरराष्‍ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। विदेशों में भारत के दूतावास इस दिन को विशेष रूप से मनाते हैं। इस दिन सभी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिंदी के लिए अनूठे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विश्व हिंदी दिवस की मनाने की शुरुआत 10 जनवरी 2006 को की थी। तभी से हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। विश्व हिंदी दिवस के अलावा हर साल 14 सितंबर को 'राष्ट्रीय हिंदी दिवस'  मनाया जाता है।

विश्व हिंदी दिवस और राष्ट्रीय हिंदी दिवस में फर्क?

विश्व हिंदी दिवस और राष्ट्रीय हिंदी दिवस अलग-अलग हैं। राष्ट्रीय हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। दरअसल 14 सितंबर, 1949 को भारत के संविधान ने हिंदी को राजभाषा घोषित किया। उसी की याद में राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। दूसरी ओर विश्व हिंदी दिवस हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है। विश्व हिंदी दिवस में कार्यक्रमों का आयोजन वैश्विक स्तर पर होता है जबकि राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन देश के अंदर ही होता है।

आइये जानते हैं विश्व हिंदी दिवस से जुड़ी बातें.
  • दुनिया भर में हिंदी  के प्रचार-प्रसार के लिए पहला विश्‍व हिंदी सम्‍मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित किया गया था। इसलिए इस दिन को विश्‍व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस सम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। 2006 के बाद से हर साल 10 जनवरी को विश्वभर में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है
  • 10 जनवरी 2006 को हर साल विश्व हिंदी दिवस के रूप मनाए जाने की घोषणा की थी
  • विदेशों में भारतीय दूतावास विश्व हिंदी दिवस के मौके पर विशेष आयोजन करते हैं। सभी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिंदी में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं
  • नॉर्वे में पहला विश्व हिंदी दिवस भारतीय दूतावास ने मनाया था।इसके बाद दूसरा और तीसरा विश्व हिंदी दिवस भारतीय नॉर्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के तत्वाधान में लेखक सुरेशचन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में बहुत धूमधाम से मनाया गया था
  • विश्व हिंदी दिवस के अलावा हर साल 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवसमनाया जाता है।14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था तभी से 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है
  •  अभी विश्‍व के सैंकड़ों विश्व-विद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है और पूरी दुनिया में करोड़ों लोग हिंदी बोलते हैं। यही नहीं हिंदी दुनिया भर में सबसे ज्‍यादा बोली जाने वाली तीसरी भाषा है
  •  दक्षिण प्रशान्त महासागर  में फिजी नाम का एक द्वीप है। फिजी में हिंदी को आधाकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है। इसे फि‍जियन हिंदी या फि‍जियन हिन्दुस्तानी भी कहते हैं। यह अवधी, भोजपुरी और अन्य बोलियों का मिलाजुला रूप है
  • भारत, पाकिस्‍तान, नेपाल, बांग्‍लादेश, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, न्‍यूजीलैंड, संयुक्‍त अरब अमीरात, युगांडा, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद, मॉरिशस और साउथ अफ्रीका समेत कई देशों में हिंदी बोली जाती है
  •  साल 2017 में ऑक्‍सफोर्ड डिक्‍शनरी में पहली बार 'अच्छा', 'बड़ा दिन', 'बच्चा' और 'सूर्य नमस्कार' जैसे हिंदी शब्‍दों को शामिल किया गया
  • विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार हिंदी विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है
हिंदी से जुड़े रोचक तथ्य
  • हिंदी भारत की राजभाषा है।
  • हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।
  • हिंदी को पसिफिक आइलैंड के देश फिजी में राजभाषा का दर्जा दिया गया है।
  • दुनिया के 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी एक विषय के तौर पर पढ़ाई जाती है।
  • अब हिन्दी भाषा में वेब एड्रेस या यू आर एल भी बनाए जाने लगे हैं।
  • अंग्रेजी भाषा भी हिन्दी के शब्दों को अपना रही है जैसे अवतार-Avtaar,  योग-Yoga आदि
  • देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली हिन्दी भाषा विश्व की सबसे सरलतम वैज्ञानिक भाषा है।

हिन्दी के बारे में विद्वानों के विचार

हिन्दी के माध्यम से सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है- स्वामी दयानंद

भारत के हर भाग में शिक्षित-अशिक्षित, ग्रामीण तथा शहरी सभी हिन्दी के समझते हैं- राहुल सांकृत्यायन

मैं किसी भी विदेशी भाषा का विरोध नही करता, लेकिन मेरे ही देश में हिन्दी का सम्मान न हो मैं सहन नहीं कर सकता- विनोबा भावे

हिन्दी देश की राष्ट्रभाषा है- महात्मा गांधी

आज विश्व हिन्दी दिवस है। हम भारतीय हैं, हमारी राजभाषा हिन्दी है। तो हमे भी ये प्रयास करना चाहिए कि हमारी राजभाषा दुनिया में सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा बन जाए।
अब आप कहेंगे, तो इसके लिए हम क्या करें? तो आप सब ने ये तो सुना ही होगा, “जो बिकता है, वही टिकता है” मतलब जिसकी डिमांड ज्यादा होती है, सप्लाइ भी ज्यादा ही होगी। तो बस हम ये करना है, कि हिन्दी के विकास के लिए, हिन्दी के अख़बार, मेगज़ीन, उपन्यास पढें। बल्कि अगर आप गौर करें, तो पाएंगे कि अँग्रेजी की बहुत सी मेगज़ीन और उपन्यास हिन्दी के लेखकों द्वारा लिखी पुस्तकों का ही अनुवाद है, या उनकी ही कही बातों का अनुसरण है।
तो अनुवादित, या अनुसरित क्यों पढें? वास्तविक ही ना पढें।
साथ ही सिनेमा, नाटक आदि में भी हिन्दी को ही प्रथिमिकता प्रदान करें। यक़ीन जानिए, आप का बस इतना ही प्रयास हिन्दी के विकास के लिए पर्याप्त होगा। तो इतना तो करेंगे ना?

आइए, विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर हम हिन्दी को दुनिया के कोने-कोने में पहुँचाने का संकल्प लें।
जय हिन्द, जय हिन्दी