Monday, 4 March 2019

Bhajan (Devotional Song) : दर्शन देने आए बम बम भोले (Devotional)

शिवरात्रि के पावन पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें। शिव, शंभू, शंकर, भोलेनाथ ना जाने कितने नाम हैं, भोले भण्डारी के।

हमें सिर्फ इतना पता है, कि जिसने भी देवों के देव, महादेव की आराधना सच्चे मन से की है, उसे ईश्वर का आशीर्वाद अवश्य मिला है।

बम बम भोले का आशीष हम सबको प्राप्त हो।   

दर्शन देने आए बम बम भोले

Courtesy: IndiaMART

बम बम बम, बम भोले, बम भोले
दर्शन देने आए बम बम भोले
देख उन्हें पार्वती का मन डोले
मन डोले हाँ हाँ डोले
दर्शन देने आए बम बम भोले
मुख भभूत लगाई
लट बालों की फैलाई
गले नाग लटकाए
चले आए त्रिपुरारी  
पीछे पीछे गण आए डोले
आए डोले हाँ हाँ डोले
दर्शन देने आए बम बम भोले
आया शिवरात्रि का त्योहार
दूध धतूरा लिए
सारे भक्त तैयार
हर हर महादेव, हर कोई बोले
हर कोई बोले हाँ हाँ बोले
दर्शन देने आए बम बम भोले
दूध चढ़ाओ ना चढ़ाओ
भोग ना धतूरा लगाओ
बस दर पे आ जाओ
दिल को खोले
हाँ हाँ दिल खोले
दर्शन देने आए बम बम भोले

  यह भजन हमने इस धुन पर बनाया  है.
अगर आप चाहें तो किसी और धुन पर भी गा सकते हैं.

Sunday, 3 March 2019

Tip : Fasts & Dry-Fruits

In the Indian culture, fasting is a major part of many festivals. So here's a tip for those fasts, such as ShivRatri wherein you can have fruits and dry-fruits.

There are two ways of having dry-fruits; one is raw and the other is roasted. Here's a tip for roasting groundnuts, gorgon nuts, etc.

Fasts & Dry-Fruits

Add rock salt( सेंधा नमक) while roasting dry-fruits. Therein, salt will play the role of moisture-absorber. This will result in faster roasting and long-lasting crispiness.

Whereas, if the salt is added after roasting, it would release water. Due to this, the dry-fruits  would not retain the crispiness for long.

Thursday, 28 February 2019

Story Of Life : भक्षक (भाग- 3)


अब तक आपने पढ़ा, प्रीति अपने पति सूरज व बच्चों के साथ train से Bombay घूमने जा रही है, जहाँ TTE उस पर कुदृष्टि रखता है.......

अब आगे..... 

भक्षक (भाग- 3) 

सूरज को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था, आखिर प्रीति को एकदम से क्या हो गया, जो इतना भैया,भैया कर रही है।

उसने कह ही दिया, क्या भैया, भैया लगा रखा है……  तुम्हें मालूम भी है, इनकी कितनी उम्र है?

सूरज को अपनी तरफ बोलता हुआ देखकर, TTE अपनी पाँच साल उम्र घटाते हुआ बोला, हाँ जी सूरज जी, मैं अभी 30 साल का ही हूँ।

ये सुनते ही प्रीति खुश होते हुए बोली, अरे तब तो मैं आपकी दीदी हो गयी। बच्चों अपने छुटकू मामा के साथ खेल लो, अब तो तुम इनके कंधे पर भी बैठ सकते हो। बच्चे खुशी से चिल्ला रहे थे।
सूरज सोचने लगा, दीदी!...... कैसे प्रीति तो अभी 26 की ही है। 

उसने प्रीति की तरफ़ विस्मय भरी नज़रों से देखा। पर प्रीति के इशारे से अबकी बार वो चुप ही रहा।

उधर TTE पर तो गाज ही गिर गयी, पहले मामा, अब दीदी......
उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। आज तक किसी खूबसूरत लड़की ने अपने को बड़ा नहीं कहा था।

उधर बच्चे भी मामा, मामा कह कर चिपके जा रहे थे।

इन सब बातों में TTE इतना उलझ गया कि उसका ध्यान, प्रीति के मोह-पाश से हट गया। इसी सबमें बॉम्बे भी आ गया।

प्रीति ने चैन की सांस ली, और TTE ने भी।
Courtesy: Navbharat Times
स्टेशन से उतरते ही प्रीति सबसे पहले complaint office गयी। और वहाँ पहुँच कर उसने TTE की complaint कर दी की, कि उसे उसके behavior में अभद्रता(Indecency) लग रही थी।

वो लोग बोले, उस TTE से जुड़ी ऐसी बात, उन तक पहुँच तो रही थीं, पर आज तक किसी ने सामने से complain नहीं की थी। अतः कोई action नहीं ले सकते थे। पर अब वो जरूर से उसके खिलाफ़ action लेंगे। जिससे वो आगे किसी को परेशान ना कर सके।

प्रीति ने अपने पति के स्वभाव के विषय में भी उन्हें बताया, और साथ ही उसने कैसे TTE को बातों में उलझाए रखा, वो सब भी बता दिया।

अब सूरज को सब समझ आया, कि क्यों प्रीति ऐसा व्यवहार कर रही थी। वो बोला ट्रेन में ही बताना था, दो थप्पड़ रसीद के देता, वहीं उसकी सारी आशिकी धरी की धरी रह जाती।

हाँ मुझे पता था, आप ऐसा ही करते। तब वो वहाँ power में था, वो आपको किसी भी इल्जाम में फंसा कर बीच में ही उतार देता। तब मैं और बच्चे क्या करते? इसलिए मैंने उसे बातों में उलझाए रखा, जिससे उसका किसी भी तरह का खुराफ़ाती दिमाग नहीं चला, और हम safely उतार भी गए।

Action तो उसके खिलाफ़ होगा ही, और इस action के होने से वो किसी के साथ बदसलूकी नहीं कर पाएगा। हर एक के पास मेरे जैसा सूरज नहीं होता। जो उसकी रक्षा कर सके, उसे भक्षक से बचा सके।