Friday, 15 July 2022

Article : 'One Nation, One Number’

सरकार की नीति, आज कल यही रह रही है कि किस तरह से पूरे देश को एक किया जाए। जिससे कोई भी किसी भी राज्य में रहे, उसे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो। 

उसी के तहत पूरे देश में एक कानून व्यवस्था रखने की तरफ़ ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

सम्पूर्ण देश को एक करने की मुहिम में ही, एक देश, एक नंबर का नियम भी बनाया गया है।

यह योजना, transfer होते रहने वाले लोगों के लिए बहुत कारगर साबित होगी। क्योंकि जिनके transfer, हर दो साल, चार साल में हो जाते हैं, या जो private sector में होते हैं और growth के लिए job change करते रहते हैं, उनके लिए गाड़ियों के नंबर की समस्या बहुत बड़ी होती है।

तो जिनको भी, यह समस्या होती है, आज का article, उनकी इस problem का solution है।

अब 'एक देश, एक नंबर' की scheme के तहत, देश भर में आप कहीं भी अपना vehicle चला सकेंगे और आप को पुलिस नहीं रोकेगी... 

कैसे? क्या करना होगा?... 

इन सब जवाबों को पढ़ने के लिए, पूरा article अवश्य पढ़ें... 

‘ एक देश, एक नंबर ’



BH Series Number Plate: 

Transport department 'एक देश, एक नंबर' policy पर काम कर रहा है। एक देश एक नंबर policy के आने से देश में कहीं भी वाहन चलाने में सुविधा होगी। 

इस योजना के मुताबिक BH series number plate, vehicle पर लगी होगी। इस नंबर के लगे होने से आप किसी भी राज्य में बिना किसी रोक-टोक के गाड़ी चला सकते हैं। इस registration number की शुरुआत में BH लिखा होगा।

Bharat series number plate का purpose अन्य राज्यों में काम करने वाले employees को benifit देना है। इस series के number का सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिनका transfer किसी अन्य राज्यों में होता रहता है। आइये BH series number plate से जुड़ी हुई सभी महत्वपूर्ण बातों पर गौर करें और जानें इस number plate को पाने की पूरी process क्या है। 


क्या होता है Bharat series number?

Ministry of Road Transport and  Highways ने पिछले साल सितंबर 2021 में  non transport vehicles के लिए new launch की गई BH series (Bharat series) number plate के तहत vehicle registration शुरू किया था। अगर आप सिर्फ एक बार ‘BH series’ का number register करवा लेंगे तो, उन्हें दूसरे राज्यों में इसे बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

सेना के जवानों सहित कुछ नौकरियों के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों को हर 2-3 साल में एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना पड़ता है, जिससे हर बार नया नंबर खरीदना मुश्किल हो जाता है। इसे खत्म करने के लिए BH series number plate को पेश किया गया है, जिसके लिए हर बार मालिक के दूसरे राज्य में जाने पर नए registration की आवश्यकता नहीं होती है। 


Registration :

इससे पहले Motor Vehicle Act की धारा 47 के अनुसार, Owners को केवल 12 महीने के लिए अपने vehicle को दूसरे राज्य (जिस राज्य में वे registered हैं से अलग) में रखने की अनुमति थी। इस duration के बाद vehicle का registration नए राज्य में transfer करना पड़ता था। हालांकि, BH series के साथ vehicle owner पूरे देश में कही भी घूम सकते हैं। यह नंबर प्लेट पूरे देश में मान्य रहेगी।


BH series number plate कैसे प्राप्त करें?

BH series number plate को लेने के लिए आपको online apply करना पड़ेगा।

Vehicle portal के माध्यम से purchase के समय dealer द्वारा वाहनों को online registered किया जा सकता है। Registration process पूरी होने के बाद vehicle owner को BH series की number plate मिल जाएगी। इसके अलावा, apply करने के लिए सबसे पहले Ministry of Road Transport and Highways Vehicle Portal पर Logon करें।

Wednesday, 13 July 2022

Article : गुरु पूर्णिमा पर्व, विशेष क्यों?

 गुरु पूर्णिमा पर्व, विशेष क्यों? 



गुरु पूर्णिमा पर्व है, गुरु का सम्मान करने का दिन, उनका आभार व्यक्त करने का दिन, अपना जीवन समर्पित करने का दिन और गुरु में ईश्वर के साक्षात्कार करने का दिन...

गुरु पूर्णिमा पर्व, हमारी भारतीय संस्कृति का विशिष्ट पर्व है, जिसकी महत्ता, हमारे जीवन में बहुत अधिक है। 

सदियों पुरानी यह परंपरा, आज कुछ चंद जगहों पर ही पर्व के रूप में मनाई जा रही है। जबकि कितने तो ऐसे हिन्दू लोग भी हैं, जो इसके विषय में जानते तक नहीं हैं। 

आज का हमारा यह लेख, आप को अवगत करायेगा, कि गुरु पूर्णिमा कब और क्यों मनाते हैं? गुरु की हमारे जीवन में आवश्यकता क्या है?


गुरु पूर्णिमा, कब और क्यों?

महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन महर्षि वेदव्यास जी का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को लगभग 3000 ई. पूर्व में हुआ था। वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे। उन्हें आदिगुरु भी कहा जाता है। 

उनके सम्मान में ही हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है। कहा जाता है कि इसी दिन व्यास जी ने शिष्यों एवं मुनियों को सर्वप्रथम श्री भागवत पुराण का ज्ञान दिया था। 


बौद्धों में गुरु पूर्णिमा की आस्था :

एक अन्य किंवदंती के अनुसार, बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त करने के पांच सप्ताह बाद, भगवान बुद्ध, बोधगया से सारनाथ, उत्तर प्रदेश गए। वहां उन्होंने पूर्णिमा के दिन प्रवचन दिया। यही कारण है कि गौतम बुद्ध के अनुयायी उनकी पूजा करने के लिए इस दिन को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं और आषाढ़ पूर्णिमा तिथि बौद्धों के लिए महत्वपूर्ण है।  


गुरु और शिक्षक में अंतर :

हम सभी को शिक्षक दिवस तो पता है, हर साल, स्कूलों में यह दिन, हम अपने शिक्षकों के सम्मान में 5 सितंबर को मनाते हैं। 

पर गुरु पूर्णिमा की विशेषता बहुत ही कम  स्कूल में समझी जाती है।

अब आप के मन में सवाल उठ रहा होगा कि गुरु और शिक्षक में अंतर क्या होता है? दोनों ही तो ज्ञान देते हैं...

जी हांँ, दोनों ही ज्ञान देते हैं, पर गुरु और शिक्षक में, देखें तो सूक्ष्म अंतर है और सोचें तो बहुत बड़ा अंतर है। गुरु ज्ञान देता है, शिक्षक शिक्षण करता है। 

गुरु-शिष्य की एक परंपरा है, जिसमे गुरु के पीछे जुड़कर शून्य या नगण्य (अ) भी विशिष्ट हो जाता है - गुरु +अ = गौरव। 

शिक्षक तो शिक्षा के निमित्त (अर्थ) आए हर शिक्षार्थी के लिए शिक्षण का कार्य करता है। 


गुरु क्यों आवश्यक हैं?

गुरु ही शिष्य का मार्गदर्शन करते हैं और वे ही जीवन को ऊर्जा मय बनाते हैं। जीवन विकास के लिए भारतीय संस्कृति में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है। गुरु की सन्निधि, प्रवचन, आशीर्वाद और अनुग्रह जिसे भी भाग्य से मिल जाए उसका तो जीवन कृतार्थता से भर उठता है। क्योंकि गुरु बिना न आत्म-दर्शन होता और न परमात्म-दर्शन। 

अर्थात गुरु ही हमारा ईश्वर से साक्षात्कार कराते हैं, और इस नश्वर संसार के आवागमन से मुक्त करा के मोक्ष की प्राप्ति कराते हैं।

मनुष्य जीवन, का मुख्य उद्देश्य मोक्ष प्राप्ति ही है, ना कि मोह माया में उलझ कर काम और अर्थ की प्राप्ति करना। मोक्ष गुरु ज्ञान बिना असंभव है, अतः गुरु, हमारे जीवन की मूलभूत आवश्यकता है। तो सोचिए, जब गुरु मूलभूत आवश्यकता हैं तो गुरु पूर्णिमा पर्व, कितना ज्यादा विशेष है...


गुरु पूर्णिमा पर्व :

भारत के कुछ स्कूलों में बच्चे अपने गुरुओं के पैर छूकर और सम्मान के प्रतीक के रूप में उन्हें कुछ उपहार देकर इस दिन को मनाते हैं। गुरु पूर्णिमा कई साल पहले देश में सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक था। 

हम सभी भारतीयों को प्रयास करना चाहिए कि भारत में गुरु पूर्णिमा, पुनः एक पर्व के रूप में प्रतिष्ठित हो।

कहा भी गया है 

करता करे न कर सके, गुरु करे सो होए,

तीन लोक, नौ खंड में, गुरु से बड़ा ना कोए।


आप सभी को गुरु पूर्णिमा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएंँ 💐

हे गुरुदेव, हम सब पर अपनी कृपा दृष्टि बनाएं रखें 🙏🏻🙏🏻

Tuesday, 12 July 2022

Poem : तुझको परिणाम मिलेगा

आज हमारे बच्चे, युवावस्था की दहलीज पर कदम रखने जा रहे हैं। इसमें से कुछ NEET, JEE, BHABHA, Agnipath, और भी बहुत से competition दें रहे हैं।

उन सभी में, साथ ही आने वाले समय में और भी युवावस्था की दहलीज में कदम रखने वाले सभी बच्चों में, जोश, उत्साह और हिम्मत को प्रेरित करने वाले एक गीत को प्रस्तुत कर रहे हैं।

सारे ही बच्चों को all theक्ष best, साथ ही बहुत सारा आशीर्वाद... सभी अपने लक्ष्य को प्राप्त करें...

तुझको परिणाम मिलेगा  


मेहनत तू किए जा,

तुझको परिणाम मिलेगा।

कोई चाहे या ना चाहे,

तुझको तो नाम मिलेगा।।


लम्बी कितनी डगर हो,

चाहे कितना कठिन सफर हो।

तू रुकना नहीं, तू झुकना नहीं,

तुझको मुकाम मिलेगा।।


मेहनत तू किए जा,

तुझको परिणाम मिलेगा।

कोई चाहे या ना चाहे,

तुझको तो नाम मिलेगा।।


वक्त लगे, लग जाए, 

तेरी हिम्मत हार ना पाए।

तू डरना नहीं, तू गिरना नहीं, 

मनचाहा काम मिलेगा।।


मेहनत तू किए जा,

तुझको परिणाम मिलेगा।

कोई चाहे या ना चाहे,

तुझको तो नाम मिलेगा।।


जो हार कभी ना माने

ईश्वर, भी साथ हैं उसके।।

यह विश्वास जिसने किया है

उसको पैगाम मिलेगा 


मेहनत तू किए जा

तुझको परिणाम मिलेगा

कोई चाहे या ना चाहे 

तुझको तो नाम मिलेगा