Monday, 13 December 2021

Story of Life : ज़िन्दगी बड़े शहरों की (भाग - 2)

 अब तक आपने पढ़ा जिंदगी बड़े शहरों की (भाग- 1) में...

अब आगे...

 ज़िन्दगी बड़े शहरों की (भाग -2)



पर चौथा क्यों? राघव ने पूछा...

वो हिस्सा उसके लिए, जिसको ज़िन्दगी के किसी पड़ाव में अचानक से आवश्यकता हो।

पर जो भी उसे लेगा, जरुरत पूरी होने के बाद, उसे उस भाग को दुगना करना होगा। क्योंकि वो भाग मैंने आने वाली पीढ़ी के लिए रखा है, हमारे किसी भी ग़लत फैसले का असर उनके भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए।

पिता जी, जिसके इतने समझदार दादा जी हों उनका भविष्य हमेशा सुदृढ़ ही रहेगा। और ऐसे पिता जी को छोड़ कर जाने से बढ़कर, मूर्खता तो कुछ है ही नहीं। राजन ने गर्व से ओत-प्रोत होकर कहा।

मेरे जब भी बच्चे होंगे, उनके पहले गुरु आप ही होंगे। क्योंकि जिसके गुरु आप होंगे, उसे जिन्दगी में सच्ची जीत मिलेगी।

और हाँ आप जो बंटवारा कर रहे हैं, उसमें मेरे हिस्से में मुझे आप और माँ चाहिए।

बाकी आप जानिए...

राघव, राजन की बातें सुनकर शर्मिंदा हो गया। पर उसके बड़े शहर जाने की हूक नही मिटी। किशन सिंह जी ने राघव को उसका हिस्सा देकर शहर भेज दिया।

राघव अपनी पत्नी गीतिका के साथ शहर में आ गया। वहाँ आकर उन लोगों ने एक घर लिया, कुछ घर की व्यवस्था के सामान और खाने-पीने के बनाने और खाने का सामान लिया। कहीं आने-जाने के लिए एक bike ली। इस सबमें उन लोगों के बहुत सारे पैसे खत्म हो गये। अब चंद रुपए ही बचे थे।

वहाँ उनके जान-पहचान का कोई नहीं था। ना ही किसी को उनसे कोई मतलब था।

दोनों ही बहुत होनहार थे तो दोनों ही अपने-अपने field में job करने लगे। 

चंद दिनों में ही दोनों इतने busy हो गये कि उन का आपस में मिलना मुश्किल होने लगा। क्योंकि गीतिका की morning shift थी और राघव की night.

बस एक Sunday था, जब दोनों साथ होते थे। उस दिन सोने और घर का सामान लाने में चला जाता था।

एक दिन, किशन सिंह जी ने, राघव को समाचार भेजा कि राजन के जुड़वां बच्चे हुए हैं। कुछ दिनों के लिए आ जाओ।

यह समाचार सुनकर दोनों खुशी से झूम उठे। दोनों ने अपने अपने office में छुट्टी के लिए बात की , पर राघव और गीतिका दोनों को ही मुश्किल से सिर्फ चार दिन की ही छुट्टी मिली। जब वो घर पहुंचे, घर मेहमानों से भरा था।

सबके साथ दोनों को बहुत अच्छा लगा, दोनों बच्चे चीकू-पीकू खूब सुन्दर और स्वस्थ थे। 

गीतिका को देखकर सब बोल रहे थे कि, क्या हुआ है बिटिया, इतनी थकी हुई क्यों लग रही हो?

दिन भर काम करने, व अकेलेपन के कारण उसके चेहरे पर वो पहले सी रोनक नहीं रह गई थी।

गीतिका ने एक फीकी सी मुस्कुराहट दे दी।

मौसी सास तो पूछ भी बैठीं, अरे, तुम कब खुशखबरी दे रही हो?

यह सुन गीतिका, राघव को देखने लगी, राघव शांत रहा।

चार दिन बाद दोनों मेहमानों से भरे घर को छोड़कर जाने लगे तो सब बोले, लो जी क्या ज़माना आ गया है, घर वाले ही सबसे पहले चल दिए?

माफ़ कीजियेगा बुआ, इससे ज्यादा छुट्टी नहीं है। राघव दुःखी होते हुए बोला...

चाची ने मखौल उड़ाते हुए कहा, वाह! गांव के मालिक, शहर के नौकर हो गये। ऐसे मूर्ख हमने तो कहीं नहीं देखे।

राघव कुछ नहीं बोला, बस खून का घूंट पी कर रह गया, क्योंकि चाची सच ही कहा रही थी।

दोनों शहर लौट आए। गांव जाने के कारण, उनका work load बढ़ चुका था। 

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ज़िन्दगी बड़े शहरों की (भाग -3)

Friday, 10 December 2021

Story of Life : ज़िन्दगी बड़े शहरों की

 ज़िन्दगी बड़े शहरों की 



किशन सिंह के दो बेटे थे, राघव और राजन। दोनों ही बड़े मेहनती थे, पर राघव महत्वकांक्षी भी था। 

किशन सिंह जी बहुत धनवान और सुलझे हुए इंसान थे, उनकी गांव में अच्छी साख थी, वह अपने दोनों बेटों से बहुत खुश थे। भरा-पूरा परिवार था, अड़ोस-पड़ोस से अच्छे संबंध थे। जीवन सुखमय व्यतीत हो रहा था।

जब दोनों लड़के विवाह योग्य हुए तो उनके सुयोग्य कन्याओं से विवाह करा दिया गया।

दोनों ही बहुएं भी घर में ऐसे रम गयीं कि घर की बहुएं कम बेटियां ज्यादा लगती थीं।

एक दिन राघव ने अपने पिता जी से कहा, मुझे बड़े शहर जाना है, अपनी किस्मत आज़माने...

किशन सिंह जी बोले, गांव में ऐसी कौन सी कमी है, जो तुम बड़े शहर में जाना चाहते हो?

पिता जी, मैं वहाँ की जिंदगी जीना चाहता हूंँ। 

कुछ नहीं रखा वहाँ, सिवाय बेमतलब की चकाचौंध और अंतहीन तन्हाई और हार के।

 वो बिरले ही होते हैं, जो वहांँ कुछ पाते हैं, पर वो अपनों से और अपने आप से भी दूर हो जाते हैं।

ना तो उनके पास अपनों के लिए समय होता है ना अपने लिए। 

जो तुम बहुत कुछ इकट्ठा कर भी लोगे, वो सिर्फ और सिर्फ दिखावे के लिए ही होगा। और दिखावे का तो कोई अंत नहीं होता है।

बहुत समझाने के बाद भी राघव के मन से बड़े शहर जाने का मोह नहीं गया।

किशन सिंह जी ने राघव को बुलाया और कहा कि ठीक है, तुम चले जाओ बड़े शहर, पर हाँ, वहाँ पहुंच कर तुम वो ना पाओ, जिसकी चाह में तुम वहाँ जा रहे हो।

तो कभी भी हारने पर कुछ ग़लत काम मत करना, तुम बिना किसी ग्लानि के वापस आ जाना। 

तुम्हारा एक ग़लत कदम, मुझे जिंदगी भर के लिए हार प्रदान करेगा। मेरी इतनी बात तो मान लोगे ना?

जी बिल्कुल पिता जी...

किशन सिंह जी ने राजन को भी बुलाया और पूछा कि राघव बड़े शहर जाना चाहता है, क्या तुम भी जाना चाहते हो?

राजन बोला, मुझे अपने गांव, अपने लोग, अपने घर से अच्छा दुनिया में कुछ नहीं लगता है। 

किशन सिंह जी बोले, ठीक है, मैंने आज अपनी धन-सम्पदा के चार टुकड़े करने के सोचे हैं।

एक मेरा और तुम्हारी मां का, एक राजन और उसकी पत्नी का, एक राघव और उसकी पत्नी का।

पर चौथा क्यों? राघव ने पूछा... 

वो हिस्सा उसके लिए, जिसको ज़िन्दगी के किसी...

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ज़िन्दगी बड़े शहरों की (भाग -2) में...

Wednesday, 8 December 2021

Recipe : Stuffed Red Chilli Pickle

Winter season, को Season of dishes भी कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि winter season में इतनी varities की vegetables आतीं हैं कि बस आप imagine करते जाएं और varities की dishes बनाते जाएं। 

पर आज आपके लिए winter special recipe share कर रहे हैं, जो आपके खाने में चार चांद लगा देगा।

यह देखने में जितना सुंदर लगता है, खाने में उतना ही tasty होता है। बल्कि यह भी कह सकते हैं कि इसकी company में बेस्वाद खाना भी tasty लगने लगता है।

तो चलिए और पहेली नहीं बुझाते हैं।

हम पटना की लाल मिर्च के भरवां अचार की बात कर रहे हैं।

क्या हुआ? सुनते ही मुंँह में पानी आ गया!...

तो आज यही आपको बताने जा रहे हैं कि इसे बहुत आसानी से कैसे बनाएं। 

बहुत ही कम ingredients से easily prepare होने वाला instant अचार है।

लाल मिर्च का भरवां अचार




Ingredients :

Red thick chilli (Patna वाली) - 500 gm.

Dry coriander seeds - 100 gm.

Onion seeds - 25 gm.

Fenugreek seeds - 10 gm.

Fennel seeds - 50 gm.

Asafoetida powder - 25 gm.

Dry mango powder (amchur powder) - 50 gm.

Salt - 50 gm.

Mustard Oil - 1 litre 


Method :

  1. एक wok (कड़ाही) लीजिए, उसमे, धनिया, कलौंजी (मगरैल) , मेथी और सौंफ को slightly dry roast कर लीजिए।
  2. भुने मसाले को coarsely (दरदरा) पीस कर powder बना लीजिए। 
  3. अब इस मसाले में, नमक, हींग और अमचूर powder डालकर mix कर लीजिए। 
  4. इस मसाले में उतना तेल डाल दीजिए कि powder इतना गीला हो जाए कि वो सारा मसाला आपस में चिपक जाए।  
  5. लाल मिर्च को अच्छे से धोकर साफ कर लीजिए और पानी झड़ जाने के लिए रख दीजिए।
  6. अब इन मिर्च को धूप में रख कर सूखा लीजिए।
  7. जब मिर्च सूख जाए तो, उसे साफ सूखे cotton cloth से पोंछ लीजिए।
  8. इन मिर्चों की टोपी हटा दीजिए और उसमे चीरा लगा दीजिए। 
  9. मिर्च से सारे बीज हटा दीजिए।
  10. अब हर मिर्च में जितना ज्यादा मसाला भर सकते हैं, दबाकर भर लीजिए।
  11. सभी भरी मिर्चों को आहिस्ता-आहिस्ता से कांच की बरनी (चौड़े मुंह की बोतल) में भर दीजिए।
  12. अब बरनी में बचा हुआ mustard oil डाल दीजिए। 
  13. बरनी को 1 week के लिए, धूप में रख दीजिए।

Now your yummy and tasty stuffed red chilli pickle is ready.

यह अचार बहुत सालों तक भी tasty बना रहता है।

Tips and tricks के बिना यह perfect नहीं बन सकता है, इसलिए recipe के साथ ही tips and tricks पर भी बहुत अच्छे से ध्यान दीजिएगा।


Tips and Tricks :

  • जब आप मिर्च खरीदने जाएं तो ध्यान रखिएगा, कि मिर्च fresh हो। 
  • इसकी पहचान यह है कि मिर्च की skin shiny दिखेगी और अगर आप उसे छूकर देखेंगे तो वो tight and fleshy लगेगी।
  • आप मिर्च खरीदते समय यह भी ध्यान रखिएगा कि मिर्च कहीं से सड़ी-गली ना हो, ना ही उसमें किसी तरह के दाग़- धब्बे हों।
  • जब आप मिर्च धो रहे हों तो ध्यान रखें कि वो धोने में टूटे नहीं। 
  • अचार डालने से पहले वो पूरी तरह से सूखी होनी चाहिए।
  • उसको आप धूप में रख कर भी सुखा सकते हैं।
  • Dry and clean cotton cloth से पोंछना इसलिए भी जरूरी है, जिससे अगर मिर्च में थोड़ी भी नमी रह गई है तो वो ना रहे, साथ ही अगर किसी तरह की कोई गंदगी रह गई है तो वो भी हट जाए।
  • जब आप अचार डाल रहे हों तब देख लीजिए कि अगर कोई सी भी मिर्च में कुछ भी सड़ा-गला या दाग धब्बा या गंदगी है तो उसे काटकर हटा दें।
  • मसाला slightly dry roast करने से उनकी नमी हट जाती है साथ ही मसालों की aroma (खुशबू) enhance हो जाती है।
  • अचार के लिए हमेशा mustard oil ही use करना चाहिए, क्योंकि अचार के लिए mustard oil ही सबसे अच्छा होता है।
  • Mustard oil को कच्चा ही डालें, इससे अचार बहुत दिनों तक fresh लगता है, और उसमें बहुत दिनों बाद भी अजीब सी महक नहीं आती है।
  • आप चाहें तो मिर्च में चीरा लगाने के बजाय केवल उसकी टोपी हटाकर, बीज हटाकर उसमें मसाला भर दें।
  • इससे मसाला मिर्च में भरा रहता है और हटता नहीं है, पर इसमें मसाला भरना कठिन होता है और इसमें मिर्च में मसाले की quantity भी कम भरती है।
  • चीरने में मसाला easily भर जाता है, इसमें मसाले की quantity भी ज्यादा भरती है, पर इसे handle carefully करना पड़ता है, वरना सारा मसाला निकल जाता है। 
  • आप को अगर ज्यादा तीखा पसंद है तो आप मिर्च के बीज मसाले में मिलाकर भी भर सकते हैं।
  • मसाला भरते समय इतना तेल जरुर से डालिए कि वो भुरभुरा ना रहे, बल्कि मसाला आपस में चिपका रहे, जिससे जब आप मिर्च में मसाला भरें तो वो मिर्च को छोड़कर ना गिरे।
  • पर ध्यान रखिएगा कि तेल इतना भी नहीं डालना है कि मसाला गीला होकर बहने लगे। 


Key points for pickles :

  • मिर्चें पूरी तरह सूखी होनी चाहिए, उसमें बिल्कुल भी पानी नहीं रहना चाहिए।
  • मिर्च कहीं से भी सड़ी-गली या दाग धब्बों वाली नहीं होनी चाहिए।
  • नमक की quantity, proper होनी चाहिए। 
  • Oil में डूबे रहने से अचार का रंग intact रहता है।  अगर आप health conscious हैं तो आप बरनी में सिर्फ 2 tbsp. mustard oil भी डाल सकते हैं, इससे मिर्च में glaze and taste आ जाएगा, अचार खराब भी नहीं होगा। हाँ, अचार का रंग बहुत दिनों तक sustain नहीं करेगा।
  • अचार जब भी निकालें, सूखे और साफ चम्मच से निकालें। 

अगर आप भी stuffed red chilli pickle डालने की सोच रहे हैं तो, ज्यादा सोचिए मत। 

क्योंकि पटना की अचार वाली मोटी मिर्च बहुत कम समय के लिए मिलती है।

अब क्या सोच रहे हैं कि बनेगा कैसा और ज्यादा दिन टिकेगा की नहीं....? 

क्योंकि कुछ सोचने की जरूरत ही नहीं है।

अगर आप ने recipe and tips ठीक से follow किए हैं तो अचार tasty भी होगा और काफी दिनों तक सही भी बना रहेगा। 

आप को अगर यह जानना है कि अचार लंबे समय तक कैसे चले तो आप को जल्दी उसकी tip भी डाल देंगे...

So stay tuned...